माघ मेले के विवाद पर बाबा रामदेव की दो टूक: ‘सनातनी आपस में न लड़ें, दुश्मन बाहर बहुत

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ माघ मेले में हुए विवाद के बीच बाबा रामदेव ने कहा है कि सनातनी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पहले से ही बहुत भारत विरोधी और सनातन विरोधी दुश्मन हैं और संतों को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। गोवा में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे बाबा रामदेव ने मीडिया से बात करते हुए ये बात कही। विरोध पर अपनी बात रखीइससे पहले बाबा रामदेव शुक्रवार को प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में संगम में स्नान करने पहुंचे। वहां भी बाबा रामदेव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ माघ मेले में हुई बदसलूकी और शंकराचार्य के विरोध पर अपनी बात रखी। बाबा रामदेव ने घटना को गलत बताया और कहा कि ऐसा व्यवहार किसी के साथ भी नहीं किया जाना चाहिए। बाबा रामदेव ने कहा, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे अपने योगियों और पूजनीय संतों को भी अपमानजनक या अपशब्दों का सामना करना पड़ता है। ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है, न केवल शंकराचार्य के लिए, बल्कि किसी भी साधु के लिए। हर आदमी को अपने गौरव और गरिमा का ध्यान खुद रखना चाहिए. हम आपस में न लड़ेंबाबा रामदेव ने कहा कि शंकराचार्य जी को हम भगवान शंकर का विग्रहमान स्वरूप मानते हैं तो शंकराचार्य जी की तरफ से कोई विवाद न हो ऐसी हम अपेक्षा करते हैं। साधु हैं वो विवाद किस बात का, कम से कम किसी धर्मस्थान पर तो विवाद नहीं होना चाहिए, तीर्थ में किस बात का विवाद? न यहां कोई स्नान का विवाद होना चाहिए, न कोई पालकी का विवाद होना चाहिए। वो साधु क्या जो अहंकार करे, साधु बनता ही वो है जिसने अपने अभिमान को मिटा दिया है। कोई देश का इस्लामीकरण करना चाहता है, कोई ईसाईकरण करना चाहता है, कोई गजवा ए हिन्द बनाना चाहता है तो सनातन के शत्रु तो बाहर ही बहुत हैं तो कम से कम हम आपस में न लड़ें.
शशि थरूर बोले पार्टी लाइन नहीं तोड़ी, राष्ट्रीय हित में ऑपरेशन सिंदूर पर असहमति पर आज भी कायम

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने संसद में कभी भी पार्टी के रुख का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैद्धांतिक रूप से उनकी एकमात्र सार्वजनिक असहमति ऑपरेशन सिंदूर को लेकर थी। थरूर केरल लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित एक सत्र के दौरान सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया था और वह इस अब भी बिना किसी पछतावे के इस रुख पर कायम हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेद चल रहे हैं। इन अटकलों में यह भी शामिल है कि कोच्चि में हुए एक हालिया कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उन्हें पर्याप्त महत्व न दिए जाने और राज्य के नेताओं की ओर से कई बार उन्हें किनारे लगाने की कोशिशों से वे नाराज हैं। भारत को सर्वोपरि रखना चाहिएअपने रुख को स्पष्ट करते हुए थरूर ने कहा कि एक पर्यवेक्षक और लेखक के रूप में उन्होंने पहलगाम की घटना के बाद एक अखबार में लेख लिखा था। उस लेख में उन्होंने कहा था कि बिना सजा दिए इस मामले को नहीं छोड़ा जाना चाहिए और इसके जवाब में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने ही वह प्रसिद्ध सवाल उठाया था- अगर भारत मर गया, तो कौन जिएगा? थरूर ने कहा, जब भारत की प्रतिष्ठा दांव पर हो, जब भारत की सुरक्षा और दुनिया में उसकी जगह का सवाल हो, तब भारत सबसे पहले आता है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर भारत के निर्माण की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब राष्ट्रीय हितों की बात हो, तो भारत को सर्वोपरि रखना चाहिए।
इंस्टाग्राम पर तलाक पोस्ट के बाद खामोश प्रतीक यादव, अपर्णा यादव बोलीं– बदनाम करने की रची जा रही साजिश

इंस्टाग्राम पोस्ट में पत्नी अपर्णा यादव से तलाक संबंधी पोस्ट पर प्रतीक यादव अब तक खामोश हैं। हालांकि, एक टीवी चैनल से उन्होंने पारिवारिक मामला बताकर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। उधर, अपर्णा यादव (महिला आयोग की उपाध्यक्ष) ने कहा कि रिश्ता तोड़ने की साजिश रची जा रही है। उनकी पहचान कर ली गई है। जल्द इसका खुलासा करेंगे। बता दें कि इंस्टाग्राम अकाउंट @iamprateekyadav पर 19 जनवरी को पोस्ट कर अपर्णा से तलाक लेने की बात लिखी गई थी। इसी दिन कई स्टेटस भी लगाए गए। अब एक टीवी चैनल से प्रतीक ने कहा है कि ये उनका पारिवारिक मामला है। लिहाजा, वह इस पर कोई बात नहीं करना चाहते हैं। बातचीत से भी इंकार कर दियादूसरी तरफ अपर्णा ने भी एक न्यूज चैनल से दो दिन पहले कहा कि सामाजिक व राजनीतिक सक्रियता की वजह से उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। इससे वह डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई दबाव में नहीं आता तो उसको बदनाम करने की साजिश की जाती है। शुक्रवार को इस मामले में उनसे बात करने का प्रयास किया गया तो उनकी पीए ने बताया कि अपर्णा उत्तराखंड में प्रवास पर हैं। फिलहाल वह इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहतीं। यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव की बहू और भाजपा नेत्री शुक्रवार को हरिद्वार में तलाक के सवाल पर भड़क गईं। इस दाैरान वीडियो बना रहे पत्रकार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड की ओर इशारा किया। साथ ही अश्लील तरीके से वीडियो बनाने का आरोप लगाया। इस पर सुरक्षाकर्मी उन्हें छाते की ओट में लेकर गए। इस दाैरान वो मीडियाकर्मियों के कैमरों से बचतीं नजर आईं। साथ ही बातचीत से भी इंकार कर दिया। संबंधित वीडियो सोशल मीडियायूपी में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव वसंत पंचमी के दिन हरिद्वार में वीआईपी घाट पर स्नान करने पहुंचीं थीं। इसकी भनक लगने पर कई पत्रकार भी माैके पर पहुंच गए। वीआईपी घाट से निकलते समय किसी ने अपर्णा यादव से तलाक के संबंध में सवाल पूछा तो वे नाराज हो गईं। स्नान के दौरान अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने काफी भला बुरा कहा। थोड़ी ही देर में घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगी।