कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने नई दिल्ली स्थित आवास से ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान का किया शुभारंभ

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ किया गया। कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से अभियान में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने तथा स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रगौरव, देशभक्ति एवं उल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस भारत के स्वाधीनता संग्राम के गौरवशाली इतिहास तथा असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का पावन अवसर है। राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रध्वज के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट करे तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाए। तिरंगा राष्ट्र के गौरव, स्वाभिमान और संप्रभुता का प्रतीकभगीरथ चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता, स्वाभिमान एवं गौरव का प्रतीक है। राष्ट्रध्वज के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रत्येक भारतीय का राष्ट्रीय कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान केवल राष्ट्रध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, उत्तरदायित्व, गौरव एवं समर्पण की भावना को प्रबल करने वाला व्यापक जन-अभियान है। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की विविधताओं को एकता के सूत्र में आबद्ध करने वाली राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक के अंतर्मन में राष्ट्र के प्रति गौरव, श्रद्धा एवं समर्पण की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करता है। देशवासियों से अभियान में अधिकाधिक सहभागी बनने का आह्वानकृषि राज्य मंत्री ने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं कार्यालयों पर सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने तथा ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रव्यापी जन-अभियान की सफलता व्यापक जनसहभागिता से ही सुनिश्चित होती है। उन्होंने नागरिकों से अपने परिजनों, मित्रों एवं आसपास के नागरिकों को भी अभियान से जोड़ने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य एवं प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जन-जन की सहभागिता से अभियान का संदेश देश के प्रत्येक घर तक पहुंचाया जा सकता है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को किया स्मरणभगीरथ चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भारत की स्वाधीनता के लिए किए गए दीर्घकालीन संघर्ष तथा असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान की गौरवपूर्ण स्मृति का प्रतीक है। भारत की स्वतंत्रता के लिए अनेक वीरों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज के सम्मान के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिक एकता, अखंडता एवं राष्ट्रनिष्ठा के सूत्र में आबद्ध होते हैं। ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य इसी राष्ट्रीय चेतना को जन-जन तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता के मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ना है। राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को सुदृढ़ करने का संदेशउन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक प्रबल करने का प्रयास किया जा रहा है। भारत की विविधता में निहित एकता उसकी विशिष्ट पहचान एवं सामर्थ्य है तथा तिरंगा इस राष्ट्रीय एकात्मता का सशक्त प्रतीक है। कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्र की उन्नति, समृद्धि एवं सुदृढ़ता के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व देशवासियों के लिए सामूहिक संकल्प, राष्ट्रीय चेतना एवं एकात्म भाव को सुदृढ़ करने के महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। जनसहभागिता को अभियान की सफलता का प्रमुख आधार बतायाकृषि राज्य मंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्रव्यापी अभियान की सफलता व्यापक जनसहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने नागरिकों से स्वयं अभियान का सहभागी बनने के साथ-साथ अपने परिजनों, मित्रों एवं समाज के अन्य नागरिकों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के अंतर्मन में राष्ट्र के प्रति गौरव, श्रद्धा एवं सम्मान की भावना जागृत करता है। अतः ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान को केवल एक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक जनसहभागिता से जुड़े राष्ट्रीय संकल्प के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। राष्ट्रध्वज की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखने की अपीलभगीरथ चौधरी ने नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय उसकी गरिमा, मर्यादा एवं सम्मान का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव, स्वाभिमान एवं राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक है। राष्ट्रध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय उससे संबंधित निर्धारित नियमों एवं मर्यादाओं का पूर्णतः पालन किया जाए, ताकि अभियान के उद्देश्य के साथ-साथ राष्ट्रध्वज की प्रतिष्ठा एवं गरिमा भी अक्षुण्ण बनी रहे। स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रगौरव एवं राष्ट्रीय चेतना के साथ मनाने का आह्वान‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं गौरव की भावना के साथ मनाने का संदेश दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करने तथा स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास से अभियान का शुभारंभ करते हुए देशवासियों से इसमें अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने तथा राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से यह अभियान देश के प्रत्येक घर तक राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दिल्ली में एचआईवी जागरूकता अभियान को मिली नई गति, जांच-उपचार के साथ भेदभाव समाप्त करने पर जोर

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026। राजधानी दिल्ली में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समयबद्ध जांच एवं समुचित उपचार को प्रोत्साहित करने तथा एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने व्यापक जनजागरूकता अभियान को गति प्रदान की है। दिल्ली राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (DSACS) के माध्यम से संचालित सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) अभियान के अंतर्गत युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों, समुदायों और सामाजिक संगठनों तक एचआईवी से संबंधित प्रमाणित जानकारी पहुंचाई जा रही है। अभियान का प्रमुख संदेश ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रोहिणी स्थित डॉ. बी.एस.ए. अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक विद्यार्थियों, गैर-सरकारी संगठनों, सहयोगी संस्थाओं एवं सामुदायिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर युवाओं और समुदायों को एचआईवी के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें जनजागरूकता अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता रैली भी निकाली गई। एचआईवी जागरूकता स्वास्थ्य के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी विषय – डॉ. पंकज कुमार सिंहस्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि एचआईवी के प्रति जागरूकता केवल स्वास्थ्य से संबंधित विषय नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक उत्तरदायित्व से भी जुड़ा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को एचआईवी के संबंध में सही जानकारी, समय पर जांच, समुचित उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि एचआईवी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और गलत धारणाओं का निराकरण आवश्यक है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एचआईवी के साथ जीवन जी रहे किसी व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के कारण भेदभाव, उपेक्षा अथवा सामाजिक तिरस्कार का सामना न करना पड़े। युवाओं की सहभागिता पर विशेष बलस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जागरूक एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और समुदायों से अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार से संबंधित वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता से जागरूकता का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। दो माह तक चलेगा व्यापक जनजागरूकता अभियानदिल्ली सरकार के अनुसार, आगामी दो माह तक राजधानी के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत एचआईवी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच, उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के अंतर्गत एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की जाएगी। कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों तक पहुंचेगा जागरूकता संदेशअभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों, कॉलोनियों एवं झुग्गी-बस्तियों में जागरूकता बैठकें, लोक प्रस्तुतियां, विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर कार्यक्रम, फ्लैश मॉब, जागरूकता रैलियां तथा घर-घर संपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त एचआईवी जागरूकता एवं जांच शिविर भी लगाए जाएंगे। डिजिटल माध्यमों तथा सामाजिक संचार माध्यमों से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों के सहयोग से भी एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार से संबंधित संदेश को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा। दिल्ली में 14.29 लाख एचआईवी जांचें, 5,570 मामले मिले संक्रमितराष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में दिल्ली में 14 लाख 29 हजार एचआईवी जांचें की गईं। इनमें 5,570 मामले एचआईवी संक्रमित पाए गए। वर्तमान में दिल्ली के 12 एंटीरेट्रोवायरल उपचार (ART) केंद्रों पर एचआईवी/एड्स के साथ जीवन जी रहे 44 हजार 546 लोगों का नियमित उपचार एवं देखभाल की जा रही है। सरकार के अनुसार, लक्षित प्रयासों के माध्यम से चिन्हित उच्च जोखिम वाले समूहों में से 92.13 प्रतिशत लोगों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। 87 रेड रिबन क्लब युवाओं में बढ़ा रहे जागरूकतादिल्ली के महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में एचआईवी जागरूकता के लिए 87 रेड रिबन क्लब संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से युवाओं को एचआईवी संक्रमण से बचाव, जांच, उपचार और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एचआईवी से संबंधित सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए ‘संपूर्ण सुरक्षा केंद्र’ भी स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही नए मामलों की शीघ्र पहचान, समुदाय-आधारित जांच, चलित जांच सेवाओं और एकीकृत स्वास्थ्य शिविरों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। 8,047 लाभार्थियों को मिल रही आर्थिक सहायतादिल्ली सरकार द्वारा DSACS के माध्यम से संचालित विशेष योजना के अंतर्गत एचआईवी के साथ जीवन जी रहे पात्र लोगों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। वर्तमान में योजना के अंतर्गत 8,047 लाभार्थी सम्मिलित हैं। इस योजना में एचआईवी/एड्स के साथ जीवन जी रहे लोगों के अतिरिक्त एचआईवी संक्रमित बच्चों तथा एचआईवी/एड्स से प्रभावित अथवा संक्रमित अनाथ एवं बेसहारा बच्चों सहित विभिन्न श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया है। भेदभाव समाप्त कर संवेदनशील वातावरण बनाने पर जोरदिल्ली सरकार ने एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाने और भेदभाव समाप्त करने को अभियान का महत्वपूर्ण अंग बनाया है। सरकार का कहना है कि एचआईवी से संबंधित भ्रांतियां और सामाजिक कलंक लोगों को जांच एवं उपचार के लिए आगे आने से रोक सकते हैं। इसीलिए अभियान के माध्यम से प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ समाज में एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति सम्मानजनक, संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार का संदेश भी दिया जा रहा है। ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्यदिल्ली सरकार के सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान का उद्देश्य ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ संदेश को राजधानी के प्रत्येक वर्ग और समुदाय तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से एचआईवी की रोकथाम, समय पर जांच, समुचित उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एचआईवी से संबंधित सही एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति भय, अज्ञानता अथवा सामाजिक कलंक के कारण जांच एवं उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच, समुचित उपचार और सामाजिक संवेदनशीलता के सामूहिक प्रयासों से