
नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026।
रोहिणी के वार्ड-53 के विभिन्न पार्कों में लगाई गईं पर्यावरण अनुकूल बेंच, लोगों को मिलेगी बैठने की बेहतर सुविधा
दिल्ली नगर निगम द्वारा पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक कचरे की समस्या को कम करने के लिए लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में निगम ने एक बहुत ही अच्छी और सराहनीय पहल की है। दिल्ली नगर निगम के वार्ड संख्या 53 (रोहिणी) के अलग-अलग पार्कों में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रसंस्करण से तैयार की गईं 25 पर्यावरण अनुकूल बेंच स्थापित की गई हैं। इन बेंचों के लगने से एक तरफ पार्कों में आने वाले लोगों को बैठने की अच्छी सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ प्लास्टिक कचरे का सही उपयोग भी हो सकेगा। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली नगर निगम का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को बेकार समझकर फेंकने के बजाय उससे उपयोगी चीजें तैयार करना है। इससे शहर में फैलने वाले प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण को साफ तथा सुरक्षित रखने में भी सहायता मिलेगी।
प्लास्टिक कचरे से तैयार की गईं 25 बेंच
महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि वार्ड-53, रोहिणी के विभिन्न पार्कों में कुल 25 बेंच लगाई गई हैं। इन बेंचों को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रसंस्करण से तैयार किया गया है। आमतौर पर सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने के बाद लोग उसे कूड़े में फेंक देते हैं। इस कारण जगह-जगह प्लास्टिक कचरा जमा हो जाता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। लेकिन अब इसी प्लास्टिक कचरे को उपयोगी वस्तुओं में बदला जा रहा है। प्लास्टिक से बनी इन बेंचों को पार्कों में लगाया गया है, ताकि लोग आराम से बैठ सकें और प्लास्टिक कचरे का भी सही इस्तेमाल हो सके। यह पहल दिखाती है कि अगर हम कचरे का सही तरीके से उपयोग करें, तो बेकार समझी जाने वाली चीजों से भी कई उपयोगी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं।
पार्कों में आने वाले लोगों को मिलेगी सुविधा
वार्ड-53 के विभिन्न पार्कों में लगाई गई इन 25 बेंचों से स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पार्कों में सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में लोग घूमने, टहलने और समय बिताने के लिए आते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और अन्य नागरिक भी शामिल होते हैं। पार्कों में बेंच होने से लोग कुछ समय बैठकर आराम कर सकेंगे। बुजुर्गों और बच्चों को भी इससे सुविधा मिलेगी। इस प्रकार यह पहल केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर भी की गई है।
लकड़ी की बेंचों का बेहतर विकल्प हैं ये बेंच
महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि प्लास्टिक के प्रसंस्करण से तैयार की गई ये बेंच लकड़ी की बेंचों के विकल्प के रूप में भी उपयोगी हैं। आमतौर पर लकड़ी की बेंच बनाने के लिए लकड़ी की जरूरत होती है। लेकिन जब प्लास्टिक कचरे से ही बेंच तैयार की जाएंगी, तो लकड़ी पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इससे पेड़ों की कटाई को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा। पेड़ हमारे पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी हैं। पेड़ों से हमें स्वच्छ हवा मिलती है और पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। इसलिए ऐसी पहलें भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।
IPCA और KIA सोशल कंट्रीब्यूशन का सहयोग
इस पूरी परियोजना को इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (IPCA) और KIA सोशल कंट्रीब्यूशन के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए दोनों संस्थाएं अपना सहयोग दे रही हैं। यह काम कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व यानी CSR के अंतर्गत किया जा रहा है। CSR का मतलब है कि कंपनियां और संस्थाएं समाज तथा पर्यावरण की भलाई के लिए भी काम करती हैं। दोनों सहयोगी संस्थाएं प्लास्टिक कचरे के प्रसंस्करण, पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं को बढ़ावा देने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए काम कर रही हैं। दिल्ली नगर निगम और इन संस्थाओं के आपसी सहयोग से प्लास्टिक कचरे को उपयोगी सामान में बदलने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
कचरे को बेकार नहीं, उपयोगी संसाधन समझना चाहिए
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि आज के समय में कचरे का सही प्रबंधन करना बहुत जरूरी हो गया है। हर दिन घरों, बाजारों, दुकानों और अन्य स्थानों से बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। इसमें प्लास्टिक कचरे की मात्रा भी काफी होती है। अगर प्लास्टिक को इधर-उधर फेंक दिया जाए, तो इससे गंदगी फैलती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसलिए प्लास्टिक कचरे को सही तरीके से इकट्ठा करना और उसका प्रसंस्करण करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें कचरे को केवल बोझ नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसका सही उपयोग करके उसे एक उपयोगी संसाधन बनाना चाहिए। प्लास्टिक से बेंच जैसी उपयोगी वस्तुएं तैयार करना इसी सोच का एक अच्छा उदाहरण है।
स्वच्छ और हरित दिल्ली बनाने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली नगर निगम द्वारा शहर को साफ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निगम का प्रयास है कि शहर में कचरे का सही प्रबंधन हो, पार्कों की सुविधाएं बेहतर हों और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिले। वार्ड-53 के पार्कों में 25 पर्यावरण अनुकूल बेंच लगाना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की पहल से लोगों को यह संदेश मिलता है कि पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकार या नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक को भी इसमें अपना योगदान देना चाहिए। अगर सभी लोग प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, कचरे को इधर-उधर न फेंकें और गीले तथा सूखे कचरे को अलग-अलग रखें, तो शहर को साफ रखने में काफी मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हो रहे प्रयास
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली नगर निगम स्वच्छ, सुंदर और विकसित दिल्ली बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा पर्यावरण संरक्षण, कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नई-नई योजनाएं और पहल की जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाना निगम का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए प्लास्टिक कचरे का सही उपयोग करना, पार्कों को बेहतर बनाना और प्राकृतिक संसाधनों को बचाना बहुत जरूरी है।
लोगों से भी पर्यावरण बचाने में सहयोग करने की अपील
इस पहल के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्लास्टिक कचरे का सही इस्तेमाल करके कई अच्छी और उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं। इसलिए सभी नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। लोगों को चाहिए कि वे प्लास्टिक कचरे को सड़कों, नालियों और पार्कों में न फेंकें। कचरे को सही जगह पर डालें और स्वच्छता बनाए रखने में नगर निगम का सहयोग करें।
पर्यावरण संरक्षण के साथ नागरिकों को सुविधा देने का प्रयास
कुल मिलाकर दिल्ली नगर निगम की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वार्ड-53, रोहिणी के विभिन्न पार्कों में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रसंस्करण से तैयार की गई 25 बेंच न केवल लोगों को बैठने की सुविधा देंगी, बल्कि प्लास्टिक कचरे के सही उपयोग का संदेश भी देंगी। महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम आगे भी ऐसी नई और अच्छी पहलों के माध्यम से शहर को साफ, सुंदर, स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए काम करता रहेगा। निगम का लक्ष्य है कि कचरे को बेकार चीज समझने के बजाय उसे उपयोगी संसाधन में बदला जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।