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आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई सिर्फ आम आदमी पार्टी लड़ रही है – अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 09 अगस्त 2026। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश के आदिवासी समाज को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय अगर किसी समाज के साथ हुआ है, तो वह आदिवासी समाज है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश की अलग-अलग सरकारों और राजनीतिक दलों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन को उनसे छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया। आदिवासी समाज के साथ लंबे समय से अन्याय का आरोपअरविंद केजरीवाल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देश ने पिछले 75 वर्षों में बहुत तरक्की की है। देश के अलग-अलग वर्गों और समाजों के लोगों ने विकास किया है, लेकिन आदिवासी समाज आज भी कई मूलभूत अधिकारों और सुविधाओं से पीछे है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को आगे बढ़ने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, आदिवासी समाज के पास जो प्राकृतिक संसाधन हैं, वे उनके जीवन और अधिकारों से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद इन संसाधनों पर दूसरे लोगों और बड़ी कंपनियों का कब्जा बढ़ता गया। जल, जंगल और जमीन आदिवासियों का अधिकारकेजरीवाल ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आदिवासी समुदाय पीढ़ियों से जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के साथ जुड़कर अपना जीवन बिताता आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने आदिवासी समाज के संसाधनों को उनसे दूर कर दिया। बड़ी-बड़ी कंपनियों को जमीन और प्राकृतिक संसाधनों का लाभ दिया गया, जबकि जिन लोगों का इन क्षेत्रों से वर्षों पुराना संबंध है, उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। पेसा कानून लागू नहीं करने का आरोपअरविंद केजरीवाल ने पेसा कानून का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन सरकारें कई बार ग्रामसभा से पर्याप्त राय लिए बिना ही फैसले लेती हैं। केजरीवाल का कहना था कि पेसा कानून बनाया गया, लेकिन उसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले वहां के लोगों और ग्रामसभा की बात सुनी जानी चाहिए। चैतर वसावा को लेकर भी उठाई आवाजकेजरीवाल ने आदिवासी नेता चैतर वसावा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं और उनके अनुसार इसी वजह से उन्हें एक झूठे मामले में जेल में रखा गया है। केजरीवाल ने कहा कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने उनके जल्द जेल से बाहर आने की कामना की और लोगों से उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की। आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के साथअरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज उठाने के कारण आम आदमी पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को संघर्ष करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य आदिवासी समाज को उनके अधिकार दिलाना है, ताकि वे अपने जल, जंगल और जमीन से जुड़े फैसलों में अपनी भूमिका निभा सकें। ग्रामसभा की आवाज को महत्व देने की मांगकेजरीवाल ने कहा कि आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोगों की बात सुने बिना कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाना चाहिए। ग्रामसभा को मजबूत करना और स्थानीय लोगों की राय को महत्व देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन योजनाओं का सही तरीके से जमीन पर लागू होना भी जरूरी है। आदिवासी समाज को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिएअरविंद केजरीवाल ने कहा कि आदिवासी समाज भी देश का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जितना कोई दूसरा समाज। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ सभी लोगों तक पहुंचना चाहिए और आदिवासी समाज को भी शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सम्मान और अपने प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार मिलना चाहिए। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर केजरीवाल ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करना केवल आदिवासी समाज की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संदेशअरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर आदिवासी समाज की बात सुनी जानी चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस पर देश के सभी आदिवासी भाइयों और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सम्मान, अधिकार और बेहतर भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।