दावोस में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का बयान अमेरिका-यूरोप रिश्ते मजबूत, ग्रीनलैंड टैरिफ विवाद शांत करने की अपील

अमेरिका और यूरोप के संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री (ट्रेजरी सेक्रेटरी) स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा कि यूरोप के साथ अमेरिका के रिश्ते मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने व्यापारिक साझेदारों से अपील की कि वे गहरी सांस लें और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन की नई टैरिफ धमकियों से पैदा हुए तनाव को शांत होने दें। बेसेंट ने यह बात स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे संबंध पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।” शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर फरवरी से दस प्रतिशत आयात टैक्स लगाने का एलान किया था। अनुचित दबाव डालते पाए जातेइन देशों ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की मांग के खिलाफ डेनमार्क का साथ दिया था। ट्रंप का कहना है कि चीन और रूस से खतरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों से अमेरिका को इस इलाके की जरूरत है। ट्रंप की इन धमकियों से पूरे यूरोप में गुस्सा है और राजनयिक हलचल तेज हो गई है। यूरोपीय नेता जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। इसमें जवाबी टैरिफ और यूरोपीय संघ के ‘एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट’ का पहली बार इस्तेमाल शामिल हो सकता है। अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के पास तीन मुख्य आर्थिक हथियार हैं। पहला- नए टैरिफ लगाना, दूसरा- अमेरिका-ईयू व्यापार समझौते को रोकना, और तीसरा- ट्रेड बजूका, जो ब्लॉक का एक खास नियम (एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट) के लिए लिए अनौपचारिक शब्द है। यह उन व्यक्तियों या संस्थानों पर प्रतिबंध लगा सकता है जो ईयू पर अनुचित दबाव डालते पाए जाते हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावोस में कहा कि यूरोप के साथ रिश्ते मजबूत हैं और तनाव कम होना चाहिए। हालांकि ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर डेनमार्क का साथ देने वाले आठ देशों पर दस प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसके जवाब में यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
रविचंद्रन अश्विन का खुलासा, शुभमन गिल की कप्तानी में भारत की हार की बड़ी वजह, मध्यक्रम और संसाधन प्रबंधन पर सवाल

न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को वनडे सीरीज में 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बाद फैंस से लेकर क्रिकेट पंडितों ने टीम मैनेजमेंट और कोच गौतम गंभीर की जमकर आलोचना की है। साथ ही शुभमन गिल की कप्तानी पर भी सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का भी बयान सामने आया है। उन्होंने भी गिल की कप्तानी में कमियां गिनाई हैं। आश्चर्य की बात यह भी है कि क्रिकेट पंडितों की बात क्या गंभीर सुन भी रहे हैं, क्योंकि अश्विन ने जो तर्क दिए हैं, वो सोचने पर मजबूर करते हैं। अश्विन ने गिल की बल्लेबाजी की सराहना की, लेकिन बतौर कप्तान उनकी क्षमताओं पर सवाल खड़े किए। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने वनडे में भारतीय मध्यक्रम की जमकर आलोचना की और संसाधन प्रबंधन में स्पष्टता की कमी को उजागर किया। इस वजह से भारत को दूसरा और तीसरे वनडे में हार का मुंह देखना पड़ा था। अश्विन ने यह भी बताया कि कप्तानी के जिन पहलुओं में गिल को कठिनाई हुई, वे वही पहलू हैं जिनमें एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों ने अपने कार्यकाल के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। तीसरा वनडे एक नई जगह परअश्विन के मुताबिक, जब मैच में रिस्क था, तब गिल अपने सर्वश्रेष्ठ संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में नाकाम रहे। अश्विन ने कुलदीप के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाया, खास तौर पर तीसरे वनडे में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के खिलाफ। अश्विन ने कहा, ‘हम रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी की इतनी तारीफ क्यों करते हैं? क्योंकि उन्हें पता था कि अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे और किस बल्लेबाज के खिलाफ करना है। यह इस सीरीज में मुझे मिसिंग दिखी।’ अश्विन का सुझाव था कि गिल के निर्णय पिछली असफलताओं से प्रभावित थे। इसी वजह से वह तीसरे और निर्णायक वनडे के दौरान गेंदबाजों पर उनका भरोसा कम हो गया था। उन्होंने कहा, ‘आपको पिछले मैच के आधार पर किसी गेंदबाज पर भरोसा नहीं खोना चाहिए। पिछले मैच में जो हो गया वो गया, लेकिन उसकी वजह से अगले मैच में आपको धारणा नहीं बनानी चाहिए। दूसरे वनडे के बाद तीसरा वनडे एक नई जगह पर था, एक नई पिच थी।’ फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी तोड़नी चाहिएअश्विन के विश्लेषण में सबसे तीखी टिप्पणी गिल द्वारा स्टार खिलाड़ी कुलदीप यादव के खिलाफ अपनाई गई रणनीति को लेकर थी। अश्विन का तर्क था कि गिल की सख्त कप्तानी न्यूजीलैंड के मध्य क्रम, विशेष रूप से ग्लेन फिलिप्स की स्पष्ट तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाने में विफल रही। अश्विन ने समझाया, ‘अगर ग्लेन फिलिप्स को मध्य के ओवरों में कुलदीप यादव का सामना करना पड़ता तो यह देखना दिलचस्प होता। मैं वो दो ओवर का स्पेल जरूर देखता।’अश्विन ने हैरानी जताई कि गिल के पास कोई ‘प्लान बी’ नहीं था। अश्विन ने कहा कि गिल कुलदीप को कुछ बल्लेबाजों के सामने आने से बचाते रहे, जबकि उन्हें अपने मुख्य हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए था और फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी तोड़नी चाहिए थी।
वडोदरा में केजरीवाल का जोरदार हमला गुजरात में बदलाव का ऐलान, भाजपा पर 30 साल का अपमान और भ्रष्टाचार का आरोप

वडोदरा में आम आदमी पार्टी का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट किया- कार्यकर्ताओं का जोश और जज्बा बता रहा है कि गुजरात में बदलाव होकर रहेगा। सम्मेलन में साफ दिखा कि अब गुजरात डर से नहीं, हक और सम्मान की राजनीति से चलेगा। 30 साल की नाकामी, भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ अब जमीन से उठी आवाज भाजपा की नींद उड़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि गुजरात कभी देश का सबसे समृद्ध राज्य था लेकिन अब भाजपा शासन में किसान, युवा और गरीब सभी पीड़ित हैं। केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने कहा, इन 30 साल में उन्होंने सबकुछ बर्बाद कर दिया और समाज के हर वर्ग का अपमान किया। यह लड़ाई सत्ता की नहीं, गुजरात के सम्मान की, गुजरातियों के आत्मसम्मान की लड़ाई है। यह किसी एक पार्टी को सत्ता से हटाकर दूसरी को सत्ता में लाने की लड़ाई नहीं है। सात करोड़ रुपये मंच पर खर्च किए गएकेजरीवाल ने सभा को संबोधित करने से पहले 18 जनवरी, 2024 को हरनी झील में हुए नौका हादसे के पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।इस हादसे में 12 स्कूली बच्चों और दो शिक्षकों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा, उन्हें (सत्तारूढ़ भाजपा) आपकी परवाह नहीं, सिर्फ ठेकेदारों की परवाह है। 12 बच्चों की जान चली गई लेकिन किसी को मुआवजा नहीं मिला, किसी को सजा नहीं मिली। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना से जुड़े दो परिवारों की महिलाएं मुख्यमंत्री की बैठक में गई थीं लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया और दो दिन बाद उनके घर गिरा दिए। उन्होंने कहा कि गुजरात का आदिवासी क्षेत्र सबसे पिछड़ा हुआ है और इसके विकास के लिए आवंटित धनराशि को अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जब अनुसूचित जनजाति आरक्षित क्षेत्र देदियापाड़ा से ‘आप’ विधायक ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नर्मदा जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली पर खर्च के बारे में जानकारी मांगी तो पता चला कि राज्य के आदिवासी कल्याण कोष से 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए।उन्होंने दावा किया कि दो करोड़ रुपये समोसे पर, पांच करोड़ रुपये टेंट पर और सात करोड़ रुपये मंच पर खर्च किए गए।
राहुल गांधी का रायबरेली में जोरदार संदेश, मनरेगा बचाओ, मोदी-अंबानी के हाथों गरीबों का पैसा नहीं जाएगा

रायबरेली में सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें लड़ते रहना है और डरना नहीं है। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार धर्म का आडंबर ओढ़े हुए है, जिसे बेनकाब करना आवश्यक है। बैठक में आगामी पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों के चयन और पार्टी की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।राहुल गांधी ने कहा, हमारी तीन टर्म की सरकार में मनरेगा का जो कांसेप्ट था, उसमें पंचायतों को जिम्मेदारी देने की बात थी। उनको फाइनेंसियल रिस्पांसिबिलिटी दी जाए। उस दौरान दूसरा लक्ष्य था कि हिंदुस्तान के जो गरीब लोग हैं, उनके लिए मिनिमम वेज बने। जिससे कम कहीं भी किसी को वेज न मिले। अंबानी के साथ में चला जाएनरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते हैं। वह पावर को पावर कांसेप्टेड करना चाहते हैं। वह पावर को अपने हाथों में लेना चाहते हैं और ब्यूरोक्रेसी के हाथों में डालना चाहते हैं। वह गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मुख्य बात यह नहीं है कि मनरेगा का नाम बदला गया है,लेकिन नाम बदल कर गांधी जी का अपमान जरूर किया गया है। उससे बड़ी बात है कि जो गरीब जनता है, उससे प्रोटेक्शन हटा दिया गया है। हमारी थर्ड टर्म गर्वमेंट की जो सोच थी, उसकी जड़ को काटा गया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। जो मजदूरी करते हैं उनकी सुरक्षा में लगे हुए हैं। नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि देश का पूरा धन अदानी और अंबानी के साथ में चला जाए, एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश की जनता का पैसा खींच कर अदानी और अंबानी को देने में लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहाराहुल गांधी ने पार्टी की युवा शक्ति को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस संकेत से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस आगामी पंचायत चुनावों में युवा चेहरों पर भरोसा जता सकती है। पार्टी का मानना है कि युवा जोश और नए विचारों से संगठन को मजबूती मिलेगी और जमीनी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सकेगा। इस अवसर पर, सांसद राहुल गांधी ने 31 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और आठ नए कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र की जनता को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके बाद, उन्होंने रायबरेली प्रीमियर लीग का उद्घाटन किया, जिससे स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। विकास कार्यों के उद्घाटन और खेल आयोजन के पश्चात, राहुल गांधी नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आवास पर पहुंचे। उन्होंने वहां पालिका अध्यक्ष से मुलाकात की और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहा है।
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ सजेगा खास मेहमानों से, देशभर से 10,000 विशेष अतिथि आमंत्रित

इस साल 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड को देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। आमंत्रित अतिथियों में आय और रोजगार सृजन में अनुकरणीय कार्य करने वाले, सर्वश्रेष्ठ नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और प्रमुख सरकारी पहलों के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले लोग शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित करने और राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में जन भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें आमंत्रित किया गया है। इन विशेष अतिथियों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठाया जाएगा। समारोहों के अतिरिक्त, विशेष अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थानों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा। दिल्ली पुलिस की वेबसाइटों पर उपलब्धइस बीच, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले, खुफिया एजेंसियों से प्राप्त कई आतंकी खतरों की सूचनाओं के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में एक व्यापक, प्रौद्योगिकी-आधारित सुरक्षा तंत्र स्थापित किया है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बैठने की जगहों का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैनाती के तरीके में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने सभी आमंत्रित मेहमानों और टिकट धारकों से अपील की है कि वे अपने निमंत्रण कार्ड पर दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित मार्गों का ही पालन करें। मार्गों, पार्किंग और निर्धारित स्थानों से संबंधित पूरी जानकारी रक्षा मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की वेबसाइटों पर उपलब्ध है। गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में देशभर से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों को सम्मानित करना और जन भागीदारी बढ़ाना है।