
वैश्विक शहरों की सफल व्यवस्था को दिल्ली में अपनाने पर जोर
नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026।
दिल्ली में सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने महत्वपूर्ण कदम उठाने शुरू किए हैं। इसी दिशा में एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने आज विश्व बैंक के विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में दिल्ली के नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत बनाने और दुनिया के बड़े शहरों में अपनाई जा रही सफल व्यवस्थाओं को दिल्ली में लागू करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को और मजबूत बनाना रहा। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई, जिससे दिल्ली को साफ रखने के साथ-साथ कचरे से उपयोगी संसाधन भी प्राप्त किए जा सकें।
एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में एमसीडी के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें अपर आयुक्त, इंजीनियर-इन-चीफ, सभी जोनों के उपायुक्त और एमसीडी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दिल्ली में वर्तमान समय में चल रही कचरा संग्रहण और परिवहन व्यवस्था के बारे में विश्व बैंक के विशेषज्ञों को विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आने वाले समय में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एमसीडी द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
दुनिया के बड़े शहरों की व्यवस्थाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान विश्व बैंक की विशेषज्ञ टीम ने दुनिया के कई बड़े शहरों में अपनाए जा रहे कचरा प्रबंधन के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी। इनमें टोक्यो, न्यूयॉर्क और बार्सिलोना जैसे शहर प्रमुख रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि इन शहरों ने अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार कचरा प्रबंधन की अलग-अलग व्यवस्थाएं विकसित की हैं। दिल्ली भी इन व्यवस्थाओं से सीख लेकर अपनी जरूरतों के अनुसार बेहतर मॉडल तैयार कर सकती है।
टोक्यो के कचरा प्रबंधन मॉडल की जानकारी
बैठक में टोक्यो के कचरा प्रबंधन मॉडल पर विशेष चर्चा की गई। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने बताया कि टोक्यो में कचरे के प्रसंस्करण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। टोक्यो में 23 वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र हैं। इन संयंत्रों में नगर निगम से प्राप्त कचरे के एक बड़े हिस्से को वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्कृत किया जाता है। इसके साथ ही कचरे से ऊर्जा प्राप्त करने की तकनीक का भी उपयोग किया जाता है। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीक की मदद से कचरे को केवल समस्या के रूप में देखने के बजाय उससे उपयोगी संसाधन प्राप्त करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
न्यूयॉर्क की व्यवस्था से भी सीखने पर जोर
बैठक में न्यूयॉर्क सिटी के कचरा प्रबंधन मॉडल की भी जानकारी दी गई। न्यूयॉर्क में कचरे के परिवहन और प्रसंस्करण के लिए निजी एजेंसियों की भी भागीदारी होती है। इस व्यवस्था में कुछ कचरे को शहर से बाहर स्थित प्रसंस्करण केंद्रों तक ले जाया जाता है। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने इस मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि अलग-अलग जिम्मेदारियों को प्रभावी तरीके से बांटकर कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
बार्सिलोना के मॉडल में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण
बैठक में बार्सिलोना के कचरा प्रबंधन मॉडल पर भी चर्चा हुई। बार्सिलोना में कचरा कम करने, कचरे को अलग-अलग करने और लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बार्सिलोना की जीरो वेस्ट योजना 2021–2027 के तहत विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बड़े केंद्रीकृत संयंत्रों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। इस मॉडल में लोगों को घर और अन्य स्थानों पर कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करने तथा कचरा कम करने की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है।
दिल्ली के लिए अलग और टिकाऊ मॉडल तैयार करने पर जोर
विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने बैठक में दिल्ली के लिए रणनीतिक विकल्पों और प्रस्तावित मॉडल पर भी चर्चा की। इस मॉडल का उद्देश्य एमसीडी की काम करने की क्षमता को बेहतर बनाना, कचरा प्रबंधन की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करना और कचरे से होने वाले वायुमंडलीय उत्सर्जन को कम करना है।
दिल्ली के लिए ऐसा मॉडल तैयार करने पर जोर दिया गया, जो केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान न करे बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी पूरा कर सके। कचरे के संग्रहण और परिवहन की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी गई बैठक में एमसीडी की टीम ने दिल्ली में नगर निगम के ठोस कचरे के संग्रहण और परिवहन की वर्तमान व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में कचरे को एकत्र करने से लेकर उसे प्रसंस्करण केंद्रों तक पहुंचाने के लिए किस प्रकार की व्यवस्था काम कर रही है। इसके साथ ही एमसीडी की वर्तमान और आने वाली कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं के बारे में भी विश्व बैंक की टीम को जानकारी दी गई। एमसीडी की ओर से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों और नई पहलों पर भी चर्चा की गई।
संजीव खिरवार ने वैश्विक अनुभवों को स्थानीय जरूरतों से जोड़ने पर दिया जोर
एमसीडी आयुक्त श्री संजीव खिरवार ने कहा कि दिल्ली नगर निगम दिल्ली की सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग शहरों में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे अच्छे कार्यों से सीखना जरूरी है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं को दिल्ली में लागू करते समय यहां की स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखना भी उतना ही जरूरी है। संजीव खिरवार ने कहा कि दिल्ली के लिए ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है, जो लंबे समय तक प्रभावी और टिकाऊ बनी रहे।
समयबद्ध और व्यापक रणनीति की जरूरत
एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने दिल्ली के लिए एक समयबद्ध, व्यापक और टिकाऊ कचरा प्रबंधन रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस रणनीति में कचरे के सही तरीके से संग्रहण से लेकर उसके परिवहन, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण तक सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कचरे से अधिक से अधिक उपयोगी संसाधन प्राप्त करने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल कचरा उठाना ही पर्याप्त नहीं है। कचरे को सही तरीके से अलग करना, उसका प्रसंस्करण करना और उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना भी जरूरी है।
तकनीक और बेहतर योजना से बदलेगी व्यवस्था
संजीव खिरवार ने कहा कि दिल्ली की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके साथ ही सही योजना, मजबूत व्यवस्था और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बड़े शहरों के अनुभवों से सीख लेकर दिल्ली के लिए अपनी जरूरतों के अनुसार बेहतर व्यवस्था तैयार की जा सकती है।
नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी
एमसीडी आयुक्त ने यह भी कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और टिकाऊ शहर बनाने के लिए केवल नगर निगम की कोशिशें पर्याप्त नहीं हैं। इसमें दिल्ली के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी बहुत जरूरी है। यदि लोग अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में कचरे को अलग-अलग रखें, कचरा कम करने का प्रयास करें और सफाई व्यवस्था में सहयोग करें, तो पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।
स्वच्छ और टिकाऊ दिल्ली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विश्व बैंक के विशेषज्ञों के साथ हुई यह बैठक दिल्ली में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को नए तरीके से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। संजीव खिरवार के नेतृत्व में एमसीडी का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें कचरे का सही संग्रहण, बेहतर परिवहन, आधुनिक प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण हो। टोक्यो, न्यूयॉर्क और बार्सिलोना जैसे बड़े शहरों के अनुभवों से सीख लेकर दिल्ली की स्थानीय जरूरतों के अनुसार नई रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे दिल्ली की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम करने और शहर को अधिक स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।