
नई दिल्ली, 17 जून 2026।
दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने बुधवार को चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक जैन लाल मंदिर और गौरी शंकर मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं श्रमदान कर सफाई कार्य में भाग लिया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, सफाई कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा देना था।
स्वच्छता केवल अभियान नहीं, नागरिकों की जिम्मेदारी है
स्वच्छता अभियान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि देश को विकसित राष्ट्र बनाना है तो स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ दिल्ली ही विकसित भारत की आधारशिला है। जब तक हमारी राजधानी स्वच्छ और स्वस्थ नहीं होगी, तब तक विकसित भारत का सपना पूरी तरह साकार नहीं हो सकता।”
विजेन्द्र गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की सफाई का भी ध्यान रखें और स्वच्छता को अपनी आदत बनाएं।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में स्वच्छता की अहम भूमिका
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित “विकसित भारत 2047” का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब देश का हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक जिम्मेदारी विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखने का संकल्प ले ले तो दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरा देश स्वच्छ और सुंदर बन सकता है। स्वच्छ वातावरण से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और शहर की पहचान भी मजबूत होती है।
‘मेरी दिल्ली, स्वच्छ दिल्ली’ का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान विजेन्द्र गुप्ता ने अभियान के मूल संदेश “मेरी दिल्ली, स्वच्छ दिल्ली; मेरी दिल्ली, स्वस्थ दिल्ली; मेरी दिल्ली, पर्यावरण-अनुकूल दिल्ली; मेरी दिल्ली, प्रदूषण-मुक्त दिल्ली” को दोहराया। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में से एक है। यहां प्रतिदिन लाखों लोग आते-जाते हैं, जिससे सफाई और पर्यावरण संरक्षण की चुनौती और बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में केवल सरकारी एजेंसियों के भरोसे शहर को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
दिल्ली की चुनौतियों का समाधान जनभागीदारी से संभव
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को प्रदूषण, कूड़ा प्रबंधन, यातायात और बढ़ती आबादी जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब नागरिक स्वयं आगे आकर जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि लोग कूड़ा इधर-उधर फेंकने की आदत छोड़ दें, प्लास्टिक का कम उपयोग करें और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सहयोग करें तो दिल्ली की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आगे आने का आग्रह किया।
उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत ने भी लिया अभियान में हिस्सा
इस अवसर पर दिल्ली नगर निगम की उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत भी मौजूद रहीं। उन्होंने स्वच्छता अभियान में भाग लेते हुए नागरिकों से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। डॉ. मोनिका पंत ने कहा कि स्वच्छ शहर केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनता, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से बनता है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
ऐतिहासिक मंदिरों में चला विशेष सफाई अभियान
चांदनी चौक स्थित जैन लाल मंदिर और गौरी शंकर मंदिर दिल्ली की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों में शामिल हैं। स्वच्छता अभियान के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सफाई की गई। स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सफाई कार्य को सफल बनाया। अभियान के दौरान लोगों ने यह संदेश दिया कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी घर और अन्य सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता।
स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने दिल्ली को अधिक स्वच्छ, हरित, स्वस्थ और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के विकास और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस जनआंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
स्वच्छ और विकसित राजधानी का सपना
अपने संबोधन के अंत में विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली केवल देश की राजधानी नहीं बल्कि भारत की पहचान भी है। इसलिए इसे स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी लोग मिलकर प्रयास करें तो दिल्ली देश की सबसे स्वच्छ और आदर्श राजधानी बन सकती है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता, जागरूकता और निरंतर प्रयासों के माध्यम से ही ऐसी राजधानी का निर्माण संभव है जो विकसित भारत की आकांक्षाओं का सच्चा प्रतीक बने। स्वच्छ दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक इसे अपना व्यक्तिगत दायित्व समझे और स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए।