दिल्ली में कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगा नया नियामक ढांचा, छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष ध्यान – आशीष सूद

दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों को नियमित करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में संचालित होने वाले कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा तथा शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की।सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में पढ़ने आने वाले लाखों छात्रों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस नई व्यवस्था के तहत कोचिंग संस्थानों के संचालन, सुरक्षा, शुल्क, मानसिक स्वास्थ्य और छात्रों के कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा। ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना के बाद बढ़ी चिंताबैठक के दौरान वर्ष 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुई दुखद घटना का भी उल्लेख किया गया। इस हादसे में बाढ़ और बेसमेंट सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियों के कारण कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इसी घटना के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर.के. गौबा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को कोचिंग संस्थानों की कमियों की जांच कर सुधारात्मक सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौबा समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक होंगे नोडल अधिकारीबैठक के बाद शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार इस विषय को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों के लिए नीति और नियम तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। अब अलग-अलग विभागों द्वारा की जाने वाली निगरानी के स्थान पर एक समन्वित और प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी। कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदइस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, उच्च शिक्षा निदेशालय, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग सहित कई प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने कोचिंग संस्थानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य की कार्ययोजना पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए बनेगी बहु-विषयक समिति आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार एक बहु-विषयक समिति का गठन करेगी। यह समिति कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। समिति कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम करेगी, जिनमें शुल्क संरचना, छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और कर्मचारियों के कल्याण जैसे मुद्दे शामिल होंगे। शुल्क संरचना पर भी बनेगा नियमकोचिंग संस्थानों की फीस को लेकर छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। कई बार अत्यधिक फीस और अतिरिक्त शुल्क को लेकर विवाद भी होते हैं। नई नीति के तहत शुल्क संरचना को अधिक पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। छात्रों की सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकतासरकार द्वारा तैयार किए जा रहे नियामक ढांचे में छात्र सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया जाएगा। कोचिंग संस्थानों को भवन सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। इसके अलावा आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित बेसमेंट, स्वच्छ वातावरण और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को अनिवार्य बनाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि शिक्षा प्राप्त करने आने वाले छात्रों की सुरक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श पर रहेगा फोकसआज के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर मानसिक दबाव काफी बढ़ गया है। कई छात्र तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। इसे देखते हुए नई नीति में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श व्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा। कोचिंग संस्थानों को छात्रों के लिए उचित काउंसलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा सकते हैं। कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों का भी रखा जाएगा ध्याननई व्यवस्था केवल छात्रों तक सीमित नहीं होगी। कोचिंग संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाएगा। उनकी कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने, सुविधाएं उपलब्ध कराने और आवश्यक मानकों को निर्धारित करने पर भी समिति काम करेगी। शिकायत निवारण तंत्र होगा मजबूतसरकार कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों और वहां कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करेगी। इस व्यवस्था के माध्यम से कोई भी छात्र या कर्मचारी अपनी समस्या को आसानी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेगा। शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाएगा। नियमित निरीक्षण और निगरानी होगीदिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल नियम बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा। इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी बनाई जाएगी। जो संस्थान निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। देश का अग्रणी राज्य बनने की तैयारीआशीष सूद ने कहा कि दिल्ली देश का पहला अग्रणी राज्य बनने जा रहा है, जो कोचिंग संस्थानों के संचालन और छात्रों के समग्र विकास के लिए व्यापक दिशा-निर्देश लागू करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में देशभर से लाखों विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूपदिल्ली सरकार की यह पहल राजधानी की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है। यदि प्रस्तावित नियामक ढांचा प्रभावी रूप से लागू होता है तो इससे छात्रों की सुरक्षा बढ़ेगी, शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल छात्रों और अभिभावकों का विश्वास मजबूत करेगा बल्कि दिल्ली को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान भी दिलाएगा। यह संस्करण समाचार-पत्र शैली में, आसान हिंदी में और नामों के साथ विस्तार से तैयार किया गया है।
कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का जताया आभार, ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म दिल्ली में हुई टैक्स फ्री

12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी देशभक्ति और सेवा की भावना से जुड़ी फिल्म नई दिल्ली। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की रिलीज से पहले इसकी टीम पूरे देश में एक विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत उन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है जो बिना किसी प्रसिद्धि और पहचान की इच्छा के समाज और देश की सेवा में लगातार लगे हुए हैं। फिल्म की टीम का मानना है कि देश केवल बड़े नेताओं, अधिकारियों या मशहूर लोगों से नहीं बनता, बल्कि उन लाखों सामान्य लोगों से भी बनता है जो हर दिन अपना कर्तव्य निभाकर समाज को बेहतर बनाने का काम करते हैं। इन्हीं लोगों को सम्मान देने के उद्देश्य से देश के अलग-अलग शहरों में विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जा रही है। भुवनेश्वर और रायपुर के बाद दिल्ली पहुंचा अभियानफिल्म की टीम इससे पहले भुवनेश्वर और रायपुर में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है। वहां भी कई ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने समाज और देश के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।इसके बाद यह अभियान देश की राजधानी दिल्ली पहुंचा, जहां फिल्म की एक भव्य और विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में फिल्म से जुड़े कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सरकारी अधिकारियों और कई गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की बड़ी घोषणाफिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिल्म को ध्यान से देखा। फिल्म देखने के बाद उन्होंने कहा कि यह केवल एक मनोरंजन फिल्म नहीं है, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली एक प्रेरणादायक फिल्म है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘भारत भाग्य विधाता’ को दिल्ली में टैक्स फ्री किया जाएगा। उनके इस फैसले का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए जो देशभक्ति, सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती हैं। टैक्स फ्री होने से ज्यादा लोग फिल्म देख सकेंगे और इसके संदेश को समझ पाएंगे। कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री का किया धन्यवादइस अवसर पर कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बेहद व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद फिल्म की स्क्रीनिंग में शामिल होकर उनका उत्साह बढ़ाया है। कंगना ने कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ समय में विकास और प्रशासन के क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे जनता के मुद्दों को गंभीरता से सुनती हैं और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करती हैं। कंगना ने कहा, “मैं अपनी पूरी फिल्म टीम की ओर से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दिल से धन्यवाद करती हूं। जब मैंने उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया तो उन्होंने तुरंत सहमति दे दी। यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है।” रेखा गुप्ता ने कंगना रनौत की प्रशंसा कीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कंगना रनौत के काम और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कंगना केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं हैं, बल्कि संसद में भी लोगों की आवाज को मजबूती से उठाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंगना ने अपने फिल्मी करियर में कई अलग-अलग विषयों पर काम किया है और उनकी नई फिल्म भी समाज को प्रेरित करने वाली है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का अर्थ केवल सीमा पर देश की रक्षा करना नहीं है। जो लोग अपने रोजमर्रा के काम के माध्यम से समाज की सेवा करते हैं, वे भी सच्चे देशभक्त हैं। यह फिल्म इसी सोच को आगे बढ़ाती है। अनदेखे नायकों को दिया गया सम्मानकार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उन लोगों का सम्मान था जो समाज के लिए महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं लेकिन अक्सर चर्चा में नहीं आते। इनमें सफाई कर्मचारी, नर्स, वार्ड बॉय, सुरक्षा गार्ड, पुलिसकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल थे। इन सभी लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी समाज की सेवा जारी रखी है। फिल्म की टीम ने कहा कि कोरोना महामारी से लेकर अन्य आपात परिस्थितियों तक इन लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाया है। इसलिए इन्हें सम्मान देना समाज का कर्तव्य है। दिल्ली के रियल लाइफ हीरोज बने कार्यक्रम का आकर्षणदिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में कई ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिन्हें फिल्म की टीम ने ‘रियल लाइफ हीरो’ बताया। सम्मान पाने वालों में निशी पाठक, पुष्पा, सुमन, मेनका, नम्रता यादव, नीति शर्मा, बीके खुराना और शशि लाल शामिल थे। इन सभी को मंच पर बुलाकर ‘भारत भाग्य विधाता’ बैज प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना की। सम्मानित किए गए लोगों ने भी कहा कि यह सम्मान उनके लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है और इससे उन्हें आगे भी समाज सेवा करने की शक्ति मिलेगी। कई केंद्रीय मंत्री भी रहे मौजूदइस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और नेता भी शामिल हुए। इनमें अन्नपूर्णा देवी, गजेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. राज भूषण चौधरी, प्रताप राव जाधव, गिरिराज सिंह और आशीष सूद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने फिल्म के विषय और उसके संदेश की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समाज के वास्तविक नायकों को सम्मानित करने की यह पहल सराहनीय है और इससे लोगों को सकारात्मक प्रेरणा मिलेगी। समाज को नया संदेश देती है फिल्मफिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का मुख्य संदेश यह है कि देश का निर्माण केवल सरकारों या बड़ी संस्थाओं द्वारा नहीं होता, बल्कि आम नागरिकों के योगदान से भी होता है। फिल्म यह दिखाने का प्रयास करती है कि हर व्यक्ति अपने काम और जिम्मेदारी के माध्यम से देश को मजबूत बनाने में योगदान दे सकता है। चाहे वह शिक्षक हो, डॉक्टर हो, सफाई कर्मचारी हो, किसान हो या फिर कोई अन्य नागरिक, हर व्यक्ति देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिल्म निर्माण से जुड़े प्रमुख नामफिल्म को डॉ. जयंतीलाल गड़ा के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया है। इसका निर्माण पेन स्टूडियोज, मणिकर्णिका फिल्म्स और परमहंस क्रिएशंस द्वारा संयुक्त रूप से