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“केवल पौधे लगाना नहीं, उन्हें जीवित रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है” – विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली, 11 जुलाई 2026।

दिल्ली को अधिक हरित, स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से रोहिणी सेक्टर-14 स्थित चित्रगुप्त पार्क, डीडीए डिस्ट्रिक्ट पार्क में एक भव्य मेगा वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का शुभारंभ दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने संपूर्णा और भारतीयम ट्रस्ट के सहयोग से किया। इस अवसर पर लगभग 500 देशी जामुन के पौधे लगाए गए और लोगों को अधिक से अधिक देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में डीडीए के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, रोहिणी जोन के उपाध्यक्ष, भारतीयम ट्रस्ट, व्हाइट लोटस, संपूर्णा संस्था के प्रतिनिधियों, पर्यावरणविदों, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण और हरित दिल्ली के निर्माण का संकल्प लिया।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा- पेड़ लगाना ही नहीं, उन्हें बड़ा करना भी जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी वृक्षारोपण अभियान की सफलता इस बात से तय नहीं होती कि कितने पौधे लगाए गए, बल्कि इस बात से तय होती है कि उनमें से कितने पौधे जीवित रहकर बड़े वृक्ष बने। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग पौधे लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं, जबकि असली जिम्मेदारी तो उसके बाद शुरू होती है। यदि पौधों की नियमित देखभाल नहीं होगी, उन्हें समय पर पानी नहीं मिलेगा और उनकी सुरक्षा नहीं होगी, तो वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।

हर नागरिक को बनना होगा पर्यावरण संरक्षण का भागीदार
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर, गली, पार्क या आसपास के क्षेत्र में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली को और अधिक हरा-भरा बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप देना होगा। जब हर परिवार और हर मोहल्ला वृक्षारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी पर्यावरण संरक्षण का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।

देशी प्रजातियों के पेड़ लगाने पर दिया विशेष जोर
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए देशी प्रजातियों के पेड़ सबसे अधिक उपयोगी होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से नीम और जामुन जैसे पेड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये वृक्ष स्थानीय जलवायु के अनुकूल होते हैं और पर्यावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी प्रजातियों की तुलना में देशी पेड़ अधिक समय तक जीवित रहते हैं और पक्षियों, जीव-जंतुओं तथा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी लाभदायक होते हैं। इसलिए नागरिकों को अधिक से अधिक देशी प्रजातियों के पौधे लगाने चाहिए।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश नहीं देता, बल्कि अपनी माता के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करने का भी एक सुंदर माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी माँ के नाम पर एक पौधा लगाता है और उसकी देखभाल करता है, तो वह वृक्ष आने वाले वर्षों तक परिवार की यादों, संस्कारों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बन जाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।

लद्दाख यात्रा का अनुभव किया साझा
विजेंद्र गुप्ता ने अपने हाल ही में हुए लद्दाख दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां की कठिन जलवायु और सीमित हरियाली को देखकर उन्हें पेड़ों का वास्तविक महत्व और अधिक समझ में आया।
उन्होंने कहा कि लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन वहां जलवायु ऐसी है कि पेड़ों का जीवित रहना बहुत कठिन होता है। उन्होंने कहा कि जब वहां हरियाली के छोटे-छोटे हिस्से दिखाई दिए तो उन्हें महसूस हुआ कि दिल्ली जैसे महानगरों में हर पेड़ कितना महत्वपूर्ण है। इसलिए दिल्ली के हर नागरिक को पेड़ों के संरक्षण के लिए गंभीरता से कार्य करना चाहिए।

रोहिणी के बदलते स्वरूप का किया उल्लेख
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जब वह वर्ष 1997 में पहली बार विधायक बने थे, तब रोहिणी में सड़कें तो थीं लेकिन उनके किनारे पर्याप्त पेड़ नहीं थे। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग तीन दशकों में लगातार वृक्षारोपण अभियानों और जनभागीदारी के कारण आज रोहिणी दिल्ली के सबसे हरित क्षेत्रों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज रोहिणी की अधिकांश सड़कें बड़े-बड़े पेड़ों से आच्छादित हैं और यह क्षेत्र शहरी हरित विकास का एक अच्छा उदाहरण बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अब बड़े हो चुके पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से नियमित छंटाई और देखभाल भी उतनी ही जरूरी है, ताकि पर्यावरण और शहरी विकास के बीच संतुलन बना रहे।

सभी संगठनों और स्वयंसेवकों का जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में विजेंद्र गुप्ता ने इस अभियान से जुड़े सभी संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कम समय की सूचना के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दिखाती है कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे वृक्षारोपण को केवल एक अभियान न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन का स्थायी संकल्प बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसे बड़ा होने तक उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली पहले से कहीं अधिक हरित, स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बन सकती है।

हरित दिल्ली के निर्माण का लिया संकल्प
इस मेगा वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी प्राकृतिक धरोहर हैं और उनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, उनकी नियमित देखभाल करें और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाकर दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित, स्वस्थ और सतत भविष्य की ओर आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान दें।

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