महिलाओं की सुरक्षा को लेकर NSUI का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री आवास के बाहर उठाई जवाबदेही की मांग

नई दिल्ली में NSUI ने किया विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। 23 सितंबर 2026 को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। NSUI ने सरकार से मांग की कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। NSUI के कार्यकर्ताओं ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं और प्रशासन से इस विषय पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की। आस्था कुंज पार्क की घटना के बाद प्रदर्शनNSUI का यह प्रदर्शन कालकाजी मंदिर के पास स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद दिल्ली में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। आस्था कुंज पार्क के आसपास बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में NSUI ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि महिलाओं और छात्राओं को कॉलेज, स्कूल, पार्क और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर बिना डर के आने-जाने का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। विनोद जाखड़ ने सरकार से मांगा जवाबप्रदर्शन के बाद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, आस्था कुंज पार्क में नाबालिग लड़की के साथ हुई कथित घटना ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।विनोद जाखड़ ने कहा कि दिल्ली सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय को महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच होनी चाहिए तथा जांच में जो भी व्यक्ति कानून के अनुसार दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल किसी एक घटना के बाद उठाया जाने वाला मुद्दा नहीं है। इसके लिए लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। सार्वजनिक स्थानों, पार्कों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने की मांगNSUI ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं को बिना किसी डर के पढ़ने, काम करने और अपने रोजमर्रा के काम के लिए बाहर आने-जाने का अधिकार है। संगठन ने सरकार से कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।विनोद जाखड़ ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए जिससे किसी भी आपात स्थिति में महिलाओं को जल्द सहायता मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग NSUI ने दिल्ली के कॉलेजों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि जमीन पर भी इसकी प्रभावी व्यवस्था दिखाई देनी चाहिए।संगठन ने पुलिस गश्त बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में पुलिस और दूसरी संबंधित एजेंसियों की मदद जल्दी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई है। पीड़िता की सुरक्षा और निजता पर भी जोर NSUI ने कथित घटना की पीड़िता को आवश्यक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की है। संगठन ने कहा कि नाबालिग पीड़िता की निजता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति और उसके परिवार को कानूनी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है। NSUI ने कहा कि मामले की जांच कानून के अनुसार होनी चाहिए और पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में उसकी सुरक्षा और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर उठे सवाल आस्था कुंज पार्क की घटना के बाद दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हुई है। महिलाओं और छात्राओं के लिए पार्क, सड़क, कॉलेज के आसपास के क्षेत्र और दूसरे सार्वजनिक स्थान सुरक्षित होना जरूरी है।NSUI का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस की नियमित गश्त, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन सहायता जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए। संगठन ने सरकार से यह भी मांग की है कि संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए। दिल्ली सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से जवाबदेही की मांग NSUI ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं पर प्रशासन को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।संगठन ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केवल बयान देने के बजाय जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता NSUI ने महिलाओं के साथ-साथ छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्राएं रोजाना स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थानों और अन्य स्थानों पर आती-जाती हैं। इसलिए उनके आने-जाने वाले रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा जाना जरूरी है।छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिलने से वे बिना डर के अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों पर ध्यान दे सकती हैं। इसी वजह से NSUI ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग NSUI ने कथित घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच