"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

प्रेस विज्ञप्ति

पंजाब में “युद्ध नशे विरूद्ध” का दूसरा चरण शुरू- केजरीवाल – पंजाब की जनता एकजुट होकर नशे को जड़ से खत्म करेगी – केजरीवाल – अभियान का पहला चरण सफल रहा, अब दूसरे चरण में 10 से 25 जनवरी तक गांव-गांव में पदयात्रा निकाली जाएगी- केजरीवाल – विलेज डिफेंस कमेटियों के लिए मोबाइल एप और मिस्ड कॉल से अभियान से जुड़ने के लिए 9899100002 नंबर जारी – केजरीवाल – अकाली दल की सरकार में मंत्री-नेता तस्करी करवाते थे, कांग्रेस सरकार में भी नशा तस्करों को संरक्षण मिलता था – केजरीवाल -“आप” सरकार ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, अब तक 28 हजार केस दर्ज हुए और 42 हजार तस्कर पकड़े गए – केजरीवाल – गुजरात में हजारों क्विंटल नशा आने पर भी कोई पकड़ा नहीं जाता, लेकिन “आप” सरकार एंटी ड्रोन लगाकर नशा पकड़ती है – भगवंत मान – “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के दूसरे चरण का किया आगाज नई दिल्ली/पंजाब, 07 जनवरी 2026 आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब को नशा मुक्त बनाकर “रंगला पंजाब” बनाने के लिए “युद्ध नशे विरुद्ध” अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है। “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बुधवार को इस ऐतिहासिक अभियान का आगाज किया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का पहला चरण सफल रहा। अब दूसरे चरण में पंजाब को नशा मुक्त बनाने में अब जनता भी शामिल होगी। इसके तहत 10 से 25 जनवरी तक गांव-गांव में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए विलेज डिफेंस कमेटी का गठन किया गया है। इससे जुड़े डेढ़ लाख वालंटियर के मोबाइल में अपलोड एप पर नशे की सारी जानकारी और उस पर एक्शन अपडेट होता रहेगा। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जारी 9899100002 नंबर पर मिस्ड कर इस अभियान से जुड़े। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि युद्ध नशे विरुद्ध अभियान के फेज-1 की शानदार सफलता के बाद बुधवार को फेज-2 की शुरुआत हो रही है। लगभग 10 माह पहले 1 मार्च 2025 को फेज-1 की शुरुआत हुई थी। जिस साफ नीयत, मेहनत और शानदार तरीके से फेज-1 को लागू किया गया, इस तरह से नशे के विरुद्ध युद्ध पूरे देश में किसी भी राज्य में कभी नहीं लड़ा गया। हरियाणा, गुजरात और दिल्ली समेत कई सारे राज्य हैं जहां खूब नशा बिकता है, लेकिन वहां की सरकारों को इसकी परवाह ही नहीं है। पंजाब के अंदर भी “आप” की सरकार से पहले जब अकाली दल की सरकार थी, तो उनके शासन के दौरान पंजाब की गली-गली और घर-घर के अंदर सबसे ज्यादा नशा पहुंचाया गया। उस दौरान पूरा पंजाब नशे में था और उड़ता पंजाब फिल्म बनी थी। पंजाब का बच्चा-बच्चा घर-घर के अंदर नशा पहुंचने से प्रभावित था और कई बड़े नेता नशा बेचने में शामिल थे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब की कसम खाई थी कि वे 30 दिन या 60 दिन में नशा खत्म कर देंगे, लेकिन पांच साल उनकी सरकार चली और उन्होंने कुछ नहीं किया, सिर्फ झूठी कसम खाई। उसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार आई। हमें थोड़ा समय लगा क्योंकि इसकी सारी तैयारी करनी थी, लेकिन पिछले साल 1 मार्च के बाद जितनी शिद्दत और हौसले के साथ हम लोगों ने नशे के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, वह अभूतपूर्व है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बहुत लोगों ने हमें कहा कि नशा बेचने वाले बड़े खतरनाक लोग हैं, बड़े-बड़े गैंगस्टर और तस्कर हैं, जो आपको और आपके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन हमने कहा कि हम जनता से वादा करके आए हैं कि पंजाब को नशा मुक्त करेंगे और अपने बच्चों को अच्छा भविष्य देंगे। पिछले एक साल और 10 महीने के अंदर नशा तस्करों के खिलाफ 28,000 केस दायर किए गए। आजादी के बाद से 75 साल में किसी भी राज्य के अंदर इतने बड़े स्तर पर केस दायर नहीं किए गए। अरविंद केजरीवाल ने आगे बताया कि ये 28,000 केस फर्जी नहीं हैं। जब ये केस अदालत में गए और एफआईआर गई, तो इनमें से 88 फीसद मामलों में आरोपी को जेल हुई है और केस सफल हुए हैं। अगर ये फर्जी केस होते तो आरोपी छूट जाते, लेकिन जिन्हें पंजाब पुलिस पकड़ रही है, उन्हें सजा हो रही है। 100 केस पकड़े गए तो उनमें से 88 केस में कोर्ट से जेल हुई। अब तक लगभग 42,000 तस्करों को पकड़ा गया है। इतने बड़े स्तर पर किसी राज्य में कार्रवाई नहीं हुई। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पकड़े गए 42,000 तस्करों में से 350 ऐसे हैं जो बहुत बड़े स्मगलर हैं। ऐसा नहीं है कि केवल छोटों को पकड़ा गया, बड़ों को भी पकड़ा गया। लोगों ने अपने पिंड और इलाके में देखा होगा कि इन तस्करों ने जो बड़े-बड़े महल, बंगले, बिल्डिंग और दफ्तर बना रखे थे, “आप” की सरकार ने बुलडोजर चलाकर उनकी बिल्डिंगों को गिराया है। इससे लोगों को लगने लगा है कि पहली बार एक ऐसी सरकार आई है जो नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। मीडिया में भी लाइव आया कि इनके खिलाफ कैसे जबरदस्त कार्रवाई हो रही है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो सबसे बड़ा तस्कर था, जिसका नाम पूरे पंजाब को पता था और जिसका नाम लेने से लोग, प्रशासन और बड़े-बड़े नेता कांपते थे, उसे पकड़कर “आप” सरकार ने जेल में डाल दिया। पहले उसका नाम लेने की किसी की हिम्मत नहीं थी, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने हिम्मत करके उसे जेल में डाल दिया। इससे लोगों का हौसला बढ़ा और लोग सामने आने लगे। जब हमने शुरुआत की थी तो सबसे बड़ा चौलेंज जनता का विश्वास जीतना था, क्योंकि लोग सोचते थे कि पार्टियां बड़ी बातें करती हैं पर कुछ होता नहीं है। लेकिन जब लोगों ने देखा कि तस्करों की कोठियों पर बुलडोजर चल रहे हैं और बड़े नेता पकड़े जा रहे हैं, तब उन्हें भरोसा हुआ। अरविंद केजरीवाल ने एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि एक दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पिंड में किसी लड़के को फोन

Chief Minister’s Jan Sunwai: CM Smt. Rekha Gupta assures time-bound redressal of citizens’ issues

CM directs concerned departments to ensure swift and effective resolution Children welcome CM with flowers; direct dialogue and quick solutions remain top priority New Delhi, 7 January 2026 The Chief Minister of Delhi, Smt. Rekha Gupta, today met residents of Delhi at the Chief Minister’s Jan Seva Sadan on Raj Niwas Marg during the Jan Sunwai. Citizens from various parts of the Capital presented their problems, complaints and suggestions directly before the Chief Minister. Listening attentively to each grievance, Chief Minister Smt. Rekha Gupta issued strict instructions to officials of the concerned departments to ensure prompt and time-bound resolution. The Chief Minister reiterated the Delhi Government’s commitment to good governance, transparency and swift redressal of citizens’ issues. Emotional and cordial atmosphere during the Jan Sunwai A warm and emotional moment was witnessed when young children welcomed the Chief Minister by presenting flowers. Chief Minister Smt. Rekha Gupta interacted with the children and extended best wishes for their bright future. Several citizens also expressed gratitude for the resolution of issues previously raised, stating that their complaints were acted upon promptly through the Jan Sunwai mechanism. Citizens noted that timely action has further strengthened public trust in the Delhi Government. Emphasis on good governance and public participation Chief Minister Smt. Rekha Gupta stated that direct engagement with citizens through Jan Sunwai makes governance more sensitive, accountable and effective. The Chief Minister underlined that Jan Sunwai is not merely a forum for complaints, but a strong platform for participation, trust and solution-oriented governance. Public expectations form the basis of policies and administrative functioning, the Chief Minister said. The Chief Minister further stated that the Delhi Government is working with public interest at its core. Taking every problem seriously, considering every suggestion, and ensuring timely solutions for every citizen remain the government’s highest priorities. Officials were directed to ensure regular follow-up of all cases received during Jan Sunwai, so that no resident of Delhi faces inconvenience. Commitment to accountable governance Chief Minister Smt. Rekha Gupta stated that the objective of Jan Sunwai is to ensure governance goes beyond policy formulation and is translated into continuous dialogue and effective solutions on the ground.

Dr Abhishek Manu Singhvi, MP and Chairman, Law, Human Rights & RTI department, AICC, addressed the media at Indira Bhawan, AICC Hdqrs, today.

Dr. Abhishek Manu Singhvi said- You have heard me. I am very happy that today we have had a meeting of selected Chairmen from different states. Of course, my senior colleague from the centre is here, Mr (Salman) Khurshid. I have the privilege of heading this tripartite department which is not only law, but also RTI and Human Rights. As you remember, we had a very successful meet at Vigyan Bhawan a few months ago, on an all-India basis, where synergistically we have tried to bring people from all corners of India into a united whole with lot of activities from this department. Carrying forward from there, the first facet we discussed today, was the creation in line with Shri Rahul Gandhi’s great initiative to revitalize district units. We are now making, re-constituting, operationalizing, identifying, listing for each administrative district of India, a team of five senior persons from these three subjects. Of course, that is the minimum number. It can be larger, who will be our eyes, ears on the ground- coordinators, actors, mover and this will be put together in a final list for All-India after being addressed for each district. This will be done by state chairman in consultation with us and where, there are no state chairman by nominees at the central level. The second facet, we are discussing today, is the operationalization of what we had called in the Vigyan Bhawan function- The Rapid Response Force (the RRF), which is, at the state level, a minimum of five senior people, who can take up cudgels on behalf of the Congress in actual legal matters in court, argue, and get relief, and get things moving inside the courtroom. That list is also highly advanced and I think, we should have that within 4–6-week timeline, we have given. The third facet is, the building of a directory, an all-India directory, computerized directory, searchable both by state, as well as by alphabetical name, across all these categories, of all those involved in our department because from there, it becomes easier to access, whether we are accessing our Rapid Response Force or the District Heads etc. that again, we have given this 4-6 week timeline. We also have a… of course, there is another problem we have, which I am trying to solve in a very expeditious manner, some states do not have chairman and I think that will be operationalized in the near future that will be re-constituted in the near future. The fifth and last important point and a somewhat innovative point it that is to try and involve youngsters roughly between 21 and 28, possibly between 21 and 30, who want to be associated with the Congress as legal professional. By legal, I include- RTI and the Human Right professionals and they will be tied up in an internship programme with our 127 odd MPs in the first phase, a couple let us say per MP, to be associated on these 3 subjects with the Congress’ approach, with the Congress’ Eco system, they are not necessarily of the Congress as of now. If this works well then, we will also expand it to each MLA in each assembly level position. The result was very fruitful and intimate discussion. I am thankful to people all… many joined by VC, many came physically; we had representatives from Tripura, from Meghalaya, from West Bengal… of course, across India, many are here from Rajasthan, from Karnataka, etc. etc. So, we hope to kind of tie all this together and have another function, where we will present this to the Congress President, to Shri Rahul Gandhi in the near future. That’s why, the short timeline has been given.

‘One Two Cha Cha Chaa’ Press Conference Held in Delhi, Film to Release on January 16

A press conference of the upcoming comedy film ‘One Two Cha Cha Chaa’ was held at the Film Division Auditorium in the capital city, New Delhi. The event was attended by the entire star cast and the makers of the film, who shared interesting insights and experiences related to the project.Veteran actor Ashutosh Rana plays the central role of the “Chacha” (uncle) in the film, while his three nephews are portrayed by Harsh Mayar, Anant V. Joshi, and Lalit Prabhakar. The female lead is played by Nyrraa Banerjee, who adds charm and energy to this light-hearted entertainer.Speaking at the press conference, Ashutosh Rana said that ‘One Two Cha Cha Chaa’ is a complete comedy film, and even during the shoot, the atmosphere on set remained cheerful and lively. He added that the story revolves around one uncle and his three mischievous nephews, whose constant antics create a continuous wave of humor throughout the film.Explaining the quirky title, directors Abhishek Raj and Rajneesh Thakur revealed that during the shoot, the repeated calls of “Chacha” on set became so frequent that while giving action cues, they jokingly started saying “One Two Chacha.” This fun moment eventually inspired the title ‘One Two Cha Cha Chaa’.Actress Nyrraa Banerjee shared that she joined the film at a later stage. She auditioned through a mobile phone and became part of the team the very next day. She said the film holds special significance for her.Actor Harsh Mayar described the set as full of laughter, stating that the comedy was so strong that no one wanted to leave their seat, and everyone kept laughing while watching each other’s scenes.Anant V. Joshi said that working with a seasoned actor like Ashutosh Rana was a great learning experience and thoroughly enjoyable. Lalit Prabhakar added that the bonding among the cast was so natural that it never felt like acting; instead, it felt as if they were genuinely pulling pranks with their real uncle.Produced under the banner of Pelusider Productions, the film has been envisioned as a “celebration of madness and happiness on the big screen.” Promoted as one of the most fun-filled and entertaining films of the New Year, ‘One Two Cha Cha Chaa’ promises a roller-coaster ride of comedy and chaos.The film is set to hit theatres on January 16, offering audiences a refreshing and laughter-packed cinematic experience this festive season.

सोमनाथ मंदिर विवाद, पीएम मोदी के समारोह से पहले BJP का आरोप बम

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रुख की कड़ी आलोचना की है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि महमूद गजनवी और अलाउद्दीन खिलजी जैसे ऐतिहासिक आक्रांताओं ने तो मंदिर को केवल भौतिक रूप से लूटा था, लेकिन नेहरू के मन में भगवान सोमनाथ के प्रति सबसे ज्यादा घृणा थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए त्रिवेदी ने नेहरू द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को लिखे गए एक पत्र को साझा किया। त्रिवेदी ने दावा किया कि, इस पत्र में नेहरू ने खान को ‘प्रिय नवाबजादा’ कहकर संबोधित किया और सोमनाथ के दरवाजों की कथा को पूरी तरह झूठा बताया। उद्घाटन समारोह में शामिल न होने की सलाह दीभाजपा नेता का तर्क है कि यह पत्र एक प्रकार का आत्मसमर्पण था, जिससे यह संकेत मिलता है कि नेहरू ने भारत की सभ्यतागत विरासत की रक्षा करने के बजाय मंदिर के पुनर्निर्माण को कम महत्व देने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के दुष्प्रचार का सामना करने के स्थान पर नेहरू ने पड़ोसी देश को खुश करने के लिए हिंदू ऐतिहासिक प्रतीकों को कमतर आंका। त्रिवेदी ने दावा किया कि नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का पूर्णतः विरोध किया था। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और मंत्रिमंडल के सहयोगियों को पत्र लिखकर मंदिर के पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर प्रश्न उठाए थे और उन्हें उद्घाटन समारोह में शामिल न होने की सलाह दी थी। प्रदर्शित करने वाले कई कार्यक्रम आयोजितभाजपा नेता ने कहा कि नेहरू ने कथित तौर पर सभी मुख्यमंत्रियों को दो बार पत्र लिखकर शिकायत की थी कि मंदिर निर्माण से विदेशों में भारत की छवि धूमिल हुई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री आर.आर. दिवाकर को पत्र लिखकर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के प्रचार-प्रसार को कम करने का आग्रह किया था और इसे आडंबरपूर्ण बताया था। यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ समारोह में भाग लेने के लिए सोमनाथ मंदिर जाने वाले हैं। यह पर्व 8 जनवरी से 11 जनवरी तक मनाया जाएगा। इस दौरान भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक गौरव को प्रदर्शित करने वाले कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जंगलों का निजीकरण? कांग्रेस ने मोदी सरकार पर उठाया सवाल, सुरक्षा पर बड़ा संकट

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वन संरक्षण कानून में 2023 में किए गए संशोधनों से देश में जंगलों के प्रबंधन का निजीकरण शुरू हो गया है। पार्टी का कहना है कि यह बदलाव देश की वन नीति और पर्यावरण सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। कांग्रेस के महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी को जारी एक सर्कुलर साझा करते हुए यह आरोप लगाया। जयराम रमेश ने कहा कि अगस्त 2023 में मोदी सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम, 1980 में संशोधन को संसद में जल्दबाजी में पारित कराया। इस दौरान न केवल कानून का नाम बदलकर वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम किया गया, बल्कि जंगलों के संचालन और प्रबंधन से जुड़े नियमों में भी बड़े और दूरगामी बदलाव किए गए। उनका कहना है कि उस समय ही यह आशंका जताई गई थी कि इन संशोधनों से निजी संस्थाओं को जंगलों में प्रवेश का रास्ता मिल जाएगा, और अब मंत्रालय के सर्कुलर से यह साफ हो गया है। व्यावसायिक और निजी प्रबंधन की राह खुल जातीजयराम रमेश ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह तो केवल शुरुआत है और आने वाले समय में इससे जंगलों के व्यावसायिक उपयोग को और बढ़ावा मिल सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे पर्यावरण संरक्षण की मूल भावना कमजोर होगी। सर्कुलर के अनुसार, यदि राज्य सरकारें सरकारी या गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर प्राकृतिक पुनरुत्पादन, वृक्षारोपण या वन प्रबंधन गतिविधियां संचालित करती हैं, तो इसे वन गतिविधि माना जाएगा। इस स्थिति में प्रतिपूरक वनीकरण और नेट प्रेजेंट वैल्यू का भुगतान जैसी शर्तें लागू नहीं होंगी। साथ ही, राज्य सरकारों को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे इन गतिविधियों से होने वाले राजस्व का वितरण और साझा करने का ढांचा स्वयं तय कर सकें, जिससे जंगलों के व्यावसायिक और निजी प्रबंधन की राह खुल जाती है।

राजनीति में भूचाल! अंबरनाथ में BJP-Congress गठबंधन ने शिवसेना को किया हाशिए पर

एक सियासी कहावत है कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता है, चाहे वह दोस्ती हो या दुश्मनी। महाराष्ट्र में ये कहावत भाजपा और कांग्रेस ने चरितार्थ कर दी है। महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने हाथ मिलाकर सियासी उथल-पुथल मचा दी है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली। भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है। शिवसेना को सफाई देने की जरूरतअंबरनाथ के निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच बना सियासी तालमेल इसलिए भी चौंकाने वाला है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा कांग्रेस-मुक्त भारत की समर्थक है। वहीं, अंबरनाथ में इस गठबंधन से भाजपा की तेजश्री करंजुले को महापौर पद पर जीत हासिल हुई। गठबंधन को 32 पार्षदों का समर्थन मिला। इनमें भाजपा के 16, कांग्रेस के 12 और एनसीपी (अजित पवार गुट) के चार पार्षद शामिल थे। भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है। कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता मेंमहाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की सरकार में भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल है। हालांकि, महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में भाजपा और शिवसेना का गठबंधन है। इसके बावजूद अंबरनाथ में शिवसेना को सत्ता से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। शिंदे खेमे के विधायक बालाजी किनिकर ने इस गठबंधन को अपवित्र गठबंधन करार दिया और भाजपा पर विश्वासघात का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘जिस पार्टी ने कांग्रेस-मुक्त भारत की बात की थी, वह अब कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता में है। यह शिवसेना को पीठ में छुरा घोंपने के अलावा और कुछ नहीं है।’

स्टालिन ने अमित शाह के आरोपों को किया खारिज, तमिलनाडु में सभी धर्मों के अधिकार सुरक्षित

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का राज्य में हिंदुओं के अधिकार छीने जाने का आरोप पूरी तरह झूठा और उनकी पदवी के अनुकूल नहीं है। एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा हमारे राज्य में सभी धर्मों के लोगों के विश्वास और धार्मिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। ऐसे में गृहमंत्री का यह आरोप कि हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, पूरी तरह गलत और अनुचित है। यह वही मानसिकता है जो दंगे और विघटन चाहती है, लेकिन तमिलनाडु में उसे कोई सफलता नहीं मिली। स्टालिन ने आगे कहा ऐसा भविष्य में कभी नहीं होने दिया जाएगा। जब तक मैं स्टालिन हूं, यह बिल्कुल भी नहीं होने दूंगा। मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जातीइससे पहले रविवार को पुदुकोट्टई में एक सार्वजनिक सभा में अमित शाह ने डीएमके सरकार पर हिंदू धर्म और भावनाओं का लगातार अपमान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि राज्य में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार किए जा रहे हैं, हिंदू पूजा पद्धतियों का अपमान हो रहा है और अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान राज्य में बिना सूचना के कर्फ्यू लगाया गया। शाह ने डीएमके नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा उनके वरिष्ठ नेता सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहते हैं। हिंदू जुलूस और मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जाती है। मैं स्टालिन से कहना चाहता हूं कि आप संविधान की भावना को तोड़कर हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार कर रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अमित शाह के हिंदुओं के अधिकार छीने जाने के आरोप को खारिज किया। स्टालिन ने कहा राज्य में सभी धर्मों के अधिकार सुरक्षित हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त फैसला, कांग्रेस और AAP को दुष्यंत गौतम से जुड़े मानहानिकारक पोस्ट हटाने का आदेश

अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपना नाम उछाले जाने के मामले भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। इस मामले में आज सुनवाई हुई। दुष्यंत गौतम को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को मानहानिकारक मानते हुए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स को दुष्यंत गौतम से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने को कहा है। गौतम द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे पर दिए गए एक अंतरिम आदेश में, जस्टिस मिनी पुष्करणा ने दोनों राजनीतिक पार्टियों को हत्या के मामले में बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव को कथित ‘वीआईपी’ बताकर टारगेट करने वाला कोई भी कंटेंट पोस्ट करने से भी रोक दिया। 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गईहाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ बातें सामने आई थीं, जिनमें भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम भी कथित तौर पर जोड़ा गया था। इन आरोपों को दुष्यंत गौतम ने सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि को खराब करने की सोची-समझी साजिश बताया था। उन्होंने इन आरोपों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने दुष्यंत गौतम की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की गंभीरता को समझा। अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही जानकारी मानहानिकारक प्रतीत होती है, जिससे भाजपा नेता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। इस आधार पर, अदालत ने तत्काल प्रभाव से कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे दुष्यंत गौतम से संबंधित सभी विवादास्पद पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री को हटा दें। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। बाद में सत्र न्यायालय ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।