
गोविंदपुरी में दर्दनाक हादसा, तीन लोगों की मौत से दहली राजधानी
नई दिल्ली, 12 जून 2026।
दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच मंजिला इमारत में लगी आग की चपेट में आने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार से दिल्ली में हाल के महीनों में हुई सभी बड़ी आग की घटनाओं की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट जनता के सामने नहीं आएगी, तब तक यह कैसे पता चलेगा कि हादसे की असली वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन था। सौरभ भारद्वाज ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गोविंदपुरी अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद दर्दनाक घटना है। तीन लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं बल्कि इनके पीछे कई परिवारों का दर्द, सपने और भविष्य जुड़ा होता है। इसलिए हर हादसे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसके कारणों की पूरी जांच होनी चाहिए।
पड़ोसियों ने दिखाई इंसानियत, साड़ियों के सहारे बचाई कई जानें
सौरभ भारद्वाज ने इस हादसे के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा दिखाई गई बहादुरी और मानवता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आग लगने के बाद कई पड़ोसी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने साड़ियों को बांधकर रस्सी जैसा सहारा बनाया, जिसके जरिए कई लोग इमारत से नीचे उतरने में सफल हुए। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग को नियंत्रित करने और फंसे लोगों को बाहर निकालने की भी कोशिश की। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर समाज इसी तरह एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए तो कई हादसों में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी पड़ोसियों का धन्यवाद किया जिन्होंने बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जांच की घोषणा होती है, लेकिन रिपोर्ट कभी सामने नहीं आती
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में जब भी कोई बड़ा हादसा होता है, सरकार जांच की घोषणा कर देती है, लेकिन बाद में जांच रिपोर्ट का कोई पता नहीं चलता। उन्होंने कहा कि हर बार जनता को भरोसा दिलाया जाता है कि जल्द रिपोर्ट आ जाएगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती। इससे लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।
पालम अग्निकांड की रिपोर्ट आज तक नहीं आई
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मार्च महीने में पालम में हुए अग्निकांड में नौ लोगों की जान चली गई थी। उस समय कहा गया था कि जांच पूरी होने में एक या डेढ़ महीने का समय लगेगा। लेकिन अब चार महीने के करीब समय बीत चुका है और आज तक यह जानकारी सामने नहीं आई कि आग लगने की वजह क्या थी, किसकी लापरवाही थी और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होगी तो लोगों को कभी सच्चाई पता नहीं चल पाएगी।
विवेक विहार अग्निकांड की रिपोर्ट का भी इंतजार
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विवेक विहार में हुई आग की घटना में भी नौ लोगों की मौत हुई थी। उस समय अधिकारियों ने कहा था कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
मालवीय नगर हादसे को लेकर भी उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हाल ही में मालवीय नगर में हुए अग्निकांड में भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। उस समय कहा गया था कि तीन दिन के भीतर रिपोर्ट आ जाएगी, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो उसे सभी जांच रिपोर्ट जनता के सामने रखनी चाहिए ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।
आखिर जिम्मेदार कौन है, यह जानना जरूरी
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि किसी भी हादसे की जांच रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि गलती कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि कई बार भवन मालिकों की लापरवाही सामने आती है, तो कई बार किसी विभाग की कमी या प्रशासनिक चूक सामने आती है। यदि जांच रिपोर्ट ही सामने नहीं आएगी तो दोषियों की पहचान कैसे होगी और उन पर कार्रवाई कैसे होगी?
फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली की भी हो जांच
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कई मामलों में फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों की भी समीक्षा जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि मालवीय नगर हादसे के दौरान फायर स्टेशन बेहद नजदीक होने के बावजूद दमकल की गाड़ियां काफी देर से पहुंची थीं। उस समय इस बात को छिपाने की कोशिश हुई, लेकिन बाद में तथ्यों के जरिए देरी की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि गोविंदपुरी मामले में भी यह देखा जाना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड कितनी जल्दी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य कैसे किए गए।
आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में हाल के समय में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। यह स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घटनाओं के बाद बयान देने के बजाय ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि हर हादसे की जांच हो और उसके आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
जनता की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि लोग अपने घरों, दुकानों और कार्यस्थलों पर सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो विकास के दावे अधूरे रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना चाहिए और जहां भी लापरवाही मिले वहां कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने रखी स्पष्ट मांग
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि गोविंदपुरी, पालम, विवेक विहार, मालवीय नगर और अन्य सभी अग्निकांडों की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सार्वजनिक की जाए। पार्टी का कहना है कि रिपोर्ट सामने आने से न केवल सच्चाई उजागर होगी बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। गोविंदपुरी अग्निकांड ने एक बार फिर दिल्ली में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार से सभी अग्निकांडों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक रिपोर्ट सामने नहीं आएगी, तब तक यह पता नहीं चल पाएगा कि हादसों के लिए जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने उन स्थानीय लोगों की सराहना की जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में फंसे लोगों की मदद की और कई जिंदगियां बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।