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आशीष सूद ने ‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित

सरिता साहनी दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने युवाओं को देश का सबसे बड़ा ताकत बताते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। दिल्ली के डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित ‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से सीधे संवाद किया और उन्हें अपने भविष्य के साथ-साथ देश के भविष्य के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बनता, बल्कि युवाओं के संकल्प, मेहनत और जिम्मेदारी से आगे बढ़ता है। कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ना है। आशीष सूद ने कहा कि यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहां से देश के भविष्य की दिशा तय होती है। यहां से युवाओं को यह समझने का मौका मिलता है कि वे देश के विकास में क्या योगदान दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे खुद को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और देश के लिए भी सोचें। युवाओं को बताया देश का भविष्यकार्यक्रम में बोलते हुए आशीष सूद ने कहा कि आज का युवा ही कल का भारत बनाएगा। उन्होंने कहा कि जब भारत 2047 में अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब आज के युवा ही देश को उस मुकाम तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे खुद को केवल विद्यार्थी न समझें, बल्कि देश के “वास्तुकार” और “निर्माता” के रूप में देखें।अमृत काल और 2047 का सपना आशीष सूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बताए गए ‘अमृत काल’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह समय भारत के लिए बहुत खास है। उन्होंने कहा कि इस समय का लक्ष्य है कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए और यह जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी के कंधों पर है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस लक्ष्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और पूरी मेहनत से इसे पूरा करने की कोशिश करें। ‘वंदे मातरम्’ से मिली प्रेरणाकार्यक्रम के दौरान आशीष सूद ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल एक गाना नहीं, बल्कि देशभक्ति और बलिदान की भावना का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के समय इसने लोगों में नई ऊर्जा और जोश भरा था। उन्होंने युवाओं से कहा कि उसी भावना के साथ उन्हें आज देश को विकसित बनाने के लिए आगे आना होगा। दिल्ली सरकार की योजनाएं और युवाओं की भूमिकाआशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि युवा केवल दर्शक न रहें, बल्कि देश के विकास में भागीदारी निभाएं और नेतृत्व भी करें। खेल, शिक्षा और नीति निर्माण जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ‘माई भारत’ पहल से बढ़ रही युवा शक्तिआशीष सूद ने ‘माई भारत’ पहल का भी जिक्र किया, जिसे केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में सेवा भावना और देश के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ाना है। उन्होंने गर्व से कहा कि ‘माई भारत बजट क्वेस्ट 2026’ में दिल्ली के लगभग 45 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया, जो यह दिखाता है कि दिल्ली का युवा जागरूक और जिम्मेदार है। बजट में युवाओं की भागीदारी जरूरीआशीष सूद ने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह लोगों की उम्मीदों और जरूरतों को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने सुझाव दें, ताकि आने वाले बजट में उनकी बातों को शामिल किया जा सके। इससे सरकार को सही दिशा में काम करने में मदद मिलेगी और योजनाएं ज्यादा प्रभावी बनेंगी। ‘राष्ट्रनीति’ पाठ्यक्रम की खास पहलआशीष सूद ने दिल्ली के स्कूलों में शुरू किए गए ‘राष्ट्रनीति’ पाठ्यक्रम के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनना भी सिखाता है।इसमें ट्रैफिक नियम, समाज के प्रति जिम्मेदारी, महिलाओं के प्रति सम्मान और देश के प्रति कर्तव्य जैसी बातें सिखाई जाती हैं। युवाओं के लिए खास संदेशकार्यक्रम के अंत में आशीष सूद ने युवाओं से कहा कि वे खुद से यह सवाल जरूर करें कि 2047 में जब भारत 100 साल का होगा, तब उनका देश के लिए क्या योगदान होगा। उन्होंने कहा कि हर युवा को यह तय करना चाहिए कि वह देश के लिए समस्या नहीं, बल्कि समाधान बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर बड़ा बदलाव छोटे-छोटे कदमों से शुरू होता है, इसलिए आज से ही अपने अंदर बदलाव लाना जरूरी है। कुल मिलाकर, ‘विकसित भारत – युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम युवाओं को जागरूक बनाने और उन्हें देश के विकास से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। आशीष सूद ने अपने संबोधन में यह साफ कर दिया कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है। अगर युवा सही दिशा में मेहनत करें और देश के लिए सोचें, तो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली की जिम्मेदारी छोड़ स्वागत को दी प्राथमिकता – सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप

सरिता साहनी दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब दिल्ली में लोग दुख और परेशानी का सामना कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय भाजपा नेता के स्वागत में व्यस्त थीं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं। रूपनगर में पुल गिरने की दुखद घटनासौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली के रूपनगर इलाके में लोहे का एक पुल अचानक गिर गया। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना बहुत गंभीर होती है और इसमें सरकार को तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी चाहिए। मुख्यमंत्री को खुद वहां जाकर हालात देखने चाहिए थे, अधिकारियों से बात करनी चाहिए थी और पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा देना चाहिए था। लेकिन आरोप है कि मुख्यमंत्री वहां नहीं गईं और इस कारण लोगों में नाराजगी है। एयरपोर्ट पर स्वागत करने को लेकर विवादसौरभ भारद्वाज ने कहा कि उसी समय मुख्यमंत्री नितिन नबीन के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन का राज्यसभा सांसद बनना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों का एयरपोर्ट जाना जरूरी नहीं था।उनका कहना है कि जब शहर में इतना बड़ा हादसा हुआ हो, तब मुख्यमंत्री का वहां मौजूद रहना ज्यादा जरूरी था। उन्होंने इसे गलत प्राथमिकता बताया। वजीरपुर में हत्या की घटना पर भी सवालसौरभ भारद्वाज ने वजीरपुर की एक और घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां ड्रग माफिया के हमले में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस व्यक्ति के पीछे एक परिवार है और उसकी तीन छोटी-छोटी बेटियां हैं, जिनकी जिंदगी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस परिवार से मिलना चाहिए था, उनका दुख समझना चाहिए था और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कानून व्यवस्था पर उठे बड़े सवालसौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारियों के बयान सामने आए हैं, जिनमें कहा गया है कि जब पुलिस ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो ऊपर से दबाव आ जाता है और अपराधियों को छोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर यह सच है, तो यह बहुत गंभीर मामला है और इससे साफ होता है कि अपराधियों के खिलाफ सही कार्रवाई नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान करना होता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री का काम एयरपोर्ट जाकर स्वागत करना है या फिर उन जगहों पर जाना है जहां लोग परेशानी में हैं? उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में कई हादसे हो रहे हैं—कहीं पुल गिर रहा है, कहीं हत्या हो रही है, कहीं लोग दुर्घटनाओं में जान गंवा रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को और ज्यादा सक्रिय होना चाहिए। नितिन नबीन से भी मांगा जवाबसौरभ भारद्वाज ने नितिन नबीन से भी इस मामले पर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अब जब वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि दिल्ली की मुख्यमंत्री और मंत्री अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा रहे हैं या नहीं। उन्होंने उनसे अपील की कि वे इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करें। यह मामला अब दिल्ली की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ यह बहस हो रही है कि संकट के समय नेताओं को क्या करना चाहिए। सौरभ भारद्वाज का कहना है कि जनता की समस्याएं सबसे पहले आनी चाहिए और सरकार को हर हाल में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है और सरकार क्या कदम उठाती है।

दिल्ली में शुरू हुआ कांग्रेस का नेशनल टैलेंट हंट, अब हर युवा को मिलेगा अपनी बात रखने का बड़ा मौका – देवेन्द्र यादव की नई पहल

सरिता साहनी दिल्ली में युवाओं के लिए एक बड़ा और नया मौका सामने आया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कांग्रेस पार्टी के नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम को दिल्ली में शुरू किया है। इस कार्यक्रम का मकसद है कि ऐसे युवाओं को आगे लाया जाए, जो देश और समाज के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखना चाहते हैं और राजनीति में कुछ करना चाहते हैं। आज के समय में बहुत से युवा जागरूक हैं, उन्हें देश की समस्याओं की समझ है, लेकिन उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए सही मंच नहीं मिलता। इस पहल के जरिए कांग्रेस पार्टी ऐसे युवाओं को एक मजबूत प्लेटफॉर्म देना चाहती है। नेशनल टैलेंट हंट क्या है और इसका उद्देश्य क्या हैभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का यह नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जा रहा है। अब इसे दिल्ली में भी शुरू कर दिया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को खोजा जाए, जो अपनी सोच को साफ और मजबूत तरीके से रख सकते हैं। साथ ही, जो समाज और देश की समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के बारे में सोचते हैं। देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है कि नई पीढ़ी आगे आए और लोकतंत्र को मजबूत बनाए। यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आवेदन करना बहुत आसान, हर युवा ले सकता है हिस्साइस कार्यक्रम की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें शामिल होना बहुत आसान है। देवेन्द्र यादव ने बताया कि कोई भी युवा क्यूआर कोड स्कैन करके ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है, सब कुछ मोबाइल या इंटरनेट के जरिए किया जा सकता है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 अप्रैल 2026 रखी गई है। इसलिए सभी इच्छुक युवाओं से कहा गया है कि वे समय रहते आवेदन करें और इस मौके को हाथ से न जाने दें। चयन की प्रक्रिया होगी पूरी तरह साफ और आसानइस कार्यक्रम में युवाओं का चयन एक तय और साफ प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। सबसे पहले जिला स्तर पर आवेदन करने वालों को देखा जाएगा। वहां से चुने गए उम्मीदवारों को राज्य स्तर पर बुलाया जाएगा। इसके बाद सबसे अच्छे उम्मीदवारों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिलेगा। इस पूरी प्रक्रिया को संभालने के लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है। इसमें अनिल भारद्वाज को कन्वीनर और अनुज आत्रेय को को-कन्वीनर बनाया गया है। यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि चयन पूरी तरह निष्पक्ष और योग्यता के आधार पर हो। युवाओं को किन-किन क्षेत्रों में मिलेगा काम करने का मौकाइस टैलेंट हंट के जरिए युवाओं को तीन मुख्य भूमिकाओं में काम करने का मौका दिया जाएगा। पहला है प्रवक्ता, जहां युवा मीडिया और जनता के सामने पार्टी की बात रखेंगे। दूसरा है रिसर्च कोऑर्डिनेटर, जहां वे विभिन्न मुद्दों पर जानकारी जुटाएंगे और उसे समझेंगे। तीसरा है पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर, जहां वे पार्टी के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। इन तीनों भूमिकाओं के जरिए युवा राजनीति को करीब से समझ सकेंगे और अपनी क्षमता को साबित कर सकेंगे। बड़े नेताओं के मार्गदर्शन में मिलेगा काम करने का अवसरदेवेन्द्र यादव ने बताया कि यह पूरा कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।इसका मतलब है कि युवाओं को सीधे बड़े और अनुभवी नेताओं से सीखने का मौका मिलेगा। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम की खास बात हर वर्ग के युवाओं को मिलेगा बराबर मौकाइस कार्यक्रम की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें हर वर्ग के युवाओं को बराबर मौका दिया जाएगा। देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह पहल पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर पर आधारित है। इसमें कोई भेदभाव नहीं होगा और हर प्रतिभाशाली युवा को अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि चाहे कोई छात्र हो, नौकरी करने वाला हो या किसी अन्य क्षेत्र से जुड़ा हो, अगर उसमें प्रतिभा है तो वह इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता है। अन्य नेताओं ने भी युवाओं को किया प्रोत्साहितइस मौके पर काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता अपनी बात खुलकर रख सके। वहीं अमी याजनिक ने कहा कि आज का युवा देश की बदलती परिस्थितियों को समझता है और अपनी आवाज उठाना चाहता है, इसलिए यह कार्यक्रम उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। अनिल भारद्वाज ने बताया कि चयन के बाद युवाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी और उन्हें आगे बढ़ने के पूरे अवसर मिलेंगे। युवाओं के लिए सुनहरा मौका, नई पहचान बनाने का अवसरयह कार्यक्रम उन युवाओं के लिए बहुत बड़ा मौका है, जो राजनीति में आना चाहते हैं या समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं। इससे उन्हें न केवल अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि वे देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज भी उठा सकेंगे। देवेन्द्र यादव ने सभी युवाओं से अपील की कि वे इस कार्यक्रम से जुड़ें और अपने भविष्य को एक नई दिशा दें। कुल मिलाकर, कांग्रेस का नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम युवाओं के लिए एक नई शुरुआत की तरह है। देवेन्द्र यादव की इस पहल से दिल्ली में नई ऊर्जा और नई सोच को बढ़ावा मिलेगा। अब यह युवाओं पर निर्भर करता है कि वे इस मौके का कितना फायदा उठाते हैं और आने वाले समय में देश और समाज में अपनी क्या भूमिका निभाते हैं।