दिल्ली में एमसीडी का बड़ा डिमोलिशन अभियान, 33 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई

12 जोनों में एक साथ चला अभियान, 29 कारण बताओ नोटिस और 5 संपत्तियां सील नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण, खतरनाक इमारतों और भवन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अपना सख्त अभियान जारी रखा है। एमसीडी ने शनिवार को दिल्ली के सभी 12 जोनों में बड़े स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग इलाकों में कुल 33 डिमोलिशन यानी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही एमसीडी की टीमों ने नियमों का उल्लंघन करने वाली 5 संपत्तियों को सील किया। वहीं, कई अन्य मामलों में संबंधित संपत्ति मालिकों को 29 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निगम का कहना है कि दिल्ली में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। सभी 12 जोनों में एक साथ कार्रवाईएमसीडी ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों को भेजकर कार्रवाई की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसी इमारतों और निर्माणों पर कार्रवाई करना था, जो बिना अनुमति बनाए गए हैं या जिनमें भवन नियमों का पालन नहीं किया गया है। निगम की ओर से बताया गया कि दिल्ली के नॉर्थ, नॉर्थ वेस्ट, नॉर्थ ईस्ट, साउथ, साउथ वेस्ट, वेस्ट और सेंट्रल जोन समेत सभी 12 जोनों में प्रवर्तन अभियान चलाया गया। एमसीडी दिल्ली के मास्टर प्लान यानी एमपीडी और बिल्डिंग बाय-लॉ के नियमों के अनुसार निर्माण कार्यों की जांच कर रही है। जहां नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां मौके पर कार्रवाई की जा रही है। 33 संपत्तियों पर चला डिमोलिशन अभियानआज के अभियान में एमसीडी ने कुल 33 डिमोलिशन कार्रवाई की। इन कार्रवाइयों में ऐसे निर्माणों को हटाया गया, जिन्हें निगम ने नियमों के खिलाफ या असुरक्षित पाया। एमसीडी का कहना है कि जिन जगहों पर अवैध निर्माण या खतरनाक ढांचा पाया जाता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसका उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना ही नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। 5 संपत्तियां की गईं सीलडिमोलिशन कार्रवाई के अलावा एमसीडी ने 5 संपत्तियों को सील भी किया। सीलिंग की कार्रवाई उन मामलों में की गई जहां भवन नियमों और अन्य लागू प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। निगम ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ जरूरत के अनुसार नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा सकती है। 29 कारण बताओ नोटिस जारीएमसीडी की टीमों ने कार्रवाई के दौरान 29 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए। इन नोटिस के जरिए संबंधित संपत्ति मालिकों से नियमों के उल्लंघन को लेकर जवाब मांगा गया है। निगम का कहना है कि भवन नियमों का पालन करना हर संपत्ति मालिक की जिम्मेदारी है। अगर किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कल भी हुई थी बड़ी कार्रवाईएमसीडी ने बताया कि आज से एक दिन पहले भी दिल्ली में बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया गया था। उस अभियान के दौरान 25 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया था। इसके अलावा 4 अन्य संपत्तियों को सील किया गया था। यह कार्रवाई दिल्ली के मास्टर प्लान और बिल्डिंग बाय-लॉ के नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ की गई थी। इससे साफ है कि एमसीडी दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। नेहरू विहार और गांधी विहार में खतरनाक इमारतों पर कार्रवाईआज के अभियान में नॉर्थ जोन के कई इलाकों में विशेष कार्रवाई की गई। नेहरू विहार और गांधी विहार में खतरनाक इमारतों के खिलाफ डिमोलिशन कार्रवाई की गई। इन इलाकों में ऐसी इमारतों और निर्माणों को लेकर कार्रवाई की गई जिन्हें निगम की ओर से खतरनाक या नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। एमसीडी का कहना है कि खतरनाक इमारतें लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। इसलिए ऐसी इमारतों पर समय रहते कार्रवाई करना जरूरी है। रोहिणी में आरसीसी पैनल तोड़ा गयानॉर्थ वेस्ट जोन में भी एमसीडी ने कई जगहों पर कार्रवाई की। रोहिणी सेक्टर-3 में विशेष डिमोलिशन कार्रवाई की गई।यहां तीसरी मंजिल की छत पर बने कमरे के ऊपर लगाए गए आरसीसी पैनल को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान गैस कटर की मदद से निर्माण में लगे रीइन्फोर्समेंट यानी लोहे के सरियों को भी काटा गया।इसके अलावा विजय विहार और रोहिणी के सेक्टर-15 और सेक्टर-16 में भी एमसीडी की टीमों ने कार्रवाई की। सतबरी और सैनिक फार्म्स में भी कार्रवाईसाउथ जोन में एमसीडी ने सतबरी और सैनिक फार्म्स में प्रवर्तन कार्रवाई की। इन इलाकों में भी नियमों के खिलाफ किए गए निर्माणों की जांच और कार्रवाई की गई। एमसीडी की टीमों ने मौके पर जाकर निर्माण की स्थिति देखी और जहां जरूरी पाया गया, वहां निगम के नियमों के अनुसार कार्रवाई की। भजनपुरा और शाहदरा में भी चला अभियाननॉर्थ ईस्ट जोन में भी एमसीडी का अभियान जारी रहा। यहां भजनपुरा, सोम बाजार, साउथ गामड़ी, ईस्ट रोहतास नगर और शाहदरा जैसे इलाकों में कार्रवाई की गई। इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन को लेकर निगम की टीमों ने कार्रवाई की। द्वारका और काकरोला में भी डिमोलिशनसाउथ वेस्ट जोन में एमसीडी ने द्वारका और काकरोला में डिमोलिशन कार्रवाई की। इन इलाकों में नियमों के खिलाफ किए गए निर्माणों पर निगम की टीमों ने कार्रवाई की। एमसीडी का कहना है कि दिल्ली के किसी भी इलाके में अगर भवन नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। तिहाड़ गांव और पश्चिम विहार में कार्रवाईवेस्ट जोन में भी एमसीडी की टीमों ने कई इलाकों में कार्रवाई की। यहां तिहाड़ गांव, राजौरी गार्डन एक्सटेंशन और पश्चिम विहार में प्रवर्तन अभियान चलाया गया। निगम की टीमों ने मौके पर पहुंचकर निर्माणों की जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की। जोगाबाई एक्सटेंशन और जामिया नगर में भी कार्रवाईसेंट्रल जोन में जोगाबाई एक्सटेंशन और जामिया नगर में भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई।:एमसीडी की ओर से लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में जांच की जा रही है ताकि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके। दिल्ली भर में पीजी भवनों का बड़ा सर्वे शुरूएमसीडी ने केवल अवैध निर्माण के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि दिल्ली में चल