द्रौपदी मुर्मु ने अयोध्या में किया श्रीराम यंत्र स्थापित, योगी आदित्यनाथ बोले– ‘रामराज्य की अनुभूति’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू मैया अयोध्या धाम को पवित्र करते हुए अपने निर्मल जल से पूरे क्षेत्र को पवित्र करती हैं। रामराज्य की अनुभूति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह पीढ़ी नववर्ष पर ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। रामराज्य की अनुभूति कर रहेमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व-मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, रामदरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजा आरोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है और यही भारत की आस्था है। सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा, कहा कि आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे। नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण-कन्हैया के मथुरा-वृंदावन की बात करना अंधविश्वास का पर्याय था। लेकिन जो आस्था 500 वर्ष तक निरंतर बनी रही, संघर्षों का मुकाबला करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी। आस्था को अपमानित करने वाली सत्ता के खिलाफ संघर्ष निरंतर जारी रहा। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस रूप में सबके सामने है। सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का प्रतीक बन गया है। यह रामराज्य की आधारशिला भी है। दुनिया में तमाम युद्ध चल रहे हैं, अव्यवस्था, आर्थिक अराजकता, भय-आतंक है और अयोध्याधाम में हजारों की संख्या में उपस्थित हम लोग भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के अभिवादन और श्रीराम यंत्र की स्थापना कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं।
विजेंद्र गुप्ता ने लॉन्च किया ‘विधान साथी’, दिल्ली विधानसभा में तकनीक से बढ़ेगी कामकाज की रफ्तार

सरिता साहनीनई दिल्ली, 19 मार्च 2026 दिल्ली विधानसभा ने अपने कामकाज को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ‘विधान साथी’ नाम के एक एआई चैटबॉट को लॉन्च किया है। यह नई सुविधा आगामी बजट सत्र से लागू की जाएगी, जिससे विधायकों को काम करने में काफी आसानी होगी। क्या है ‘विधान साथी’ और कैसे करेगा मदद‘विधान साथी’ एक एआई आधारित डिजिटल सहायक है, जिसे खासतौर पर विधायकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अक्सर विधायकों को कम समय में बड़े और जटिल विषयों को समझना होता है। ऐसे में यह चैटबॉट उन्हें तुरंत सही और आसान जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसकी मदद से विधायक किसी भी बिल, रिपोर्ट या दस्तावेज को जल्दी समझ सकते हैं। अगर कोई सदस्य किसी दस्तावेज का स्क्रीनशॉट अपलोड करता है, तो ‘विधान साथी’ उसका विश्लेषण करके मुख्य बातें समझा देगा। इससे सदन में होने वाली चर्चा ज्यादा तथ्यपूर्ण और प्रभावी हो सकेगी। विधायकों को मिलेगा त्वरित और सटीक डेटाइस प्लेटफॉर्म में विधानसभा के पुराने रिकॉर्ड, बहसें, समिति रिपोर्ट और कानूनों से जुड़ा डेटा शामिल किया गया है। यानी विधायकों को एक ही जगह पर पूरी जानकारी मिल जाएगी। ‘विधान साथी’ का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं है, बल्कि जटिल विषयों को आसान भाषा में समझाना भी है। इससे विधायक अपनी बात को ज्यादा स्पष्ट और मजबूती से रख पाएंगे। इस्तेमाल करना होगा बेहद आसानविधानसभा के हर सदस्य की सीट पर एक क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिसे स्कैन करके ‘विधान साथी’ का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा एक लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे इसे बिना किसी अतिरिक्त डाउनलोड के सीधे खोला जा सकेगा। यह सुविधा केवल 70 विधायकों के लिए सुरक्षित रूप से उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि यह हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में काम करेगा और इसमें वॉइस फीचर भी होगा, जिससे इसे बोलकर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। ‘विधान साथी’ नहीं लेगा निर्णय, सिर्फ करेगा मददविधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने साफ किया कि यह चैटबॉट विधायकों के निर्णय की जगह नहीं लेगा। यह सिर्फ उनकी मदद के लिए बनाया गया है, ताकि वे बेहतर तरीके से जानकारी समझ सकें और चर्चा में भाग ले सकें। आगे चलकर इसे राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के साथ भी जोड़ा जाएगा, जिससे विधानसभा का पूरा सिस्टम और ज्यादा डिजिटल और पेपरलेस बन सके। 23 मार्च से शुरू होगा बजट सत्रविजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 मार्च से शुरू होगा। इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जैसे समिति रिपोर्ट, सीएजी से जुड़े विषय और अन्य विधायी काम। इस बार एक खास बदलाव भी किया गया है। अब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गीत का पूरा गायन किया जाएगा, जिससे सदन में एकता और भावना को मजबूती मिलेगी। दिल्ली विधानसभा बनी सौर ऊर्जा से चलने वाली संस्था“विरासत भी, विकास भी” के संदेश को आगे बढ़ाते हुए विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा अब पूरी तरह सौर ऊर्जा पर चलने वाली संस्था बन गई है। इसकी क्षमता को बढ़ाकर करीब 800 किलोवाट तक किया जा रहा है। इसके साथ ही पिछले दो सत्रों से विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस तरीके से चल रही है, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। नवरात्रि और हिंदू नववर्ष पर खास सजावटआने वाले हिंदू नववर्ष और नवरात्रि के मौके पर दिल्ली विधानसभा को केसरिया रोशनी से सजाया जाएगा। यह रंग ऊर्जा, आस्था और नए संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर विजेंद्र गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला वर्ष सभी के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए। कुल मिलाकर ‘विधान साथी’ का लॉन्च दिल्ली विधानसभा के लिए एक बड़ा और आधुनिक कदम है। इससे न केवल विधायकों का काम आसान होगा, बल्कि सदन की कार्यवाही भी ज्यादा प्रभावी और तथ्यपूर्ण बनेगी। तकनीक के इस उपयोग से भविष्य में शासन व्यवस्था और भी पारदर्शी और मजबूत होने की उम्मीद है।