From Kainchi Dham to the World: Almighty Motion Picture Announces ‘Sant’ — A 7-Part Epic Multilingual Series’ on Neem Karoli The Saint Who Inspired Steve Jobs, Mark Zuckerberg & Julia Roberts

Almighty Motion Picture has officially announced its most ambitious and spiritually significant project to date — SANT , a 7-part premium web series based on the life, times, and enduring legacy of the revered spiritual master Neem Karoli Baba Conceived as a landmark global series, Sant aims to present the extraordinary journey of Neem Karoli Baba — his philosophy of unconditional love, service, devotion, and the profound impact he has on millions across the world. The series seeks to bridge spirituality and cinema, bringing an authentic and deeply respectful portrayal of one of India’s most influential Saints to Contemporary Audiences. A Global-Scale Spiritual Vision Designed for worldwide reach, Sant will be produced in 20 languages, making it one of the most expansive multilingual spiritual series ever mounted by an Indian production house. The storytelling format will combine live-action cinematic filming, high-end VFX, and AI-assisted visual reconstruction, enabling the makers to recover different eras and events with immersive realism. The project has been under intensive research and development for over two years, involving spiritual scholars, historians, and creative experts to ensure accuracy, sensitivity, and narrative depth. International Craft, Indian Soul Almighty Motion Picture has finalized top technical talent from the United Kingdom, alongside an accomplished Indian creative and production team. The makers emphasize that the series will meet global OTT production standards while remaining rooted in Indian spiritual ethos. As part of its global outreach, the production will make best efforts to connect with distinguished international personalities such as Mark Zuckerberg, Julia Roberts, Steve Jobs Foundation, who are widely regarded as having been touched by Baba’s grace, in a humble effort to reflect the timeless and universal spirit of his teachings. A Deeply Personal Journey for the Producer Speaking about the project, producer and founder Prabhleen Sandhu shared her personal connection to the subject: “Sant is not just a series for me — it is a spiritual responsibility. Neem Karoli Baba ji has guided and protected me through the most challenging phases of my life. As a believer, I feel honoured to bring his story to the world. As a producer, I will leave no stone unturned to ensure that this series is created with the highest level of sincerity, devotion, and world-class quality. “ A Proven Track Record of Pathbreaking Content Prabhleen Sandhu recently delivered the critically acclaimed and widely discussed web series Bhay: The Gaurav Tiwari Mystery, a genre-defining paranormal show that premiered on Amazon MX Player and Prime Video, earning a strong audience response for its originality and courage. She also completed the prestigious series Made in India – A Titan Story, based on the journey of one of India’s most iconic brands, Titan The series featured veteran actor Naseeruddin Shah as J.R.D. Tata and Jim Sarbh as Xerxes Desai, and was praised for its cinematic storytelling and historical depth. A Series with Global Relevance With Sant, Almighty Motion Picture aims to set a new benchmark in spiritual storytelling — one that speaks to Believers, seekers, and global audiences alike. The series is envisioned not merely as content, but as an experience that reflects faith, compassion, and timeless wisdom in a modern cinematic language. Further details regarding casting, platform partnerships, and production timelines are expected to be announced in the coming months.
पहलगाम हमले के बाद भी पाकिस्तान का भ्रम अभियान जारी, आतंक पर कार्रवाई से पहले कोई बातचीत नहीं

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को ढाका में पाकिस्तानी संसद के स्पीकर अयाज सादिक से शिष्टाचार के तहत हाथ मिलाया था। इसे लेकर अब पाकिस्तान खुद अपनी पीठ थपथपाने में जुट गया है। ऑपरेशन सिंदूर से मिले जख्मों की हताशा पाकिस्तान के बयानों में साफ नजर आई। पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने एस जयशंकर और अयाज सादिक के बीच हाथ मिलाने को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की भरपूर कोशिश की। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी संसद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया कि यह हाथ मिलाना तब हुआ जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कार्यक्रम के दौरान अयाज सादिक से संपर्क किया। पाकिस्तानी संसद की ओर से जारी बयान में फर्जी दावा करते हुए कहा गया, ‘पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान ने बिना उकसावे के आक्रामकता और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए शांति वार्ता और संयुक्त जांच के प्रस्तावों सहित संवाद, संयम और सहयोगात्मक उपायों पर लगातार जोर दिया है।’ निशाना बनाकर किए गए हमलों के लिए जवाबदेही जरूरीहालांकि, पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की पोल पहले ही खुल चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार भड़काऊ बयानबाजी करने में पाकिस्तानी नेताओं ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। वहीं, फर्जी दावों की बाढ़ लाने में भी पाकिस्तानी नेताओं और सेना का कोई सानी नहीं था। 2025 की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में काफी तनाव आ गया था। इस हमले के बाद भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सुनियोजित राजनयिक और रणनीतिक उपाय किए। इनमें 1960 के ऐतिहासिक समझौते सिंधु जल संधि में भागीदारी का निलंबन भी शामिल था। भारत ने सीमा पार आवागमन और अन्य द्विपक्षीय गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई और नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के लिए जवाबदेही जरूरी है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क का काम बतायापहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू चलाया। इसमें पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए। पहलगाम हमले के बाद इस साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच रिश्ते बिगड़ने के बाद से वरिष्ठ स्तर पर यह कुछ चुनिंदा मुलाकातों में से एक थी। पहलगाम हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे, जिसे भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क का काम बताया था।
डेढ़ लाख नौकरियां, गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट UP 2026 की 10 बड़ी सौगातें

उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और शानदार बदलावों का साल साबित होगा। युवाओं को डेढ़ लाख सरकारी नौकरियों से लेकर गंगा एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट, पांचवां भूमि पूजन समारोह, वैश्विक निवेश, स्वास्थ्य और सुरक्षा क्षेत्र में प्रदेश को 10 बड़ी सौगातें मिलेंगी। ये न सिर्फ प्रदेश के आर्थिक विकास को रफ्तार देंगी, बल्कि आम लोगों का जीवन भी सुविधाजनक बनाएंगी। वर्ष 2026 में पुलिस विभाग 30 हजार आरक्षी, 5000 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती करेगा। इसके अलावा 15 हजार विभिन्न पदों पर भर्ती होगी। शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक के 50 हजार पदों पर भर्तियां होंगी। राजस्व विभाग में 20 हजार पदों पर भर्ती होगी। वहीं, कारागार, आवास विकास, बाल विकास पुष्टाहार, स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों में 30 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। 36230 करोड़ रुपये खर्च हुएदिल्ली से सटे जेवर में जल्द ही देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने की उम्मीद है। ये एयरपोर्ट 3300 एकड़ जमीन पर 7000 करोड़ रुपये की लागत से बना है। ये एक रनवे के साथ शुरू होगा। भविष्य में इसमें पांच रनवे होंगे। यह एयरपोर्ट सालाना एक करोड़ यात्रियों की क्षमता का होगा, जबकि हर दिन औसतन 150 उड़ानें संचालित होंगी। इस साल राज्य की सबसे लंबी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास की रफ्तार भी बढ़ाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किमी लंबा है, जो मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के 12 जिलों और 518 गांवों से गुजरेगा। इसके निर्माण में 36230 करोड़ रुपये खर्च हुए। कई नवाचारों को जोड़ा जाएगावर्ष 2026 की शुरुआत में ही सरकार पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) की तैयारी में हैं। इसके जरिये 5 लाख करोड़ से ज्यादा की निवेश परियोजनाएं जमीन पर उतारी जाएंगी। सरकार ने दोनों कार्यकाल में अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिये 15 लाख करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतारकर 60 लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी व रोजगार प्रदान किया है। योगी सरकार साल 2026 में एक और वैश्विक निवेशक सम्मेलन कराने पर विचार कर रही है। साल 2023 में 35 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को देखते हुए 2026 में यह आयोजन अधिक भव्य हो सकता है। इसके लिए औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी ने व्यापक कार्ययोजना बनाई है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को रफ्तार देने के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का अगला संस्करण निवेश मित्र 3.0 वर्ष 2026 में सबके सामने होगा। इसमें कई नवाचारों को जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक निवेशक हितैषी हो सके।
शेख हसीना का संदेश: “आइए, देश को अंधकार से बचाने के लिए एकजुट हों नए साल पर देशवासियों से अपील

बांग्लादेश में आम चुनावों से पहले बने अस्थिरता के माहौल से उपजी हिंसा फिलहाल थमती नजर आ रही है। इस बीच बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नए साल पर एक संदेश जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पार्टी की ओर से साझा किए गए नव वर्ष संदेश में लोगों से ‘देश को अंधकार के इस सफर से बचाने’ के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और 2026 के लिए शुभकामनाएं दीं। बांग्लादेश अवामी लीग के आधिकारिक एक्स हैंडल पर किए गए पोस्ट में शेख हसीना ने कहा, ‘मेरे प्यारे बांग्लादेश को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। यह नव वर्ष बांग्लादेश के सभी लोगों के लिए असीम सद्भाव, खुशी और समृद्धि लेकर आए।” उन्होंने कहा, ‘यह अतीत के दुखों और कष्टों को मिटा दे। गलतियों और कमियों को सुधारे और सभी के लिए एक यादगार वर्ष बन जाए।’ देश को अंधकार की ओर धकेल दियाशेख हसीना ने कहा, ‘यह मेरा सबसे बड़ा सपना और जीवन भर का संघर्ष रहा है कि यह देश वास्तव में अपने सभी लोगों का हो- चाहे उनका धर्म, रंग, वर्ग, पेशा या जातीय पहचान कुछ भी हो।’ अपने संदेश में अवामी लीग की अध्यक्ष ने देश के खिलाफ साजिशों का जिक्र करते हुए कहा, ‘देश को नष्ट करने की साजिश रचने वाले षड्यंत्रकारियों के नकाब और घिनौने चेहरे आपके सामने उजागर हो चुके हैं।” उन्होंने अज्ञात ताकतों पर बांग्लादेश को संकट में धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘आपने देखा है कि कैसे अवैध तरीके से हड़पने वालों ने, आपको बंधक बनाकर, असीमित भ्रष्टाचार, झूठ और व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के नशे के जरिये से देश को अंधकार की ओर धकेल दिया है।’ आज सवालों के घेरे मेंशेख हसीना ने लोगों से एकता की अपील करते हुए कहा, ‘हमें देश को अंधकार के इस सफर से बचाने के लिए एकजुट होना होगा।’ उन्होंने लोगों से साल की शुरुआत में सामूहिक प्रतिबद्धता निभाने का आग्रह किया और कहा, ‘आइए, नए साल का स्वागत करते हुए हम राष्ट्र की रक्षा करने की उस प्रतिबद्धता को निभाने का संकल्प लें।’ बांग्लादेश के इतिहास और पहचान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘देश की विशिष्ट पहचान और मुक्ति के लिए उसका ऐतिहासिक संघर्ष- वह बांग्लादेश जिसके लिए मेरी सरकार ने विश्व में इसे गरिमापूर्ण स्थान दिलाने के दृढ़ संकल्प के साथ अथक प्रयास किया- आज सवालों के घेरे में है।’
AAP ने यमुना किनारे किया हवन, बीजेपी सरकार के कथित पापों की माफी की अपील!

जहां एक तरफ दुनिया भर में चर्चा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों की जगह ले लेगा, वहीं महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस पर एक अलग और सकारात्मक नजरिया पेश किया है। अपने कर्मचारियों को भेजे नए साल के संदेश में उन्होंने कहा कि एआई उद्योगों को बर्बाद करने वाला खतरा नहीं, बल्कि काम की रफ्तार बढ़ाने वाला एक एक्सिलरेटर है। उनका मानना है कि तकनीक जब हुनरमंद हाथों के साथ मिलती है, तो वह उन हाथों की वैल्यू को कई गुना बढ़ा देती है। तालमेल बिठाकर काम कर सकतेजहां एक तरफ दुनिया भर में चर्चा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों की जगह ले लेगा, वहीं महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस पर एक अलग और सकारात्मक नजरिया पेश किया है। अपने कर्मचारियों को भेजे नए साल के संदेश में उन्होंने कहा कि एआई उद्योगों को बर्बाद करने वाला खतरा नहीं, बल्कि काम की रफ्तार बढ़ाने वाला एक एक्सिलरेटर है। उनका मानना है कि तकनीक जब हुनरमंद हाथों के साथ मिलती है, तो वह उन हाथों की वैल्यू को कई गुना बढ़ा देती है। आनंद महिंद्रा ने एक बहुत ही दिलचस्प बात कही कि एआई की मदद से अब ब्लू कॉलर (फैक्ट्री या मशीनों पर काम करने वाले) श्रमिक गोल्ड कॉलर पेशेवर बन जाएंगे। उन्होंने विस्तार से बताया कि जब एक तकनीशियन या कारीगर एआई और डिजिटल टूल्स का उपयोग करना सीख जाएगा, तो उसका काम पहले से कहीं ज्यादा कीमती, सम्मानजनक और अधिक कमाई वाला हो जाएगा। भविष्य में उन लोगों की कद्र और बढ़ेगी जो न केवल मशीनों को समझते हैं, बल्कि एआई के साथ तालमेल बिठाकर काम कर सकते हैं। विकास के नए रास्ते बनाएंगेस्किल डेवलपमेंट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए महिंद्रा ने तेलंगाना की यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के बोर्ड चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान युवाओं को भविष्य की हाई-टेक दुनिया के लिए तैयार करेगा। इसके साथ ही महिंद्रा ट्रैक्टर्स और टेक महिंद्रा की एकेडमियां भी युवाओं को एआई और आधुनिक तकनीकों में माहिर बनाने के मिशन पर काम कर रही हैं। साल 2025 की उपलब्धियों पर बात करते हुए आनंद महिंद्रा ने बताया कि अब महिंद्रा को सिर्फ एक मजबूत और भरोसेमंद घरेलू ब्रांड ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक और फ्यूचर रेडी ब्रांड के रूप में देखा जा रहा है। एसयूवी (SUV), खेती के उपकरण और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (EV) के क्षेत्र में मिली सफलता ने साबित किया है कि कंपनी भविष्य की तकनीक में महारत हासिल कर रही है। उन्होंने अंत में कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि दुनिया भले ही अनिश्चित हो, लेकिन हम मिलकर विकास के नए रास्ते बनाएंगे।
नए साल 2026 की शुरुआत: उत्तर भारत में भीषण ठंड और घने कोहरे ने रोका सफर, 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित!

नए साल के आगाज के साथ राष्ट्रीय राजधानी समेत समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड से सिहर उठा है। मध्य से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक ठिठुरन रही। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानों में बेहद सर्द हवाएं चल रही हैं। ठंड के साथ घनघोर कोहरे ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। सड़क, रेल एवं हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से जिंदगी ठहर गई है। दिल्ली और श्रीनगर में 300 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा है। अभी राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही। उत्तर भारत में चार से पांच दिन घना कोहरा बना रह सकता है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में बारिश के भी आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, यूपी, ओडिशा व मेघालय के कुछ हिस्सों में मंगलवार की रात से बुधवार सुबह तक घना कोहरा छाया रहा। ज्यादातर जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। प. बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों, बिहार, मध्य प्रदेश और असम के अलग-अलग इलाकों में भी घना कोहरा छाया रहा। तीखी सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि जब तापमान कम होता है, हवाएं हल्की होती हैं और नमी का स्तर अधिक होता है, तब कोहरा बनता है और दिन में अधिक देर तक रहता है। चूंकि, कोहरा सूरज की रोशनी को रोकता है, इसलिए दिन में ज्यादा ठंड महसूस होती है। दिल्ली-एनसीआर में दिनभर धूप नहीं खिलने से दृश्यता गिर गई। इसका सर्वाधिक असर ट्रेनों व उड़ानों पर पड़ा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कम दृश्यता के कारण कम से कम 148 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जिनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं। भारी गिरावट के कारण शीत दिवस की चेतावनी दीमैदानी राज्यों में शीतलहर से तापमान में गिरावट आई है। पंजाब में अमृतसर में सबसे कम 6.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। हरियाणा में रोहतक सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री और राजस्थान के करौली में सबसे कम 4.6 डिग्री तापमान दज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान व यूपी समेत मैदानी राज्यों में एक जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी यूपी और हिमाचल प्रदेश में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है, जबकि बिहार में गंभीर शीत दिवस की स्थिति की चेतावनी दी गई है। कश्मीर घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात हुआ है। इनमें बांदीपोरा का गुरेज, बारामूला का गुलमर्ग और कुपवारा का मच्छिल शामिल हैं। मौसम विभाग ने एक और दो जनवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में गरज के साथ भारी बारिश, वज्रपात और बर्फबारी की संभावना जताई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जमने से सड़कें बंद होने और सामान्य आवाजाही प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। हिमाचल, उत्तराखंड में तीन जनवरी तक बारिश व बर्फबारी के आसार हैं। यूपी के 14 जिलों में बृहस्पतिवार को बारिश होने की संभावना है। 35 जिलों में दिन के तापमान में भारी गिरावट के कारण शीत दिवस की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में बारिश के आसार बने हुएदिल्ली में बुधवार छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.4 डिग्री नीचे) व अधिकतम 14.2 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 6.2 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 2020 के बाद से सबसे कम दैनिक तापमान है। इससे पूर्व 31 दिसंबर, 2019 को अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री रहा था। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 13.9 डिग्री व न्यूनतम 7.4 डिग्री, नोएडा में अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।नए साल 2026 की शुरुआत उत्तर भारत में भीषण ठंड और घने कोहरे से हुई। बुधवार को 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित रहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी हुई और दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने INSV कौंडिन्य की टीम को नए साल से पहले दी विशेष शुभकामनाएं, भारत की समुद्री विरासत को बनाया गौरव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल से पहले भारतीय नौसेना के ऐतिहासिक नौकायन पोत INSV कौंडिन्य की टीम का उत्साह बढ़ाया है। पीएम मोदी ने समुद्र में यात्रा कर रही टीम की एक तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए उनके जोश और समर्पण की सराहना की। प्रधानमंत्री ने लिखा कि आईएनएसवी कौंडिन्य की टीम से यह तस्वीर पाकर उन्हें बेहद खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही देश वर्ष 2026 में प्रवेश करने जा रहा है, समुद्र के बीच इस ऐतिहासिक अभियान पर निकली टीम को उनकी विशेष शुभकामनाएं हैं और आशा है कि आगे की यात्रा भी सफलता और आनंद से भरी होगी। आईएनएसवी कौंडिन्य को सोमवार को गुजरात के पोरबंदर से ओमान के लिए रवाना किया गया था। इस अवसर पर पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन मौजूद रहे। साथ ही भारत में ओमान के राजदूत ईसा सालेह अल शिबानी भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। मिशन को और अधिक प्रेरणादायक बना दियारक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएसवी कौंडिन्य भारत की प्राचीन समुद्री परंपराओं से प्रेरित एक अनोखा पोत है। यह पूरी तरह लकड़ी से बना है और इसे पारंपरिक स्टिच्ड-प्लैंक तकनीक से तैयार किया गया है। आधुनिक जहाजों के विपरीत, इसके लकड़ी के तख्तों को नारियल की रस्सियों से सिला गया है और प्राकृतिक रेज़िन से सील किया गया है। यह तकनीक कभी भारत के तटीय क्षेत्रों और हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रचलित थी। आईएनएसवी कौंडिन्य इतिहास, कारीगरी और आधुनिक नौसैनिक कौशल का दुर्लभ संगम है, जो भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है। आईएनएसवी कौंडिन्य की यह यात्रा केवल एक नौसैनिक अभियान नहीं, बल्कि भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक समुद्री संबंधों की भी याद दिलाती है। पीएम मोदी की शुभकामनाओं ने इस मिशन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया है, जो नए साल में भारत की सांस्कृतिक और समुद्री पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत करेगा।
बीजेपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष में जल्द हो सकता है बड़ा बदलाव, नए चेहरे की संभावना तेज!

भाजपा आलाकमान के पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद पर नितिन नबीन की नियुक्ति के बाद अब उन प्रदेशों के अध्यक्ष बनाने की शुरूआत होने वाली है, जहां संगठन के चुनाव नहीं हुए हैं। बताया जा रहा कि 15 जनवरी को खरमास समाप्त होने के बाद इस संबंध में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की भी प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को दोबारा मौका मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। पार्टी के अंदरूनी बातों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए यह संकेत मिल रहे हैं कि संगठन की कमान किसी नए और चौंकाने वाले चेहरे को सौंपी जा सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि वीरेंद्र सचदेवा को दोबारा अवसर देना होता तो कुछ प्रदेशों की तरह उनकी नियुक्ति पहले ही कर दी जाती, लेकिन दिल्ली में ऐसा न होना इस बात की ओर इशारा है कि केंद्रीय नेतृत्व संगठनात्मक बदलाव के मूड में है। सचदेवा को दूसरा कार्यकाल न देने के पीछे दिल्ली सरकार और दिल्ली के कुछ सांसदों से उनके संबंध अपेक्षित रूप से सहज न होना एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। लेकिन संगठनात्मक रूप से मजबूत चेहरा सामने आ सकतासंगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की कमी को लेकर भी शीर्ष नेतृत्व में असंतोष की चर्चा है। इसके अलावा हाल ही में एमसीडी के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव भी वीरेंद्र सचदेवा के खिलाफ जा रहे हैं। इन उपचुनावों में भाजपा को पहले की तुलना में कम सीटें मिलना पार्टी के भीतर नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। एमसीडी में भाजपा पार्षदों के बीच जारी गुटबाजी को लेकर भी प्रदेश नेतृत्व पर उंगलियां उठ रही हैं। कई वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि आपसी खींचतान को नियंत्रित नहीं किया जा रहा है और इसका सीधा असर एमसीडी की राजनीति और पार्टी की छवि पर पड़ रहा है। यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव को अब अपरिहार्य माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन की तरह ही दिल्ली में भी कोई अपेक्षाकृत नया या कम चर्चित, लेकिन संगठनात्मक रूप से मजबूत चेहरा सामने आ सकता है। एक दर्जन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रहीहालांकि संभावित नामों की सूची लंबी है। उत्तर पश्चिम दिल्ली से सांसद योगेंद्र चांदोलिया, पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज के अलावा एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल सहित करीब एक दर्जन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है। हालांकि संभावित नामों की सूची लंबी है। उत्तर पश्चिम दिल्ली से सांसद योगेंद्र चांदोलिया, पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज के अलावा एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल सहित करीब एक दर्जन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है।
बीजेपी अटल स्मृति सम्मेलन में गुटबाजी का खुलासा, महानगर अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट

भाजपा के अटल स्मृति सम्मेलन में 31 दिसंबर को क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के सामने संगठन की गुटबाजी सतह पर आ गई। हैबिटेट सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष व कुछ कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हो गई। उनके गनर ने रोकने का प्रयास किया तो उसके साथ हाथापाई और मारपीट हो गई। आरोप उसे थप्पड़ जड़ने का भी लग रहा है। बाद में अन्य नेताओं के गनरों व नेताओं के बीच बचाव करने पर मामला शांत हुआ। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप लगाया है। सिपाही ने मामले में एसएसपी को लिखित शिकायत दे दी है। घटनाक्रम के अनुसार मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य हैबिटेट सेंटर स्थित ऑडिटोरियम में जाने से पहले पांचवें माले पर थे, जब वे ऑडिटोरियम में जाने लगे तो अनुसूचित मोर्चा कार्यकर्ता राकेश सहाय और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने उनके साथ फोटो खिंचवाने का प्रयास किया। तभी महानगर अध्यक्ष इंजीनियर राजीव शर्मा का धक्का लगने पर उनमें तड़का- भड़की हो गई। इसके बाद जब मंच पर कार्यक्रम चल रहा था, तब राकेश सहाय, पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा, गोरांग तिवारी आदि कार्यकर्ता मंच पर क्षेत्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए जाने लगे, तभी उन्हें महानगर अध्यक्ष ने रुकने का इशारा किया। महानगर अध्यक्ष के गनर ने उन्हें मंच पर चढ़ने से रोक दिया। इस पर यहां भी धक्का-मुक्की के हालात बन गए, किसी तरह उस समय भी बात संभली, लेकिन गनरों को कार्यक्रम से बाहर करने की आवाज उठने लगी। इसी बात पर दोनों में जमकर बहस हो गईइसके बाद कार्यक्रम समाप्त होने पर सभी लोग नीचे आ गए। अब उन्हीं कार्यकर्ताओं ने फिर से क्षेत्रीय अध्यक्ष के गाड़ी में सवार होने से पहले फोटो खिंचवाने का प्रयास किया। आरोप है कि उस समय उनकी महानगर अध्यक्ष से धक्का-मुक्की हो गई और विवाद बढ़ गया। दोनों गुटों में गरमा-गरमी होने लगी। इसी बीच जब उनका सिपाही (गनर) अनूप कुमार बीच में आए तो उनसे भी धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि बात इतनी बढ़ गई कि राजीव शर्मा के क्षेत्रीय अध्यक्ष संग गाड़ी में सवार होने के बाद भीड़ में कुछ कार्यकर्ताओं ने गनर अनूप संग हाथापाई करते हुए थप्पड़ तक जड़ दिए गए। अन्य गनर व कुछ नेताओं ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। इस घटनाक्रम के बाद ज्यादातर नेता अपनी अपनी गाडिय़ों में सवार होकर चले गए। तभी वहां महानगर अध्यक्ष खेमे की महिला नेता व महानगर के एक मंडल की उपाध्यक्ष ने मारपीट करने वालों पर शराब पीकर आने का आरोप लगा दिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने उसकी यह टिप्पणी सुन ली तो तीखा जवाब दे दिया। इसी बात पर दोनों में जमकर बहस हो गई। उसे भी कुछ लोगों ने शांत कराया। क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने विषय रख दियाइस घटनाक्रम की खबर पर उसी समय सिविल लाइंस पुलिस वहां पहुंच गई थी। देर शाम गनर अनूप ने महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा संग एसएसपी से मुलाकात की। अनूप ने एसएसपी को पूरा विषय बताते हुए लिखित में शिकायत दी है। इसमें राकेश सहाय व उसके कुछ साथियों पर हाथापाई और धक्कामुक्की करने का आरोप लगया गया है। एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि महानगर अध्यक्ष ने घटना की जानकारी दी है। सिपाही ने भी लिखित में शिकायत दी है। इसकी जांच कराई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो स्थिति पाई जाएगी, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा का कहना है कि राकेश सहाय ने कार्यक्रम में आगे-पीछे आने पर कई बाद धक्का मुक्की की। ये सब उन्होंने किस वजह से किया, ये तो नहीं कहा जा सकता। मगर जब गनर ने उन्हें रोका तो गनर के साथ भी उन्होंने साथियों संग हाथापाई कर दी। यह वरिष्ठ नेताओं व अतिथियों के सामने पार्टी की नीतियों के खिलाफ किया गया कृत्य है। कुछ नेताओं का इशारा होना संभव है। हमने क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने विषय रख दिया है। बाकी पार्टी परिवार का मामला है। इसलिए कोई शिकायत करने का मतलब नहीं है।
नए साल 2026 में दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का वादा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी शुभकामनाएं

नए साल 2026 की शुरुआत पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आने वाला साल दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगा। उन्होंने कहा कि 2025 में सरकार ने तैयारियां कीं और कई अहम फैसले लिए, अब 2026 में पुरानी समस्याओं का समाधान जमीन पर उतारने का समय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान सरकार को नई जिम्मेदारियां मिलीं और काम करने के कई अवसर भी आए। कुछ लोगों ने सरकार के काम को भटकाने की कोशिश की। इसके बावजूद सरकार ने वे फैसले लिए जिनका दिल्ली लंबे समय से इंतजार कर रही थी। एजुकेशन बिल लाए, आयुष्मान योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अटल कैंटीन की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए भी अहम सुधार किए गए, ताकि व्यापारियों और उद्यमियों को राहत मिल सके। दिल्ली में एंड टू एंड कारपेटिंग सड़कों का काम शुरू हुआ। बेहतर सफाई के लिए नई मशीनें लाई गईं। खुले में अलाव जलाने पर रोक लगाई गई। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम एक शुरुआत हैं और अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगामुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को कई समस्याएं विरासत में मिली हैं, जिनका समाधान 2026 में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 2026 में दिल्ली के कूड़े के पहाड़ खत्म होंगे। विजन 2047 के तहत सरकार हर उस समस्या का समाधान करेगी, जिसकी उम्मीद दिल्लीवासी करते हैं। उन्होंने सभी को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 2026 दिल्ली के लिए नई उम्मीद, नई ऊर्जा और नई खुशियां लेकर आएगा। नए साल 2026 की शुरुआत पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आने वाला साल दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगा।