
रक्षा बंधन पर दिल्ली की महिलाओं को पैसे मिलने का था इंतजार
नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली की भाजपा सरकार पर महिलाओं से किए गए वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन, 28 अगस्त के अवसर पर दिल्ली की महिलाओं को लक्ष्मी योजना के तहत 2500 रुपये मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने एक बार फिर इस वादे को पूरा नहीं किया। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की लाखों महिलाएं सरकार की ओर से 2500 रुपये मिलने का इंतजार कर रही थीं। उनका आरोप है कि सरकार ने महिलाओं को पैसे देने के बजाय योजना को लेकर नई तारीख और नई प्रक्रिया की बात शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जिस समय दिल्ली की महिलाएं रक्षा बंधन का त्योहार मना रही हैं, उस समय उन्हें अपने खाते में 2500 रुपये आने की उम्मीद थी। लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हुई।
केवल 6.65 लाख महिलाओं का पूरा पंजीकरण
देवेंद्र यादव ने सरकार के पंजीकरण अभियान पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 17.50 लाख महिलाओं को 2500 रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन 26 अगस्त तक केवल 6.65 लाख महिलाओं का ही पूरा पंजीकरण हो पाया है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े वादे के बावजूद अगर एक महीने में इतनी कम संख्या में महिलाओं का पंजीकरण पूरा हुआ है, तो इससे सरकार की योजना की तैयारी पर सवाल उठते हैं। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के समय महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया था और अब सरकार उस वादे को पूरा करने में देरी कर रही है।
2500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र देने पर सवाल
देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 2500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र दिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को वास्तविक आर्थिक सहायता देने के बजाय केवल स्वीकृति पत्र देना उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि महिलाओं को कागज या घोषणा नहीं, बल्कि उनके बैंक खातों में वास्तविक राशि चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब चुनाव के दौरान 2500 रुपये देने का वादा किया गया था, तो अब महिलाओं को इसके लिए इतना इंतजार क्यों करना पड़ रहा है।
डेढ़ साल बाद भी महिलाओं को इंतजार
देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी महिलाओं को 2500 रुपये मिलने का इंतजार है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पहले 2500 रुपये देने की बात कही और अब सीमित संख्या में महिलाओं के खातों में पैसा भेजने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, तो इसका लाभ बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं तक पहुंचना चाहिए।
महंगाई से परेशान परिवारों का मुद्दा उठाया
देवेंद्र यादव ने बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आज परिवारों के घरेलू बजट पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। तेल, प्याज, चीनी, सब्जियां, फल और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों का असर आम परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की जरूरत और भी ज्यादा है। उनके अनुसार, सरकार को महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योजना का लाभ समय पर मिले।
दिल्ली में 71 लाख महिला मतदाताओं का हवाला
देवेंद्र यादव ने जनवरी 2025 में प्रकाशित दिल्ली की मतदाता सूची का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में लगभग 71 लाख महिला मतदाता थीं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं के सामने केवल 17.50 लाख महिलाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखना उचित नहीं है। उन्होंने भाजपा सरकार पर महिलाओं के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहती है, तो योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री के वादे का भी किया जिक्र
देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 मार्च 2025, महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को 2500 रुपये देने के कथित वादे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान महिलाओं के सामने आर्थिक सहायता का मुद्दा रखा था, लेकिन अब उस वादे को पूरा करने में देरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को चुनाव के समय किए गए वादों के आधार पर उम्मीद बंधी थी, लेकिन अब उन्हें बार-बार इंतजार करना पड़ रहा है।
कांग्रेस की लाडली योजना का उदाहरण दिया
देवेंद्र यादव ने कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई लाडली योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली में बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लाडली योजना शुरू की थी। उन्होंने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में लाडली योजना कमजोर हुई और महिलाओं को 1000 रुपये देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया, लेकिन लंबे समय के बाद भी महिलाओं को पूरी तरह से इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
आय की शर्त को लेकर भी उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने लक्ष्मी योजना में 2.50 लाख रुपये वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस आय सीमा के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं योजना के लाभ से बाहर हो सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग प्रकार के श्रमिक परिवारों की आय को देखते हुए कई परिवार इस सीमा के कारण योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी शर्तों पर दोबारा विचार करना चाहिए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके।
महिलाओं के लिए योजना को आसान बनाने की मांग
देवेंद्र यादव ने कहा कि महिलाओं को किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए लंबी प्रक्रिया और कठिन शर्तों का सामना नहीं करना चाहिए। सरकार को पंजीकरण की प्रक्रिया आसान करनी चाहिए और पात्र महिलाओं की पहचान करके उन्हें सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बार-बार सरकारी कार्यालयों और प्रक्रियाओं के चक्कर लगाने के बजाय सरकार को पारदर्शी और सरल व्यवस्था बनानी चाहिए।
भाजपा सरकार पर चुनावी वादे का आरोप
देवेंद्र यादव ने भाजपा पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा चुनाव के समय किया गया था और अब इस वादे को पूरा करने में देरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महिलाओं के वोट हासिल करने के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे। अब सरकार बनने के बाद उन वादों को पूरा करने में टालमटोल की जा रही है।
देवेंद्र यादव ने सरकार को दी चेतावनी
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की महिलाएं अपने अधिकारों और सरकार के वादों को समझती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल घोषणा नहीं चाहिए, बल्कि उनके खाते में समय पर आर्थिक सहायता चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की महिलाएं आने वाले समय में सरकार के कामकाज का हिसाब लेंगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह महिलाओं ने पहले की सरकारों के कामकाज पर अपना फैसला दिया है, उसी तरह वे भाजपा सरकार के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन करेंगी।
सरकार से महिलाओं को जल्द पैसा देने की मांग
अंत में देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार से मांग की कि लक्ष्मी योजना को लेकर स्थिति साफ की जाए और पात्र महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता राशि जल्द से जल्द उनके बैंक खातों में दी जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को तारीखों, घोषणाओं और स्वीकृति पत्रों के बजाय वास्तविक आर्थिक मदद की जरूरत है। सरकार को पंजीकरण की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए, पात्र महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर विचार करना चाहिए और योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाना चाहिए। देवेंद्र यादव का कहना है कि दिल्ली की महिलाओं से किया गया 2500 रुपये का वादा केवल चुनावी घोषणा बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जमीन पर लागू करके महिलाओं को वास्तविक आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।