
सरिता साहनी
दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोरा
दिल्ली के पालम में हुई आग की घटना ने पूरे शहर को दुखी कर दिया। इस हादसे में एक ही परिवार के कई लोगों की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि बड़ी लापरवाही का नतीजा है।
“समय पर मदद मिलती तो बच सकती थीं जानें”
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब आग लगी, तब लोग जिंदा थे और बालकनी में खड़े होकर मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती और सही तरीके से काम करती, तो उन सभी लोगों को बचाया जा सकता था। उनके अनुसार, देरी और खराब तैयारी के कारण यह दुखद स्थिति बनी।
फायर ब्रिगेड की देरी बनी बड़ी वजह
उन्होंने बताया कि आग लगने के काफी समय बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। इस देरी के कारण आग पर काबू पाने में देर हुई और लोगों को बाहर निकालने का मौका कम हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हर मिनट बहुत कीमती होता है, लेकिन यहां समय का सही इस्तेमाल नहीं हुआ।
जरूरी साधनों की भारी कमी
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड के पास जरूरी उपकरण नहीं थे। उन्होंने कहा कि मौके पर न तो सही ऊंचाई तक पहुंचने वाली सीढ़ी थी और न ही लोगों को पकड़ने के लिए जाल मौजूद था। साथ ही, जो हाइड्रोलिक लिफ्ट लाई गई थी, वह भी ठीक से काम नहीं कर रही थी। इससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।
दिल को झकझोर देने वाला मंजर
उन्होंने घटना का एक बेहद दुखद पहलू बताया। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हो गए कि एक पिता को मजबूरी में अपनी 6 महीने की बच्ची को ऊपर से नीचे फेंकना पड़ा और खुद भी कूदना पड़ा। यह दिखाता है कि उस समय लोग कितने डरे हुए और बेबस थे।
मुख्यमंत्री पर उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मुख्यमंत्री को तुरंत मौके पर जाकर लोगों से मिलना चाहिए और उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो पार्टी विरोध करेगी।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने द्वारका और रोहिणी जैसे इलाकों की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी समय पर मदद नहीं पहुंची और लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
फायर सेफ्टी सिस्टम पर बड़ा सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि नियम के अनुसार फायर ब्रिगेड के पास ऐसे उपकरण होने चाहिए जो ऊंची इमारतों में फंसे लोगों तक आसानी से पहुंच सकें। लेकिन इस घटना में तीसरी मंजिल तक पहुंचने में भी दिक्कत हुई, जो बहुत गंभीर बात है। यह दिखाता है कि फायर सेफ्टी सिस्टम में बड़ी कमी है।
सरकार के दावों और हकीकत में अंतर
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले फायर विभाग को मजबूत करने के कई वादे किए थे। लेकिन अब तक जमीन पर कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी चीजों पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। पालम की यह घटना एक बड़ा सबक है कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी कमी कितनी भारी पड़ सकती है। सौरभ भारद्वाज के आरोपों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। अब जरूरत है कि सरकार जल्दी से जल्दी सुधार करे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रहे।