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डूसू चुनाव में एनएसयूआई की जीत का दावा, छात्रों के अधिकार और सुविधाओं को लेकर देवेन्द्र यादव ने बताई प्राथमिकताएं

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026 दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और एनएसयूआई ने चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दावा किया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई का पूरा पैनल जीत हासिल करेगा। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई की प्राथमिकता केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के अधिकारों, कल्याण, शिक्षा, हॉस्टल, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए लगातार काम करना है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई छात्रों की समस्याओं को मजबूती से उठाएगी और विश्वविद्यालय परिसर में बेहतर शैक्षणिक तथा लोकतांत्रिक माहौल बनाने का प्रयास करेगी। डूसू चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठकडूसू चुनाव को लेकर आदर्श नगर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में एनएसयूआई के उम्मीदवारों को समर्थन देने और चुनाव की तैयारियों को लेकरh विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने संबोधित किया। बैठक का आयोजन आदर्श नगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धार्थ राव ने किया बैठक में कांग्रेस और संगठन के कई पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।बैठक के दौरान डूसू चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। देवेन्द्र यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में छात्रों तक पहुंचना और उनकी समस्याओं को समझना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई को छात्रों के बीच जाकर उनके मुद्दों पर बात करनी चाहिए और उनके अधिकारों की आवाज को मजबूत करना चाहिए। एनएसयूआई ने घोषित किया पूरा पैनलदिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए एनएसयूआई ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। एनएसयूआई की ओर से अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीना, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है। देवेन्द्र यादव ने एनएसयूआई के इस पैनल को मजबूत बताते हुए कहा कि पार्टी ने छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। देवेन्द्र यादव के अनुसार, एनएसयूआई का उद्देश्य छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उन समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मजबूती से उठाना है। छात्रों के अधिकारों की आवाज मजबूत करने का वादादेवेन्द्र यादव ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद एनएसयूआई दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों की आवाज को और मजबूत करेगी। देवेन्द्र यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां हर छात्र को अपनी बात रखने का अधिकार मिले। छात्रों को किसी भी तरह के भेदभाव का सामना न करना पड़े और सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक माहौल बनाने के लिए काम करेगी। छात्रों की समस्याओं को दबाने के बजाय उन पर चर्चा होनी चाहिए और समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल पर जोरदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल है। ऐसे में यहां पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और अच्छी सुविधाएं मिलना जरूरी है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर लाइब्रेरी, पर्याप्त अध्ययन सामग्री, अच्छे कक्ष और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। एनएसयूआई का प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। देवेन्द्र यादव ने कहा कि छात्रों की शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की मांगदिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल की समस्या भी छात्रों के लिए एक बड़ा मुद्दा है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी दिल्ली के बाहर से पढ़ाई करने के लिए आते हैं। ऐसे छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती रहने की व्यवस्था बहुत जरूरी है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई छात्रों के लिए हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को कम खर्च में सुरक्षित हॉस्टल उपलब्ध होना चाहिए। देवेन्द्र यादव ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अच्छी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। हॉस्टल में साफ-सफाई, पीने का पानी, इंटरनेट और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। पीजी और किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा भी मुद्दादेवेन्द्र यादव ने कहा कि केवल हॉस्टल ही नहीं, बल्कि पीजी और किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सत्या निकेतन हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र पीजी और किराए के कमरों में रहते हैं। ऐसे छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई सस्ते और सुरक्षित हॉस्टल तथा पीजी की मांग को मजबूती से उठाएगी। साथ ही पीजी और किराए के कमरों में सुरक्षा से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की जाएगी। लाइब्रेरी और छात्र संसाधनों में सुधार की मांगदेवेन्द्र यादव ने कहा कि छात्रों के लिए लाइब्रेरी सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है। इसलिए कॉलेजों और विश्वविद्यालय की लाइब्रेरियों में पर्याप्त किताबें, पढ़ने की जगह और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य छात्र संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए काम करेगी। देवेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। किफायती फीस और छात्रों के हितों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बातचीत करेगी। महिला सुरक्षा और समान अवसर पर जोरदेवेन्द्र यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में महिला छात्रों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए ताकि वे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई महिला सुरक्षा और समानता के मुद्दे को प्राथमिकता देगी। सभी छात्रों को बिना भेदभाव के समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसा स्थान होना चाहिए जहां छात्र अपनी शिक्षा और भविष्य पर ध्यान दे सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुरक्षा महसूस न हो। कॉलेजों में पानी और साफ-सफाई की सुविधाओं पर ध्यानदेवेन्द्र यादव ने कहा कि कॉलेजों में छात्रों को रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाएं

हावड़ा-मुंबई समेत तीन बड़े रेल मार्गों पर बिछेगी तीसरी और चौथी रेल लाइन

रेलवे को मजबूत बनाने की बड़ी तैयारीभारतीय रेलवे देश के रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में हावड़ा-मुंबई समेत तीन प्रमुख रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। इन रेल मार्गों पर ट्रेनों की संख्या पहले से काफी ज्यादा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और मालगाड़ियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त रेल लाइन की जरूरत महसूस की जा रही है। नई रेल लाइन बनने के बाद इन व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों को चलाने के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध होगी। इससे रेलवे को ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में यात्रियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग क्यों है खासहावड़ा-मुंबई रेल मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल मार्गों में से एक माना जाता है। यह मार्ग देश के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने का काम करता है। इस रास्ते से हर दिन बड़ी संख्या में यात्री अलग-अलग शहरों के लिए सफर करते हैं। हावड़ा से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ रहती है। इसके अलावा इस रेल मार्ग का इस्तेमाल सामान और औद्योगिक वस्तुओं को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए भी किया जाता है। इसलिए इस पूरे रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव लगातार बना रहता है। ऐसे में तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने से इस मार्ग की क्षमता बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है। तीसरी और चौथी रेल लाइन की जरूरत क्यों पड़ीसमय के साथ रेलवे में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों को एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए रेल यात्रा काफी सुविधाजनक लगती है। इसके साथ ही देश में व्यापार और उद्योग बढ़ने के कारण मालगाड़ियों की संख्या भी बढ़ रही है। जब किसी रेल मार्ग पर पहले से ही बहुत सारी ट्रेनें चलती हैं, तो उसी लाइन पर नई ट्रेन चलाना मुश्किल हो जाता है। कई बार एक ट्रेन को दूसरी ट्रेन के गुजरने के लिए कुछ समय तक रोकना पड़ता है। इससे ट्रेन के समय पर असर पड़ सकता है। इसी समस्या को कम करने के लिए अतिरिक्त रेल लाइन बिछाने की जरूरत होती है। तीसरी और चौथी लाइन उपलब्ध होने के बाद रेलवे के पास ट्रेनों को अलग-अलग पटरियों पर चलाने की सुविधा बढ़ जाएगी। यात्रियों को मिल सकता है बड़ा फायदानई रेल लाइन बनने का सीधा फायदा रेल यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। जब किसी रेल मार्ग पर ट्रेनों के लिए अतिरिक्त लाइन होती है तो ट्रेनों को चलाने में रेलवे को ज्यादा सुविधा मिलती है। अभी कई व्यस्त रूटों पर ट्रेनों को एक-दूसरे के कारण रोकना पड़ता है। नई लाइन बनने के बाद ऐसी स्थिति को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे ट्रेन संचालन पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित हो सकता है। यात्रियों को भविष्य में बेहतर रेल सेवा मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है। नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता होगा आसानरेल यात्रियों की मांग को देखते हुए अलग-अलग रूटों पर नई ट्रेन चलाने की जरूरत पड़ती रहती है। लेकिन किसी व्यस्त रेल मार्ग पर नई ट्रेन शुरू करने के लिए पहले यह देखना पड़ता है कि उस मार्ग पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है या नहीं। अगर किसी रूट पर रेल लाइन पहले से ही पूरी तरह व्यस्त है तो वहां नई ट्रेन चलाना मुश्किल हो सकता है। तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने के बाद ऐसे रूटों पर अतिरिक्त ट्रेन चलाने की संभावना बढ़ सकती है। इससे भविष्य में यात्रियों को अधिक रेल सेवाएं मिल सकती हैं। मालगाड़ियों को भी होगा फायदानई रेल लाइन का फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं मिलेगा। मालगाड़ियों के संचालन में भी इससे काफी मदद हो सकती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कोयला, लोहा, सीमेंट, अनाज और अन्य सामान रेल के माध्यम से भेजा जाता है। बड़ी संख्या में मालगाड़ियां प्रमुख रेल मार्गों से होकर गुजरती हैं। कई बार यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने के कारण मालगाड़ियों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ता है। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने पर मालगाड़ियों के संचालन को भी बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता है। ट्रेन की रफ्तार और संचालन में सुधार की उम्मीदव्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों की रफ्तार कई बार दूसरे ट्रैफिक के कारण प्रभावित होती है। एक ही लाइन पर कई तरह की ट्रेनें चलने से रेलवे को सभी ट्रेनों के बीच तालमेल बनाना पड़ता है। तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने के बाद ट्रेनों को अलग-अलग पटरियों पर चलाने की सुविधा बढ़ जाएगी। इससे ट्रेन संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। हालांकि ट्रेन की वास्तविक रफ्तार और समय में सुधार कई दूसरे कारणों पर भी निर्भर करेगा। रेलवे नेटवर्क होगा और मजबूतभारत में रेलवे लाखों लोगों की रोजाना यात्रा का महत्वपूर्ण साधन है। देश के छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक रेलवे लोगों को जोड़ने का काम करता है।ऐसे में प्रमुख रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाना बहुत जरूरी है। नई रेल लाइन बिछाने से रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे आने वाले समय में बढ़ती यात्री संख्या और माल परिवहन की जरूरत को पूरा करने में रेलवे को सुविधा हो सकती है। बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतरहावड़ा और मुंबई दोनों ही देश के बड़े और महत्वपूर्ण शहर हैं। इन शहरों के बीच मजबूत रेल संपर्क का फायदा केवल दोनों शहरों को ही नहीं बल्कि रास्ते में आने वाले कई अन्य शहरों और क्षेत्रों को भी मिलता है। लोग नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और दूसरे जरूरी कामों के लिए एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करते हैं। ऐसे में बेहतर रेल नेटवर्क से उनकी यात्रा आसान हो सकती है। नई रेल लाइनें बनने से इस पूरे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है। रेलवे की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए फैसलाआज के समय में रेलवे पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। त्योहारों, छुट्टियों और खास मौकों पर कई प्रमुख रूटों पर यात्रियों की संख्या और भी बढ़ जाती है। इसके अलावा उद्योगों और व्यापार के बढ़ने के साथ माल परिवहन की