निगम में ठेकेदारी के विरुद्ध खोलेंगे मोर्चा संजय गहलोत

दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन संजय गहलोत निगम में हाल ही में उत्पन्न ठेकेदारी के खिलाफ वे मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। संजय गहलोत ने कहा कि संज्ञान में आया है कि निगम ने कुछ सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों के अधीनस्थ कार्य करने हेतु टेंडर जारी कर दिया है, और प्राइवेट सफाई कर्मचारी प्रत्येक ज़ोन में कार्य करते हुए देखे जा रहे हैं। संजय गहलोत के मुताबिक दशकों से पीढ़ी दर पीढ़ी विशेष समुदाय के लोग सफाई कार्य मे कार्यरत है जिससे उनका जीवन यापन हो रहा है । उन्होंने कहा कि जिस समय मल मूत्र से भरे हुए ड्रम अपने हाथों से कर्मचारी ढ़लावघरों तक पहुंचाया करते थे और वहां से मजनूं का टीला के आस पास खाली करके बाद में ड्रम की धुलाई करके वापस उसी स्थान पर रखा करते थे, उस समय किसी ने कल्पना भी नही की थी सफाई कार्य को ठेके पर करवाने की। चूंकि विशेष समुदाय के लोग ही अपनी जान पर खेलकर इस घ्रणित कार्य को करते थे, लेकिन अब जिस प्रकार बदलते माहौल में कुछ टेक्निकल कार्य हुआ है तो निगम कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत कार्य करवाने हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाए लागू की जा रही है। दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन संजय गहलोत ने कहा कि इस विषय मे निगम को कानूनन आयोग को भी अवगत करवाना चाहिए परन्तु एकतरफा निर्णय लेकर कर्मचारियों पर गाज़ गिराई जा रही है जो कि क़ानूनों की अवहेलना है ,लिहाजा अब मजबूर होकर कर्मचारियों की रक्षा सुरक्षा और उनके न्यायोचित अधिकार हेतु लामबंद होना पड़ेगा जिसमे सम्पूर्ण रूप से काम बंद हड़ताल एवं दिल्ली का चक्का जाम करना इत्यादि भी शामिल रहने वाला है।
केरल में एलडीएफ सरकार पैंसे, लॉटरी और शराब पर निर्भर, UDF का मुद्दा केरल 2.0

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार राज्य को प्रवासियों की ओर से भेजे गए पैंसे (रेमिटेंस), लॉटरी और शराब पर निर्भर बनाए रख रही है। इस तरह की व्यवस्था आगे नहीं चल सकती। उन्होंने कहा, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के लिए यह एक अहम मुद्दा है, जो पिछले एक दशक से सत्ता से बाहर है। उन्होंने एलडीएफ सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया। थरूर ने कहा कि राज्य सरकार के पास सितंबर तक वेतन देने के लिए पैसे खत्म हो जाते हैं और उसे भुगतान करने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। हमारे पास एक बहुत ही सकारात्मक संदेशजब पूछा गया कि क्या कांग्रेस का मुख्य मुद्दा पिनरई विजयन सरकार के खिलाफ सत्ता की नाराजगी होगा, तो शशि थरूर ने कहा, नहीं, मुझे लगता है कि हमारा मुद्दे इससे कहीं ज्यादा बेहतर और आगे की सोच वाला है। यह केरल 2.0 के बारे में है। थरूर ने कहा, हां, सरकार के खिलाफ लोगों में कुछ नाराजगी है। हमारे अभियान के प्रमुख नारों में से एक यह है कि अब समय आ गया कि सरकार ने जो भी गलत काम किए हैं, उनका हिसाब लिया जाए। इसके अलावा हमारे पास एक बहुत ही सकारात्मक संदेश भी है। उदाहरण के लिए , महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा से लेकर बेहतर पेंशन भुगतान तक हमने पांच खास गारंटी देने की बात की है, जिसे वाम मोर्चा सरकार लगातार पूरा करने में असफल रही है।
पीएम मोदी ने पांच देशों के नेताओं से की बातचीत, भारत ने शांति और संवाद पर जोर

पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और बढ़ती सैन्य तनातनी के बीच भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के पांच प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बात कर भारत का रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री ने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं के साथ मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। जल्द से जल्द शांति की बहाली करनाप्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान से भी बात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। भारत का प्राथमिक उद्देश्य फिलहाल तनाव को कम करना और क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति की बहाली करना है।