ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमलों पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, खाड़ी संकट से बढ़ीं ऊर्जा और प्रवासी सुरक्षा की चिंताएं

ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के ताजा हमलों के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि भारत, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगीईरान पर हमले से भारत के लिए भी बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। लड़ाई लंबी चली तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा व आर्थिक स्थिरता समेत कई मोर्चों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा ईरान के पड़ोसी देशों से आयात करता है। देश का करीब 40 से 60 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के निकास मार्ग से आता है। यहां किसी तरह का सैन्य अवरोध होने पर तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है। खाड़ी देशों में 80 लाख से ज्यादा प्रवासी भारतीय रहते हैं। इनकी सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर इनकी निकासी सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी
CISF की नई पहल, सीनियर कांस्टेबलों के लिए विशिष्ट इंसिग्निया की शुरुआत

सीआईएसएफ ने अपने बल कर्मियों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीनियर कांस्टेबलों के लिए एक विशिष्ट इंसिग्निया (चिन्ह) की शुरुआत की है। इस कदम का उद्देश्य राष्ट्र के प्रति उनकी दीर्घकालिक, अनुशासित और समर्पित सेवा के अनुभव को सम्मानित एवं मान्यता प्रदान करना है। नई दिल्ली स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय में एक औपचारिक आदेश जारी कर 32545 कांस्टेबलों को यह इंसिग्निया धारण करने के लिए अधिकृत किया गया है। अमूल्य सहयोग को भी स्वीकारसिपाहियों का मनोबल बढ़ाने और उनकी सेवाओं की पहचान के लिए विशिष्ट चिन्ह प्रदान करने की शुरुआत की गई है। इस मौके पर शनिवार को 50 कांस्टेबलों के लिए एक गरिमामय पिनिंग समारोह आयोजित किया गया। इसमें सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन सहित दूसरे वरिष्ठ अफसरों ने विशिष्ट इंसिग्निया प्रदान किया। महानिदेशक ने कांस्टेबलों की दीर्घ, स्वच्छ एवं समर्पित सेवा की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी इसी उत्साह, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ सेवा जारी रखने पर बल दिया। कांस्टेबलों के चुनौतीपूर्ण कार्य-स्वरूप को रेखांकित करते हुए प्रवीर रंजन ने उनके परिवारों के अमूल्य सहयोग को भी स्वीकार किया।