‘द इंडिया स्टोरी’ के जरिए ज़हरीली खेती और जनस्वास्थ्य पर उठे गंभीर सवाल, फिल्म की टीम ने लोगों से जागरूक होने की अपील

नई दिल्ली। आगामी फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ की टीम ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कीटनाशकों और रासायनिक खेती से जुड़े गंभीर मुद्दों को देश के सामने रखा। इस अवसर पर फिल्म की मुख्य अभिनेत्री काजल अग्रवाल, अभिनेता श्रेयस तलपड़े और निर्देशक चेट्टन डीके मौजूद रहे। तीनों ने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन के लिए नहीं बनाई गई है, बल्कि लोगों को उनके स्वास्थ्य, भोजन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास है। फिल्म का उद्देश्य किसानों के खिलाफ नहीं, बल्कि खतरनाक रसायनों के खिलाफ है – चेट्टन डीकेफिल्म के निर्देशक चेट्टन डीके ने स्पष्ट किया कि ‘द इंडिया स्टोरी’ का उद्देश्य किसानों को गलत ठहराना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उन हानिकारक रसायनों और कीटनाशकों के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाती है, जो धीरे-धीरे हमारी खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बन रहे हैं। चेट्टन डीके ने कहा कि आज लोग जो फल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ खाते हैं, उनमें कई बार ऐसे रसायन मौजूद होते हैं जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म का मकसद लोगों के बीच इस विषय पर चर्चा शुरू करना है ताकि हर परिवार अपने भोजन और स्वास्थ्य को लेकर अधिक जागरूक हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि यह फिल्म कुछ लोगों की सोच बदलने में भी सफल होती है, तो उनकी मेहनत सफल मानी जाएगी। हर माता-पिता को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए – श्रेयस तलपड़ेअभिनेता श्रेयस तलपड़े ने कहा कि यह फिल्म उनके दिल के बहुत करीब है। उन्होंने बताया कि एक पिता होने के नाते जब उन्होंने इस कहानी को समझा, तो उन्हें महसूस हुआ कि यह केवल एक फिल्म नहीं बल्कि समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। श्रेयस तलपड़े ने कहा कि अक्सर लोग यह नहीं जानते कि रोज उनकी थाली में पहुंचने वाला भोजन कितना सुरक्षित है। कई बार खाने में मौजूद हानिकारक रसायनों का असर धीरे-धीरे बच्चों और परिवार के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक इस फिल्म को केवल मनोरंजन के रूप में नहीं, बल्कि एक चेतावनी और जागरूकता के संदेश के रूप में भी देखेंगे। मां बनने के बाद इस फिल्म का महत्व और अधिक समझ आया – काजल अग्रवालफिल्म की मुख्य अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने कहा कि मां बनने के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की तैयारी शुरू की और इस विषय पर जानकारी जुटाई, तब उन्हें कई ऐसे तथ्य पता चले जो बेहद चौंकाने वाले और चिंता पैदा करने वाले थे। काजल अग्रवाल ने कहा कि यह फिल्म केवल कीटनाशकों या खाद्य मिलावट की कहानी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की बात करती है। उन्होंने कहा कि हर परिवार को यह समझना चाहिए कि सुरक्षित भोजन और स्वस्थ जीवन कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने खानपान के प्रति सजग रहें और स्वास्थ्य को सबसे बड़ी प्राथमिकता दें। जनस्वास्थ्य पर गंभीर बहस शुरू करने की कोशिशफिल्म की टीम का कहना है कि आज के समय में रासायनिक खेती और कीटनाशकों का मुद्दा केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय बन चुका है। इसलिए समाज में इस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। टीम ने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि उनके भोजन में क्या शामिल है और उसका उनके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। कलाकारों ने कहा कि यदि समाज इस विषय पर जागरूक होगा, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सुरक्षित जीवन मिल सकेगा। उनका मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी जरिया भी है। 24 जुलाई को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी ‘द इंडिया स्टोरी’ज़ी स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से बनी ‘द इंडिया स्टोरी’ का निर्देशन चेट्टन डीके ने किया है। फिल्म के लेखक और निर्माता सागर बी. शिंदे हैं। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश देने वाली फिल्मफिल्म की टीम का कहना है कि ‘द इंडिया स्टोरी’ केवल एक कहानी नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक प्रयास है। कलाकारों और निर्देशक ने उम्मीद जताई कि यह फिल्म लोगों को अपने भोजन, स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि लोग इस संदेश को समझेंगे और अपने जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य तैयार किया जा सकेगा।
पेपर लीक के मुद्दे पर सीजेपी के धरने के समर्थन में उतरी आम आदमी पार्टी, अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा

नई दिल्ली, 14 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के धरने का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य लगातार पेपर लीक की घटनाओं के कारण प्रभावित हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार को इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि वह देश की धरोहर हैं और उनका स्वस्थ रहना देश के लिए बहुत जरूरी है। पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन का आम आदमी पार्टी ने किया समर्थनअरविंद केजरीवाल ने कहा कि जंतर-मंतर पर कई दिनों से सीजेपी द्वारा पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है। इस आंदोलन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस आंदोलन और इसकी सभी मांगों का पूरा समर्थन करती है। उनका कहना था कि जब लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हो, तब किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक दल का कर्तव्य है कि वह छात्रों के साथ खड़ा हो। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के विश्वास से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देंआम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले पेपर लीक के मामलों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब लगातार परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और लाखों छात्र परेशान हो रहे हैं, तब केवल जांच कराने या बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी और ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे भविष्य में कोई भी परीक्षा प्रभावित न हो। केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करेअरविंद केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए केवल दोषियों को पकड़ना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पूरे परीक्षा तंत्र की समीक्षा करनी चाहिए और ऐसी मजबूत व्यवस्था तैयार करनी चाहिए जिससे प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि हर छात्र महीनों और वर्षों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करता है। यदि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो जाए तो मेहनती छात्रों के साथ अन्याय होता है। इसलिए सरकार का पहला दायित्व है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए। सोनम वांगचुक देश की धरोहर हैं, भूख हड़ताल समाप्त करेंअरविंद केजरीवाल ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे कई दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनकी तबीयत भी लगातार खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक देश की धरोहर हैं। देश को उनकी जरूरत है। इसलिए वे उनसे अनुरोध करते हैं कि अब अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें। उन्होंने कहा कि अपनी बात सरकार तक पहुंचाने और जनता के सामने रखने के कई लोकतांत्रिक तरीके हैं। उनका स्वास्थ्य देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 16 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करेंगे अरविंद केजरीवालअरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि वह 16 जुलाई, गुरुवार को शाम 5 बजे जंतर-मंतर पहुंचेंगे और वहां चल रहे आंदोलन में शामिल होकर अपना समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि वह आंदोलनकारियों से मुलाकात करेंगे और छात्रों के मुद्दे पर उनके साथ एकजुटता व्यक्त करेंगे। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी पहले से ही इस आंदोलन के साथ खड़ी है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी पहले ही जंतर-मंतर जाकर आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं। छात्रों के भविष्य से जुड़ा है यह मुद्दाअरविंद केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक का सबसे बड़ा नुकसान उन छात्रों को होता है जो दिन-रात मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जब परीक्षा रद्द होती है या प्रश्नपत्र लीक हो जाता है तो छात्रों की मेहनत, समय और मानसिक संतुलन पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए। यह केवल छात्रों का अधिकार ही नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी भी है। यदि परीक्षा प्रणाली मजबूत होगी तो युवाओं का भरोसा भी मजबूत होगा। आम आदमी पार्टी ने छात्रों के हित में उठाई आवाजआम आदमी पार्टी ने कहा कि वह छात्रों के भविष्य से जुड़े हर मुद्दे पर उनके साथ खड़ी रहेगी। पार्टी का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष बनाना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगती, तब तक छात्रों की चिंता खत्म नहीं होगी। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द ऐसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे और देश के युवाओं का विश्वास शिक्षा व्यवस्था पर बना रहे।