एमसीडी आयुक्त ने गोयला डेयरी सीबीजी प्लांट की प्रगति की समीक्षा की तथा वेस्ट जोन में प्रमुख ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का निरीक्षण किया

दिल्ली नगर निगमनई दिल्ली, 10 जुलाई, 2026 दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त श्री संजीव खिरवार ने आज नजफगढ़ क्षेत्र स्थित गोयला डेयरी सीबीजी प्लांट की व्यापक समीक्षा की तथा इसके बाद वेस्ट जोन में प्रमुख ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) सुविधाओं का निरीक्षण कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं अवसंरचना उन्नयन का जायजा लिया। गोयला डेयरी सीबीजी प्लांट के निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ नजफगढ़ क्षेत्र के उपायुक्त श्री शाश्वत सौरभ, मुख्य अभियंता श्री पी.सी. मीणा तथा एमसीडी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सीबीजी प्लांट को पशुओं के गोबर एवं नगर निगम के ठोस अपशिष्ट के प्रसंस्करण के माध्यम से जैव-गैस एवं जैविक खाद बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास निधि (यूडीएफ) के अंतर्गत किया जा रहा है। परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कार्यान्वयन एजेंसी को निर्देश दिए कि सभी लंबित सिविल, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल कार्यों को पर्याप्त संसाधनों की तैनाती के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना की प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाले सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजना निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो सके। आयुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना को हर हाल में 17 सितंबर, 2026 तक पूर्ण कर चालू करने के लिए तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पशुओं का गोबर आसपास के नालों में न बहने पाए तथा गोबर के समुचित संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखी जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य सुनिश्चित हो सके। इसके उपरांत आयुक्त ने वेस्ट जोन की प्रमुख ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत पंखा रोड स्थित फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) से हुई, जिसे जेएस एनवायरो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित एवं पुनर्निर्मित किया गया है। आयुक्त ने उन्नत अवसंरचना, परियोजना की ब्रांडिंग तथा परिचालन संबंधी तैयारियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर सुविधा केंद्र पर तैनात उन्नत वाहन बेड़े—जिनमें कंटेनर कैरियर, हुक लोडर, सड़क झाड़ू से एकत्रित अपशिष्ट के परिवहन हेतु आरसी वाहन, ऑटो टिप्पर तथा ई-रिक्शा शामिल हैं—का प्रदर्शन किया गया, जिससे अपशिष्ट संग्रहण एवं परिवहन क्षमता में हुए सुधार को प्रदर्शित किया गया। आयुक्त ने परिसर में किए गए हरित विकास, लैंडस्केपिंग एवं वृक्षारोपण की भी सराहना की। इसके पश्चात उन्होंने बीओटी फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) का निरीक्षण किया, जहां इसी प्रकार की उन्नत अवसंरचना, परियोजना ब्रांडिंग तथा परिचालन व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। आयुक्त ने परियोजना के अंतर्गत संचालित इलेक्ट्रिक वाहन बेड़े को सहयोग प्रदान करने हेतु स्थापित नए ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इस परिसर का भी लैंडस्केपिंग एवं वृक्षारोपण के माध्यम से सौंदर्यीकरण किया गया है। इसके बाद आयुक्त ने राजौरी गार्डन स्थित निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट संग्रहण स्थल का दौरा कर जेई स्टोर में लगाए गए वाटर स्प्रिंकलर तथा धूल नियंत्रण संबंधी अन्य उपायों का निरीक्षण किया। उन्होंने धूल उत्सर्जन को नियंत्रित करने एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा इन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित रखरखाव एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
अजमेर में स्थापित होगी 250 किलो काले पाषाण से बनी भगवान तिरुपति बालाजी की भव्य प्रतिमा, भगवान विष्णु के दसों अवतारों के होंगे दर्शन

अजमेर | 10 जुलाई 2026 राजस्थान के अजमेर शहर के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी धार्मिक और आध्यात्मिक सौगात आने वाली है। आदर्श नगर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भगवान तिरुपति बालाजी की एक अत्यंत सुंदर और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा अपनी अनूठी बनावट, बारीक नक्काशी और धार्मिक महत्व के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। खास बात यह है कि इस प्रतिमा में भगवान विष्णु के दसों अवतारों को भी अत्यंत आकर्षक ढंग से दर्शाया गया है। श्रद्धालु एक ही प्रतिमा में भगवान तिरुपति बालाजी के साथ भगवान विष्णु के सभी प्रमुख अवतारों के दर्शन कर सकेंगे। भुवनेश्वर में 90 दिनों की मेहनत से तैयार हुई प्रतिमाभगवान तिरुपति बालाजी की इस भव्य प्रतिमा को ओडिशा के भुवनेश्वर में तैयार किया गया है। अनुभवी शिल्पकारों ने लगभग 90 दिनों तक लगातार मेहनत करके इस प्रतिमा को बनाया। प्रतिमा को पारंपरिक भारतीय शिल्पकला के अनुसार हाथों से तराशा गया है। प्रत्येक आकृति और हर छोटी-बड़ी नक्काशी को बहुत ही सावधानी और सुंदरता के साथ तैयार किया गया है। अब यह प्रतिमा अजमेर पहुंच चुकी है और जल्द ही मंदिर में स्थापित की जाएगी। 250 किलो काले पाषाण से बनी है दिव्य प्रतिमायह प्रतिमा लगभग 250 किलो वजनी काले पाषाण से बनाई गई है। इसकी ऊंचाई करीब तीन फीट और चौड़ाई लगभग दो फीट है। काले पाषाण से बनी यह प्रतिमा देखने में बेहद आकर्षक और भव्य दिखाई देती है। पत्थर पर की गई बारीक कलाकारी भारतीय शिल्प परंपरा की उत्कृष्ट पहचान है। प्रतिमा को इस प्रकार बनाया गया है कि इसे देखने वाला हर श्रद्धालु इसकी सुंदरता और दिव्यता से प्रभावित हो जाए। एक ही प्रतिमा में भगवान विष्णु के दसों अवतारों के दर्शनइस प्रतिमा की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें भगवान विष्णु के दसों अवतारों को भी उकेरा गया है। भगवान मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध और भविष्य के कल्कि अवतार को सुंदर रूप में दर्शाया गया है। इससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर भगवान विष्णु के संपूर्ण दशावतारों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। यह विशेषता इस प्रतिमा को अन्य प्रतिमाओं से अलग और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है। शेषनाग के संरक्षण में विराजमान हैं भगवान बालाजीप्रतिमा में भगवान तिरुपति बालाजी को अत्यंत दिव्य स्वरूप में दिखाया गया है। उनके ऊपर सुंदर नक्काशी वाला तोरण और शेषनाग की आकृति बनाई गई है, जो भगवान नारायण की महिमा का प्रतीक है। पूरी प्रतिमा में भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक मंदिर कला की अद्भुत झलक देखने को मिलती है। दिल्ली के समाजसेवी अनुप मित्तल ने कराया निर्माणइस भव्य प्रतिमा का निर्माण दिल्ली निवासी समाजसेवी अनुप मित्तल ने अपने माता-पिता योगी मित्तल और सुषमा रानी मित्तल की पावन स्मृति में कराया है। उन्होंने श्रद्धा और सेवा की भावना से इस प्रतिमा को मंदिर को समर्पित किया है। यह कार्य उनके परिवार की धार्मिक आस्था और समाज के प्रति समर्पण को भी दर्शाता है। 11 और 12 जुलाई को होगा प्राण-प्रतिष्ठा समारोहआदर्श नगर स्थित शिव मंदिर में 11 और 12 जुलाई को भगवान तिरुपति बालाजी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच प्रतिमा की स्थापना होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा और पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा। 1942 से आस्था का केंद्र है यह शिव मंदिरअजमेर का आदर्श नगर शिव मंदिर वर्ष 1942 में स्थापित किया गया था। पिछले कई दशकों से यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अब भगवान तिरुपति बालाजी की प्रतिमा स्थापित होने के बाद मंदिर का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाएगा। इससे दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए यहां पहुंचेंगे। धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावामंदिर समिति का मानना है कि इस अनोखी प्रतिमा की स्थापना के बाद अजमेर में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। भगवान विष्णु के दसों अवतारों वाली यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। देश के विभिन्न राज्यों से लोग इस दिव्य प्रतिमा के दर्शन करने के लिए अजमेर आएंगे। अजमेर के आदर्श नगर शिव मंदिर में स्थापित होने जा रही भगवान तिरुपति बालाजी की 250 किलो वजनी काले पाषाण की प्रतिमा भारतीय कला, संस्कृति और धार्मिक आस्था का अद्भुत उदाहरण है। भगवान विष्णु के दसों अवतारों से सुसज्जित यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह मंदिर केवल अजमेर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और श्रद्धा का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बनने की ओर अग्रसर होगा।
इथेनॉल नीति को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, अक्षय लाकड़ा ने लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026। भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार की E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रायसीना रोड स्थित युवा कांग्रेस कार्यालय के बाहर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने किया। इस दौरान युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इस नीति के माध्यम से आम जनता को लाभ पहुंचाने के बजाय कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। अक्षय लाकड़ा ने कहा- इथेनॉल केवल बहाना है, सरकार अपने लोगों को लाभ पहुंचाना चाहती हैप्रदर्शन को संबोधित करते हुए दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता अच्छी तरह समझती है कि इथेनॉल का मुद्दा केवल एक बहाना है और सरकार का असली उद्देश्य कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाना है। अक्षय लाकड़ा ने आरोप लगाया कि जब सरकार ने E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देना शुरू किया था, तब दावा किया गया था कि इससे पेट्रोल की लागत कम होगी और आम लोगों को सस्ता ईंधन मिलेगा। लेकिन आज भी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लगभग उसी कीमत पर बिक रहा है, जिस कीमत पर पहले सामान्य पेट्रोल मिलता था। ईंधन सस्ता क्यों नहीं हुआ? अक्षय लाकड़ा ने सरकार से पूछा सवालअक्षय लाकड़ा ने कहा कि यदि इथेनॉल मिश्रण से उत्पादन लागत में कमी आई है, तो उसका लाभ आम उपभोक्ताओं तक क्यों नहीं पहुंचा? उन्होंने कहा कि सरकार को इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि जब लागत कम हुई तो पेट्रोल की कीमतों में कमी क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि जनता को सस्ता ईंधन देने का वादा किया गया था, लेकिन आज लोगों को न तो सस्ता पेट्रोल मिल रहा है और न ही कोई आर्थिक राहत मिल रही है। E20 से वाहनों के इंजन पर बढ़ेगा खर्च, जनता चिंतित है- अक्षय लाकड़ाअक्षय लाकड़ा ने कहा कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से देशभर में करोड़ों वाहन मालिकों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस ईंधन के कारण कई गाड़ियों के इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, जिससे मेंटेनेंस का खर्च बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि आम लोग पहले ही महंगाई से परेशान हैं और अब यदि उन्हें अपनी गाड़ियों की मरम्मत पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ेगा तो इससे उनकी आर्थिक मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। ‘आम आदमी की गाड़ी कोई प्रयोगशाला नहीं है’अपने संबोधन में अक्षय लाकड़ा ने कहा कि सरकार को जनता की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी की गाड़ी कोई प्रयोगशाला नहीं है, जिस पर नए-नए प्रयोग किए जाएं। उन्होंने मांग की कि यदि किसी नई नीति को लागू किया जाता है तो पहले उसके सभी प्रभावों का पूरी तरह अध्ययन किया जाए और जनता का विश्वास जीता जाए। उन्होंने सरकार से E20 नीति पर पुनर्विचार करने और लोगों की चिंताओं का समाधान करने की अपील की। बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन में हुए शामिलभारतीय युवा कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारी, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने केंद्र सरकार की E20 नीति के खिलाफ नारे लगाए और इस नीति को वापस लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता की आवाज़ नहीं सुनेगी तो युवा कांग्रेस भविष्य में भी इसी तरह लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी। केंद्र सरकार से नीति पर पुनर्विचार की मांगप्रदर्शन के अंत में भारतीय युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की कि E20 इथेनॉल नीति की पूरी समीक्षा की जाए। संगठन का कहना है कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिनसे आम जनता को वास्तविक लाभ मिले, ईंधन की कीमतों में राहत मिले और वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। युवा कांग्रेस ने कहा कि जनता से जुड़े हर फैसले में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि यदि सरकार इस मुद्दे पर ध्यान नहीं देती है तो वह देशभर में जनता की आवाज़ उठाने के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।