
नई दिल्ली।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मालवीय नगर के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर भाजपा सरकार, नगर निगम, फायर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध निर्माण को संरक्षण देने वाली सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत खत्म नहीं होगी, तब तक दिल्ली में इस तरह के दर्दनाक हादसे होते रहेंगे और लोगों की जान जाती रहेगी।
मालवीय नगर अग्निकांड पर देवेंद्र यादव ने जताया गहरा दुख
मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देवेंद्र यादव ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम है। देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे हादसे यह साबित करते हैं कि नियमों का पालन कराने वाली एजेंसियां अपना काम ईमानदारी से नहीं कर रही हैं। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो इतने लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत से बढ़ रहे हैं अवैध निर्माण
देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अवैध निर्माण का कारोबार बिना सरकारी संरक्षण के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम, डीडीए, फायर विभाग और अन्य लाइसेंसिंग एजेंसियों की मिलीभगत के कारण नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भवन को सीमित संख्या में कमरे चलाने की अनुमति दी गई थी तो फिर वहां कई गुना अधिक कमरे कैसे बन गए। यह सवाल सीधे तौर पर उन अधिकारियों की भूमिका पर खड़ा होता है जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता का परिणाम हैं ऐसे हादसे
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शासन में प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शासन और प्रशासन दोनों ही भ्रष्टाचार की गिरफ्त में हैं। अधिकारियों पर किसी प्रकार का नियंत्रण दिखाई नहीं देता और आम जनता को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान यह चौथा बड़ा हादसा है जिसमें लोगों की मौत हुई है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे साफ है कि सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
मुख्यमंत्री का घटनास्थल पर नहीं पहुंचना असंवेदनशीलता
देवेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद मुख्यमंत्री का घटनास्थल पर न पहुंचना बेहद दुखद और असंवेदनशील रवैया है। उनका कहना था कि ऐसी त्रासदियों के समय सरकार के शीर्ष नेतृत्व को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए और उन्हें भरोसा दिलाना चाहिए कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
फायर विभाग और निगम अधिकारियों की भूमिका की हो जांच
देवेंद्र यादव ने मांग की कि इस पूरे मामले में फायर विभाग, नगर निगम और लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था तो संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
उन्होंने कहा कि जांच केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए बल्कि दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दिल्ली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमराया
देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा शासन में दिल्ली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। चाहे सड़कें हों, सीवर व्यवस्था हो, भवन निर्माण नियम हों या फिर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, हर क्षेत्र में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम और दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में उच्च स्तर का भ्रष्टाचार फैला हुआ है, जिसके कारण नियमों का पालन कराने की बजाय उन्हें नजरअंदाज किया जाता है। इसका सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है।
मृतकों और घायलों को अधिक मुआवजा देने की मांग
देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री राहत कोष से घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि मृतकों के परिवारों और घायलों को अधिक आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग की कि वह अपने स्तर पर अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा करे ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके दर्द की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार का दायित्व है कि वह आर्थिक और सामाजिक रूप से उनके साथ खड़ी दिखाई दे।
दोषियों की जवाबदेही तय करने की उठी मांग
देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में लगातार हो रही आग की घटनाओं और भवन हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि ऐसे मामलों में कौन जिम्मेदार है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में भी दिल्ली के लोगों को इसी तरह की त्रासदियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए सरकार को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाना चाहिए और राजधानी में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।