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ईरान ने अमेरिकी आरोपों को खारिज किया, कहा- हमारी सेना सिर्फ देश की सुरक्षा पर केंद्रित

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन और उसमें अमेरिकी दखल पूरे पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल है। ऐसे में अब ईरान ने अमेरिका के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा है। ईरान का कहना है कि अमेरिका जानबूझकर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी चैनल प्रेस टीवी ने दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने शनिवार को कहा कि अमेरिका की ओर से लगाए गए ये आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह नीति रही है कि वह इस क्षेत्र में हालात को और बिगाड़े। बगाई का यह बयान उस समय आया, जब अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फारसी भाषा में एक पोस्ट कर दावा किया कि उसे ऐसी रिपोर्टें मिली हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के विकल्पों पर काम कर रहा है। समर्थन प्राप्त लोगों ने कई शहरों में हमले किएइस्माइल बगाई ने साफ कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान पर किसी तरह का हमला किया गया, तो उसका जवाब मजबूती और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में कहा था कि सभी विकल्प खुले हैं और अगर अमेरिकी ठिकानों पर हमला हुआ, तो उसका जवाब बहुत ही कड़ी ताकत से दिया जाएगा। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने ईरान में आर्थिक समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो बाद में हिंसक हो गए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और अराजकता फैलाने के लिए अमेरिका और इजरायल से जुड़े लोगों के बयानों ने माहौल को और भड़काया। ईरान का आरोप है कि इस अशांति के दौरान विदेशी समर्थन प्राप्त लोगों ने कई शहरों में हमले किए, जिसमें सुरक्षा बलों के जवानों और आम नागरिकों की मौत हुई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगाईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने शनिवार को कहा कि इन दंगों और तबाही के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वह मुख्य जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि अशांति फैलाने वाले कुछ लोग ऐसे थे, जिन्हें अमेरिकी और इजरायली एजेंसियों ने पहचाना, प्रशिक्षित किया और भर्ती किया था। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या धमकी से नहीं डरेगा और अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। क्या बयानबाजी के इतर अब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और भयावह रूप ले सकता है? कारण है कि ईरान ने दो टूक अंदाज में अमेरिका के सारे दावों को खारिज कर दिया। ईरान ने अमेरिकी दावों को बेबुनियाद करार दिया कि वह अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा है।

मोहन भागवत का बयान धर्म ही भारत का चालक, यही बनाएगा देश को विश्वगुरु

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जब तक धर्म भारत का मार्गदर्शन करता रहेगा, देश विश्वगुरु बना रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के पास जो आध्यात्मिक ज्ञान है, वह दुनिया में कहीं और उपलब्ध नहीं है, क्योंकि अन्य जगहों पर आध्यात्मिकता की कमी है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है और सृष्टि का हर काम इसी सिद्धांत पर चलता है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने पूर्वजों, संतों और ऋषियों से एक समृद्ध आध्यात्मिक विरासत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए संघ प्रमुख ने कहा, “चाहे वह नरेंद्र भाई हों, मैं हूं, आप हों या कोई और, हम सभी को चलाने वाली एक ही शक्ति है। अगर गाड़ी उस शक्ति से चलाई जाती है, तो कभी कोई दुर्घटना नहीं होगी। वह चालक धर्म ही है।” प्रयासों से इन कानूनों को समझाउन्होंने आगे कहा, धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है। जब सृष्टि अस्तित्व में आई, तो उसके कामकाज को नियंत्रित करने वाले नियम धर्म बन गए। सब कुछ उसी सिद्धांत पर चलता है।भागवत ने कहा धर्म सिर्फ धर्म तक सीमित नहीं है। प्रकृति में हर चीज का अपना अंतर्निहित कर्तव्य और अनुशासन होता है। उन्होंने कहा, “पानी का धर्म बहना है, आग का धर्म जलना है। इसी तरह बेटे का कर्तव्य है, शासक का कर्तव्य है और आचरण के नियम हैं। हमारे पूर्वजों ने गहन आध्यात्मिक शोध और प्रयासों से इन कानूनों को समझा था।” वैश्विक पहचान का आधारउन्होंने यह भी राय व्यक्त की कि एक राज्य या व्यवस्था धर्मनिरपेक्ष हो सकती है, लेकिन कोई भी इंसान या रचना धर्म के बिना अस्तित्व में नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि भारत के सामान्य जनमानस में धर्म गहरा समाया हुआ है। “झोपड़ी में रहने वाला व्यक्ति शायद भाषण न दे पाए, लेकिन धर्म उसकी रगों में बहता है।”आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्म को ब्रह्मांड का चालक बताया। उन्होंने कहा भारत की आध्यात्मिक विरासत अद्वितीय है और यही उसकी वैश्विक पहचान का आधार है। जब तक धर्म भारत का मार्गदर्शन करता रहेगा, देश विश्वगुरु बना रहेगा।

अमरावती में BJP की बगावत 22 उम्मीदवारों का फडणवीस को पत्र, नवनीत राणा को बाहर करने की मांग

अमरावती नगर निगम चुनाव में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। यहां चुनाव लड़ने वाले 22 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। इन नेताओं ने पूर्व सांसद नवनीत राणा को पार्टी से तुरंत बाहर निकालने की मांग की है। शिकायत करने वालों में 20 हारे हुए और दो जीते हुए उम्मीदवार शामिल हैं। उम्मीदवारों का आरोप है कि नवनीत राणा ने चुनाव में भाजपा के खिलाफ काम किया। उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों को डमी बताया और अपने पति रवि राणा की ‘युवा स्वाभिमान पार्टी’ के उम्मीदवारों को असली भाजपा उम्मीदवार बताकर उनका प्रचार किया। बता दें कि चुनाव से पहले भाजपा और रवि राणा की पार्टी का गठबंधन टूट गया था। हालांकि, एक स्थानीय भाजपा नेता ने कहा था कि नवनीत राणा पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करती रहेंगी। राणा ने कोई जवाब नहीं दियापत्र में नेताओं ने लिखा है कि उनकी हार जनता या विपक्ष की वजह से नहीं, बल्कि नवनीत राणा की वजह से हुई है। 15 जनवरी को हुए चुनाव के नतीजों में भाजपा को भारी नुकसान हुआ है। 87 सीटों वाले निगम में भाजपा 45 सीटों से घटकर 25 पर आ गई है। वहीं, युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस को 15-15 सीटें मिलीं, एआईएमआईएम को 12, एनसीपी को 11, शिवसेना और बीएसपी को तीन-तीन, शिवसेना (यूबीटी) को दो और वंचित बहुजन अघाड़ी को एक सीट मिली।नाराज उम्मीदवारों ने सीएम से कहा है कि वे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो समाज से जुड़े हुए हैं। लेकिन नवनीत राणा ने खुलेआम पार्टी को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राणा को पार्टी से नहीं निकाला गया, तो वे भविष्य में अमरावती शहर में पार्टी की मौजूदगी को खत्म कर देंगी। फिलहाल इस पर नवनीत राणा ने कोई जवाब नहीं दिया है।

गुजरात में AAP-BJP टकराव तेज, केजरीवाल का कार्यकर्ता सम्मेलन रद्द, AAP बोली—लोकतंत्र पर हमला

गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा सरकार के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी ने गुजरात की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता सम्मेलन की अनुमति जानबूझकर रद्द करवाई गई। आम आदमी पार्टी गुजरात के विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि आज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होना था। इसके लिए पार्टी ने पहले से एक निजी स्थल किराए पर लिया था और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। गोपाल इटालिया के मुताबिक कल रात से भाजपा ने तानाशाही और गुंडागर्दी शुरू कर दी। कार्यक्रम स्थल के मालिक को डराया गया और दबाव बनाकर कार्यक्रम रुकवा दिया गया। विधायक का आरोप है कि पार्टी के बढ़ते जनाधार से भाजपा घबरा गई है और इसी डर के चलते लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को रोका जा रहा है। विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि इससे पहले भी पार्टी के नेताओं को जेल में डाला गया, लेकिन पार्टी नहीं रुकी। अब फिर वही काम किया जा रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी न रुकने वाली है और न झुकने वाली। उन्होंने इसे सीधे-सीधे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम रोकना संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है। आम आदमी पार्टी की पकड़ लगातार मजबूत हो रहीगौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 17 से 19 जनवरी तक तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर है। दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल अहमदाबाद और वडोदरा में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलनों में शामिल होकर करीब 20 हजार बूथ लेवल वॉलिंटियर्स को शपथ दिलाई जानी थी। 18 जनवरी को अहमदाबाद में सेंट्रल जोन के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होना था, जिसको अब रद्द कर दिया गया है। इसमें अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा और सुरेंद्रनगर लोकसभा क्षेत्रों के 9 हजार से अधिक बूथ वॉलिंटियर्स शपथ लेने वाले थे। इसके बाद 19 जनवरी को वडोदरा में ईस्ट जोन का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन होगा। इस कार्यक्रम में आनंद, वडोदरा, दाहोद, छोटा उदेपुर और पंचमहल लोकसभा क्षेत्रों के 9 हजार से अधिक बूथ वॉलिंटियर्स को शपथ दिलाई जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी यह साफ संकेत देती है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।

सोनम वांगचुक की एनएसए गिरफ्तारी पर बड़ा आरोप, पत्नी गीतांजलि बोलीं यह लोकतंत्र की परीक्षा

जलवायु कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई ठोस आधार नहीं है, इसी वजह से सरकार अदालत में तारीख पर तारीख मांग रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में गीतांजलि अंगमो ने कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि यह देश में लोकतंत्र की स्थिति को दर्शाती है। गीतांजलि अंगमो ने कहा यह सिर्फ सोनम की बात नहीं है, यह उस शक्ति के दुरुपयोग की कहानी है जिसके तहत देश के लिए काम करने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि इस मामले पर समाज और राजनीति से उतनी मजबूत प्रतिक्रिया नहीं आई, जितनी आनी चाहिए थी। सोनम वांगचुक का नाम तक नहींअंगमो ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत आरोपी को 5 से 10 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे, लेकिन सोनम वांगचुक को अहम वीडियो 28वें दिन दिए गए। उन्होंने कहा कि यह सेक्शन 8 और सेक्शन 11 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके चलते यह हिरासत आदेश शुरुआत से ही अवैध हो जाता है। गीतांजलि अंगमो का आरोप है कि जिला मजिस्ट्रेट का आदेश पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव का कॉपी-पेस्ट है और उसमें स्वतंत्र रूप से दिमाग नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि कई एफआईआर में सोनम वांगचुक का नाम तक नहीं है और जिन वीडियो का हवाला दिया गया है, वे एक से डेढ़ साल पुराने हैं। जिम्मेदार नागरिक की तरह सोचना चाहिएउन्होंने लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा समेत उन नेताओं का आभार जताया जिन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह मामला जितना उठना चाहिए था, उतना नहीं उठा। गीतांजलि अंगमो ने देश में बढ़ते ध्रुवीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि लोगों को पार्टी और विचारधाराओं से ऊपर उठकर एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सोचना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मामले के चलते एचआईएएल और SECMOL से जुड़े नए शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स में देरी हुई है और कुछ फंडर्स पर दबाव भी बनाया जा रहा है। हालांकि उन्होंने इसे सिल्वर लाइनिंग बताते हुए कहा कि अब ज्यादा लोग उनके संस्थानों को जानने लगे हैं।