"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

जहरीले कफ सिरप कांड पर CM योगी का हमला, ‘सपा नेताओं से जुड़े हैं अभियुक्त, जांच में सब होगा साफ’

यूपी विधानमंडल सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहरीले कफ सिरपकांड को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। यूपी एसटीएफ और यूपी पुलिस ने मामले में व्यापक गिरफ्तारियां कीहैं। उन्होंने कहा कि जो भी अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं। उनके संबंध सपा नेताओं से सामने आए हैं। अभी जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने पर दूधका दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा के लोग ये मुद्दा सदन की कार्यवाही के दौरान उठाएंगे तो उन्हें वहां पर जवाब दिया जाएगाऔर अगर बाहर इस पर सवाल करेंगे तो उसका भी जवाब दिया जाएगा। सपा का माफियाओं से संबंध तो जगजाहिर हैं। इस पूरे मामले की जांचराज्यस्तरीय एसआईटी कार्य कर रही है। इसमें यूपी पुलिस, एफएसडीए से जुड़े अधिकारी मौजूद हैं। किन-किन लोगों को इसमें धन गया है ये सारीबातें जांच में सामने आ जाएंगी। योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दीउन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनके बारे में यही कहूंगा कि- “यही कसूर मैं बार बार करता रहा, धूल चेहरे पर थीऔर आईना साफ करता रहा।” उन्होंने कहा कि इन माफियाओं के साथ उनकी भी फोटो है। जांच में सब सामने आ जाएगा। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने कहा कि आज से सदन की कार्यवाही शुरू हो रही है। 24 जनवरी को हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा का आयोजन कियाजाएगा। 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस भी है। हमने सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों से चर्चा के लिए अनुरोध किया है। उन्होंने कहा किसरकार हर विषय पर चर्चा के लिए और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने स्वर्गीय सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर समाज में दिये गएउनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बंदरगाहों और जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘BOPS’ का गठन, अमित शाह ने मजबूत समुद्री सुरक्षा ढांचे पर दिया जोर

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जहाजों और बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए एक डेडिकेटेड ‘ब्यूरो ऑफ पोर्ट सिक्योरिटी’ (बीओपीएस) केगठन से सम्बंधित समीक्षा बैठक की है। इस दौरान शाह ने देशभर में बंदरगाहों के लिए एक मजबूत सुरक्षा ढांचा स्थापित करने की आवश्यकता परबल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सुरक्षा उपायों को व्यापार क्षमता, लोकेशन तथा अन्य संबंधित मापदंडों को ध्यान में रखते हुए क्रमबद्ध औरजोखिम के आधार पर लागू किया जाए। समीक्षा बैठक में केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री भीउपस्थित थे। बीओपीएस का गठन हाल ही में अधिनियमित ‘मर्चेंट शिपिंग एक्ट’, 2025 की धारा 13 के प्रावधानों के तहत एक वैधानिक निकाय केरूप में किया जाएगा। इस ब्यूरो का नेतृत्व एक महानिदेशक करेंगे। यह केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करेगा।जहाजों और बंदरगाहों पर सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित नियामक एवं निरीक्षण कार्यों के लिए उत्तरदायी होगा। सुरक्षा मूल्यांकन और हिफाजत के लिए योजनाएं तैयार करनाबीओपीएस का गठन ‘Bureau of Civil Aviation Security’ (BCAS) की तर्ज पर किया जा रहा है। इसका का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा केएक वरिष्ठ अधिकारी (वेतन स्तर-15) करेंगे। एक वर्ष की ट्रांजिशन अवधि के दौरान, नौवहन महानिदेशक (डीजीएस/डीजीएमए), बीओपीएस केमहानिदेशक के रूप में कार्य करेंगे। बीओपीएस, सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का समयबद्ध विश्लेषण, संग्रहण और आदान-प्रदान सुनिश्चित करेगा, जिसमेंसाइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान होगा। इसमें बंदरगाहों की आईटी अवसंरचना को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के लिए डेडिकेटेड प्रभाग भीशामिल होगा। बंदरगाहों की सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को बंदरगाह सुविधाओं के लिएRecognised Security Organisation (RSO) नामित किया गया है। इसकी जिम्मेदारी बंदरगाहों का सुरक्षा मूल्यांकन और हिफाजत के लिएयोजनाएं तैयार करना है। विमानन सुरक्षा क्षेत्र में भी लागू किया जाएगाइसके अलावा सीआईएसएफ को बंदरगाहों की सुरक्षा में लगी निजी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षण देने और उनकी क्षमता निर्माण करने का भी कामदिया गया है। इन एजेंसियों को प्रमाणित किया जाएगा तथा इस क्षेत्र में केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसी ही कार्य करें, यह सुनिश्चित करने केलिए उचित नियामक उपाय लागू किए जाएंगे। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि समुद्री सुरक्षा ढांचे से प्राप्त अनुभवों को विमानन सुरक्षा क्षेत्र मेंभी लागू किया जाएगा।

यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि; कफ सिरप और SIR पर हंगामे के आसार

यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से प्रारंभ हो गया है। सदन की कार्यवाही के पहले दिन सपा के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह कोश्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने राजनीति और समाज केलिए किए गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, विधान परिषद की कार्यवाही चलती रही। जहां पर सपा ने प्रदेश में स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉक आउट किया। वहीं, सरकार ने बताया कि संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को जीपीएफ का भुगतान जल्द होगा। चर्चा का आयोजन किया जाएगासत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से सदन की कार्यवाही शुरू हो रही है। 24 जनवरी कोहमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा। 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस भी है। हमने सर्वदलीय बैठक में विपक्षीदलों से चर्चा के लिए अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सदन कीकार्यवाही के पहले दिन नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने स्वर्गीय सपाविधायक सुधाकर सिंह के निधन पर समाज में दिये गए उनके योगदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिएसत्र के दौरान समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल कोडीन कफ सिरप की तस्करी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर हंगामा कर सकता है। साथ ही, सदन में वंदे मातरम पर होने वाली चर्चा का विरोध भी किया जा सकता है। आज सत्र शुरू होने के दिन सपाके विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कफ सिरप कांड को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों परबुलडोजर क्यों नहीं चला रही है। हजारों करोड़ रुपये का गबन हुआ है और जहरीली कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हुई है। क्या बुलडोजर काड्राईवर भी कफ सिरप पीकर सो गया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर ओम बिरला की जांच, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि वह नियमों और प्रक्रिया के अनुसार डीएमके और अन्य विपक्षी सांसदों की ओर से न्यायाधीशके खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं। डीएमके और इंडिया ब्लॉक के सांसदों की ओर से मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जीआरस्वामीनाथन को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव दिया गया था। 9 दिसंबर 2024 को दिए गए महाभियोग प्रस्ताव पर विपक्ष के 100 से ज्यादासांसदों ने साइन किए थे। इनमें कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी और सीपीआई (एम) के सांसद शामिल थे। जस्टिस स्वामीनाथन पर विपक्षीसांसदनों ने निष्पक्षता, पारदर्शिता और धर्मनिरपेक्षता का अभाव होने का आरोप लगाया। विपक्षी सांसदों की ओर से खासतौर पर जस्टिस स्वामीनाथनपर संवैधानिक धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के बजाय एक विशिष्ट राजनीतिक विचारधारा के आधार पर मामलों का फैसला करने का आरोप लगाया गया है। सुरक्षा में दीप जलाने की अनुमति दे दीकार्तिगई दीपम त्योहार को लेकर जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के एक फैसले के खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था।दरअसल, मदुरै जिले में तिरुपरमकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में कार्तिगई दीपम त्योहार को लेकर जस्टिस स्वामीनाथन नेदीप जलाने के निर्देश दिए थे। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने पहाड़ी पर स्थित जिस दीपथून पर दीप जलाने की अनुमति दी थी, वह दरगाह के पासबना हुआ है। इसी के चलते राज्य सरकार ने इस निर्देश का विरोध किया था। सरकार ने कहा था कि इससे सामाजिक सद्भाव को नुकसान हो सकताहै। हालांकि, राज्य सरकार की अपील के बावजूद जस्टिस स्वामीनाथन ने अपने निर्देश को बरकरार रखा। वहीं, निर्देश पर प्रशासन की ओर से अमल नहोने पर उन्होंने सीआईएसएफ की सुरक्षा में दीप जलाने की अनुमति दे दी। कार्तिगई दीपम को लेकर कहान्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला यह निर्धारित करेंगे कि औपचारिक जांच के लिए प्रस्ताव को स्वीकारकिया जाना चाहिए या नहीं। वहीं, इस मामले पर करीब 56 पूर्व सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर महाभियोगप्रस्ताव की निंदा की थी। उन्होंने इसे न्यायाधीशों को डराने की एक दुस्साहसी कोशिश और न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला बताया। तमिलनाडु के मदुरै मेंमंदिर और दरगाह के बीच विवाद गहराता जा रहा है। बीते दिनों आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी कार्तिगई दीपम को लेकर कहा था कितिरुपरमकुंद्रम मुद्दे को हिंदुओं की ताकत के आधार पर राज्य में ही हल किया जा सकता है।

इंडिगो की उड़ान गड़बड़ियों पर DGCA सख्त, पैनल रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

इंडिगो एयरलाइन में हाल ही में हुई बड़े पैमाने पर उड़ानों की गड़बड़ी को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) अब कड़े कदम उठाने कीतैयारी में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि डीजीसीए की ओर से गठित चार सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट मिलते ही एयरलाइन केखिलाफ विस्तृत और सुधारात्मक कार्रवाई होगी।इस महीने की शुरुआत में उड़ानों में हुई गड़बड़ियों के बाद, डीजीसीए ने इंडिगो के शीतकालीन समय-सारणी में 10 प्रतिशत की कटौती की है।परिचालन संकट से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो रोजाना 2,300 फ्लाइट्स ऑपरेट करती थी। अधिकारी ने साफ किया कि इस पूरीप्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में ऐसी तकनीकी और परिचालन संबंधी गड़बड़ियों को दोबारा होने से रोकना है। मामले को लेकर एक अधिकरी ने कहायह पूछे जाने पर कि क्या अन्य एयरलाइंस के शेड्यूल पालन की भी निगरानी की जा रही है? इस पर जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा ‘कोहरे केमौसम और छुट्टियों के सीजन को देखते हुए एयरलाइंस को अधिक जिम्मेदारी से काम करना चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अधिकारी नेकहा हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो’ इस बीच, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने गुरुवार को भविष्य की रणनीतिसाझा करते हुए कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान अब स्थिति को सुधारने पर केंद्रित है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि एयरलाइन अब तीन प्रमुख स्तंभोंलचीलापन, मूल कारण विश्लेषण और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य उन कारणों को जड़ से खत्म करना है जिनकी वजह सेउड़ानें बाधित हुईं। इंडिगो एयरलाइन में हालिया उड़ान गड़बड़ियों के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए ) कड़े कदम उठाने की तैयारी मेंहै। मामले को लेकर एक अधिकरी ने कहा कि चार सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट मिलते ही एयरलाइन के खिलाफ सख्त सुधारात्मक कार्रवाई कीजाएगी।

गोवा मुक्ति दिवस पर CM प्रमोद सावंत की अपील, राज्य को स्वच्छ रखें, सुंदरता और शांति बनाए रखें

आज गोवा मुक्ति दिवस है। इस अवसर पर गोiवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को उद्योगों और नागरिकों से तटीय राज्य को साफ रखने औरइसकी सुंदरता और शांति को बरकरार रखने की अपील की। इसके साथ ही दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी गोवा के लोगों कोशुभकामनाएं दी है। पणजी के पास राज्य स्तरीय गोवा मुक्ति दिवस परेड को संबोधित करते हुए सावंत ने कहा कि राज्य में स्वच्छता बनाए रखनापर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के मंत्रियों और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में तिरंगा फहराने के बाद परेड कानिरीक्षण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को धन्यवाद दियाउन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ई-कचरा और खतरनाक कचरे के निपटान के लिए वेस्ट मैनेजमेंट संयंत्रों को चालू कर दिया है। उन्होंने कहा, “मैं सभीउद्योगों से अपील करता हूं कि वे अपने कचरे को सड़क किनारे अवैज्ञानिक तरीके से न फेंके। सभी प्रकार के कचरे के निपाटन के लिए सुविधाएं मौजूदहैं। इसके साथ ही गोवा को स्वच्छ रखने के लिए इनका उपयोग किया जाना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सुंदरता और शांति को बनाएरखने के लिए नागरिकों को इसे साफ रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित गोवा’ के सपनों कोसाकार करने की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया। इसके साथ ही सावंत ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। अवसर पर गोवा के लोगों को शुभकामनाएंवहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी गोवा के लोगों को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा गोवा मुक्ति दिवस के अवसरपर, मैं गोवा के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आइए, हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देते हुए एक भ्रष्टाचार मुक्त गोवा का निर्माणकरने का संकल्प लें, जहां सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवा, बेहतर सड़कें और रोजगार के अवसर हों। गोवा मुक्ति दिवस हर साल 19 दिसंबर कोमनाया जाता है, जो 1961 में पुर्तगालियों से राज्य को मुक्त कराने के लिए सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता का प्रतीकहै। आज गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य को साफ रखने और इसकी सुंदरता और शांति को बरकरार रखने की अपीलकी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस अवसर पर गोवा के लोगों को शुभकामनाएं दी।