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नई दिल्ली, 09 जुलाई 2026

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत काफी कम हो चुकी है, लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उसी हिसाब से कमी नहीं की गई है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और महंगाई पर पड़ रहा है।

82 रुपये लीटर में मिलना चाहिए शुद्ध पेट्रोल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में इस समय कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल है। उनके अनुसार, इस कीमत पर पेट्रोल बनाने की लागत लगभग 42 रुपये प्रति लीटर आती है। यदि इसमें रिफाइनिंग, परिवहन, डीलर कमीशन, केंद्रीय कर और राज्यों के कर जोड़ दिए जाएं, तब भी शुद्ध पेट्रोल लगभग 82 रुपये प्रति लीटर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभी लोगों को ई-20 पेट्रोल लगभग 102 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है, जबकि उनकी गणना के अनुसार ई-20 पेट्रोल की कीमत इससे काफी कम, लगभग 70 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए।

डीजल की कीमत भी कम की जा सकती है
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि पेट्रोल की कीमत कम हो सकती है, तो उसी तरह डीजल की कीमत भी घटाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि डीजल सस्ता होने से ट्रकों, बसों और अन्य वाहनों का खर्च कम होगा। इससे सामान की ढुलाई सस्ती होगी और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी कमी आएगी।

महंगाई कम करने का सबसे आसान तरीका
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का सीधा संबंध महंगाई से है। जब ईंधन महंगा होता है तो परिवहन महंगा हो जाता है और इसका असर सब्जियों, फल, दूध, अनाज, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर भी पड़ता है। इसलिए यदि पेट्रोल-डीजल के दाम कम किए जाएं तो आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और महंगाई भी कम होगी।

तेल कंपनियों के मुनाफे पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तेल कंपनियों ने पिछले वर्षों में हजारों करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल तेल कंपनियों को लगभग 77 हजार करोड़ रुपये का लाभ हुआ। ऐसे में सरकार यह नहीं कह सकती कि युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए जनता से अधिक पैसे वसूले जाएं। उन्होंने कहा कि अगर कंपनियों ने पहले इतना बड़ा मुनाफा कमाया है तो उसी मुनाफे से नुकसान की भरपाई की जा सकती है। आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालना सही नहीं है

2014 के बाद कई बार सस्ता हुआ कच्चा तेल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई, लेकिन देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं की गई। उनका कहना है कि जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो उसका लाभ सीधे जनता को मिलना चाहिए।

सरकार से की तुरंत कीमतें घटाने की मांग
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों की दोबारा समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के हित में फैसला लेते हुए शुद्ध पेट्रोल लगभग 82 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध कराना चाहिए। यदि ई-20 पेट्रोल बेचा जा रहा है तो उसकी कीमत इससे भी कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल सस्ते होने से लोगों का खर्च कम होगा, महंगाई पर नियंत्रण मिलेगा और देश के करोड़ों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। प्रेस वार्ता के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पहले की तुलना में काफी कम है। इसलिए अब सरकार को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी करनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी, महंगाई कम होगी और देश की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

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