बरेली के डेन कैफे में बर्थडे पार्टी के दौरान हंगामा, छह आरोपी हिरासत में “जानें क्या है पूरा मामला”

बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर के डेन कैफे में नर्सिंग की छात्रा के जन्मदिन की पार्टी के दौरान तोड़फोड़ और मारपीट का मामला गरमाताजा रहा है। मामला हिंदू मुस्लिम आधार पर सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया है। प्रेमनगर थाना प्रभारी अपने फैसलों को लेकर सोशलमीडिया पर कटाक्ष का शिकार हो रहे हैं तो सीओ प्रथम की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना के मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने भगवागमछा गले में डालकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। उसने खुद को और अपने साथियों को निर्दोष बताया है। कहा है कि दूसरे समुदाय केलड़कों के साथ उस लड़की को देखकर उन लोगों ने विरोध किया था। मैंने कुछ गलत नहीं किया था। वे लोग केवल धार्मिक आधार पर उन लड़कोंकी हरकत का विरोध कर रहे थे। अब पुलिस उनके पीछे पड़ी है। उनके पिता को सुभाषनगर थाने में बैठा रखा है। आरोपी ने हाथ जोड़कर सीएम योगीसे उचित कार्रवाई करवाने की गुहार लगाई। जिले की सीमा से बाहर छोड़ा जा सकेबजरंग दल के सह विभाग संयोजक आर्यन चौधरी ने इस मामले में सीओ प्रथम को घेरने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा है कि सीओ प्रथम कीमानसिकता हमेशा से धर्म विरोधी रही है और इसीलिए उनके इलाके में धर्म परिवर्तन जैसी गतिविधियां चल रही हैं, जिनके प्रमाण वह उपलब्ध करासकते हैं। इधर, सुभाषनगर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि ऋषभ ठाकुर को जिला बदर करने का आदेश अगस्त में ही हो चुका है। वहपुलिस को आज तक नहीं मिल सका है ताकि उसे नोटिस तामील करके जिले की सीमा से बाहर छोड़ा जा सके। उस पर चोरी व जानलेवा हमले केमामले दर्ज हैं। इन मुकदमों से जुड़ी अखबार की खबरों की कटिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। छह आरोपियों को हिरासत में ले लियाराजेंद्रनगर स्थित डेन कैफे में शनिवार रात कुछ युवकों ने छात्रा की बर्थडे पार्टी में ग्राहकों व कर्मचारियों से मारपीट, गाली-गलौज की थी। कैफे मेंतोड़फोड़ भी की गई। मना करने पर जान से मारने की धमकी देकर हंगामा काटा गया। कैफे संचालक ने सुभाषनगर निवासी बजरंग दल कार्यकर्ताऋषभ ठाकुर व मिनी बाइपास रोड निवासी दीपक पाठक समेत 20-25 अन्य पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रेमनगर थाना पुलिस सीसी फुटेज व वीडियोसमेत अन्य साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी में जुट गई है। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि नामजद आरोपियों के अलावापुलिस की जांच में वीर सावरकर नगर निवासी प्रिंस सिंह, आकाश, आशीष उर्फ पारस जौहरी, गगन विहार कॉलोनी निवासी मृदुल उर्फ मनीष दुबे वबन्नूवाल नगर निवासी दीपक पुत्र कालीचरन का नाम प्रकाश में आया। एक नाबालिग आरोपी के भी शामिल होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने सभी छहआरोपियों को हिरासत में ले लिया। सोमवार को पांच आरोपियों का चालान कर कोर्ट और नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
अमित शाह का बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर ममता सरकार पर तंज, 450 किमी खुला बॉर्डर, चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा

पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बांग्लादेश से लगते बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है।शाह ने कहा, पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार है, वह जमीन नहीं दे रही। इसके चलते सीमा पर ‘फेंसिंग’ लगाने का काम नहीं हो पा रहा है।बंगाल के लोग घुसपैठ को लेकर चिंतित हैं। भाजपा सरकार, इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। हम न केवल घुसपैठियों की पहचान करेंगे, बल्किउन्हें बाहर भी निकालेंगे। गृह मंत्री ने इसके लिए एक राष्ट्रीय ग्रिड का निर्माण करने की बात भी कही। अगले साल पश्चिम बंगाल के चुनावी दंगल में’फेंसिंग’ एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री संसद में कह चुके हैं कि 10 रिमाइंडर देने पर भी ममता सरकार, फेंसिंग लगाने केलिए जमीन नहीं दे रही। पश्चिम बंगाल से लगता 450 किमी बॉर्डर पूरी तरह से खुला पड़ा है। पिछले 11 वर्ष में बांग्लादेश से लगती सीमा के विभिन्नहिस्सों पर 21000 बांग्लादेशी घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए हैं। कुशासन और नागरिकों के बीच चिंता देखीमंगलवार को कोलकाता में एक प्रेसवार्ता के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पश्चिम बंगाल से घुसपैठ खत्म करने के लिए मजबूत ‘ग्रिड’ बनेगा। यह ग्रिड ऐसा होगा कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। 2026 का विधानसभा चुनाव, राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। अमित शाह नेपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि साल 2026 में यहां पर भाजपा की सरकार बनेगी। टीएमसीसरकार के 15 साल के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल ने घुसपैठ के कारण डर, भ्रष्टाचार, कुशासन और नागरिकों के बीच चिंता देखी है। ये ऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगीकेंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा में ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल’ 2025 पर चर्चा के दौरान बताया था कि पश्चिम बंगाल से लगते बांग्लादेश बॉर्डर पर450 किलोमीटर के क्षेत्र में फेंसिंग नहीं हुई है। वजह, पश्चिम बंगाल सरकार, जमीन नहीं दे रही है। जब कभी फेंसिंग लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती हैतो टीएमसी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी और धार्मिक नारेबाजी करने लगते हैं। पश्चिम बंगाल में 2216 किलोमीटर लंबी सीमा, बांग्लादेश से सटी हुई है।इसमें से 1653 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर फेंसिंग लग चुकी है। लगभग 563 किलोमीटर लंबा बॉर्डर आज भी खुला है। इसमें से 112 किलोमीटरक्षेत्र में नदी, नाले व ऊँचाई वाली जगह हैं। यहां पर भी फेंसिंग का प्रयास किया गया है, लेकिन 450 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग होना बाकी है। शाहने लोकसभा में बताया था कि इसके लिए दस रिमाइंडर दिए गए हैं। इसके बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार ने फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दी। इस बाबतकेंद्रीय गृह सचिव और बंगाल के मुख्य सचिव के बीच आधा दर्जन से ज्यादा बार मीटिंग हुई हैं। कई जगह ऐसी हैं, जब वहां फेंसिंग होती है तोसत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता हुड़दंग मचाने लगते हैं। बांग्लादेश के साथ पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्य की सीमा लगतीहै। इसमें से पश्चिम बंगाल की सीमा सबसे लंबी है। भारत-बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई 4096.70 किलोमीटर है। इसमें से3239.92 किलोमीटर, यानी 79.08 प्रतिशत क्षेत्र पर बाड़ लगाई गई है। इस सीमा पर 856.778 किलोमीटर क्षेत्र, मतलब 20.92 प्रतिशत, येऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगी है।
देहरादून में नस्लीय हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, एंजेल चकमा की मौत पर न्यायिक कार्रवाई की मांग

देहरादून में त्रिपुरा के 24 साल एक छात्र एंजेल चकमा की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक पीआईएलदायर की गई है, जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों और दूसरे सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंसा को रोकने की मांग की गई है।इसके साथ ही याचिका में लगातार हो रही संवैधानिक नाकामी को दूर करने के लिए न्यायिक दखल की भी अपील की गई है। बता दें कि एंजेलचकमा की 27 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई इलाके में नस्लीय हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई थी। याचिका के अनुसार, त्रिपुरा केउनाकोटी जिले के मछमारा निवासी 24 वर्षीय एंजेल चकमा 27 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई इलाके में हुए एक नस्लीय हमले में गंभीर रूप सेघायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वह एमबीए की पढ़ाई के लिए देहरादून आए थे और घटना के वक्त अपने छोटे भाई माइकलके साथ थे। दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गईएंजेल चकमा के परिवार ने सभी आरोपियों के लिए फांसी या कम से कम आजीवन कारावास की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह हमलाअचानक नहीं था, बल्कि नस्लीय नफरत से प्रेरित था। घटना के दौरान दोनों भाइयों पर हमला किया गया और एंजेल के गले और रीढ़ की हड्डी में गंभीरचोटें आईं। दिल्ली के वकील अनूप प्रकाश अवस्थी द्वारा दायर पीआईएल में केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों कोपक्षकार बनाया गया है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के उल्लंघन का हवाला देते हुए नस्लीय हिंसा को रोकने के लिए स्पष्टदिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई है। इसमें ‘रेशियल स्लर’ को अलग श्रेणी का घृणा अपराध मानने और उसके लिए सजा तय करने की भी अपीलकी गई है। दोषियों को सख्त सजा नहीं मिल पातीपीआईएल में केंद्र और राज्यों से नस्लीय अपराधों के लिए एक स्थायी नोडल एजेंसी या आयोग बनाने की मांग की गई है। साथ ही हर जिले औरमहानगर में विशेष पुलिस इकाई गठित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत दर्ज हो और कार्रवाई हो सके। याचिका मेंकहा गया है कि एंजेल चकमा की हत्या कोई अकेली घटना नहीं है। इसमें 2014 में नीदो तानियाम की मौत और महानगरों में पूर्वोत्तर के छात्रों वकामगारों पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया गया है। याचिका के मुताबिक, नस्लीय मंशा को जांच के शुरुआती चरण में दर्ज न करने से ऐसे अपराधसामान्य मामलों में बदल जाते हैं और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिल पाती।
ममता बनर्जी का आरोप एसआईआर से बंगाल में प्रताड़ना, भाजपा पर जमकर हमला

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया किपश्चिम बंगाल में ही एसआईआर प्रक्रिया के चलते करीब 60 लोगों की मौत हुई है। बुजुर्ग लोगों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है।बांकुड़ा की जनसभा में ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले वे सोनार बांग्ला का वादा करते हैं, लेकिन दूसरे राज्योंमें बंगाली बोलने वाले लोगों को पीटा जाता है। बांकुड़ा की रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, एसआईआर एक बहुत बड़ा घोटाला है और एआई तकनीक का इस्तेमाल करके एसआईआर किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि लोग, भाजपा को पश्चिम बंगाल की सत्ता में नहीं आने देंगे। टीएमसी प्रमुख ने धमकी देते हुए कहा, अगर मतदाता सूची से एक भी वैध मतदाता का नाम कटातो उनकी पार्टी टीएमसी दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस का घेराव करेगी। जनसभा में ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘भाजपा कहती है कि घुसपैठिए सिर्फ बंगाल से आते हैं। अगर ऐसा है तो क्या पहलगाम में हमला आपने कराया था? दिल्ली में जो घटना हुई, उसकेपीछे कौन था? भाजपा सिर्फ एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है।’ कुछ लोगों को परेशानी होने लगतीममता बनर्जी का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बंगाल के दौरे पर हैं और अपने दौरे पर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंसकी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि ये सरकार घुसपैठ नहीं रोक सकती। उन्होंने दावा कियाकि बंगाल में भाजपा सरकार बनी तो परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार चुनावी फायदे के लिएबांग्लादेशी घुसपैठियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश से गरीबी मिटा रही है और बंगाल में सभी योजनाएं खत्म होने के कगारपर पहुंच गई हैं। इससे पहले कोलकाता में ‘दुर्गा आंगन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘कई लोगों ने कहा है कि मैं तुष्टीकरण कर रही हूं, लेकिन मैं सेक्युलर हूं और सभी धर्मों में विश्वास करती हूं। मुझे बंगाल से प्यार है, मुझे भारत से प्यार है। हम सभी जातियों, सभी धर्मों से प्यार करते हैं।यही हमारी विचारधारा है। हर व्यक्ति को अपना लोकतांत्रिक अधिकार है। धर्म व्यक्तिगत पसंद है लेकिन त्योहार सभी के लिए हैं।’ ममता बनर्जी नेकहा कि ‘मैं सभी धर्मों के कार्यक्रमों में जाती हूं, जब मैं गुरुद्वारे जाता हूं तो किसी को कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन अगर मैं ईद के कार्यक्रम में जातीहूं तो कुछ लोगों को परेशानी होने लगती है।’
ट्रंप को मिलेगा इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, शांति श्रेणी में पहली बार विदेशी नागरिक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस्राइल के सर्वोच्च नागरिक सम्मान इस्राइल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस्राइल के प्रधानमंत्रीबेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को फ्लोरिडा में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये एलान किया। नेतन्याहू ने एलान करतेहुए कहा कि इस्राइली सरकार ने फैसला किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस्राइल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। 80 साल में यह पुरस्कारकिसी भी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है और पहली बार है कि शांति श्रेणी में यह पुरस्कार दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इसएलान पर खुशी जताई और कहा कि यह सम्मान उनके लिए अनापेक्षित था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने लोगोंको चौंकाने के लिए कई परंपराएं तोड़ी हैं, इसलिए हमने भी तय किया है कि हम भी एक परंपरा तोड़ेंगे और नई बनाएंगे। वो ये है कि इस्राइल सम्मान, जो 80 साल से किसी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है, उससे राष्ट्रपति ट्रंप को सम्मानित किया जाएगा। भोजन के दौरान हमारे शिक्षा मंत्रीने इसका एलान किया था और यह पुरस्कार राष्ट्रपति ट्रंप के इस्राइली और यहूदी लोगों की भलाई में दिए गए योगदान के लिए दिया जाएगा। समारोह में शामिल होने पर विचार करेंगेइस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपने इस्राइली लोगों के लिए जो किया, हमारी आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में जो मदद की, उसके लिए हमलोग आपके शुक्रगुजार हैं।’ इस्राइल पुरस्कार, इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो पारंपरिक रूप से विज्ञान, कला और मानविकी जैसे क्षेत्रों मेंउत्कृष्ट काम करने के लिए इस्राइली नागरिकों को दिया जाता है। शांति श्रेणी में यह पुरस्कार पहले कभी नहीं दिया गया था। जुलाई 2025 में, इस्राइल ने पुरस्कार नियमों में संशोधन किया ताकि यह सम्मान किसी विदेशी नागरिक को भी दिया जा सके, जिससे ट्रंप के चयन का रास्ता साफ होगया। ट्रंप पुरस्कार लेने के लिए इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी संकेत दिया कि वह समारोह मेंशामिल होने पर विचार करेंगे। जहां उन्हें सम्मानित किया जाएगाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई के भांडुप में सड़क हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी। प्रधानमंत्रीमोदी ने X पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘मुंबई के भांडुप में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायल जल्द से जल्द ठीक हों।’ इस्राइल सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान सेसम्मानित करने का फैसला किया है। नेतन्याहू ने बताया कि इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ट्रंप इस्राइल का दौरा करेंगे, जहां उन्हें सम्मानितकिया जाएगा।