
नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026।
राजधानी दिल्ली में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समयबद्ध जांच एवं समुचित उपचार को प्रोत्साहित करने तथा एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने व्यापक जनजागरूकता अभियान को गति प्रदान की है। दिल्ली राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (DSACS) के माध्यम से संचालित सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) अभियान के अंतर्गत युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों, समुदायों और सामाजिक संगठनों तक एचआईवी से संबंधित प्रमाणित जानकारी पहुंचाई जा रही है। अभियान का प्रमुख संदेश ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रोहिणी स्थित डॉ. बी.एस.ए. अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक विद्यार्थियों, गैर-सरकारी संगठनों, सहयोगी संस्थाओं एवं सामुदायिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर युवाओं और समुदायों को एचआईवी के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें जनजागरूकता अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता रैली भी निकाली गई।
एचआईवी जागरूकता स्वास्थ्य के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी विषय – डॉ. पंकज कुमार सिंह
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि एचआईवी के प्रति जागरूकता केवल स्वास्थ्य से संबंधित विषय नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक उत्तरदायित्व से भी जुड़ा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को एचआईवी के संबंध में सही जानकारी, समय पर जांच, समुचित उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि एचआईवी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और गलत धारणाओं का निराकरण आवश्यक है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एचआईवी के साथ जीवन जी रहे किसी व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के कारण भेदभाव, उपेक्षा अथवा सामाजिक तिरस्कार का सामना न करना पड़े।
युवाओं की सहभागिता पर विशेष बल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जागरूक एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और समुदायों से अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार से संबंधित वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता से जागरूकता का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
दो माह तक चलेगा व्यापक जनजागरूकता अभियान
दिल्ली सरकार के अनुसार, आगामी दो माह तक राजधानी के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत एचआईवी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच, उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के अंतर्गत एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की जाएगी।
कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों तक पहुंचेगा जागरूकता संदेश
अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों, कॉलोनियों एवं झुग्गी-बस्तियों में जागरूकता बैठकें, लोक प्रस्तुतियां, विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर कार्यक्रम, फ्लैश मॉब, जागरूकता रैलियां तथा घर-घर संपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त एचआईवी जागरूकता एवं जांच शिविर भी लगाए जाएंगे। डिजिटल माध्यमों तथा सामाजिक संचार माध्यमों से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों के सहयोग से भी एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार से संबंधित संदेश को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
दिल्ली में 14.29 लाख एचआईवी जांचें, 5,570 मामले मिले संक्रमित
राष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में दिल्ली में 14 लाख 29 हजार एचआईवी जांचें की गईं। इनमें 5,570 मामले एचआईवी संक्रमित पाए गए। वर्तमान में दिल्ली के 12 एंटीरेट्रोवायरल उपचार (ART) केंद्रों पर एचआईवी/एड्स के साथ जीवन जी रहे 44 हजार 546 लोगों का नियमित उपचार एवं देखभाल की जा रही है। सरकार के अनुसार, लक्षित प्रयासों के माध्यम से चिन्हित उच्च जोखिम वाले समूहों में से 92.13 प्रतिशत लोगों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
87 रेड रिबन क्लब युवाओं में बढ़ा रहे जागरूकता
दिल्ली के महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में एचआईवी जागरूकता के लिए 87 रेड रिबन क्लब संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से युवाओं को एचआईवी संक्रमण से बचाव, जांच, उपचार और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एचआईवी से संबंधित सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए ‘संपूर्ण सुरक्षा केंद्र’ भी स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही नए मामलों की शीघ्र पहचान, समुदाय-आधारित जांच, चलित जांच सेवाओं और एकीकृत स्वास्थ्य शिविरों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
8,047 लाभार्थियों को मिल रही आर्थिक सहायता
दिल्ली सरकार द्वारा DSACS के माध्यम से संचालित विशेष योजना के अंतर्गत एचआईवी के साथ जीवन जी रहे पात्र लोगों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। वर्तमान में योजना के अंतर्गत 8,047 लाभार्थी सम्मिलित हैं। इस योजना में एचआईवी/एड्स के साथ जीवन जी रहे लोगों के अतिरिक्त एचआईवी संक्रमित बच्चों तथा एचआईवी/एड्स से प्रभावित अथवा संक्रमित अनाथ एवं बेसहारा बच्चों सहित विभिन्न श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया है।
भेदभाव समाप्त कर संवेदनशील वातावरण बनाने पर जोर
दिल्ली सरकार ने एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाने और भेदभाव समाप्त करने को अभियान का महत्वपूर्ण अंग बनाया है। सरकार का कहना है कि एचआईवी से संबंधित भ्रांतियां और सामाजिक कलंक लोगों को जांच एवं उपचार के लिए आगे आने से रोक सकते हैं। इसीलिए अभियान के माध्यम से प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ समाज में एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति सम्मानजनक, संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार का संदेश भी दिया जा रहा है।
‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार के सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान का उद्देश्य ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ संदेश को राजधानी के प्रत्येक वर्ग और समुदाय तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से एचआईवी की रोकथाम, समय पर जांच, समुचित उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एचआईवी से संबंधित सही एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति भय, अज्ञानता अथवा सामाजिक कलंक के कारण जांच एवं उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच, समुचित उपचार और सामाजिक संवेदनशीलता के सामूहिक प्रयासों से स्वस्थ एवं एचआईवी-मुक्त दिल्ली के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है।