“RSS बदल नहीं रहा, समय के साथ सामने आ रहा है” संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (11 जनवरी) को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बदल नहीं रहा है, बल्कि समय के साथ धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और बस सामने आ रहा है। मोहन भागवत दिल्ली स्थित संगठन के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जहां आने वाली फिल्म ‘शतक’ के गाने के एल्बम को लॉन्च किया गया। यह फिल्म आरएसएस के 100 साल के सफर की कहानी बताती है। आरएसएस प्रमुख भागवत ने अपने संबोधन में कहा, ‘संगठन (RSS) अपनी शताब्दी मना रहा है। लेकिन जैसे-जैसे संगठन विकसित होता है और नए रूप लेता है, लोग इसे बदलते हुए देखते हैं। हालांकि यह असल में बदल नहीं रहा है बस धीरे-धीरे सामने आ रहा है।’ बता दें कि इस मौके पर सिंगर सुखविंदर सिंह, डायरेक्टर आशीष मल्ल, को-प्रोड्यूसर आशीष तिवारी और आरएसएस पदाधिकारी भैयाजी जोशी मौजूद रहे। राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दियाउन्होंने आगे कहा, ‘जैसे एक बीज से अंकुर निकलता है और फलों और फूलों से लदा हुआ परिपक्व पेड़ का एक अलग रूप होता है, ये दोनों रूप अलग-अलग हैं। फिर भी पेड़ मूल रूप से उसी बीज जैसा है, जिससे वह उगा है।” भागवत ने कहा कि आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एक ‘जन्मजात देशभक्त’ थे और उन्होंने बचपन में ही अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। बड़े झटकों को भी सहने की क्षमताउन्होंने कहा, ‘संघ और डॉक्टर साहब (हेडगेवार) पर्यायवाची शब्द हैं। वो जब सिर्फ 11 साल के थे, जब उनके माता-पिता का प्लेग से निधन हो गया था, लेकिन उन्हें उस उम्र में या बाद में भी, बात करने या भरोसा करने वाला कोई नहीं मिला। मोहन भागवत ने कहा कि जब इतनी कम उम्र में इतना बड़ा सदमा लगता है, तो इंसान अकेला हो जाता है और उसके स्वभाव और व्यक्तित्व पर बुरा असर पड़ने का खतरा रहता है, लेकिन हेडगेवार के साथ ऐसा नहीं हुआ।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनके व्यक्तित्व में बड़े से बड़े झटकों को भी सहने की क्षमता थी, बिना अपने विश्वास या स्वभाव को थोड़ा भी डगमगाने दिए – यह बेहतरीन मानसिक स्वास्थ्य, एक मजबूत और स्वस्थ दिमाग की निशानी है, जो उनमें शुरू से ही था।’ उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि डॉक्टर साहब की साइकोलॉजी भी अध्ययन और रिसर्च का विषय हो सकती है।
BMC चुनाव से पहले महायुति का बड़ा ऐलान, महिलाओं को BEST बस में 50% छूट, मुंबई को बांग्लादेशियों से मुक्त करने का वादा

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के साथ मिलकर बीएमसी चुनावों के लिए महायुति का संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया। महायुति गठबंधन ने अपने व्यापक घोषणापत्र में BEST बसों में महिलाओं के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट और शहर को बांग्लादेशी प्रवासियों से ‘मुक्त’ करने का वादा किया है। घोषणापत्र जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम 5 साल बाद जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे और दिखाएंगे कि हमने क्या हासिल किया है। हम मराठियों को मुंबई छोड़ने नहीं देंगे; हम उन्हें यहीं घर देंगे। कुछ लोग सिर्फ मराठियों के घरों की बातें करते हैं, लेकिन महायुति करके दिखाती है। हम डेवलपर्स नियुक्त करेंगे, और अगर वे काम नहीं करते हैं, तो MHADA (महायुति प्रशासन) काम अपने हाथ में ले लेगा। हम झुग्गीवासियों, फुटपाथ पर रहने वालों और बीएमसी के सफाई कर्मचारियों को घर देंगे। देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम मुंबई को बांग्लादेशियों से मुक्त कराएंगे। हमने अब तक सबसे अधिक बांग्लादेशियों को निर्वासित किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से हम 100% बांग्लादेशियों की पहचान करके उन्हें निर्वासित करेंगे। एआई टूल 6 महीने में तैयार हो जाएगा। हम अवैध बांग्लादेशियों की पहचान करके उन्हें निर्वासित करेंगे। फडणवीस ने आगे कहा कि बीएमसी स्कूलों को कौशल-उन्मुख बनाएंगे और मराठी भाषा सीखने के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने शानदार काम किया है इसे और बेहतर बनाते रहेंगे। हम 2060 की आबादी के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे और नदियों में सीवेज को रोकेंगे। नदियों को साफ करने और मुंबई को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिष्ठित परियोजनाओं पर 16,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि मेट्रो, वाटर टैक्सी और सतत परिवहन पर काम करेंगे। सभी यात्रा जरूरतों के लिए एक मुंबई ऐप। हम सड़कों पर भीड़ कम करेंगे, एक्सप्रेसवे बनाएंगे और मुंबई को एक बेहतर शहर बनाएंगे। सड़कों को गड्ढों से मुक्त किया जाएगा। बसों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी की छूट और बहनों के लिए 1 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। हम सुरक्षित शहर के लिए एआई का उपयोग करेंगे, वर्षा जल प्रबंधन करेंगे और मुंबई को स्मार्ट बनाएंगे। सीएम ने दावा किया कि बीएमसी में बदलाव लाएंगे और मुंबई की सभी महिलाओं के लिए काम करेंगे। घोषणापत्र में परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा पर प्रमुखता से जोर दिया गया है। फडणवीस ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) बेड़े को लगभग 5,000 से बढ़ाकर 10,000 बसें करना, इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करना और महिला यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट देना है। फडणवीस ने कहा कि हम मुंबई को बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं से मुक्त करेंगे। IIT की मदद से हम बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक AI टूल विकसित करेंगे।
सोमनाथ से पीएम मोदी का संदेश आक्रांताओं के नाम मिट गए, लेकिन आस्था और स्वाभिमान अमर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर पहुंचकर न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि देश के इतिहास, आस्था और आत्मसम्मान से जुड़ा एक सशक्त संदेश भी दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ को तोड़ने वाले आक्रांता आज इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से देश में आज भी ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो मंदिरों के पुनर्निर्माण का विरोध करती रही हैं। पीएम मोदी ने देशभर से जुड़े श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं। ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है। एक ओर महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, मंत्रों की गूंज और भक्तों की उपस्थिति यह सब इस अवसर को दिव्य बना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे इसे अपना सौभाग्य मानते हैं कि उन्हें सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में इस ऐतिहासिक पर्व में सेवा का अवसर मिला। आक्रांता आते रहेपीएम मोदी ने कहा कि जब वे आज यहां खड़े होकर बोल रहे हैं, तो उनके मन में यह सवाल बार-बार आता है कि 1000 साल पहले इसी स्थान पर कैसा माहौल रहा होगा। उन्होंने कहा हमारे पुरखों ने अपनी आस्था और महादेव के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया। आक्रांताओं को लगा कि वे जीत गए, लेकिन 1000 साल बाद भी सोमनाथ की ध्वजा पूरी दुनिया को भारत की शक्ति का संदेश दे रही है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का इतिहास है। उन्होंने कहा कि आक्रांता आते रहे, लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से खड़ा हुआ इतना धैर्य, संघर्ष और पुनर्निर्माण का उदाहरण दुनिया के इतिहास में दुर्लभ है। भारत के खिलाफ साजिशें की जा रहीपीएम मोदी ने कहा कि जो लोग अपने धर्म के प्रति सच्चे होते हैं, वे कभी कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं करते। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों ने हमेशा ऐसी सोच के आगे घुटने टेके। उन्होंने कहा कि जब आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, तब भी उन्हें रोकने की कोशिश की गई। यहां तक कि 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मंदिर आने पर भी आपत्तियां जताई गई थीं। पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि आज तलवारों की जगह नए और गुप्त तरीकों से भारत के खिलाफ साजिशें की जा रही हैं। ऐसे में देश को सतर्क, मजबूत और एकजुट रहने की जरूरत है।
मनरेगा पर राजनीति कर रही कांग्रेस, चिराग पासवान बोले भ्रष्टाचार पर प्रहार से घबराया विपक्ष

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने जनता को झूठ बोलकर डराने की परंपरा शुरू की है। जो योजनाएं आम लोगों के हित में हैं, उन्हें नुकसानदेह बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 15 दिनों तक बेवजह हंगामा किया, लेकिन अगर वास्तव में कोई गड़बड़ी होती तो बिहार की जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करती, जो नहीं हुआ। स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदमराष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है। उन्होंने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में मनरेगा सिर्फ भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गया है और गरीब मजदूरों को उनका वाजिब हक नहीं मिला। अब जब केंद्र सरकार इस भ्रष्टाचार पर प्रहार कर रही है, तो कांग्रेस बेचैन हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना के ढांचे में बदलाव से गरीब मजदूरों को फायदा मिलेगा। 125 दिन का रोजगार देना, मॉनिटरिंग शुरू करना और महिलाओं को आर्थिक मदद देना गलत कैसे हो सकता है? महिलाओं को पहले 10 हजार और फिर 1.90 लाख रुपये देकर स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इस पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगाचिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस भावनात्मक मुद्दे उठाकर लोगों को गुमराह कर रही है। महात्मा गांधी के नाम को लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि समय-समय पर योजनाओं के स्वरूप में बदलाव होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम नाम से इन्हें आपत्ति क्यों है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में धर्म के आधार पर अत्याचार हो रहा है, लेकिन इस पर विपक्ष चुप्पी साधे हुए है। आगामी चुनावों को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि पहले असम और फिर बंगाल में एनडीए अपनी जीत सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का ही असर है कि गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन में भी बदलाव किए जाएंगे और विधायकों की भूमिका को लेकर चर्चा होगी। आने वाले पांच साल को उन्होंने स्वर्णिम काल बताया और कहा कि चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगा।
“हिजाब पहनी बेटी बनेगी प्रधानमंत्री” बयान पर सियासी घमासान, ओवैसी का हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला

महाराष्ट्र निकाय चुनाव प्रचार में व्यस्त ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हिजाब पहने बेटी का एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनने वाले बयान पर सियासत शुरू हो चुकी है। ओवैसी ने अब रविवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी का यह बयान असम सीएम की टिप्पण के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत एक हिंदू राष्ट्र होने के नाते एक हिंदू व्यक्ति को ही देश का प्रधानमंत्री बनते हुए देखेगा। रविवार को नागपुर में ओवैसी ने असम सीएम पर करारा तंज कसते हुए कहा कि उनके दिमाग में ‘ट्यूबलाइट’ है। उन्होंने संविधान की कसम खाई है। संविधान में यह कहां लिखा है? पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि सिर्फ एक समुदाय का व्यक्ति ही उस देश का प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बन सकता है। हमारे देश में बाबासाहेब अंबेडकर ने संविधान दिया है। वे हिमंत बिस्वा सरमा से अधिक बुद्धिमान और पढ़े-लिखे थे। दुर्भाग्य से जो लोग संविधान और उसकी भावना को नहीं समझते कि यह देश सिर्फ एक समुदाय का नहीं है। उनकी (असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की) सोच छोटी है, इसलिए वे ऐसी छोटी-छोटी बातें करते हैं। हिजाब पहनी हुई बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगीदरअसल, शनिवार को गुवाहाटी में ओवैसी के बयान पर असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि संवैधानिक रूप से कोई रोक नहीं है। कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र है, हिंदू सभ्यता है, और हम हमेशा यह मानेंगे और हमें पूरा भरोसा है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिंदू व्यक्ति ही होगा।ओवैसी ने शुक्रवार, 09 जनवरी को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हिजाब पहनी बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी। अपने बयान में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि पाकिस्तान का संविधान साफ तौर पर कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन बाबा साहेब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हिजाब पहनी हुई बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी। हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति बनाया गयाइधर, रायपुर में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ओवैसी के मन के भाव बार-बार प्रकट होते हैं कि वे किस प्रकार की राजनीति करते हैं, किस प्रकार वे धर्म के आधार पर बात करते हैं। वास्तविकता यह है कि ओवैसी के पास इस तरह से भावनात्मक और सांप्रदायिक राजनीति करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। ओवैसी के बयान पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया गया। हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति बनाया गया। उन्हें और क्या चाहिए?…वह दिवास्वप्न देख रहे हैं। अगर भारत में कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनकर ही बनेगी।
गुवाहाटी हाईकोर्ट के नए कॉम्प्लेक्स के विरोध पर CJI सूर्यकांत सख्त, बोले निजी हित विकास में बाधा नहीं बन सकते

गुवाहाटी हाईकोर्ट के नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स को लेकर चल रहे विरोध को देखते हुए अब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि जो लोग इस नए कोर्ट परिसर का विरोध कर रहे हैं, वे पूरी जानकारी के बिना विरोध कर रहे हैं। सीजेआई ने गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि व्यक्तिगत हित या सुविधा किसी भी तरह से न्यायिक ढांचे के विकास में बाधा बनने का कारण नहीं हो सकते। दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट के लिए एक नया कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाए जाने की योजना है। इसे लेकर बार एसोसिएशन के कुछ वकील विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उन्हें असुविधा हो सकती है। न्यायिक ढांचे के विकास में रुकावट नहीं बन सकतेमुख्य न्यायाधीश ने साफ शब्दों में कहा कि कोर्ट और न्याय व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक और बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि केवल निजी सुविधा या व्यक्तिगत कारणों के आधार पर विकास कार्यों का विरोध सही नहीं है। सीजेआई ने कहा कि ऐसे विरोध से न्याय व्यवस्था के सुधार में रुकावट आती है। इस दौरान सीजेआई ने यह भी कहा कि नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स से न्यायिक कामकाज ज्यादा सुचारु और प्रभावी होगा, जिससे आम लोगों को भी फायदा मिलेगा।गुवाहाटी हाईकोर्ट के नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के विरोध पर सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले पूरी जानकारी के बिना ऐसा कर रहे हैं। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि निजी सुविधा या व्यक्तिगत हित न्यायिक ढांचे के विकास में रुकावट नहीं बन सकते।
पुणे में पूर्व प्रशिक्षु IAS पूजा खेडकर के घर लूट का दावा, घरेलू सहायिका पर नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने का आरोप

महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने पूर्व प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। पूजा खेडकर का आरोप है कि उनके परिवार की घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता को नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया और इसके बाद घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूजा खेडकर ने शनिवार देर रात बानेर रोड स्थित अपने परिवार के बंगले पर हुई इस कथित घटना की जानकारी दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि हाल ही में काम पर रखी गई नेपाल की निवासी घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता (मनोरमा एवं दिलीप खेडकर) को नशीली दवाएं देकर बेहोश कर दिया तथा उन्हें बांधकर उनके मोबाइल फोन और कुछ कीमती सामान लेकर फरार हो गई। एक चौंकाने वाली घटना सामने आईपूजा खेडकर ने दावा किया कि वह किसी तरह खुद को मुक्त कर पाईं और दूसरे फोन का इस्तेमाल करके पुलिस को सूचित किया। अधिकारी ने बताया कि खेडकर ने टेलीफोन पर घटना की सूचना दी, लेकिन अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई है और न ही चोरी हुए अन्य सामान के बारे में विवरण दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। खेडकर दंपति के खिलाफ पिछले साल नवी मुंबई में सड़क पर झगड़े के बाद एक ट्रक चालक के अपहरण के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया गया था। पूजा खेडकर पर 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने के लिए आवेदन में तथ्यों को छुपाने का आरोप है, लेकिन उन्होंने अपने खिलाफ सभी आरोपों का खंडन किया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोपों के चलते बर्खास्त की गईं आईएएश अधिकारी पूजा खेडकर के मामले में अब एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उन्होंने अपने घर में लूट की जाने की बात कही है।
केरल दौरे पर अमित शाह का भाजपा का बड़ा संदेश, “कमल निशान की सरकार और मुख्यमंत्री लाना हमारा अंतिम लक्ष्य”

केरल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पिनरई विजयन सरकार को जमकर घेरा। तिरुवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह नगर निगम में भाजपा की जीत पर बात करते हुए कहा, ‘विजय हमारा लक्ष्य नहीं है, बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का एक पड़ाव है। हमारा अंतिम लक्ष्य है, कमल निशान की केरल में सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना है। इसी के साथ शाह ने केरल सरकार को सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी मामले पर भी घेरा। शाह ने अपने बयान में कहा कि जो मंदिर का सोना नहीं बचा पाए, वो धर्म क्या बचाएंगे। इसी के साथ उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की। शाह ने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य है केरल को पूर्ण विकसित बनाना, केरल को देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित करना और केरल में जो सदियों से आस्था की ताकत है, उसकी भी रक्षा करना है। शाह ने दावे के साथ कहा कि केरल के लोग भी मानते हैं कि यूडीएफ और एलडीएफ काम नहीं कर सकते हैं, सिर्फ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही यह काम कर सकती है। विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाएअमित शाह ने अपने बयान में कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2047 तक इस देश को एक विकसित भारत बनाने का सपना देखा है। मैं आज यहां केरल के लोगों को यह बताने आया हूं कि विकसित भारत का रास्ता विकसित केरल से होकर जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं केरल के लोगों से अपील करने के लिए इस कार्यकर्ता सम्मेलन में आया हूं। केरल के भविष्य का रास्ता, चाहे वह विकास हो, सुरक्षा हो, या हमारी मान्यताओं की रक्षा हो, LDF या UDF के जरिए हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियां पूरी दुनिया से गायब हो गई हैं, और कांग्रेस पार्टी पूरे देश में खत्म हो रही है। अब केरल के विकास का रास्ता सिर्फ नरेंद्र मोदी के एनडीए के साथ है। जरूरत इस बात की है कि केरल के लोगों के पास विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाए। असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगीकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए उन्होंने इन राज्यों में चुनावी दौरे भी शुरू कर दिए हैं। इन सभी चुनावी राज्यों में शाह की रणनीति बिहार के तर्ज पर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, संगठन को सक्रिय करने और सहयोगी दलों के साथ साझा अभियान और ठोस संयुक्त रणनीति को अमली जामा पहनाने की है। इन राज्यों में भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगी।