
सरिता साहनी
दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब दिल्ली में लोग दुख और परेशानी का सामना कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय भाजपा नेता के स्वागत में व्यस्त थीं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं।
रूपनगर में पुल गिरने की दुखद घटना
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली के रूपनगर इलाके में लोहे का एक पुल अचानक गिर गया। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना बहुत गंभीर होती है और इसमें सरकार को तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी चाहिए। मुख्यमंत्री को खुद वहां जाकर हालात देखने चाहिए थे, अधिकारियों से बात करनी चाहिए थी और पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा देना चाहिए था। लेकिन आरोप है कि मुख्यमंत्री वहां नहीं गईं और इस कारण लोगों में नाराजगी है।
एयरपोर्ट पर स्वागत करने को लेकर विवाद
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उसी समय मुख्यमंत्री नितिन नबीन के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन का राज्यसभा सांसद बनना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों का एयरपोर्ट जाना जरूरी नहीं था।
उनका कहना है कि जब शहर में इतना बड़ा हादसा हुआ हो, तब मुख्यमंत्री का वहां मौजूद रहना ज्यादा जरूरी था। उन्होंने इसे गलत प्राथमिकता बताया।
वजीरपुर में हत्या की घटना पर भी सवाल
सौरभ भारद्वाज ने वजीरपुर की एक और घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां ड्रग माफिया के हमले में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस व्यक्ति के पीछे एक परिवार है और उसकी तीन छोटी-छोटी बेटियां हैं, जिनकी जिंदगी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस परिवार से मिलना चाहिए था, उनका दुख समझना चाहिए था और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
कानून व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारियों के बयान सामने आए हैं, जिनमें कहा गया है कि जब पुलिस ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो ऊपर से दबाव आ जाता है और अपराधियों को छोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर यह सच है, तो यह बहुत गंभीर मामला है और इससे साफ होता है कि अपराधियों के खिलाफ सही कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान करना होता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री का काम एयरपोर्ट जाकर स्वागत करना है या फिर उन जगहों पर जाना है जहां लोग परेशानी में हैं? उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में कई हादसे हो रहे हैं—कहीं पुल गिर रहा है, कहीं हत्या हो रही है, कहीं लोग दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को और ज्यादा सक्रिय होना चाहिए।
नितिन नबीन से भी मांगा जवाब
सौरभ भारद्वाज ने नितिन नबीन से भी इस मामले पर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अब जब वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि दिल्ली की मुख्यमंत्री और मंत्री अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा रहे हैं या नहीं। उन्होंने उनसे अपील की कि वे इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करें। यह मामला अब दिल्ली की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ यह बहस हो रही है कि संकट के समय नेताओं को क्या करना चाहिए। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि जनता की समस्याएं सबसे पहले आनी चाहिए और सरकार को हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है और सरकार क्या कदम उठाती है।