भारतीय जनसंघ के 75 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली में हीरक जयंती स्मरण सभा का आयोजन

ऐतिहासिक स्थल पर हुआ कार्यक्रम नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026। भारतीय जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘भारतीय जनसंघ हीरक जयंती स्मरण एवं संस्मरण सभा’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गोल मार्किट स्थित रघुमल आर्य कन्या विद्यालय के उसी सभागार में हुआ, जहां 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना के लिए बैठक आयोजित की थी।कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, वरिष्ठ नेता महेश चंद्र शर्मा, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और दर्शना जरदोश सहित अनेक नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनसंघ के पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया और उनके संघर्षों तथा अनुभवों को याद किया गया। नितिन नवीन ने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि जनसंघ की स्थापना के ऐतिहासिक स्थल पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल वर्षगांठ मनाने का अवसर नहीं, बल्कि वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के अनुभवों से सीखने का अवसर भी है।उन्होंने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद संगठन को मजबूत बनाया। आज की पीढ़ी को उनके संघर्ष, समर्पण और अनुशासन से प्रेरणा लेनी चाहिए।नितिन नवीन ने कहा कि यदि भविष्य की भारतीय जनता पार्टी को और मजबूत बनाना है, तो कार्यकर्ताओं को अपने समय की चुनौतियों का सामना करते हुए पूरी निष्ठा से काम करना होगा। उन्होंने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के विचारों और सपनों के अनुरूप संगठन को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। हर्ष मल्होत्रा ने जनसंघ की गौरवशाली यात्रा को किया याद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस संगठन की शुरुआत की थी, वह आज एक बड़ी राजनीतिक यात्रा का आधार बन चुका है।उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जनसंघ के शुरुआती वर्षों में संसाधनों की कमी थी, लेकिन कार्यकर्ताओं के मजबूत संकल्प और मेहनत से संगठन आगे बढ़ा।हर्ष मल्होत्रा ने कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए डॉ. मुखर्जी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने नेताओं के संघर्ष और सिद्धांतों ने संगठन को दिशा दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सत्ता को सेवा का माध्यम मानें और संगठन के मूल्यों को हमेशा प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुराने कार्यकर्ताओं को बताया संगठन की नींव दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनसंघ से भाजपा तक की 75 वर्षों की यात्रा लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग, तपस्या और समर्पण का परिणाम है।उन्होंने कहा कि पुराने समय में कार्यकर्ता पैदल, साइकिल, बस और ट्रेन से यात्रा करके संगठन का काम करते थे। उनके पास आज जैसी सुविधाएं नहीं थीं, फिर भी वे बिना किसी व्यक्तिगत लालसा के अपनी जिम्मेदारियां निभाते थे।रेखा गुप्ता ने कहा कि आज भाजपा जिस मजबूत स्थिति में है, उसके पीछे कई पीढ़ियों के कार्यकर्ताओं की मेहनत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सेवा, अच्छे आचरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सेवा करना और देश को विकसित, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना भी है। महेश चंद्र शर्मा ने जनसंघ के इतिहास पर प्रकाश डाला भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश चंद्र शर्मा ने स्वतंत्रता के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों और भारतीय जनसंघ की स्थापना की पृष्ठभूमि पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि भाजपा के इतिहास को समझने के लिए जनसंघ के इतिहास और उसके विचारों को जानना जरूरी है।उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती केवल चुनावी सफलता से नहीं, बल्कि उसकी विचारधारा, अनुशासन और कार्यकर्ताओं की मेहनत से बनती है। जनसंघ से भाजपा तक की राजनीतिक यात्रा कार्यक्रम में भारतीय जनसंघ के चुनावी सफर, आपातकाल के संघर्ष और भाजपा की स्थापना से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों को भी याद किया गया।1952 के पहले लोकसभा चुनाव में जनसंघ ने तीन सीटें जीती थीं। इसके बाद संगठन ने धीरे-धीरे अपना विस्तार किया। वर्ष 1977 में जनसंघ के नेता जनता पार्टी में शामिल हुए और 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई।इसके बाद भाजपा ने देश की राजनीति में अपनी भूमिका का विस्तार किया। वक्ताओं ने कहा कि यह यात्रा पुराने नेताओं, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और नई पीढ़ी के सामूहिक प्रयासों से आगे बढ़ी है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का किया गया सम्मान कार्यक्रम में जनसंघ काल के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं रामभज, प्रो. जगदीश मुखी, वेदव्यास महाजन और मूलचंद चावला ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने जनसंघ के शुरुआती दिनों, आपातकाल और राजनीतिक संघर्षों से जुड़ी यादें सुनाईं।इस अवसर पर जुगल किशोर शर्मा, ओ.पी. बब्बर, सुभाष आर्य, योगधन आहूजा, जीतराम सोलंकी, धर्मदेव सोलंकी, सत्यनारायण डंग, अब्दुल राशिद, सत्यपाल शर्मा, मोहनलाल गौड़, लालबिहारी तिवारी सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।कार्यक्रम में सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चांदोलिया और बांसुरी स्वराज सहित दिल्ली सरकार के मंत्री, भाजपा पदाधिकारी और अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दिल्ली भाजपा के महामंत्री एवं संयोजक विष्णु मित्तल ने किया। नई पीढ़ी को वरिष्ठों के अनुभवों से सीखने का संदेश सभा के अंत में नेताओं ने कहा कि भारतीय जनसंघ के 75 वर्ष संगठन के संघर्ष, विचारधारा और कार्यकर्ताओं के समर्पण को याद करने का अवसर हैं। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।नितिन नवीन ने कहा कि पुराने नेताओं के आदर्शों को अपनाकर संगठन को और मजबूत बनाना चाहिए। कार्यक्रम का संदेश था कि राष्ट्रसेवा, अनुशासन, समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए।