H1N1 और डेंगू को लेकर दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी, डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जन-प्रतिनिधियों से कहा- हर घर तक पहुंचाएं जागरूकता का संदेश

नई दिल्ली, 07 सितंबर 2026 दिल्ली में बदलते मौसम के बीच H1N1 और डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी दिशा में दिल्ली सचिवालय में सोमवार को पार्षदों, जन-प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने की। इस दौरान H1N1 और डेंगू से बचाव, बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर इलाज, साफ-सफाई और लोगों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने साफ कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम सिर्फ अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। बीमारी को रोकने के लिए सरकार के साथ आम लोगों, पार्षदों और स्थानीय संगठनों को भी मिलकर काम करना होगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला का सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि यहां दी गई जानकारी दिल्ली सचिवालय तक सीमित न रहे, बल्कि राजधानी के हर वार्ड, हर मोहल्ले और हर घर तक पहुंचे। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा- बीमारी से बचाव में जन-भागीदारी सबसे जरूरीकार्यशाला में डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जन-प्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि पार्षद और स्थानीय जन-प्रतिनिधि सीधे जनता के संपर्क में रहते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं और वहां रहने वाले लोगों की जरूरतों की जानकारी होती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग और जन-प्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना बेहद जरूरी है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने इलाकों में H1N1 और डेंगू के बारे में सही जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल बीमारी के बारे में बताना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह भी समझाना जरूरी है कि बीमारी से बचने के लिए वे अपने स्तर पर क्या कदम उठा सकते हैं। हर बुखार को H1N1 या डेंगू समझने की जरूरत नहीं – डॉ. पंकज कुमार सिंहH1N1 को लेकर लोगों में किसी तरह का डर या भ्रम न फैले, इस पर भी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विशेष जोर दिया। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हर बुखार H1N1 या डेंगू नहीं होता। मौसम बदलने पर सामान्य वायरल संक्रमण के कारण भी लोगों को बुखार, खांसी, सर्दी और कमजोरी जैसी परेशानी हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद से बीमारी का अनुमान न लगाएं और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें। अगर किसी व्यक्ति को बुखार या अन्य लक्षण हैं और उसकी परेशानी बढ़ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे जरूरी है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सही जानकारी मिलने से बीमारी को लेकर फैलने वाले अनावश्यक डर और पैनिक को कम किया जा सकता है। H1N1 से बचाव के लिए छोटी-छोटी सावधानियां जरूरीकार्यशाला में मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 से बचाव के आसान तरीकों पर भी चर्चा हुई। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि H1N1 जैसे संक्रमण से बचाव के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में साफ-सफाई और सावधानी को अपनाना जरूरी है। लोगों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को सांस से जुड़ी परेशानी है तो उसे दूसरों के बहुत करीब जाने से बचना चाहिए। भीड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बीमार लोगों को पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी। बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यानडॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मौसमी इन्फ्लूएंजा किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। परिवार के सदस्यों को ऐसे लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखनी चाहिए। अगर बीमारी के लक्षण ज्यादा गंभीर दिखाई दें या मरीज की स्थिति बिगड़ रही हो तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने से बचेंस्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों को खुद से दवा लेने की आदत से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर बुखार में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से अपील की कि बीमारी होने पर सही जांच और डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही उपचार लिया जाए। स्कूलों के जरिए भी पहुंचेगा जागरूकता का संदेशडॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से साफ-सफाई, हाथ धोने, खांसते और छींकते समय सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण होने पर इसकी जानकारी देने के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। स्कूलों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी बच्चों के साथ उनके माता-पिता तक भी आसानी से पहुंचाई जा सकती है।डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों में अच्छी स्वास्थ्य आदतें विकसित करना लंबे समय के लिए बहुत उपयोगी होगा। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों की ब्रीडिंग रोकना सबसे जरूरीकार्यशाला में डेंगू की रोकथाम को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि डेंगू को रोकने के लिए सबसे पहला काम मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करना है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर जमा हुए पानी में पनप सकता है। इसलिए घर और आसपास ऐसी किसी भी जगह को खुला नहीं छोड़ना चाहिए, जहां पानी जमा हो सकता है। कूलर से लेकर छत तक करें पानी जमा होने वाली जगहों की जांच डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार अपने घर और आसपास की जांच जरूर करें। कूलर, गमले, गमलों के नीचे रखी प्लेट, पानी की टंकियां, पुराने टायर, खाली डिब्बे और बेकार सामान में पानी जमा हो सकता है। छतों पर रखे बर्तन और अन्य सामान भी मच्छरों के लिए ब्रीडिंग की जगह बन सकते हैं। इसलिए डॉ. पंकज कुमार सिंह ने पानी जमा