इंडी गठबंधन की बैठक पर शिवराज सिंह चौहान का हमला, बोले- राहुल गांधी के नेतृत्व पर ही नहीं है भरोसा

नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026 केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर कई सवाल उठाए। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति, राहुल गांधी के नेतृत्व, मतदाता सूची और विपक्षी दलों की एकजुटता को लेकर अपनी बात रखी। उनके बयान की रिपोर्ट कई समाचार माध्यमों ने भी प्रकाशित की है। चुनावी हार के बाद आत्ममंथन करना चाहिए था- शिवराजशिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगातार चुनावों में हार के बाद कांग्रेस से उम्मीद थी कि पार्टी अपनी गलतियों पर विचार करेगी। उनका कहना था कि कांग्रेस अपनी गलतियों को स्वीकार करती, जनता से माफी मांगती और आगे की रणनीति बनाती। लेकिन शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आत्ममंथन करने के बजाय फिर से दूसरे मुद्दों को लेकर सरकार और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का रास्ता चुना है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए भी अपनी बात रखी। राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सवालशिवराज सिंह चौहान ने इंडी गठबंधन के नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इंडी गठबंधन के सभी दल राहुल गांधी को अपना नेता मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी वहां बार-बार नेताओं से अपने ऊपर भरोसा करने की बात कर रहे थे। शिवराज ने इसी को आधार बनाते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर इंडी गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानता है, तो गठबंधन के सभी बड़े नेताओं को खुलकर यह बात कहनी चाहिए। इंडी गठबंधन की बैठक पर भी निशानाबुधवार को हुई इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर भी शिवराज सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बैठक शुरू होने से पहले ही गठबंधन में एकजुटता को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। शिवराज ने बैठक में अलग-अलग नेताओं की मौजूदगी और गैर-मौजूदगी का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के बीच पूरी तरह से एक जैसी सोच नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने उद्धव ठाकरे के वर्चुअल रूप से बैठक में जुड़ने का भी उल्लेख किया। ‘शून्य विजन और 100 प्रतिशत हताशा’ का लगाया आरोपशिवराज सिंह चौहान ने इंडी गठबंधन की बैठक के नतीजे पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बैठक से कोई स्पष्ट विजन सामने नहीं आया। उन्होंने बैठक के नतीजे को “शून्य विजन, 100 प्रतिशत हताशा और हार का एडवांस बहाना” बताया। यह शिवराज सिंह चौहान की विपक्षी गठबंधन को लेकर की गई राजनीतिक टिप्पणी थी। ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च पर शिवराज का हमलाकांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक प्रस्तावित ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ को लेकर भी शिवराज सिंह चौहान ने सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस के इस कार्यक्रम को ‘सेव डायनेस्टी मार्च’ कहा। शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतंत्र के नाम पर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मतदाता सूची को लेकर भी उठाए सवालशिवराज सिंह चौहान ने मतदाता सूची के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गलत या डुप्लीकेट नाम नहीं होने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है तो उसका नाम मतदाता सूची में क्यों रहे। इसी तरह उन्होंने डुप्लीकेट नामों और गैर-नागरिकों के नामों को लेकर भी सवाल उठाया। शिवराज ने कहा कि मतदाता सूची को सही और साफ रखना जरूरी है, क्योंकि चुनाव में मतदाता सूची की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चुनाव आयोग को लेकर भी कांग्रेस पर सवालशिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और विपक्ष के चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनाव से जुड़े फैसले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होते हैं। उन्होंने विपक्ष द्वारा चुनावी हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जाने वाले सवालों का भी जिक्र किया। चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों में इन्हीं चुनावी व्यवस्थाओं के तहत जीत भी हासिल की है। शिवराज बोले- जनता तय करती है प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रीशिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री और राज्यों में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला जनता अपने वोट से करती है। उन्होंने कहा कि किसी नेता या राजनीतिक दल के कहने से यह तय नहीं होता कि कौन प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बनेगा। उनके अनुसार, चुनाव में जनता का समर्थन और वोट ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर जारी है राजनीतिक बयानबाजीशिवराज सिंह चौहान के इस बयान के बाद कांग्रेस और इंडी गठबंधन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, वहीं भाजपा नेता विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और उसकी रणनीति पर सवाल कर रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने अपने पूरे बयान में कांग्रेस से आत्ममंथन करने, अपनी रणनीति पर विचार करने और चुनावी मुद्दों पर जनता के सामने स्पष्ट बात रखने की बात कही। वहीं उन्होंने इंडी गठबंधन की बैठक और उसके नेतृत्व को लेकर भी कई सवाल खड़े किए।