
नई दिल्ली, 7 फरवरी 2026।
दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन के कुछ छात्रों को पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया जब वे कनॉट प्लेस में लोगों से चंदा इकट्ठा कर रहे थे। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ये छात्र मुख्यमंत्री को महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने की ‘मोदी की गारंटी’ याद दिलाने के लिए प्रतीकात्मक रूप से चंदा इकट्ठा कर रहे थे। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना किसी बड़े कारण के इन छात्रों को पकड़कर थाने ले जाया गया, जिससे यह साफ होता है कि सरकार छोटी-छोटी राजनीतिक गतिविधियों से भी घबरा रही है।
महिला दिवस पर मुख्यमंत्री को 2500 रुपये भेंट करने की थी योजना
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन के कुछ छात्र कनॉट प्लेस इलाके में लोगों से थोड़ी-थोड़ी राशि इकट्ठा कर रहे थे। उनका उद्देश्य था कि वे कुल 2500 रुपये जमा करें और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को यह राशि भेंट करें। उन्होंने कहा कि यह एक प्रतीकात्मक तरीका था जिससे सरकार को उसके पुराने वादे की याद दिलाई जा सके। छात्रों का कहना था कि अगर सरकार ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया था, तो उसे पूरा भी करना चाहिए।
‘मोदी की गारंटी’ को याद दिलाने की कोशिश
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि 8 मार्च 2025 से दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब उस तारीख को गुजरे लगभग एक वर्ष हो गया है, लेकिन महिलाओं को अब तक वह राशि नहीं मिली है। इसी कारण आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन के बच्चों ने यह अनोखा तरीका अपनाया था ताकि सरकार को उसका वादा याद दिलाया जा सके।
कनॉट प्लेस में चंदा इकट्ठा करते देख पुलिस ने की कार्रवाई
सौरभ भारद्वाज के अनुसार जब कुछ छात्र कनॉट प्लेस में लोगों से थोड़ी-थोड़ी राशि इकट्ठा कर रहे थे, तभी पुलिस वहां पहुंच गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने छात्रों से पूछताछ की और कुछ ही समय में उन्हें हिरासत में लेकर कनॉट प्लेस थाने ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अनावश्यक थी। छात्रों का उद्देश्य केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम करना था, जिससे किसी को कोई नुकसान नहीं होने वाला था।
छात्रों की छोटी पहल से सरकार घबरा गई
सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि कुछ छात्रों द्वारा की जा रही छोटी सी गतिविधि से सरकार और प्रशासन इतना घबरा गया। उन्होंने कहा कि अगर कुछ छात्र शांतिपूर्ण तरीके से लोगों से चंदा इकट्ठा कर रहे थे और किसी को कोई परेशानी नहीं थी, तो उन्हें हिरासत में लेने की जरूरत नहीं थी। उनके अनुसार इस घटना से यह संदेश जाता है कि सरकार आलोचना या सवालों से डर रही है।
महिला दिवस के अवसर पर सरकार को वादा याद दिलाने की कोशिश
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि छात्र संगठन की यह योजना थी कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री को 2500 रुपये भेंट किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रतीकात्मक भेंट के जरिए यह संदेश दिया जाना था कि सरकार को अपने वादों को याद रखना चाहिए और उन्हें पूरा भी करना चाहिए। उनके अनुसार महिलाओं से जुड़े वादों को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि इससे लाखों परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।
सरकार को आलोचना से डरना नहीं चाहिए
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी सरकार को सवालों और आलोचना से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर लोग या छात्र किसी मुद्दे को लेकर अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखते हैं तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाना चाहिए।
राजनीतिक टिप्पणी में अंतरराष्ट्रीय मुद्दे का भी जिक्र
अपने बयान में सौरभ भारद्वाज ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार छोटी-छोटी राजनीतिक गतिविधियों से ही घबरा जाएगी तो बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर वह कैसे मजबूत रुख दिखा पाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया के बड़े नेताओं के सामने भी देश को मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
राजनीति में वादों को निभाना जरूरी
अपने बयान के अंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव के समय किए गए वादों को निभाना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि जनता को उम्मीद होती है कि सरकार उनके लिए किए गए वादों को पूरा करेगी। अगर ऐसा नहीं होता तो जनता को सवाल पूछने का अधिकार है। उनके अनुसार आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन केवल इसी अधिकार का इस्तेमाल कर रहा था और सरकार को इससे डरने की जरूरत नहीं है।