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सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा से एक सीधा सवाल कि आखिर आम आदमी पार्टी के आंतरिक लोकपाल रहे एडमिरल एल. रामदास को किसने ठगा था — दिल्ली भाजपा प्रवक्ता

नई दिल्ली, 5 मार्च : दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता श्री प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के नेता लगातार भाजपा पर निराधार आरोप लगाने की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले अपने ही घर के अंदर झांक कर देखना चाहिए। श्री प्रवीण शंकर कपूर ने कहा किसौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा से एक सीधा सवाल पूछा है कि आखिर आम आदमी पार्टी के आंतरिक लोकपाल रहे एडमिरल एल. रामदास को किसने ठगा था, उन्होने क्यों पार्टी छोड़ी। यदि पार्टी सच में ईमानदारी और पारदर्शिता की राजनीति का दावा करती है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि आखिर उनके अपने ही लोकपाल को पार्टी से निराश होकर क्यों अलग होना पड़ा ? श्री कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी का इतिहास इस बात का गवाह है कि पार्टी के शुरुआती दौर में जुड़े अनेक प्रतिष्ठित और सम्मानित लोग समय के साथ या तो पार्टी से अलग हो गए या उन्हें किनारे कर दिया गया। इनमें श्रीमती अंजली दमानिया, श्रीमती किरण बेदी, श्रीमती शाजिया इल्मी, श्रीमती ऋचा पांडेय, श्री योगेन्द्र यादव, श्री प्रशांत भूषण, श्री शांति भूषण, श्री मयंक गांधी, श्री आनंद कुमार, श्री आशुतोष, श्री आशीष खेतान, श्री अश्वनी उपाध्याय सहित अनेक नाम शामिल हैं जिन्होंने कभी आम आदमी पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया था। उन्होंने कहा कि यही नहीं, पिछले कुछ वर्षों में भी कई प्रमुख नेता पार्टी से दूरी बनाते चले गए। इनमें श्री राजकुमार आनंद, श्री कपिल मिश्रा, श्री करतार सिंह तंवर और श्री कैलाश गहलोत जैसे नाम भी शामिल हैं। श्री प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर इतने सारे संस्थापक सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और वरिष्ठ नेता पार्टी से क्यों अलग हुए। क्या यह सभी लोग गलत थे या फिर पार्टी का नेतृत्व ही अपने साथियों के विश्वास को बनाए रखने में विफल रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा यह मानती है कि राजनीति में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन जिस प्रकार से आम आदमी पार्टी में एक के बाद एक वरिष्ठ लोग अलग होते गए, वह यह साबित करता है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व शैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह हैं।