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बांग्लादेश में अराजकता, पाकिस्तान की परछाईं, भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर संकट

बांग्लादेश में इन दिनों हिंसा और अराजकता का माहौल है। भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते भी खराब दौर से गुजर रहे हैं और दोनों देशों ने अपनी-अपनी वीजा सेवाएं भी बंद करने का एलान कर दिया है। अब इसे लेकर विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार की निंदा की है। विदेश मामलों के विशेषज्ञसुशांत सरीन का कहना है कि इस समय बांग्लादेश की सरकार पाकिस्तान की जेब में है।सुशांत सरीन ने कहा, ‘बांग्लादेश अपनी पाकिस्तानी जड़ों को फिर से खोज रहा है। वे पाकिस्तानी तरीके अपना रहे हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार, अवैध, गैर-कानूनी और बिना चुनी हुई सरकार है और अब वह पूरी तरह से पाकिस्तान की जेब में है। बांग्लादेश का 15-20 लोगों के छोटे से प्रदर्शनपर इतनी ज्यादा प्रतिक्रिया देना पूरी तरह से हास्यपद है, जबकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं और लोगों की क्रूर तरीके से हत्याएंहो रही हैं।’ बांग्लादेश में कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान बांग्लादेश में भारतीयमिशनों के बाहर भी उग्र विरोध प्रदर्शन हुए। बाकी दुनिया के लिए भी एक सबक होनासुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने बांग्लादेश में अपने मिशनों में वीजा सेवाएं बंद करने का एलान किया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने भीकथित सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में अपने मिशन में वीजा सेवाएं बंद करने का एलान कर दिया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सुशांतसरीन ने कहा, पाकिस्तान भी ऐसी ही बेतुकी बातें करता है और अब बांग्लादेश भी अपनी पूर्वी पाकिस्तान की जड़ों को फिर से खोज रहा है। ऐसीरिपोर्ट्स सामने आ रही हैं कि पाकिस्तानी सरकार के कुछ लोग बांग्लादेश के सरकारी दफ्तरों में बैठे हैं और उन्हें बता रहे हैं कि क्या करना है। ‘ऐसी भीरिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश एक रक्षा सौदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि जल्द ही बांग्लादेश में पाकिस्तानीसैनिकों की तैनाती हो सकती है या किसी और तरह की मदद दी जा सकती है। बांग्लादेश भारत पर हमला करने के लिए एक चौकी बन सकता है।भारत को भी यह सोचना होगा कि वह बांग्लादेश से कैसे निपटना है। बहुत से लोग, भारत जो कर रहा है या नहीं कर रहा है, उसे एक रणनीतिक संयममानते हैं। लेकिन मुझे कभी-कभी हैरानी होती है कि यह संयम है या रणनीतिक लकवा। हमें कुछ करने की जरूरत है, और यह भारत के लिए, यहां तककि पड़ोसी देशों और बाकी दुनिया के लिए भी एक सबक होना चाहिए।’ सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कीसुशांत सरीन ने कहा, ‘भारतीय वीजा सेवाएं निलंबित किए जाने के सुरक्षा कारण थे। बांग्लादेश में पुलिस और सरकार का कहना है कि हम (भीड़ को) कंट्रोल नहीं कर सकते क्योंकि वे हिंसक हो जाएंगे। बांग्लादेश में भारतीय मिशनों के लिए एक स्पष्ट और मौजूदा सुरक्षा खतरा है, यही वजह है किकुछ सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था। भारत में ऐसी स्थिति नहीं है। मुझे नहीं लगता कि किसी भारतीय पुलिस वाले ने, या किसी भारतीयसरकार या भारतीय अथॉरिटी ने कहा है कि हम भीड़ को कंट्रोल नहीं कर सकते, तो बांग्लादेशियों ने कहा कि उनके मिशनों को सुरक्षा खतरा था; वेझूठ बोल रहे हैं। यह वही पाकिस्तानी जैसे को तैसा वाला कार्ड है।’ बांग्लादेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और भीड़तंत्र की हिंसा के बीच, जिस तरहसे बांग्लादेश ने भारत में अपने मिशन की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है, उस पर विशेषज्ञों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि बांग्लादेशइस समय पूरी तरह से पाकिस्तान की जेब में है।

20 साल बाद ठाकरे बंधु साथ, उद्धव-राज ने BMC चुनाव के लिए किया गठबंधन

महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे बंधुओं ने एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। 20 साल बाद उद्धव-राज ठाकरे एक साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) और मनसे मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगे। बुधवार को दोनों भाईयों ने संयुक्त प्रेस वार्ता करके इसका एलान किया। घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक परश्रद्धांजलि अर्पित की। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम साथ रहने के लिए ही एकजुट हुए हैं। मुंबई या महाराष्ट्र पर किसी ने टेढ़ी नजर डाली, तो उसकीसियासत खत्म कर देंगे, यह शपथ लेकर हम साथ आए हैं। विधानसभा चुनाव के वक्त भाजपा ने यह गलत प्रचार किया था कि कटेंगे, तो बटेंगे। इसीपर अब हम मराठी लोगों से यह कहना चाहते हैं कि अगर अब चूक गए, तो खत्म हो जाओगे। अगर आपस में फूट पड़ी, तो पूरी तरह खत्म हो जाओगे।मराठी माणूस किसी के आड़े नहीं आता, लेकिन अगर कोई उसके रास्ते में आ गया, तो वह उसे वापस नहीं जाने देता। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बहुत उत्साहितराज ठाकरे ने कहा कि किसी भी दल से महाराष्ट्र बड़ा है। हम अभी कोई आंकड़ा नहीं बताएंगे। समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी। बहुत दिनोंसे महाराष्ट्र जिसका इंतजार कर रहा था, उस शिवसेना-मनसे के बीच आज आखिरकार गठबंधन हो गया है। महाविकास अघाड़ी के सवाल पर उद्धव नेचुटकी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो जाहिर कर ही दिया है। अब हम और क्या बोलें कि टूट गया है, टूट गया है? …क्या अघाड़ी अब भी कायमहै, इस पर भी उद्धव ने तंज कसते हुए कहा कि हां, सारे दल तो बाहर हो गए हैं, फिर भी आप कह सकते हैं कि महाविकास अघाड़ी अटूट है। गठबंधनके एलान पर एमएनएस नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा कि दो भाई एक साथ आ रहे हैं और हम इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उन्होंनेकहा कि आज जो हो रहा है वह हमारे लिए खुशी की बात है। किल्लेदार ने कहा, ‘दोनों भाई बालासाहेब ठाकरे के स्मृति स्थल पर आएंगे और उसकेबाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वे वहीं गठबंधन की घोषणा करेंगे। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बहुत उत्साहित हैं।’ भाजपा के विरोधियों को एकजुट होना चाहिएशिवसेना (यूबीटी) के नेता ने कहा, ’20 वर्षों तक ठाकरे बंधुओं का साथ नहीं रहा और महाराष्ट्र को इसका बहुत नुकसान उठाना पड़ा। अब भाजपा कोसबक सिखाने और मुंबई में चल रही लूट को रोकने के लिए उद्धव और राज ठाकरे एकजुट हुए हैं। हम मुंबई की 10 नगर निगमों में एक साथ चुनावलड़ेंगे।’ गठबंधन को लेकर संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आज चुनावी गठबंधन की घोषणा करने के लिए एकजुट होंगे। उन्होंनेकहा, ‘यह महाराष्ट्र और मराठी जनता के लिए खुशी का क्षण है। बालासाहेब ठाकरे ने यहीं के मूल निवासियों के लिए शिवसेना की स्थापना की थी।’ बीएमसी चुनाव के लिए शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के गठबंधन पर कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने कहा कि आज खबर आई है कि अजित पवारऔर शरद पवार गठबंधन करने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या इसका मतलब यह है कि महायुति में फूट पड़ गई है? इसगठबंधन के एलान पर शिवसेना (यूबीटी) विधायक सचिन अहीर ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक दिन है, जब ठाकरे परिवारएक साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के लिए इसकी बहुत जरूरत है। यह आशा की किरण है। आज दोपहर गठबंधन का एलान किया जाएगा।भाजपा के विरोधियों को एकजुट होना चाहिए।’

उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद सजा निलंबित,हाईकोर्ट से सशर्त जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर कीसजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया और दिल्ली में रहने समेत कई सख्त शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।हालांकि सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेगा। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा पर उसकी याचिका लंबित हैजिसकी सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होनी है। नाबालिग से दुष्कर्म में उम्रकैद की सजा निलंबित होने की सूचना पर जहां पूर्व विधायक का खेमाखुश है, वहीं मामले की जानकारी होते ही पीड़िता अपनी मां के साथ दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देने के लिए बैठ गई। इसकी जानकारी पुलिसपहुंची और दोनों को जबरन वहां से उठा दिया। दुष्कर्म पीड़िता का कहना है कि सेंगर बाहर आया दोबारा इसी जगह पर धरना देगी। हत्या के मुकदमे में तीन मार्च 2020 को दस साल की सजा हुईमालूम हो कि गांव में रहने वाली नाबालिग ने वर्ष 2017 में तत्कालीन विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म की शिकायत की थी। लंबी कानूनी लड़ाईके बाद पीड़िता और परिवार की सुनवाई हुई थी। अप्रैल 2018 को प्रदेश सरकार की संस्तुति पर केंद्र सरकार ने प्रकरण की सीबीआई जांच की करानेकी मंजूरी दी। सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कर 13 अप्रैल 2018 की उसे लखनऊ स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। लंबी जांच और दिल्ली की तीसहजारी कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के बाद 16 दिसंबर 2019 को कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और न्यायालय ने कुलदीप को नाबालिग सेदुष्कर्म का दोषी पाया। 20 दिसंबर 2019 को न्यायालय ने कुलदीप को उम्रकैद की सजा और 25 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसकेबाद उनकी विधानसभा से सदस्यता खत्म हो गई थी। बाद में कुलदीप व छोटे भाई अतुल को पीड़ित किशोरी के पिता की हत्या के मुकदमे में तीनमार्च 2020 को दस साल की सजा हुई थी। जमानत पर चल रहे लोग खुले आम धमका रहेछह साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में सलाखों के पीछे रह रहे कुलदीप को न्यायालय ने 15 लाख के निजी मुचलके कई शर्तों के साथ सजा कोनिलंबित किया है। हालांकि कुलदीप ने सजा के खिलाफ अपील की है। इसकी सूचना मिलते ही परिवार और कुछ समर्थक मंगलवार की दोपहर हीदिल्ली पहुंच गए। कुलदीप सेंगर की मौसी सरोज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरे बेटे को न्यायालय ने राहत दी है इसके लिए न्यायालयऔर ईश्वर का आभार जताया है। बताया कि मेरे बेटे को साजिशन फंसाया गया था। वह इस तरह का गलत काम नहीं कर सकते जिसमें उन्हें सजा हुई।वह भी गांव की बेटी को वह बेटी की तरह मानते थे। मौसी का कहना है कि कुलदीप चार बार विधायक रहे हैं। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में बड़ी साजिशरचकर उन्हें फंसाया गया। न्यायालय और ईश्वर पर पूरा विश्वास है। पीड़िता की बहन ने आरोप लगाया कि कुलदीप सेंगर ने मेरे बड़े पापा को फिर पिताको मरवाया इसके बहन के साथ गलत काम किया। इसके बाद भतीजी (दुष्कर्म पीड़िता) के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले चाचा को झूठे केस मेंफंसाकर जेल भिजवाया। बहन ने बताया कि अभी कुलदीप जेल से बाहर नहीं आए इससे पहले ही उनके लोग धमकियां देने लगे हैं अब खतरा मंडरारहा है। पिता की हत्या में पहले से जमानत पर चल रहे लोग खुले आम धमका रहे हैं।

सोने की चोरी से बड़ा अपराध, सबरीमाला मामले पर केरल सरकार पर BJP का हमला

केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंनेइसे अपवित्रता का एक गंभीर कृत्य करार देते हुए कहा कि यह सोने की चोरी से कहीं अधिक है। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘एक अयप्पा भक्त के तौर पर, इन घटनाओं सेउन्हें गहरा दुख और पीड़ा हुई है’। उन्होंने दावा किया कि नई जांच से पता चलता है कि भगवान अयप्पा मंदिर में लूटपाट सिर्फ रिपोर्ट किए गए 4.5 किलो सोने तक सीमित नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘जांच से अब पता चलता है कि एलडीएफ के नियुक्त देवस्वोम बोर्ड के तहत सबरीमाला सेचार पंचधातु की मूर्तियां निकालकर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को बेच दी गईं।’ भाजपा नेता के मुताबिक, 2015 में यूडीएफ शासन के दौरानबदली गई पवित्र ‘पठिनट्टम पड़ी’ (18 सीढ़ियों) के कुछ हिस्सों के साथ भी बाद में छेड़छाड़ की गई और उन्हें लूट लिया गया। इन खुलासों को बेहदपरेशान करने वाला बताते हुए चंद्रशेखर ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ दोनों को शामिल करते हुएएक बड़ी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने पहले कहा, कुछ लोगों को गिरफ्तार करना काफी नहीं है। यह एक बड़ीराजनीतिक साजिश है – जो कांग्रेस-यूडीएफ के तहत शुरू हुई और सीपीएम-एलडीएफ के तहत पूरी हुई।’ चंद्रशेखर ने कहा कि ये भगवान अयप्पा औरदुनिया भर के लाखों भक्तों के साथ विश्वासघात है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क शामिलनेता ने जोर देकर कहा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) पर्याप्त नहीं होगा और उन्होंने सीबीआई जांच की अपनीमांग दोहराया। इसके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर इस मुद्दे को मामूली गलती बताकर कम आंकने की कोशिशकरने का भी आरोप लगाया, और कहा कि पार्टी अयप्पा भक्तों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। अपने बयान को “स्वामीये शरणमअयप्पा” के नारे के साथ खत्म करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा तब तक पीछे नहीं हटेगी जब तक सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ जाती। बतादें कि सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर कुछ समय से सोने के गायब होने को लेकर एक बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। मामले में एकस्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम सोने के गायब होने और संबंधित शिकायतों की जांच कर रही है, और इस संबंध में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के दोअध्यक्षों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क शामिलहाल ही में, एसआईटी ने एक विजिलेंस कोर्ट को बताया कि स्मार्ट क्रिएशन्स के पंकज भंडारी और बल्लारी के ज्वेलर गोवर्धन रोडम ने सबरीमालामंदिर की कलाकृतियों से सोना चुराने की साजिश में मुख्य भूमिका निभाई थी। एसआईटी ने पिछले हफ्ते भंडारी और रोडम दोनों को गिरफ्तार कियाथा। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सबरीमाला मंदिर में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इसेअपवित्रता का गंभीर कृत्य बताया और सीबीआई जांच की मांग की है। चंद्रशेखर ने दावा किया कि मंदिर से सोना चोरी और मूर्तियों की तस्करी मेंअंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क शामिल है।

ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर BJP का तंज, फडणवीस बोले—पुतिन-जेलेंस्की साथ आ गए हों जैसे

ठाकरे बंधु बीएमसी चुनाव के लिए साथ आए हैं। बुधवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शिवसेना यूबीटी और मनसे केगठबंधन का एलान किया। हालांकि सीएम फडणवीस के एक बयान से लग रहा है कि भाजपा ने ठाकरे बंधुओं के इस गठबंधन को कोई तवज्जो नहींदी है। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन को ऐसे प्रचारित किया जा रहा है, जैसे रूस और यूक्रेन साथ आ गए हो औरजेलेंस्की और पुतिन बातचीत कर रहे हो।’ मुख्यमंत्री ने शिवसेना यूबीटी और मनसे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘दोनों पार्टियां अस्तित्व के संकट सेजूझ रही हैं, इन पार्टियों ने बार-बार अपनी भूमिकाएं बदलकर लोगों के बीच अविश्वास पैदा किया है, इन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति कर अपनावोटबैंक खो दिया है। इनके साथ आने से कौन सा फर्क पड़ने वाला है। अगर ये अपना अस्तित्व बचाने के लिए साथ आ रही हैं तो ये चुनाव नहीं जीतसकते। दोनों भाईयों की अब कोई विचारधारा नहीं बची है, ये सिर्फ अवसरवादिता की राजनीति कर रहे हैं।’ राज ठाकरे का समर्थन चाहतेमहाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर कहा, ‘वे अपनी जमीन खो चुके हैं। उद्धव ठाकरे कीपार्टी निकाय चुनाव में 228 सीटों से आठ सीटों पर सिमट गई है। ऐसा ही मुंबई में होगा। यही वजह है कि वे साथ आ रहे हैं। हम उन्हें साथ आने केलिए शुभकामनाएं देते हैं। मुंबई के लोग विकास के लिए वोट करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विकसित मुंबई का संकल्प लिया है मुंबई कोअंतरराष्ट्रीय शहर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। हमारा घोषणा पत्र हमें जीत दिलाएगा। दोनों भाई साथ आ रहे हैं, सिर्फ इसलिए उन्हें सहानुभूतिवोट नहीं मिलेंगे। उनके पास सभी सीटों पर उम्मीदवार भी नहीं है और न ही कार्यकर्ता हैं।’ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव और राजठाकरे के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर इन लोगों के पास असल में इतनी ताकत है तो वे हालिया निकाय चुनाव में बुरी तरह से क्यों हारे? कांग्रेस न उद्धव ठाकरे के साथ है और न ही शरद पवार के साथ, इसलिए इन्हें किसी की जरूरत है, जैसे डूबते को तिनके का सहारा। इसी तरह से उद्धवठाकरे, राज ठाकरे का समर्थन चाहते हैं। मुझे नहीं लगता इससे बहुत फायदा होगा। पुतिन और जेलेंस्की साथ आ गएउद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार ने कहा, हालिया निकाय चुनाव में कांग्रेस, जो महाविकासअघाड़ी गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में है, सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और गठबंधन की दोनों पार्टियों से ज्यादा सफल रहे। अगर दोनों भाईयों नेसाथ आने का फैसला किया है तो हम इससे खुश हैं। हम उन्हें बधाई देते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी कभी भी मनसे के साथ नहीं जुड़ेगी। हम शिवसेनायूबीटी और एनसीपी एसपी के साथ खड़े रहेंगे। महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला करते हैं, ये उन पर है। ठाकरे बंधुओं ने बीएमसी चुनाव मेंगठबंधन का एलान कर दिया है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले की जानकारी दी। हालांकि भाजपा ने इसगठबंधन पर तंज कसा है। सीएम फडणवीस ने तो यहां तक कह दिया कि दोनों भाईयों के साथ आने को ऐसे प्रचारित कर रहे हैं, जैसे पुतिन औरजेलेंस्की साथ आ गए हैं।