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चुनाव आते ही ईडी सक्रिय क्यों? कपिल सिब्बल का केंद्र पर हमला, बोले विपक्ष को डराने का हथियार बनी एजेंसी

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई को लेकर राज्य से लेकर देशभर की राजनीति में गर्माहट तेज है। इसी बीच इस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही जांच एजेंसियों को अचानक दस्तावेजों की याद आ जाती है और इसका मकसद सिर्फ विपक्षी नेताओं को परेशान करना होता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती, वहां ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को परेशान करने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी जांच एजेंसी किसी दफ्तर में जाकर सभी फाइलें कैसे ले जा सकती है। अगर कोयला घोटाले की जांच करनी है तो उससे जुड़ी फाइलें लें, लेकिन हर फाइल ले जाना किस अधिकार में है? किसी भी जांच एजेंसी को ऐसा करने का हक नहीं है। यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दीकपिल सिब्बल ने ईडी को एक सर्वव्यापी एजेंसी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कानून लागू करना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराना और परेशान करना है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राज्य और केंद्र के बीच जानबूझकर विवाद पैदा किया जा रहा है। सिब्बल ने आगे कहा कि चुनाव के समय ही ऐसी कार्रवाइयां क्यों तेज हो जाती हैं। कोयला घोटाला कोई नया मामला नहीं है, यह कई वर्षों से चल रहा है। फिर अब ही अचानक कार्रवाई क्यों? राज्यसभा सांसद ने यूपीए सरकार के कार्यकाल (2004 से 2014) को याद करते हुए कहा कि उस समय इस तरह की खबरें अखबारों में नहीं आती थीं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दी थी। उस दौर में किसी भी राजनीतिक पार्टी या नेता के खिलाफ झूठी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की गई। केंद्र सरकार पर निशाना साधासिब्बल ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज ईडी एक ऐसी एजेंसी बन गई है जो देश में कहीं भी, कभी भी पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जब भी कहीं कोई एफआईआर दर्ज होती है, ईडी वहां पहुंच जाती है और खासतौर पर चुनाव के समय उसकी सक्रियता बढ़ जाती है। इससे देश की संघीय व्यवस्था (फेडरल स्ट्रक्चर) को नुकसान पहुंच रहा है। ईडी की कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर पश्चिम बंगाल की राजनीति में गर्माहट तेज है। वहीं दूसरी ओर अब राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ही जांच एजेंसियां सक्रिय होती हैं और इसका मकसद विपक्षी नेताओं को परेशान करना है।

मलयालम थोपने के आरोपों पर पिनराई विजयन का जवाब, बोले भाषा विधेयक 2025 पूरी तरह समावेशी

केरल के मलयालम भाषा विधेयक 2025 को लेकर कर्नाटक समेत कई जगहों पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप यह लग रहा है कि यह कानून दूसरी भाषाओं पर जबरन मलयालम थोपेगा। ऐसे में बढ़ते विवाद को देखते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन सभी दावों को खारिज करते हुए इस विधेयक को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही हैं, वे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केरल विधानसभा द्वारा पारित यह कानून पूरी तरह समावेशी है और इसमें भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की विशेष सुरक्षा की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि केरल की प्रगति हमेशा समानता, भाईचारे और समग्र विकास पर आधारित रही है। राज्य सरकार धर्मनिरपेक्षता और बहुलतावाद जैसे संवैधानिक मूल्यों को पूरी मजबूती से बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मलयालम की परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगाविजयन ने स्पष्ट किया कि मलयालम भाषा विधेयक में एक साफ और मजबूत प्रावधान (धारा 7) शामिल है, जो भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करता है। खासतौर पर कन्नड़ और तमिल भाषी समुदायों के हितों को सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी नागरिक पर कोई भाषा थोपने के पक्ष में नहीं है और भाषाई विविधता की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन क्षेत्रों को अधिसूचित किया गया है, वहां तमिल और कन्नड़ भाषी लोग सचिवालय, विभागाध्यक्षों और स्थानीय कार्यालयों से अपनी मातृभाषा में पत्राचार कर सकते हैं। इतना ही नहीं, उन्हें जवाब भी उसी भाषा में दिया जाएगा। दूसरी ओर शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उठाई गई चिंताओं को लेकर खासकर कासरगोड जिले में कन्नड़ माध्यम के स्कूलों को लेकर पिनराई विजयन ने कहा कि जिन छात्रों की मातृभाषा मलयालम नहीं है, वे राष्ट्रीय शिक्षा पाठ्यक्रम के अनुसार स्कूलों में उपलब्ध भाषाओं में से अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि अन्य राज्यों या विदेशी छात्रों को कक्षा 9, 10 या उच्च माध्यमिक स्तर पर मलयालम की परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। राज्यों में विवाद खड़ा हो गयामुख्यमंत्री ने कहा कि केरल की भाषा नीति पूरी तरह से भारत के संविधान और आधिकारिक भाषा अधिनियम 1963 के अनुरूप है। यह नीति संविधान के अनुच्छेद 346 और 347 का पूरी तरह पालन करती है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता हमारी ताकत है, इसे एक ही ढांचे में जबरन नहीं ढाला जा सकता। इसके साथ ही केरल मॉडल ऑफ गवर्नेंस का जिक्र करते हुए पिनराई विजयन ने कहा कि राज्य की प्रगति भागीदारी और पारदर्शिता पर आधारित रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार संघीय ढांचे के अधिकारों की रक्षा करते हुए हर नागरिक की भाषाई पहचान को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मलयालम भाषा विधेयक 2025 को लेकर कर्नाटक समेत कई राज्यों में विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि केरल सरकार दूसरी भाषाओं पर मलयालम थोपना चाहती है। ऐसे में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि विधेयक पूरी तरह समावेशी है।

टी20 विश्व कप टीम में जगह नहीं, फिर भी शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कमान संभाली

भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। गिल अब न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में टीम की कमान संभालेंगे। उन्होंने इससे पहले टी20 विश्व कप टीम में जगह नहीं बना पाने पर चुप्पी तोड़ी। गिल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज तक भारतीय टीम के उपकप्तान थे, लेकिन उन्हें इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया था। गिल हालांकि, विश्व कप टीम में चुने जाने से चिंतित नहीं है। गिल ने कहा कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं और जब भी मौका मिलेगा अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देने की कोशिश करेंगे। गिल ने भारत के लिए 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 869 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 28.03 और स्ट्राइक रेट 138.59 का रहा है। भारत टी20 विश्व कप से पहले तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबले खेलेगा। विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होगी। बहुत मेहनत और दृढ़ संकल्प की जरूरत होतीन्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती वनडे से पहले गिल ने कहा, मैं वहीं हूं, जहां मुझे होना है। मेरी तकदीर में जो लिखा है उसे कोई मुझसे नहीं छीन सकता। एक खिलाड़ी हमेशा यह मानता है कि वह देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देगा। चयनकर्ताओं ने अपना निर्णय लिया है। मैं हमेशा वर्तमान में रहने की कोशिश करता हूं, इससे जीवन आसान हो जाता है। मैं टीम को टी20 विश्व कप के लिए शुभमकामनाएं देता हूं। गिल ने कहा, जब हम पिछली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे खेले थे तब मेरा पदार्पण हुआ था और मैं हमेशा उस दिन को संजोकर रखता हूं। किसी भी प्रारूप को आसान नहीं मानना चाहिए। अगर आप देखें, तो भारतीय टीम ने 2011 के बाद कोई वनडे विश्व कप नहीं जीता है। ऐसे में कोई भी प्रारूप आसान नहीं होता और इसके लिए बहुत मेहनत और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है। भारतीय टीम की कमान संभालने के लिए तैयारगिल को पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट और उसके बाद की वनडे सीरीज छोड़नी पड़ी थी, क्योंकि कोलकाता में पहले टेस्ट के दूसरे दिन लगी गर्दन की चोट के कारण उन्हें दो दिन अस्पताल में रहना पड़ा। भारतीय कप्तान ने कहा, किसी मैच को छोड़कर टीम को खेलते हुए देखना कभी आसान नहीं होता। कप्तान के रूप में बहुत कुछ करना होता है, आपको गति बनानी होती है और उसी पर निर्माण करना होता है। भारत के अनुभवी बल्लेबाज शुभमन गिल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। इससे पहले उन्होंने टी20 विश्व कप के लिए टीम में नहीं चुने जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

मीरा-भायंदर नगर निगम चुनाव: भाजपा ने ट्रिपल इंजन सरकार के तहत विकास का घोषणापत्र जारी, नई सड़कें, अस्पताल और 24 घंटे पानी का वादा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और विधायक नरेंद्र मेहता ने शुक्रवार को मीरा भायंदर नगर निगम (एमबीएमसी) चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी किया। 15 जनवरी को होने वाले इन चुनावों के लिए पार्टी ने ‘मीरा-भायंदर के विकास का संकल्प’ लिया है। इसमें शहर को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप पेश किया गया है। महायुति के दो सहयोगी भाजपा और शिवसेना नगर निकाय पर नियंत्रण पाने की दौड़ में हैं। घोषणापत्र में ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर जोर दिया गया है, ताकि केंद्र और राज्य की सत्ता का लाभ स्थानीय विकास में मिल सके। पार्टी ने शहर को गड्ढों से मुक्त करने के लिए 100 से ज्यादा नई कंक्रीट सड़कें बनाने का वादा किया है। इसके अलावा, मेट्रो रेल, दहिसर-भायंदर लिंक रोड और जेसल पार्क-घोड़बंदर कोस्टल रोड को पूरा करने की बात कही गई है, जिससे मुंबई की यात्रा का समय काफी कम हो सके। प्रदूषण मुक्ति जैसे कई लुभावने वादे किए गएपानी की समस्या सुलझाने के लिए सूर्य परियोजना और 75 एमएलडी की नई योजना के जरिए 24 घंटे जलापूर्ति का भरोसा दिलाया गया है। पार्टी ने कहा कि अगर वह नगर निकाय में सत्ता में आती है, तो वह एक नया 300 बेड का सिविल अस्पताल स्थापित करेगी। इसके साथ ही मौजूदा पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल का आधुनिकीकरण करेगी और अधिक आयुष्मान भारत कार्ड केंद्र खोलेगी। इसके साथ ही पार्टी ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार क्लस्टर विकास नीति लागू करना, झुग्गियों का पुनर्विकास करके आधुनिक शौचालय और जलापूर्ति सुनिश्चित करना, पेनकरपाड़ा कचरा प्रोजेक्ट रद्द करना, बायोडायवर्सिटी पार्क बनाना, हवा और ध्वनि प्रदूषण कंट्रोल करना, और महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए हाई-टेक कैमरा सर्विलांस टावर लगाना शामिल है। भाजपा ने मीरा भायंदर नगर निगम चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है। पार्टी ने ट्रिपल इंजन सरकार के जरिए क्षेत्रीय विकास का वादा किया है। इस घोषणापत्र के जरिए नई कंक्रीट सड़कें, 24 घंटे पानी, अस्पतालों में बेड और प्रदूषण मुक्ति जैसे कई लुभावने वादे किए गए हैं।

अखिलेश यादव का हमला यूपी में चार करोड़ वोट काटे जाने की आशंका, भाजपा सरकार पर माफिया राज और महिला असुरक्षा का आरोप

अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा, ये जो SIR का काम चल रहा है, किसी भी पार्टी ने इसका विरोध नहीं किया। मैं बता दूं कि कोई न कोई साजिश चल रही है। PDA समाज का वोट काटने की और अपना वोट बढ़ाने की। जब एक प्रतिष्ठित अखबार में ये बात सामने कि सरकार ने ये निर्देश दिए हैं कि हर बूथ में 200 वोट बढ़ाए जाएं, तब ये शक और भी गहरा हो जाता है। मेरी मांग कि सभी वोटों को आधार से जोड़ा जाए। यूपी में BLO के बनाए गए आंकड़े पंचायत चुनाव की लिस्ट में अलग हैं, जबकि विधानसभा की लिस्ट में अलग हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे। इसके लिए हमने एक प्रारूप तैयार कर लिया है। हम चुनाव आयोग से जांच की मांग करेंगे। करीब चार करोड़ वोट काटे जाएंगेअखिलेश यादव ने कहा, जैसे ही ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सामने आई, वैसे ही मेरी आशंकाएं सच साबित होती दिख रही हैं। मुझे करीब तीन करोड़ वोट काटे जाने की आशंका थी। प्रक्रिया के दौरान ही खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पहले ही चार करोड़ वोट काटे जाने की बात सार्वजनिक मंचों पर कही थी। अखिलेश यादव ने कहा, जब वोटर लिस्ट अभी आई भी नहीं थी और किसी को यह जानकारी नहीं थी कि कितने वोट हटाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच यह बात कही कि करीब चार करोड़ वोट काटे जाएंगे। यह बयान रिकॉर्ड में है। कई लोगों ने सुना भी है। जब पहले से यह आंकड़ा तय कर लिया गया था, तो यह पूरी प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष है। उत्तर प्रदेश में माफिया राज खत्म नहीं हुआवहीं, शुक्रवार को सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है। महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। इस सरकार का जीरो टॉलरेंस का वादा जीरो हो चुका है। मेरठ में मां पर कातिलाना हमला और बेटी को उठाकर ले जाने का मामला बेहद गंभीर है। महिला अपराध और साइबर क्राइम में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोज 5 महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं। हर 15 दिन में दुष्कर्म की शर्मनाक घटनाएं हो रही है। महिला सुरक्षा के झूठे दावे करने वाले मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता 2027 में सत्ता से बाहर कर देगी। भाजपा सरकार में तमाम तरह के अपराध पनप रहे हैं। जिस कफ सिरप मामले को पहले लोग स्थानीय अपराध समझ रहे थे, वो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्राइम निकल रहा है। उत्तर प्रदेश में माफिया राज खत्म नहीं हुआ है, बल्कि आगे बढ़ रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने रामानंदाचार्य उत्सव में विपक्ष पर हमला, जाति-धर्म के विभाजन को समाज के लिए खतरा बताया

धर्मनिर्पेक्षता के नाम का ठेका लेकर चलने वाले लोग जिन्होंने हिंदू समाज को तोड़ने में पूरी ताकत दी, उनके मुंह बांग्लादेश के नाम पर बंद हैं। ऐसा लगता है कि उनके मुंह पर किसी ने फेवीकोल या टेप लगा दिया है। विपक्ष पर हमलावर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को माघ मेला स्थित खाक चौक केशिविर में आयोजित जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी महाराज के 726वें प्राकट्य उत्सव में यह बातें कहीं। रामानांदाचार्य जी महाराज के मूल मंत्र ‘जात-पात पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होई’ को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति व धर्म के आधार पर विभाजन उसी तरह सर्वनाश का कारण बन जाएगा, जैसा कि बांग्लादेश में हो रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि मत व संप्रदाय के आधार पर मत बंटो। भगवान रामानंदाचार्य जी हैं जिन्होंने एक नहीं द्वादश शिष्य बनाए और अलग-अलग जाति के बनाए। सोनकर समेत तमाम लोग मौजूद रहेमुख्यमंत्री ने कहा कि वह आज भी देखते हैं कि रामानंदाचार्य परंपरा से निकलीं अलग-अलग धाराएं समाज को अब भी जोड़ने का काम करती हैं। उन्होंने साधु-संतों से कहा कि यह आपका दायित्व है कि बांटने व तोड़ने वालों को कभी पनपने न दें। कमजोर करने वालों को किसी भी स्थिति में आगे नहीं बढ़ने देना है। अगर हम एकजुट होकर ऐसे ही आगे बढ़ते रहे तो आने वाला समय सनातन धर्म का हो जाएगा। तब बांग्लादेश में कोई निरीह व दलित हिंदू को काटने का काम नहीं कर पाएगा।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग आज भी आपको बांट रहे हैं वे आपके हितैषी नहीं हो सकते। जब सत्ता में थे तो स्वयं अपने परिवार के बारे में सोचते थे। उससे बाहर उनकी दृष्टि नहीं थी। ये नारे देंगे, स्लोगन देंगे लेकिन जब भी मौका मिलेगा, यह वही करंगे जो पहले किया था। पहचान का संकट होगा, दंगों की आड़ में लोगों को झुलसाने का काम करेंगे। हमें इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी देनी चाहिए। कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, श्री बाघंबरी पीठ और श्री बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरि जी महाराज, सतुआ बाबा पीठ काशी के पीठाधीश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा, निर्मोही अखाड़े के राजेंद्र दास जी समेत कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद प्रवीण पटेल, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, हर्षवर्धन बाजपेयी, दीपक पटेल, केपी सिंह, पीयूष रंजन निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, डॉ. वाचस्पति, पूर्व सांसद विनोद सोनकर समेत तमाम लोग मौजूद रहे। उत्तर भारत में रामभक्ति को जन-जन तक पहुंचायामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी रामानंदाचार्य ने काफी समय प्रयागराज में व्यतीत किया था। पता चला है कि दारागंज इलाके में कहीं पर उनका स्थान रहा है। सरकार उस स्थान का पता लगा रही है। इसके बाद रामानंदाचार्य के स्थान का जीर्णोद्धा और सुंदरीकरण कराकर उसको भव्य रूप प्रदान किया जाएगा। जाति-पाति पूछे नहीं कोई हरि को भे जो हरि का होई, यह अलख स्वामी रामानंदाचार्य ने प्रयागराज में ही जगाई थी। स्वामी रामानंदाचार्य भारत के महान संत, समाज-सुधारक और भक्ति आंदोलन के प्रमुख आचार्य थे। उन्होंने उत्तर भारत में रामभक्ति को जन-जन तक पहुंचाया और भक्ति को जाति-भेद से मुक्त किया। उनका जन्म लगभग 14वीं शताब्दी में माना जाता है। वे वैष्णव संप्रदाय रामानुजाचार्य की परंपरा से जुड़े थे। वह भगवान राम में भक्ति में लीन रहते थे। उन्होंने प्रयागराज में काफी समय व्यतीत किया। उनका मुख्य स्थान काशी था। स्वामी रामानंदाचार्य जी का मानना था कि भक्ति का मार्ग सबके लिए है। रामानंदाचार्य ने कहा कि ईश्वर-भक्ति पर किसी जाति, वर्ग या लिंग का बंधन नहीं होना चाहिए। कोई भी व्यक्ति रामभक्ति कर सकता है। जाति-पाति पूछे नहीं कोई जो हरि को भजे वह हरि का होई। उन्होंने संस्कृत के बजाय आम जनता की भाषा में उपदेश दिए ताकि हर व्यक्ति समझ सके।

एनएसए अजीत डोभाल का युवाओं को संदेश: निर्णय लेने की क्षमता ही भविष्य तय करेगी, भारत हमेशा विकसित होगा

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल शनिवार को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (वीबीवाईएलडी) के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान अजीत डोभाल ने युवाओं से संवाद किया। डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश को ऐसे मुकाम पर ले गए हैं कि अगर यह ऑटोपायलट पर भी चलता रहे, तो भी यह विकसित भारत बन जाएगा। एनएसए डोभाल ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा, ‘मेरा कार्यक्षेत्र अलग है, मेरा अनुभव अलग है, और युवाओं के साथ उम्र का बहुत बड़ा अंतर है। आपमें से अधिकांश मुझसे 60 वर्ष से अधिक छोटे हैं, इसलिए मैं थोड़ा असमंजस में था कि आऊं या नहीं। मेरा जन्म स्वतंत्र भारत में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता-पूर्व भारत में हुआ था। मेरी जवानी तो कब की बीत चुकी है।’ अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल कर रहेअजीत डोभाल ने कहा, ‘आज इतना कुछ बदल गया है कि मुझे सब कुछ पता नहीं है। लेकिन एक बात समान है, चाहे आप इसे महसूस करें या न करें – एक छोटी सी बात जो आपके जीवन की दिशा तय करती है: निर्णय लेने की क्षमता। आप सभी हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं, और जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, आपको हर कदम पर फैसले लेने होंगे। भारत विकसित होगा, यह निश्चित है।’ उन्होंने कहा, ‘दुनिया भर में चल रहे सभी संघर्ष और युद्ध इसलिए हैं क्योंकि कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं और इसके लिए अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अगर आप शक्तिशाली हैं, तो आप स्वतंत्र रहेंगे। अगर आत्मविश्वास नहीं है, तो सारी शक्ति और हथियार बेकार हैं। आज हमारे देश में ऐसा नेतृत्व होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उनकी प्रतिबद्धता, समर्पण और कड़ी मेहनत हम सभी के लिए प्रेरणा है। जैसा कि नेपोलियन ने एक बार कहा था कि मैं एक भेड़ के नेतृत्व में 1000 शेरों से नहीं डरता, बल्कि एक शेर के नेतृत्व में 1000 भेड़ों से डरता हूं।’ यह संघर्ष कभी समाप्त नहीं होताविकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में अजीत डोभाल ने कहा, ‘आप सभी उस भारत को देखेंगे जिसकी हम कल्पना कर रहे हैं। लेकिन भारत के साथ ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। जब जापान का उदय हो रहा था, तब पश्चिम में इस बात पर चर्चा शुरू हुई कि क्या कोई एशियाई देश पश्चिम से आगे निकल सकता है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को इस पर अध्ययन करने के लिए कहा गया और बाद में उन्होंने ‘विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास’ नामक पुस्तक लिखी, जिसमें पहली से उन्नीसवीं शताब्दी तक का इतिहास शामिल है।’ एनएसए ने युवाओं को बताया कि इस किताब में उन्होंने कहा कि 1700 वर्षों तक अधिकांश समय भारत, और कभी-कभी चीन, विश्व अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करते रहे, और दोनों मिलकर इसका 55-60 प्रतिशत हिस्सा बनाते थे। भारत ने कई सफलताएं देखी हैं। हम कभी विज्ञान, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के शिखर पर थे, लेकिन हमारा पतन हुआ क्योंकि कुछ भी स्थायी नहीं है। यह एक निरंतर संघर्ष है। राष्ट्रवाद और स्वयं राष्ट्र को मजबूत बने रहने के लिए निरंतर कोशिश की जरूरत होती है, और यह संघर्ष कभी समाप्त नहीं होता।’

दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र खत्म: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने BJP के वादों के पूरा होने का भरोसा दिलाया, विपक्षी हंगामे के बीच कई विधेयक पास

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में जो भी वादे किए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। फरवरी में भाजपा की सरकार बनने के बाद दिल्ली में बरसों से छाया अंधकार छंटा है और अब पूरी टीम शॉर्ट टर्म व मिड टर्म योजनाओं के जरिये राजधानी को विकास की सही दिशा में आगे बढ़ा रही है। हंगामे के बीच बाधित रहे सत्र को एक दिन बढ़ाकर शुक्रवार को सार्थक बनाया गया, जब दिल्ली से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी को शुरू हुआ था, लेकिन उपराज्यपाल के अभिभाषण के पहले दिन से ही शुरू हुए हंगामे के कारण चार दिन बेकार चले गए। इसके बाद सत्र को एक दिन के लिए बढ़ाया गया। शुक्रवार को नियम 280 के तहत कई विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे, दिल्ली का प्रदूषण, राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा हुई। हालांकि आखिरी दिन भी आप का हंगामा जारी रहा। सदन में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में आप के चार विधायक सोम दत्त, जरनैल सिंह, संजीव झा और कुलदीप कुमार को पूरे सत्र के लिए सुबह ही निलंबित कर दिया गया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के अन्य सदस्यों ने वॉकआउट किया, हालांकि कुछ विधायक बाद में वापस लौटे। वहीं सदन के बाहर आप विधायकों ने प्रदर्शन कर सरकार पर गुरुओं के पीछे छिपकर राजनीति करने का आरोप लगाया। दिल्ली को लूटकर बाहर चुनाव लड़ने वालों पर जनता ने भरोसा तोड़ासदन में हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी लगातार तीसरे दिन भी सदन से गायब रहीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती और अगर हंगामा जारी रहा तो और कार्रवाई होगी। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि सत्ता पक्ष की ओर से नियम 280 पर चर्चा के लिए 16 सदस्यों के नाम आए, जबकि आप की ओर से केवल एक नाम दिया गया, जो विपक्ष की उदासीनता दिखाता है। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। कुलवंत राणा ने कहा कि दिल्ली का स्वरूप बिगाड़ने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही और 1958 में बना डीडीए जनहित के बजाय व्यापारिक संस्था बन गया। भाजपा सरकार के दौर में मेट्रो आई और सड़कों में सुधार हुआ, लेकिन 11 साल की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया। रवि कांत ने कहा कि उपराज्यपाल ने विकसित दिल्ली का स्पष्ट ब्लूप्रिंट दिया है। अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार ने ऑड-ईवन, स्मॉग टावर और रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ जैसे अभियानों पर भारी प्रचार किया, जबकि मौजूदा सरकार ने 11 महीनों में प्रदूषण के खिलाफ जमीन पर काम किया। उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि एलजी के सहयोग से भाजपा सरकार ने दस महीनों में दिल्ली के विकास को गति दी है। विपक्ष की ओर से अनिल झा और विरेंद्र सिंह काद्यान ने सरकार पर सवाल उठाए और आयुष्मान कार्ड, स्कूल, बसों, पानी और कूड़े के पहाड़ों को लेकर आंकड़े मांगे। संजय गोयल ने जवाब में कहा कि एलजी ने 70 बिंदुओं में 70 काम गिनाए हैं और दिल्ली को लूटकर बाहर चुनाव लड़ने वालों पर जनता ने भरोसा तोड़ा है। जन विश्वास विधेयक समेत अन्य विधेयक भी पारित किए गएमुख्यमंत्री ने कहा कि 11 महीनों में 19 हजार लोगों को आयुष्मान योजना से इलाज मिला है। दिल्ली में 1100 आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे, 29 जन औषधि केंद्र शुरू हुए हैं और पांच अस्पतालों के नए ब्लॉक खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण लगाए गए, 1300 नर्सिंग स्टाफ भर्ती हुए और मानदेय 500 से बढ़ाकर 13,500 रुपये किया गया। सीएम ने कहा कि एमसीडी की बुक प्रॉपर्टी पर बिजली-पानी के कनेक्शन दिए जा रहे हैं, सभी सड़कों की कार्पेटिंग होगी और आने वाले समय में डीटीसी बसों में केवल डिजिटल टिकट चलेंगे। उन्होंने कहा कि अब कोई भी काम बजट के कारण नहीं रुकेगा। 15 हजार करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए उपलब्ध हैं। सत्र के दौरान कार्यमंत्रणा समिति और विशेषाधिकार समिति के प्रतिवेदन सर्वसम्मति से पास हुए। तथाकथित फांसी घर मामले में भी विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट सदन में रखी गई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समिति के सामने पेश न होने को सदन की अवमानना माना गया। साथ ही कोर्ट फीस संशोधन और जन विश्वास विधेयक समेत अन्य विधेयक भी पारित किए गए।