महंगाई की आग में झोंका जा रहा है देश — गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी जनता के साथ अन्याय- सुनील सिंह

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने घरेलू गैस और पाइप्ड गैस के दामों में हाल ही में की गई भारी बढ़ोतरी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, और अब गैस के दामों में 60 से 120 रुपये तक की बढ़ोतरी करके लोगों की कमर तोड़ने का काम किया गया है।लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार ने जानबूझकर देश को महंगाई की आग में धकेल दिया है। एक तरफ सरकार “आपदा को अवसर” बताने की बात करती है और दूसरी तरफ इसी माहौल का फायदा उठाकर बड़ी कंपनियों को मुनाफा कमाने का खुला मौका दिया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपति Gautam Adani की कंपनी Adani Total Gas Limited (ATGL) ने गैस के दाम लगभग तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं, जिससे आम उपभोक्ता, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।लोकदल ने कहा कि जब देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रही है, तब सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह लोगों को राहत दे। लेकिन इसके उलट सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां बना रही है।हमने ने मांग की है कि गैस और सिलेंडर के दामों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
समुद्र में भारत का मानवीय मिशन, ईरानी जहाज ‘IRIS लावन’ को कोच्चि में दी शरण

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने एक मानवीय कदम उठाते हुए ईरान के जहाज आईरिस लावन को केरल के कोच्चि बंदरगाह पर रुकने की अनुमति दी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि इस फैसले के लिए ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का आभार भी जताया है। उन्होंने कहा कि इस समय ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन भारत ने स्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर यह फैसला लिया। विदेश मंत्री ने संसद को बताया कि 28 फरवरी को ईरान ने अपने तीन जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर रुकने की अनुमति मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को इसकी मंजूरी दे दी। इसके बाद आइरिस लावन 4 मार्च को कोच्चि पहुंचा। जहाज के चालक दल को फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रखा गया है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को लगा कि ऐसा करना सही और मानवीय कदम था। भारतीय उपभोक्ताओं के हित को सबसे ऊपर रखा जाएगादरअसल, इससे पहले ईरान का एक और युद्धपोत आइरिस डेना डूब गया था। जानकारी के अनुसार यह जहाज श्रीलंका के गाले तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में टॉरपीडो से नष्ट हो गया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। संसद में बोलते हुए डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाला हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार तेल की उपलब्धता, कीमत और जोखिम, तीनों बातों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है और भारतीय उपभोक्ताओं के हित को सबसे ऊपर रखा जाएगा।
भ्रष्टाचार, 170 टूटे फोन और प्राइवेट जेट… हाई कोर्ट में CBI ने खोली शराब घोटाले की फाइल

दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रखा। दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े केस की सुनवाई से रोक दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। वहीं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के स्टेटमेंट पर भी रोक लगाई। मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल मनीष सिसोदिया या अन्य किसी भी आरोपी के तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ था। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। याचिका में दावा किया गयाएसजी तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है, इस मामले में आरोपियों द्वारा कुल 170 फोन नष्ट किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जिस समय पूरा देश लॉकडाउन में था और आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंध था उस समय रिश्वत लेने देने के लिए प्राइवेट जेट तक का इस्तेमाल किया गया। ट्रायल कोर्ट के आदेश में अप्रूवर दिनेश अरोड़ा के बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। दिनेश अरोड़ा इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह है। उन्होंने बताया है कि मीटिंग्स में क्या हुआ। दिनेश अरोड़ा के बयानों को आरोप तय करने के स्टेज पर स्वीकार किए जाने चाहिए। सीबीआई ने अपनी 974 पेज की लंबी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच में सामने आए तथ्यों पर सही से विचार नहीं किया। याचिका में दावा किया गया है कि आबकारी नीति में साजिश रचकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामला स्पष्ट था, लेकिन निचली अदालत ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता जयंत खाउंद कांग्रेस में शामिल, असम चुनाव से पहले पार्टी को मिली बड़ी मजबूती

सरिता साहनीनई दिल्ली, 9 मार्च कई नेताओं के साथ कांग्रेस का दामन थामने से राज्य की राजनीति में बढ़ी हलचल असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला जब जयंत खाउंद ने अपने कई साथियों के साथ कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। खाउंद पहले असम गण परिषद में महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं और उन्हें पार्टी का एक प्रभावशाली नेता माना जाता है। नई दिल्ली स्थित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल कराया गया। इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और उन्होंने खाउंद तथा उनके साथ आए नेताओं का स्वागत किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम विधानसभा चुनाव से पहले यह कदम राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है और कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से मजबूत बना सकता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुआ स्वागतकांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। इस अवसर पर कांग्रेस के असम प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह अलवर, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी. के. शिवकुमार, असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मनोज चौहान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।इन नेताओं ने जयंत खाउंद और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से कांग्रेस को असम में नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। कांग्रेस ने इसे बताया परिवर्तन की लहर का संकेतकार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि जयंत खाउंद जैसे जमीन से जुड़े नेता का कांग्रेस में शामिल होना राज्य में बढ़ते बदलाव का संकेत है।उन्होंने कहा कि असम की जनता अब बदलाव चाहती है और मौजूदा सरकार से निराश हो चुकी है। गोगोई के अनुसार लोगों के मन में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है और इसका असर आने वाले चुनावों में दिखाई दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कई लोग वर्तमान राजनीतिक स्थिति से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें लगता है कि सरकार में सक्रिय और ईमानदार कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर लगाए आरोपप्रेस वार्ता के दौरान गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को वर्तमान नेतृत्व के साथ काम करने में असहजता महसूस हो रही है। गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार में योग्य और समर्पित कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया गया है और उनकी जगह ऐसे लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है जिन पर भ्रष्टाचार और अयोग्यता के आरोप लगते रहे हैं। उनके अनुसार यही कारण है कि कई नेता अब कांग्रेस की ओर रुख कर रहे हैं और राज्य की राजनीति में बदलाव की संभावना बढ़ती जा रही है। भाजपा पर क्षेत्रीय दलों को खत्म करने का आरोपकांग्रेस के असम प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह अलवर ने भी इस मौके पर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति का एक बड़ा उद्देश्य क्षेत्रीय दलों को कमजोर करना और धीरे-धीरे उन्हें समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा ने पहले क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया और बाद में धीरे-धीरे उनकी राजनीतिक ताकत को खत्म कर दिया। उन्होंने ओडिशा और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि यह रणनीति कई जगह देखने को मिली है। असम गण परिषद के भविष्य को लेकर जताई चिंताजितेंद्र सिंह अलवर ने कहा कि असम में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। उनके अनुसार जब से हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से असम गण परिषद के अस्तित्व को धीरे-धीरे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि असम की क्षेत्रीय पहचान और संस्कृति को बनाए रखने के लिए मजबूत राजनीतिक नेतृत्व की जरूरत है। ऐसे में जयंत खाउंद जैसे नेताओं का कांग्रेस में शामिल होना राज्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस ने बताया मूल्यों की राजनीति का विस्तारकार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जयंत खाउंद हमेशा अपने मूल्यों और सिद्धांतों के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके अनुसार खाउंद का कांग्रेस में शामिल होना केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह उन विचारों का समर्थन भी है जो लोकतंत्र, संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत बनाने की बात करते हैं। नेताओं ने कहा कि उनके आने से असम में कांग्रेस संगठन को नई ताकत मिलेगी और पार्टी राज्य के लोगों की समस्याओं को और मजबूती से उठाने में सक्षम होगी। असम की राजनीति में बढ़ सकता है नया समीकरणराजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जयंत खाउंद का कांग्रेस में शामिल होना आने वाले समय में असम की राजनीति पर असर डाल सकता है। राज्य में पहले से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज है और ऐसे में बड़े नेताओं का दल बदलना चुनावी समीकरण को बदल सकता है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आने वाले समय में और भी नेता पार्टी में शामिल हो सकते हैं, जिससे असम में कांग्रेस का संगठन और मजबूत होगा। चुनाव से पहले कांग्रेस को मिली नई ऊर्जाकांग्रेस के नेताओं के अनुसार असम विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम पार्टी के लिए उत्साहजनक है। गौरव गोगोई और अन्य नेताओं ने कहा कि राज्य में परिवर्तन की लहर दिखाई दे रही है और जनता अब नई राजनीतिक दिशा चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी तरह पार्टी का संगठन मजबूत होता रहा और नए नेता जुड़ते रहे तो आने वाले समय में असम की राजनीति में कांग्रेस एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर सकती है।