
महापौर प्रवेश वाही ने एमसीडी मिनी फुटबॉल लीग 2026 का किया शुभारंभ
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने इतिहास में पहली बार मिनी फुटबॉल लीग का आयोजन किया है। इस लीग का नाम एमसीडी मिनी फुटबॉल लीग 2026 रखा गया है। इस खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली गेट स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के महापौर श्री प्रवेश वाही मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री योगेश वर्मा, निगमायुक्त श्री संजीव खिरवार और निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस फुटबॉल लीग में दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों से 120 से अधिक टीमों के लगभग 1200 बच्चे भाग ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में नौ वर्ष से कम और ग्यारह वर्ष से कम आयु वर्ग के लड़के और लड़कियां खेल रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों से जोड़ना और उनका शारीरिक तथा मानसिक विकास करना है।
पहली बार हुआ इतना बड़ा आयोजन
दिल्ली नगर निगम ने पहली बार इतनी बड़ी फुटबॉल लीग शुरू की है। यह निगम के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इस आयोजन को एसआईटीडीएस (SITDS) के सहयोग से शुरू किया गया है। इसमें निगम के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। फुटबॉल लीग के शुभारंभ के समय स्टेडियम में बहुत उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में बच्चे, शिक्षक और अन्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे। निगम विद्यालयों के बच्चों से भरा स्टेडियम बहुत सुंदर लग रहा था। सभी बच्चे खेल में भाग लेने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। वे दूसरे बच्चों के साथ खेलना सीखेंगे और अपनी खेल क्षमता को बेहतर बना सकेंगे।
महापौर प्रवेश वाही ने क्या कहा?
दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने इस अवसर पर कहा कि यह उनके लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी निगम विद्यालय के छात्र रहे हैं। इसलिए वे निगम विद्यालयों से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं और वहां पढ़ने वाले बच्चों की जरूरतों को समझते हैं। महापौर ने कहा कि दिल्ली नगर निगम का काम केवल शहर की सफाई करना ही नहीं है, बल्कि बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और आगे बढ़ने के अवसर देना भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निगम के विद्यालयों और अस्पतालों में जाएं और वहां मिलने वाली अच्छी सुविधाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि निगम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहा है। इसका मतलब है कि बच्चों का विकास केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें खेल, स्वास्थ्य, अनुशासन और अन्य गतिविधियों में भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर खेलों से जोड़ना है उद्देश्य
महापौर श्री प्रवेश वाही ने बताया कि आज के समय में बहुत से बच्चे मोबाइल फोन और स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं। ऐसे में बच्चों को खेल के मैदान तक लाना बहुत जरूरी है। फुटबॉल लीग शुरू करने का एक बड़ा उद्देश्य बच्चों को मोबाइल की आदत से दूर करना और उन्हें शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना है। जब बच्चे मैदान में खेलते हैं, तो उनका शरीर स्वस्थ रहता है और वे नई चीजें सीखते हैं। खेलने से बच्चों में अनुशासन, एक-दूसरे की मदद करने की भावना, टीम के साथ काम करने की आदत और नेतृत्व करने की क्षमता बढ़ती है। फुटबॉल में सभी खिलाड़ियों को मिलकर खेलना पड़ता है। इससे बच्चों को टीम भावना का महत्व समझ में आता है।
प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया अभियान से प्रेरणा
महापौर ने बताया कि यह लीग माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ के विजन और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शुरू की गई है। इसे दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाया जा रहा है। खेलो इंडिया का उद्देश्य देश में खेलों को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक बच्चों तथा युवाओं को खेलों से जोड़ना है। इसी सोच के साथ दिल्ली नगर निगम ने छोटे बच्चों के लिए फुटबॉल लीग शुरू की है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों को छोटी उम्र से ही खेलों में आगे बढ़ने का मौका मिलता है। जो बच्चे फुटबॉल में अच्छी प्रतिभा दिखाते हैं, वे आगे चलकर बड़े स्तर पर भी खेल सकते हैं।
भविष्य में तैयार होंगे अच्छे खिलाड़ी
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों को छोटी उम्र से ही अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। भविष्य में इन्हीं बच्चों में से देश के लिए अच्छे खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। यदि बच्चों को सही समय पर प्रशिक्षण और खेलने का अवसर मिले, तो वे आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। इस लीग से बच्चों को खेलों में रुचि लेने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। इसका उद्देश्य केवल प्रतियोगिता जीतना नहीं है, बल्कि बच्चों के अंदर खेलों के प्रति प्रेम पैदा करना भी है। निगम चाहता है कि बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन करें।
अगले साल दूसरे खेल भी होंगे शामिल
महापौर ने बताया कि दिल्ली नगर निगम आने वाले समय में इस तरह की खेल प्रतियोगिताओं को और बड़ा बनाने की योजना बना रहा है। अगले वर्ष फुटबॉल के साथ-साथ दूसरे खेलों को भी लीग में शामिल किया जाएगा। इन खेलों में कबड्डी, खो-खो, टेबल टेनिस और क्रिकेट शामिल हैं। इन खेलों को जोड़ने से बच्चों को अपनी पसंद का खेल चुनने का मौका मिलेगा। हर बच्चे की रुचि अलग-अलग होती है। कुछ बच्चों को फुटबॉल पसंद होता है, कुछ को क्रिकेट और कुछ को कबड्डी या खो-खो। इसलिए अलग-अलग खेलों की प्रतियोगिताएं होने से ज्यादा बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
प्रत्येक मैच 35 मिनट का होगा
दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों की उम्र और उनकी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए मैचों का समय तय किया गया है। इस लीग में प्रत्येक मैच के दो हाफ होंगे। हर हाफ 15 मिनट का होगा और दोनों हाफ के बीच पांच मिनट का ब्रेक दिया जाएगा। इस प्रकार एक मैच कुल 35 मिनट का होगा। मैच का यह प्रारूप बच्चों की उम्र को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे बच्चों को खेलने का अच्छा अवसर मिलेगा और वे ज्यादा थकान के बिना खेल में भाग ले सकेंगे।
विजेता टीम को मिलेगा एक लाख रुपये का पुरस्कार
शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में जीतने वाली प्रत्येक विजेता टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस पुरस्कार से बच्चों को खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। जब बच्चों को उनकी मेहनत का सम्मान मिलता है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। वे भविष्य में भी खेलों में भाग लेने के लिए उत्साहित होते हैं। इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों को मेहनत करना, नियमों का पालन करना और हार-जीत को अच्छे तरीके से स्वीकार करना सिखाती हैं।
लड़कियों के मैच से हुआ लीग का शुभारंभ
एमसीडी मिनी फुटबॉल लीग 2026 का पहला मैच दक्षिण क्षेत्र (साउथ जोन) और मध्य क्षेत्र (सेंट्रल जोन) की बालिका टीमों के बीच खेला गया। इस मैच में साउथ जोन की टीम ने जीत हासिल की। इस तरह लीग की शुरुआत लड़कियों के फुटबॉल मैच से हुई। यह बच्चों, विशेषकर लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ाने की दिशा में एक अच्छा कदम है। इस प्रतियोगिता में लड़कियों और लड़कों दोनों को खेलने का अवसर दिया गया है। इससे लड़कियों को भी अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
120 से अधिक टीमों ने कराया पंजीकरण
इस फुटबॉल लीग में दिल्ली की 120 से अधिक टीमों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 1200 से अधिक बाल खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का हिस्सा लेना इस आयोजन की सफलता और खेलों के प्रति उनकी रुचि को दिखाता है। इन बच्चों को प्रतियोगिता के दौरान दूसरे स्कूलों की टीमों के साथ खेलने का अवसर मिलेगा। इससे वे नई तकनीक सीख सकेंगे, अपने खेल में सुधार कर सकेंगे और नए दोस्त भी बना सकेंगे। यह आयोजन निगम विद्यालयों के बच्चों के लिए एक बड़ा मंच है, जहां वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ सकते हैं।
सहयोग करने वाले संस्थानों का आभार
महापौर प्रवेश वाही ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी संस्थानों और प्रायोजकों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय रेलवे वित्त निगम, पंजाब नेशनल बैंक, निविया, दिल्ली सॉकर एसोसिएशन और स्पोर्ट्स अपना सहित कई सहयोगी शामिल हैं। इन संस्थानों के सहयोग से बच्चों के लिए इस तरह की बड़ी खेल प्रतियोगिता आयोजित करने में मदद मिली है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ खेल भी जरूरी
दिल्ली नगर निगम का मानना है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। खेल बच्चों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। फुटबॉल खेलने से बच्चे सक्रिय रहते हैं। वे मिलकर काम करना, अपने साथियों का सम्मान करना और नियमों का पालन करना सीखते हैं। खेल बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं। इसलिए एमसीडी मिनी फुटबॉल लीग 2026 को बच्चों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद
इस भव्य उद्घाटन समारोह में दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा और निगमायुक्त संजीव खिरवार भी मौजूद रहे। इसके अलावा निगम के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, खिलाड़ी और अन्य गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने इस पहल की सराहना की और बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।