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खालिदा जिया की हालत नाजुक, वेंटिलेशन पर शिफ्ट, चीन से आई डॉक्टरों की स्पेशल टीम

बांग्लादेश की तीन बार की प्रधानमंत्री और राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा जिया का स्वास्थ्य अभी भी नाजुक स्थिति में है। उन्हें इलाजके लिए ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऐसे में और बिगड़ते हालात को देखते हुए चीन की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम सोमवारको ढाका पहुंची और रात में अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया में शामिल हो गई। इस टीम ने अस्पताल के चिकित्सा बोर्ड से बैठक की, जिसमें उनकेस्वास्थ्य के बारे में चर्चा हुई। अस्पताल के हृदय विशेषज्ञ और बोर्ड के प्रमुख डॉ शाहाबुद्दिन तालुकदार ने बताया कि खालिदा जिया की हालत स्थिरनहीं है और वह फिलहाल विदेश में इलाज के लिए यात्रा करने योग्य नहीं हैं। बता दें कि 80 वर्षीय खालिदा जिया को 23 नवंबर को दिल औरफेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बाद उन्हें चार दिन बाद कोरोनरी केयर यूनिटमें शिफ्ट किया गया। रविवार रात से उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है। बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का स्वास्थ्य अभी भी नाजुक स्थिति मेंहै। इसके लिए उन्हें कोरोनरी केयर यूनिट में शिफ्ट कर वेंटिलेशन पर रखा गया। इसी बीच बिगड़ते हालात को देखते हुए चीन की पांच सदस्यीयडॉक्टरों की विशेष टीम भी इलाज के लिए बांग्लादेश पहुंची। दूसरी ओर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। हालत में पिछले कुछ दिनों से कोई खास सुधार नहीं हुआदूसरी ओर बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस नेअस्पताल के मुख्य गेट पर बैरिकेड लगाकर मरीजों की आवाजाही और सुरक्षा को नियंत्रित किया है। खालिदा जिया के चारों ओर सभी आसपास केकमरे खाली करवा दिए गए हैं। उनकी सुरक्षा के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने उन्हें बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति घोषित किया है। इसके बादस्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) के जवान अस्पताल में तैनात किए गए। खालिदा जिया के स्वास्थ्य को लेकर बीएनपी उपाध्यक्ष एडवोकेटअहमद आजम खान ने बताया कि खालिदा जिया की हालत बेहद नाजुक है। उन्होंने कहा कि अब कुछ करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा है, बस पूरेदेश से दुआ की अपील है। वहीं बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी कहा कि उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर है और डॉक्टरअपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी हालत में पिछले कुछ दिनों से कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

ऑपरेशन सिंदूर में भारत की आक्रामक रणनीति से पाकिस्तान पीछे हटने को मजबूर , नौसेना प्रमुख दिनेश के. त्रिपाठी का बड़ा खुलासा

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई से पाकिस्तान को हुए नुकसान का विस्तृतब्योरा साझा किया। नेवी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना के आक्रामक रवैये से पाकिस्तानी नौसेना को अपने बंदरगाहों के करीबरहने को ही मजबूत होना पड़ा। अपनी सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि मई में भारत की तरफ से शुरू किया गया ऑपरेशनसिंदूर अब भी जारी है और नौसेना ने तब से लेकर अब तक अभियानगत तैयारी जारी रखी है। पाकिस्तान से तनाव के बीच नौसेना की निगरानी पश्चिमीअरब सागर क्षेत्र तक बढ़ी है। उन्होंने इसके अलावा प्रोजेक्ट 75 की भी जानकारी दी, जिसके तहत भारत को छह आधुनिक सबमरीन खरीदनी हैं।उन्होंने कहा कि इसके लिए बातचीत जारी है और जल्द ही अनुबंध पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। नौसेना में शामिल कर लिया जाएगानौसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना की आक्रामक रणनीति और कैरियर बैटल ग्रुप की तुरंत तैनाती से पाकिस्तानीनौसेना मकरान तट पर अपने बंदरगाहों के पास ही रहने को मजबूत हो गई थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ाहै, क्योंकि बड़ी संख्या में व्यापारी पोत इस देश में जाने से बच रहे हैं। साथ ही पाकिस्तान जाने वाले पोतों की बीमा की राशि भी बढ़ी है। एडमिरलत्रिपाठी ने बताया कि जल्द ही स्वदेशी न्यूक्लियर बैलिस्टिक सबमरीन आईएनएस अरिदमन को जल्द ही नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंनेयह भी कहा कि नौसेना को उम्मीद है कि 2029 तक राफेल-एम के चार लड़ाकू विमानों का पहला बेड़ा मिल जाएगा।

योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक, 21 में से 20 प्रस्ताव पास, यूपी में विकास को मिली नई रफ्तार

राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 21 प्रस्ताव पेश किए गए, जिसमें 20 पर मंत्रिपरिषद की मुहर लगी। एक 14 नंबर के प्रस्ताव को पुनर्परीक्षण के लिए भेजा गया है। यह निजी अस्पतालों को प्रोत्साहन नीति के लिए था।बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग करने वाले लोगों को एसजीएसटीऔर स्टांप ड्यूटी पर छूट दी जाएगी। इसके तहत मेरठ की मेसर्स पसवारा पेपर्स लिमिटेड को 65.67 हजार का लाभ आज दिया गया। 1.5 करोड़ कालाभ पहले दिया जा चुका है। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के तहत एक और प्रस्ताव भी पास हुआ। इसके तहत शाहजहांपुर और मथुरा की एक-एक कपंनीको लाभ मिला। बागपत में अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र बनाने के लिए निशुल्क भूमि दी जाएगी। यह योग व आरोग्य केंद्र पीपीपी मॉडल पर बनेगा। कैबिनेटने इसे भी मंजूर किया। इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 एवं 2014 के तहत स्वीकृत एवं निष्क्रिय परियोजनाओं को निरस्तीकरण एवं क्रियाशीलपरियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए नीति को लागू किए जाने से रुकी हुई आवासीय परियोजनाएं पूर्ण हो सकेंगी। आर्थिक विकास को बढ़ावा भीमिलेगा। इसे मंजूरी मिलीअयोध्या में मंदिर संग्रहालय बनाया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली 2022 में संशोधन किया जाएगा।इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण अवधि, खेल की अवधि और इसकेलिए आने-जाने में लगने वाले समय को भी ड्यूटी माना जाएगा। चंदौली में 4.91 अरब से 29.67 किमी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। यहसकलडीहा, चहनियां और सैदपुर होते हुए जनपद को गाजीपुर से जोड़ेगा। काफी समय से इसकी मांग चल रही थी। अब इसे मंजूरी मिली। उत्तरप्रदेश जेल मैनुअल 2022 की नियमावली पर भी संशोधन किया जाएगा। इसके जाति के आधार पर किसी भी बंदी से भेदभाव नहीं हो सकेगा।राजधानी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें पेश किए गए 21 प्रस्तावों में से 20 पर मुहरलगी।

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी राहत, करूर भगदड़ मामले में सीबीआई जांच रोकने की अपील

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह करूर भगदड़ मामले में दिए गए सीबीआई जांच के आदेश को वापस ले ले और मद्रासहाईकोर्ट की तरफ से गठित एसआईटी जांच को जारी रखने की अनुमति दे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्तूबर के अपने आदेश में करूर हादसेकी जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दे दिया था। उसने यह फैसला अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी (तमिलगा वेत्रि कझगम) टीवीके कीयाचिका पर दिया था। बता दें कि करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी और इसमें 41 लोगों की मौत हुई थी और 60 से ज्यादा लोगघायल हुए थे। अब तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत में दाखिल अपने जवाब में कहा है कि स्थानीय पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) निष्पक्ष, विस्तृत जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं, और ऐसी कोई असाधारण स्थिति भी नहीं है, जिससे केंद्रीय एजेंसी के दखल की जरूरत हो। याचिकाएं दायर करने का आरोप लगायातमिलनाडु सरकार का कहना है कि करूर जिला प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही के आरोप पूरी तरह आधारहीन और निराधार हैं। रिकॉर्ड स्पष्ट रूपसे दर्शाते हैं कि प्रशासन और पुलिस ने बेहद सतर्कता, दूरदर्शिता और सभी कानूनी और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए काम किया। सरकार ने कहाकि 606 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स की तैनाती के साथ एक व्यापक योजना लागू की गई थी, जिसकी निगरानी आईजी (सेंट्रल जोन) और करूर केपुलिस अधीक्षक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने की। स्थल चयन, प्रवेश मार्ग, चिकित्सा तैयारी और यातायात प्रबंधन सभी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधनप्राधिकरण के दिशानिर्देशों के तहत थे। सरकार ने याचिकाकर्ता जीएस मणि पर राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित याचिकाएं दायर करने का आरोपलगाया। गठित एसआईटी और एक-सदस्यीय जांचसुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को राष्ट्र की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली बताते हुए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को जांच सौंपी थी। सर्वोच्चन्यायालय ने उस दौरान हाईकोर्ट की ओर से गठित एसआईटी और एक-सदस्यीय जांच आयोग की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। साथ ही तमिलनाडुसरकार को केंद्रीय एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया था। अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एन सेंथिलकुमार की भी आलोचनाकी थी कि उन्होंने टीवीके और उसके सदस्यों को पक्षकार बनाए बिना उनके खिलाफ टिप्पणियां कीं। तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत में दाखिलअपने जवाब में कहा है कि स्थानीय पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) निष्पक्ष, विस्तृत जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं, और ऐसी कोईअसाधारण स्थिति भी नहीं है, जिससे केंद्रीय एजेंसी के दखल की जरूरत हो।

संसद में रेणुका चौधरी का कुत्ता लेकर प्रवेश, राहुल गांधी ने हल्के अंदाज में लिया मामला

संसद में शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। इस बीच सरकार और विपक्षी दलों के बीच कई सारे मुद्दों पर जोरदार बहस भी हुई। हालांकि दूसरीतरह संसद में उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी एक छोटे कुत्ते को लेकर संसद परिसर पहुंच गईं। इस घटना पर जब विवादशुरू हुआ तो लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को हल्के अंदाज में लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता हैकि आज के समय में कुत्ता ही मुख्य चर्चा का विषय बन गया है। बेचारे कुत्ते ने क्या किया? क्या कुत्तों को यहां आने की इजाजत नहीं है? राहुल गांधीने आगे इस बात पर भी जोर दिया कि शायद पालतू जानवरों को अंदर आने की इजाजत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि आज भारत मेंइन्हीं सभी मुद्दों पर बातचीत हो रही है। बता दें कि ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब संसद में शीतकालीन सत्र के शुरूआत के पहले दिन कांग्रेस सांसदरेणुका चौधरी संसद परिसर में कुत्ता लेकर पहुंच गई। ज्यादा शिकायत ड्रग्सराहुल गांधी के अलावा खुद रेणुका चौधरी ने भी इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। जब उनसे इस पूरे मामले में सवाल पूछा गया तब उन्होंनेकहा कि संसद आते समय रास्ते में एक स्कूटर और कार की टक्कर देखी और वहीं सड़क पर एक पिल्ला भटकता हुआ मिला। उन्हें लगा कि वहदुर्घटना का शिकार हो सकता है, इसलिए उन्होंने उसे कार में बैठाया और संसद परिसर तक लाई। रेणुका चौधरी ने कहा कि मैंने उसे सुरक्षित घरभिजवा दिया। कुत्ता भी चला गया और कार भी। तो इस पर इतना बड़ा विवाद क्यों?इस दौरान कांग्रेस सांसद चौधरी ने केंद्र सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि असली काटने वाले तो संसद में बैठे हैं, जो सरकार चलाते हैं। हमएक बेजुबान जानवर की मदद करते हैं तो यह बड़ा मुद्दा बन जाता है। रेणुका चौधरी ने कहा कि क्या सरकार के पास इससे जरूरी काम नहीं हैं? उन्होंनेकहा कि कुत्ते को सिर्फ सुरक्षा के लिए उठाया गया था और उसे तुरंत घर भेज दिया गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को गुजरात में बढ़रही ड्रग्स, अवैध शराब और अपराध की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार होने केबावजूद गुजरात की हालत खराब होती जा रही है। राहुल गांधी इन दिनों गुजरात में कांग्रेस की ‘जन आक्रोश यात्रा’ में शामिल हैं। उन्होंने कहा कियात्रा के दौरान लोगों खासकर महिलाओं ने सबसे ज्यादा शिकायत ड्रग्स, अवैध शराब और बढ़ते अपराध को लेकर की है। राहुल गांधी ने यात्रा में किसानों की परेशानियों का भी जिक्र कियाराहुल ने कहा कि गांधी और सरदार पटेल की धरती पर जहां हमेशा सच, न्याय और नैतिकता का महत्व रहा, वहां आज युवाओं का भविष्य ड्रग्स औरअपराध की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर इसलिए उतर रही हैं क्योंकि अपराधियों को सत्ता मेंबैठे लोग संरक्षण दे रहे हैं, जबकि आम जनता को अनदेखा किया जा रहा है। राहुल ने सवाल उठाए भाजपा सरकार चुप क्यों है? कौन सा मंत्री इनअवैध गतिविधियों को बचा रहा है? गुजरात के गुनहगारों को क्यों संरक्षण दिया जा रहा है? इस दौरान राहुल गांधी ने यात्रा में किसानों की परेशानियोंका भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई भयंकर बाढ़ ने हजारों किसानों की फसलें बर्बाद कर दीं और कई परिवार तबाह हो गए। उन्होंनेकहा कि जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब राहत पैकेज की बातें करते नहीं थकते थे। आज वे प्रधानमंत्री हैं, राज्य में डबल इंजन सरकार है, लेकिन न राहत मिल रही है और न ही संवेदना।

केरल मसाला बॉन्ड विवाद, भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने CM विजयन से 2,100 करोड़ के कर्ज पर सवाल पूछे

केरल में मसाला बॉन्ड को लेकर सियासत में गर्माहट तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी अपने चरम पर है। ऐसे में अब इस मामले मेंकेरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से तीखे सवाल पूछे। मंगलवार को चंद्रशेखर ने सीएम विजयन से पूछा किउन्होंने विदेश से 9.5% ब्याज दर पर मसाला बॉन्ड के जरिए 2,100 करोड़ रुपये क्यों उधार लिए, जबकि भारत में इससे कम ब्याज पर कर्ज आसानीसे मिल सकता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट में चंद्रशेखर ने राज्य सरकार से कई तीखे सवाल पूछे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकर्ज को लेने के लिए 21 करोड़ रुपये कमीशन एक बिचौलिये को दिए गए। साथ चंद्रशेखर ने पूछा कि वह बिचौलिया कौन था। उन्होंने यह भीसवाल किया कि क्या इस कर्ज के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के तहत जरूरी अनुमति ली गई थी।गौरतलब है कि ईडी कीजांच यह पता लगाने के लिए हो रही है कि केआईआईएफबी द्वारा मसाला बॉन्ड के जरिए जुटाए गए 2,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कैसे कियागया और क्या यह एफईएमए नियमों के अनुसार था। ऐसे में ध्यान देने वाली बात है कि केआईआईबी राज्य के बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चरप्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने वाली प्रमुख सरकारी एजेंसी है। उसने साल 2019 में पहली बार मसाला बॉन्ड जारी कर 2,150 करोड़ रुपये जुटाए थे, जो उसके 50,000 करोड़ रुपये के फंड जुटाने के लक्ष्य का हिस्सा था। ईडी के आरोप गलत आंकड़ों और गलत समझ पर आधारितइस दौरान राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैंने जो सवाल किया वो महत्वपूर्ण सवाल हैं और अगर राज्य सरकार ईमानदार होती, तो अब तक जवाब देदेती। उनके अनुसार, देश के सभी राज्य भारत के भीतर से बॉन्ड के माध्यम से पैसा जुटाते हैं, लेकिन केरल ने ऐसा नहीं किया। बता दें कि यह विवादउस समय और बढ़ गया जब सोमवार को ईडी ने खुलासा किया कि उसने 466 करोड़ रुपये का एफईएमए शो-कॉज नोटिस मुख्यमंत्री विजयन, पूर्ववित्त मंत्री टीएम थॉमस आइजैक और सीएम के मुख्य प्रधान सचिव केएम अब्राहम को भेजा है। नोटिस लगभग 10–12 दिन पहले जारी किया गयाथा और इसमें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि पूरे मामले में सीएम ने अभी तक इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिनआइजैक ने इसे राजनीतिक बदला बताया है। वहीं केआईआईएफबी के सीईओ अब्राहम का कहना है कि किसी भी कानून या एफईएमए के किसीनियम का उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईडी के आरोप गलत आंकड़ों और गलत समझ पर आधारित हैं।

नई दवाओं और मेडिकल टेक्नोलॉजी पर जीरो टैरिफ, यूके-यूएस डील तीन साल तक लागू रहेगी

अमेरिका और ब्रिटेन के बीच जीरो टैरिफ डील पर सहमति बन गई है। फार्मा सेक्टर की कंपनियों को इस डील से बड़े लाभ होने के आसार हैं। दोनोंदेशों के बीच हुए इस करार का असर तीन साल तक रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक ब्रिटेन ने कम से कम तीन साल के लिए अमेरिका में निर्यात कीजाने वाली सभी दवाओं पर जीरो परसेंट टैरिफ की दर पक्की कर ली है। इसके बदले में ब्रिटेन अब नई दवाओं पर अधिक खर्च कर सकेगा। इस डीलके तहत अमेरिका ने आश्वासन दिया है कि ब्रिटेन में बनी दवाओं, दवा में इस्तेमाल होने वाली चीजें (इंग्रेडिएंट्स) और मेडिकल टेक्नोलॉजी को इंपोर्टटैक्स से छूट मिलेगी। अमेरिका और ब्रिटेन के बीच हुए इस समझौते के बारे में अधिकारियों ने सोमवार को कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नीत प्रशासन नेकहा है कि इस डील के बदले में UK की दवा कंपनियों ने अमेरिका में अधिक निवेश करने और अधिक नौकरियों के अवसर सृजित करने का वादाकिया है। दूसरी तरफ ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा है कि यूके से सभी दवाओं के निर्यात पर जीरो परसेंट रेट किसी भीदेश को दी गई सबसे कम दर है। इस डील के हिस्से के तौर पर ब्रिटेन ने कहा है कि देश की सरकार नेशनल हेल्थ सर्विस नए और असरदार इलाज परलगभग 25 परसेंट अधिक खर्च करेगी। यह भी दिलचस्प है कि बीते दो दशकों में इस तरह के खर्च में सरकार ने पहली बार इतनी बड़ी बढ़ोतरी करनेका एलान किया है। रिचर्ड टॉरबेट ने कहाअधिकारियों के मुताबिक इस डील के बाद UK की हेल्थ अथॉरिटी अब उन दवाओं को भी मंजूरी दे पाएंगी जिनकी मदद से सेहत में काफी सुधारहोता है। इससे पहले केवल कॉस्ट-इफेक्टिवनेस के आधार पर दवाओं को मंजूरी देने से मना कर दिया गया था। इन बीमारियों में ब्रेकथ्रू कैंसर ट्रीटमेंटया रेयर बीमारियों की थेरेपी भी शामिल हैं। ब्रिटेन के साइंस और टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी लिज केंडल ने कहा, अमेरिका के साथ यह जरूरी डील पक्काकरेगी कि ब्रिटेन के मरीजों को उनकी जरूरत के मुताबिक दवाएं जल्दी मिलें। साथ ही दुनिया की शीर्ष कंपनियों के साथ काम कर रहे वैज्ञानिक ऐसेइलाज पर शोध कर सकें जिन्हें अपनाकर जिंदगी बदली जा सके। ब्रिटेन में स्वास्थ्य क्षेत्र की शीर्ष इकाई- एसोसिएशन ऑफ द ब्रिटिश फार्मास्युटिकलइंडस्ट्री (ABPI) ने भी जीरो टैरिफ डील को लेकर खुशी का इजहार किया। इंडस्ट्री ने कहा, यह डील पक्का करने की दिशा में एक जरूरी कदम है किमरीज राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के तहत बेहतर लाभ पा सकेंगे। मरीजों को जरूरी और नई दवाएं आसानी से मिल सकेंगी। ABPI अधिकारीरिचर्ड टॉरबेट ने कहा, इस डील के बाद UK ग्लोबल लाइफ साइंस इन्वेस्टमेंट और एडवांस्ड मेडिसिनल रिसर्च को आकर्षित कर सकेगा। मेडिकल सेजुड़े शोध में देश की स्थिति और मजबूत होगी।