शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस में मतभेद, हनुमंत राव बोले– यह निजी राय, पार्टी की सोच नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान को लेकर पार्टी में नई बहस छिड़ गई है, जिसे उनकी ही पार्टी के नेता वी. हनुमंत राव ने कांग्रेसकी सोच से अलग बताया। हनुमंत राव ने कहा कि यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसा नहीं सोचती। हनुमंत राव ने कहा किकांग्रेस में लोकतांत्रिक व्यवस्था है, इसलिए हर किसी को अपनी राय रखने की आजादी है। उन्होंने कहा, हमारे यहां लोकतंत्र है, इसलिए लोग अपनेविचार सामने रखते हैं। अगर किसी दूसरी पार्टी में ऐसा बयान दिया जाता, तो तुरंत कार्रवाई होती। यह उनकी सोच हो सकती है, लेकिन पार्टी ऐसानहीं सोचती। उन्हें बहादुर बतायाइससे पहले दोपहर में भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शशि थरूर के बयान की तारीफ करते हुए उन्हें बहादुर बताया। उन्होंने उम्मीद जताई किकांग्रेस थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। पूनावाला ने कहा, एक बार फिर शशि थरूर ने राहुल गांधी को आईना दिखाने का साहस दिखायाहै। उन्होंने कहा कि विदेश नीति किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि देश की होती है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगी।लेकिन हो सकता है कि वे उनके खिलाफ फतवा जारी कर दें, क्योंकि वे राष्ट्रीय हित को पारिवारिक हित से ऊपर नहीं रख पाते।
उत्तरी बेंगलुरु अतिक्रमण कार्रवाई पर सियासी घमासान, डीके शिवकुमार ने पिनरई विजयन को दी दखल न देने की सलाह

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री को उत्तरी बंगलूरू में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में हस्तक्षेप नकरने की सलाह दी। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी में मुस्लिम आवासीय क्षेत्रों को कथित तौर पर ध्वस्तकिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इस कार्रवाई को चौंकाने वाला और पीड़ादायक बताया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि फकीर कॉलोनी औरवसीम लेआउट में वर्षों से रह रहे मुस्लिम परिवारों के घर गिराए जाना दर्दनाक और चौंकाने वाला है। पूरी तरह एक राजनीतिकइस पर प्रतिक्रिया देते हुए डी के शिवकुमार ने कहा, ‘यह पूरी तरह एक राजनीतिक बयान है। बिना तथ्य जाने पिनरई विजयन को हमारे राज्य केमामलों में दखल नहीं देना चाहिए। यह चुनाव के समय किया गया राजनीतिक हथकंडा है।’ शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन पर झुग्गियां बनीथीं, वह ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नौ साल पहले अधिसूचित की गई थी। उन्होंने कहा कि यह जगह एक पुरानी खदान और कचरा डंपिंग साइट है, जो बेहद खतरनाक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा ‘कुछ लोगों ने रातों-रात अवैध रूप से कब्जा कर लिया। यह जमीन हड़पने कामामला है। इसमें किसी समुदाय को निशाना बनाने की बात बिल्कुल गलत है।’ बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं कियाउपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई में किसी भी तरह के बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘हमने सिर्फ सार्वजनिकजमीन की रक्षा की है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित कचरा प्रबंधन की जगह है। हम ऐसे अवैध स्लम को बढ़ावा नहीं दे सकते।’ उन्होंने यह भी भरोसादिलाया कि कांग्रेस सरकार मानवीय दृष्टिकोण रखती है और नियमों के तहत पात्र लोगों को वैकल्पिक आवास दिया जाएगा। डीके शिवकुमार ने आगेकहा कि ‘जो लोग वास्तव में जरूरतमंद और पात्र हैं, उन्हें राजीव गांधी आवास योजना के तहत घर दिए जाएंगे। लेकिन बिना कारण सरकारी जमीनपर कब्जा करने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा।’ शिवकुमार के अनुसार, अधिकतर अतिक्रमणकारी बाहरी लोग हैं और कुछ ही स्थानीय हैं। उन्होंनेबताया कि यह इलाका ब्यातरायनपुरा विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां से राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा विधायक हैं। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ औरअनुभवी नेता हैं और उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए थे कि किसी भी तरह की भूमि हड़पने की कोशिश न होने दी जाए।’
मनरेगा बचाने के लिए कांग्रेस का देशव्यापी अभियान, 5 जनवरी से होगा ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करने के खिलाफ देशभर में अभियानचलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांच जनवरी से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्षराहुल गांधी ने भी खरगे की तरह ही अपील की है। मनरेगा को बचाने का संकल्प लियाकांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद खरगे ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया। उन्होंनेकहा कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी और सरकार के फैसले का विरोध करेगी। खरगे ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं है, बल्कियह संविधान की ओर से दिया गया काम करने का अधिकार है। इसे कमजोर या खत्म करना गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा को खत्म करने के फैसले से लोग नाराज हैं और सरकार को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे। खरगे के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्देपर चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरतखरगे ने कहा कि मनरेगा को खत्म किए जाने के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का उदाहरण देते हुए कहाकि जिस तरह कड़े विरोध के बाद सरकार को वे कानून वापस लेने पड़े थे, उसी तरह मनरेगा के मामले में भी जनता की आवाज उठेगी। कांग्रेस अध्यक्षने यह भी कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की एक’सुनियोजित साजिश’ है। उन्होंने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब देश में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों पर गंभीर खतरामंडरा रहा है।