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जन्मदिन पर मायावती का बड़ा बयान

“सभी सरकारें बसपा की योजनाएं चला रही हैं, यूपी में पांचवीं बार बनाएंगे सरकार”अपने जन्मदिन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है। गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगेसरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया। मायावती ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे।

‘जेलर 2’ के बीच पोंगल पर फैंस से मिले रजनीकांत, वायरल हुआ सुपरस्टार का सादगी भरा वीडियो

साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत ‘जेलर 2’ में नजर आएंगे। यह एक भारतीय तमिल भाषा की एक्शन कॉमेडी फिल्म है। इसी बीच सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें सुपरस्टार रजनीकांत पोंगल के अवसर पर अपने फैंस से मिलने के लिए घर से बाहर आकर उनसे मिले। सोशल मीडिया हैंडल पर रजनीकांत का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें रजनीकांट व्हाइट कुर्ते और लू्ंगी में नजर आ रहे हैं। रजनीकांत का यह वीडियो पोंगल के अवसर का है, जिसमें वह खासतौर पर अपने फैंस को पोंगल की बधाई देने के लिए घर से बाहर आए और उन्हें हाथ हिलाकर (हैलो) सभी फैंस का अभिवादन किया। इस दौरान रजनीकांत की झलक पाकर फैंस बेहद खुश हुए। शारीरिक व्यायाम से शरीर में चमक आती‘जेलर 2’ एक्शन फिल्म है। इस फिल्म को नेल्सन दिलीपकुमार ने लिखा और निर्देशित किया है। इसका निर्माण कलानिधि मारन ने सन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। जेलर (2023) की अगली कड़ी में रजनीकांत मुख्य किरदार में हैं। इस फिल्म में रजनीकांत के अलावा एसजे सूर्या, राम्या कृष्णन, विनायकान, योगी बाबू और मिर्ना भी हैं। फिल्म की शूटिंग मार्च 2025 में चेन्नई में शुरू हुई है। इस फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है। ‘जेलर 2’, 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।कमल हासन ने X पर अपने फैंस को पोंगल की बधाई देते हुए लिखा, ‘पोंगल, तमिल संस्कृति के शिखर के रूप में मनाया जाता है। प्रकृति और कृषि की प्रशंसा करने वाले इस शुभ दिन पर, हर घर में खुशियां उमड़ें। तमिल भूमि की समृद्धि और तमिल लोगों का गौरव विश्वभर में फैले। सभी तमिल भाइयों को मेरी हार्दिक थाई पोंगल की शुभकामनाएं।’ प्रभु देवा ने योगासन करते हुए अपना एक वीडियो एक्स पर शेयर किया और फैंस को पोंगल की शुभकामनाएं दीं और लिखा, ‘तमिल सूर्योदय हो तो मार्ग प्रशस्त होता है। शारीरिक व्यायाम से शरीर में चमक आती है। पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएं।’

PM मोदी ने नई दिल्ली में CSPOC 2026 का किया उद्घाटन, बोले भारत का लोकतंत्र असाधारण और समावेशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC), 2026 का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री का स्वागत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह ने किया।प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई। हॉल में भारत के भविष्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयउन्होंने कहा कि जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की डेमोक्रेटिक जर्नी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी, उस समय इसी सेंट्रल हॉल में भारत की संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई थी। भारत की आजादी के बाद 75 वर्षों तक यह इमारत भारत की संसद रही और इसी हॉल में भारत के भविष्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय और अनेक चर्चाएं हुई। अब लोकतंत्र को समर्पित इस स्थान को भारत ने संविधान सदन का नाम दिया है। वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समयकॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।

ईरान में फंसे 2000 कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा पर चिंता, JKSA ने मोदी–जयशंकर से तत्काल निकासी की मांग

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने ईरान में फंसे करीब 2000 कश्मीरी छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप कर भारतीय छात्रों सहित सभी नागरिकों की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा है कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने छात्रों को जल्द से जल्द स्व-व्यवस्थित तरीके से ईरान छोड़ने की सलाह दी है लेकिन अभी तक कोई औपचारिक या समन्वित निकासी योजना घोषित नहीं की गई है। जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने एक बयान में कहा कि ईरान में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति ने कश्मीर में व्यापक भय, अनिश्चितता और चिंता पैदा कर दी है। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अत्यधिक परेशान हैं। राजनयिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दियाएसोसिएशन ने कहा कि अस्थिर और अशांत वातावरण में छात्रों से स्वयं निकासी की व्यवस्था करने की उम्मीद करना न तो सुरक्षित है और न ही व्यावहारिक। संगठित निकासी तंत्र की अनुपस्थिति ने छात्रों और उनके परिवारों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। जेकेएसए ने विदेश मंत्रालय की क्षमताओं पर पूर्ण विश्वास जताते हुए भारत सरकार के विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के निरंतर प्रयासों की सराहना की। हालांकि, वर्तमान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित, सक्रिय और समन्वित राजनयिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया गया ताकि छात्र खुद संकट का सामना न करें। 2,000 कश्मीरी छात्र मुख्य रूप से मेडिकल कोर्स कर रहेएसोसिएशन ने भारत सरकार से स्पष्ट निकासी ढांचा, समर्पित आपातकालीन हेल्पलाइन और सुरक्षित पारगमन मार्ग स्थापित करने की अपील की है जिससे भारतीय छात्र सुरक्षित, सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से घर लौट सकें। बता दें कि ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और अशांति के बीच भारतीय दूतावास ने 14 जनवरी 2026 को ताजा सलाह जारी की है जिसमें सभी भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों) को उपलब्ध परिवहन साधनों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है। ईरान में लगभग 2,000 कश्मीरी छात्र मुख्य रूप से मेडिकल कोर्स कर रहे हैं। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को ईरान में जारी तनाव के मद्देनजर कश्मीरी छात्रों समेत अन्य छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। यह मांग ईरान में पढ़ रहे कई कश्मीरी छात्रों के अभिभावकों द्वारा वहां की स्थिति पर चिंता व्यक्त करने और केंद्र से अपने बच्चों की वापसी में सहायता करने की अपील करने के एक दिन बाद की गई है।

मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास पर खरगे का मोदी पर तीखा हमला,“विरासत मिटाकर नामपट्टिका लगाने का आरोप”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वे सिर्फ अपना नाम अंकित करने के लिए हर ऐतिहासिक धरोहर को मिटाना चाहते हैं। खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा ” गुप्त काल में वर्णित और बाद में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा पुनर्स्थापित मणिकर्णिका घाट की दुर्लभ प्राचीन विरासत को जीर्णोद्धार के बहाने ध्वस्त करने का अपराध किया है,” आगे कहा कि सौंदर्यीकरण और व्यवसायीकरण के नाम पर प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर चलाने का आदेश दिया है। “नरेंद्र मोदी जी… आप हर ऐतिहासिक धरोहर को मिटाना चाहते हैं। वह भी बस उस पर अपनी नामपट्टिका चिपकाना चाहते हैं,” हमारी सांस्कृतिक विरासत की बारीप्रदर्शनकारियों ने मणिकर्णिका घाट की पुनर्विकास योजना के तहत विध्वंस अभियान का विरोध किया है। अहिल्याबाई होलकर की एक शताब्दी पुरानी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है, जिसे जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार ने बुधवार को कहा कि कलाकृतियों को संस्कृति विभाग द्वारा सुरक्षित कर लिया गया है। काम पूरा होने के बाद उन्हें उनके मूल स्वरूप में पुनः स्थापित कर दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस नवीनीकरण का उद्देश्य घाट पर स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में सुधार करना है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में शवदाह होते हैं। खरगे के अनुसार, एक गलियारे के नाम पर छोटे-बड़े मंदिरों और तीर्थस्थलों को ध्वस्त कर दिया गया और अब प्राचीन घाटों की बारी है। विश्व का सबसे प्राचीन शहर काशी, आध्यात्मिकता, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का संगम है,जो पूरी दुनिया को आकर्षित करता है। “क्या इन सबके पीछे का मकसद एक बार फिर अपने व्यापारिक सहयोगियों को लाभ पहुंचाना है? आपने पानी, जंगल और पहाड़ उन्हें सौंप दिए हैं, और अब हमारी सांस्कृतिक विरासत की बारी है।” श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात करने का इरादाखरगे ने कहा”देश की जनता के आपसे दो सवाल हैं: क्या विरासत को संरक्षित रखते हुए जीर्णोद्धार, सफाई और सौंदर्यीकरण नहीं किया जा सकता था? पूरा देश याद करता है कि कैसे आपकी सरकार ने बिना किसी परामर्श के महात्मा गांधी और बाबासाहेब अंबेडकर सहित महान भारतीय हस्तियों की मूर्तियों को संसद परिसर से हटाकर एक कोने में रख दिया था।,” उन्होंने दावा किया कि जलियांवाला बाग स्मारक में, इसी “नवीनीकरण” के नाम पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को दीवारों से मिटा दिया गया था। उन्होंने पूछा कि मणिकर्णिका घाट पर सदियों पुरानी मूर्तियां, जो बुलडोजरों का शिकार हुईं, क्यों नष्ट कर दी गईं और मलबे में तब्दील कर दी गईं? “क्या इन्हें किसी संग्रहालय में संरक्षित नहीं किया जा सकता था? आपने दावा किया था, ‘मां गंगा ने मुझे बुलाया है’। आज आप मां गंगा को भूल गए हैं। वाराणसी के घाट वाराणसी की पहचान हैं। क्या आप इन घाटों को आम जनता के लिए दुर्गम बनाना चाहते हैं?” खरगे ने कहा कि लाखों लोग हर साल अपने जीवन के अंतिम चरण में मोक्ष प्राप्त करने के लिए काशी आते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या उनका “इन श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ विश्वासघात करने का इरादा है”।