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राष्ट्रपति मुर्मू ने सत्य साईं बाबा जन्म शताब्दी समारोह में कहा, मानव सेवा ही ईश्वर सेवा’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज आंध्र प्रदेश दौरे पर सत्य साईं बाबा जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया। श्री सत्यसाईं जिले के पुट्टपर्थी में आयोजित इससमारोह में राष्ट्रपति ने कहा ‘श्री सत्य साईं बाबा ने इस विश्वास पर जोर दिया कि ‘मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है। उन्होंने अध्यात्म को निस्वार्थ सेवा औरव्यक्तिगत परिवर्तन से जोड़ा। साईं बाबा ने लाखों लोगों को सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।’ मुर्मू ने कहा, सत्य साईं बाबा ने अपनेअनुयायियों से आध्यात्मिकता को जन कल्याण के साथ जोड़ने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि इतने सारे देशों में उनकेभक्त वंचितों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा के माध्यम से निस्वार्थ प्रेम का संदेश श्री सत्य साईं संगठन को सेवा और स्वयंसेवा केलिए लगातार प्रेरित कर रहा है। संदेश पर राष्ट्रपति ने कहाश्री सत्य साईं बाबा के जीवन और उसके संदेश पर राष्ट्रपति ने कहा, ‘सत्य साईं बाबा का संदेश, सभी से प्रेम करो, सभी की सेवा करो, सदैव सहायताकरो और कभी किसी को कष्ट न पहुंचाओ, शाश्वत और सार्वभौमिक है।’ उन्होंने कहा, सत्य साईं बाबा का मानना था कि विश्व ही हमारी पाठशाला हैऔर सत्य, सदाचार, शांति, प्रेम और अहिंसा ये पाँच मानवीय मूल्य हमारे पाठ्यक्रम हैं। शताब्दी समारोह में आने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब11 बजे पुट्टपर्थी के श्री सत्य साईं हवाई अड्डे पर पहुंचीं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका स्वागतकिया। पूर्णचंद्र ऑडिटोरियम में आयोजित श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में कई और गणमान्य हस्तियां भी शरीक हुईं।

छह महीने में अहम बदलावों की मिसाल, सीजेआई बी.आर. गवई का कार्यकाल नई न्यायिक ऊँचाइयों के साथ सम्पन्न

देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के करीब छह महीने के कार्यकाल के दौरान देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में अनुसूचित जाति कैटेगरी से दस, अन्य पिछड़े वर्ग और पिछड़े वर्ग से ग्यारह जजों की नियुक्ति की गई हैं। सीजेआई गवई के कार्यकाल में कई अहम फैसले देखने को मिले। चाहे वहराष्ट्रपति संदर्भ का मामला हो या फिर न्यायिक भर्तियों के जुड़ा फैसला हो। देश के पहले बौद्ध और दूसरे दलित सीजेआई जस्टिस गवई ने सुप्रीम कोर्टके तीन सदस्यों वाले कॉलेजियम को लीड किया, जिसने अलग-अलग हाईकोर्ट के जजों के तौर पर नियुक्ति के लिए सरकार को 129 नामों कीसिफारिश की, जिनमें से 93 नामों को मंजूरी दी गई। उनके कार्यकाल के दौरान पांच जजों जस्टिस एनवी अंजारिया, विजय बिश्नोई, एएस चंदुरकर, आलोक अराधे और विपुल मनुभाई पंचोली को भी सुप्रीम कोर्ट के लिए पद्दोनत किया गया। 15 महिला जज शामिलसुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 14 मई से अपलोड किए गए जजों की नियुक्ति की डिटेल्स के मुताबिक, जब जस्टिस गवई भारत के चीफ जस्टिस बने, तो सरकार ने हाईकोर्ट के लिए जिन 93 नामों को मंजूरी दी, उनमें 13 अल्पसंख्यक समुदाय के जज और 15 महिला जज शामिल थीं। उनमें से पांचपुराने या मौजूदा जजों के रिश्तेदार हैं और 49 जज बार से नियुक्त किए गए थे, जबकि बाकी सर्विस कैडर से थे। सीजेआई गवई रविवार 23 नवंबरको पद छोड़ देंगे और उनके बाद जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को भारत के अगले चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे। भारत के 52वें सीजेआईजस्टिस गवई ने अपने छह महीने के कार्यकाल में कई शानदार फैसले दिए हैं, जिनमें वक्फ कानून के मुख्य प्रावधानों पर रोक लगाना, ट्रिब्यूनल सुधारकानून को रद्द करना और केंद्र को प्रोजेक्ट्स को बाद में हरी झंडी देना शामिल है। आखिरी कार्यदिवसशुक्रवार को सीजेआई गवई का आखिरी कार्यदिवस था, जो केजी बालकृष्णन के बाद भारतीय ज्यूडिशियरी को हेड करने वाले दूसरे दलित थे। अपनेआखिरी वर्किंग डे पर मिले शानदार फेयरवेल से अभिभूत सीजेआई गवई ने कहा कि वह एक वकील और जज के तौर पर चार दशकों के सफर केआखिर में “पूरी संतुष्टि और संतोष के साथ” और “न्याय के स्टूडेंट” के तौर पर इस इंस्टीट्यूशन को छोड़ रहे हैं।

योगी सरकार का सख्त रुख, जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठियों पर त्वरित कार्रवाई व अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंनेकहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि कोबर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करेऔर नियमानुसार कार्रवाई शुरू करे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाएजाएं। आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरीइन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित कियाजाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध घुसपैठ को लेकर अफसरों को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए अस्थायी डिटेंशनसेंटर का निर्माण किया जाए।

नड्डा का कांग्रेस पर निशाना, मोदी ने दिलाया सरदार पटेल को सही सम्मान

नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को याद करते हुए आरोप लगायाकि स्वतंत्रता के बाद चार दशकों तक कांग्रेस ने पटेल के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। उन्होंने कहा किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही वह नेता हैं जिन्होंने सरदार पटेल को सही सम्मान दिलाया है। कार्यक्रम में नड्डा ने ‘@150 यूनिटी मार्च’ को हरी झंडी दिखाकरपटेल की जयंती का शुभारंभ भी किया। नड्डा ने कहा कि भारत की आजादी के समय देश 562 रियासतों में बंटा था और ब्रिटिश शासन चाहता था किभारत कमजोर और विभाजित रहे। लेकिन सरदार पटेल ने दो वर्षों के भीतर इन सभी रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप मेंखड़ा किया। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा योगदान देने के बावजूद कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक कारणों से पटेल को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वेहकदार थे। 1991 तक कांग्रेस सत्ता में रहीनड्डा ने आरोप लगाया कि 1950 से 1991 तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने पटेल को भारत रत्न देने का निर्णय नहीं लिया। उनकेमुताबिक राजनीतिक साजिशें रची गईं ताकि पटेल को इतिहास में वह स्थान न मिले, जिसे रोकने का प्रयास कांग्रेस सरकारों ने लगातार किया। नड्डा नेकहा कि इस अन्याय को खत्म करने का सही काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। कार्यक्रम में नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को सच्चीश्रद्धांजलि देते हुए केवड़िया में दुनिया की सबसे ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ एक प्रतिमा है, बल्कि‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक भी है, जिसे पटेल ने अपने अथक प्रयासों से साकार किया। विभाजित हिंदुस्तान को एक मजबूत राष्ट्र में बदल दियाभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पटेल ने विभाजित हिंदुस्तान को एक मजबूत राष्ट्र में बदल दिया। उन्होंने देश को विदेशी मानसिकता और बिखराव सेआजाद किया। नड्डा ने कहा कि आज जब देश उनकी जयंती मना रहा है, तब यह याद करना जरूरी है कि उनका योगदान देश की एकता और अखंडताकी नींव है। नड्डा ने कहा कि ‘@150 यूनिटी मार्च’ का उद्देश्य युवा पीढ़ी को पटेल के योगदान से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि देश आज जिनचुनौतियों से गुजर रहा है, उसमें पटेल की सोच और निर्णायक नेतृत्व प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।

गुवाहाटी टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की मजबूत शुरुआत, बावुमा ने कप्तान के रूप में पूरे किए 1000 रन

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका को रेयान रिक्लेटन और एडेन मार्करम की जोड़ी नेअच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 82 रनों की साझेदारी हुई जो मौजूदा सीरीज में अब तक की सबसे बड़ीओपनिंग साझेदारी है। हालांकि, इसे जसप्रीत बुमराह ने मार्करम को आउट कर तोड़ा जो 38 रन बनाकर आउट हुए। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका नेटॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। इसी के साथ भारत ने पिछले नौ टेस्ट में से आठवीं बार टॉस गंवाया। मार्करम और रिक्लेटन ने जिसतरह से टीम को शुरुआत दिलाई उसने साबित किया कि कप्तान तेम्बा बावुमा का पहले बल्लेबाजी चुनने का फैसला सही था। दक्षिण अफ्रीका नेलंच ब्रेक की समाप्ति तक पहली पारी में दो विकेट पर 156 रन बनाए। बावुमा और ट्रिस्टन स्टब्स के बीच भी 50+ रनों की साझेदारी हुई। अफ्रीका ने 2010 से एशिया में खेली 12 द्विपक्षीय सीरीज मेंदिलचस्प बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका ने 2010 से एशिया में खेली 12 द्विपक्षीय सीरीज में 17 बार ओपनिंग जोड़ी बदली। इनमें से मार्करम औररिक्लेटन दक्षिण अफ्रीका की दूसरी ओपनिंग जोड़ी है जिन्होंने एक सीरीज में दो बार 50+ रनों की साझेदारी की है। मार्करम और रिक्लेटन से पहलेडीन एल्गर और स्टियान वान जिल की जोड़ी ने 2015 में एक से ज्यादा 50+ रनों की साझेदारी की थी। गुवाहाटी टेस्ट से पहले मार्करम और रिक्लेटनने कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 57 रनों की साझेदारी की थी। बावुमा ने भी गुवाहाटी टेस्ट के दौरान उपलब्धि हासिल की और उन्होंने कप्तान केतौर पर टेस्ट में 1000 रन पूरे कर लिए। बावुमा दक्षिण अफ्रीका के नौवें कप्तान हैं जिन्होंने इस प्रारूप में ऐसा किया है। बावुमा ने 20वीं पारी में1000 रन पूरे किए। बावुमा दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे तेजी से ऐसा करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे कप्तान बने। उनके साथ डुडले नोर्से ने भीइतनी पारियों में ऐसा किया था। इन दोनों से तेज ग्रीम स्मिथ ने कप्तान रहते टेस्ट में तेजी से 1000 रन पूरे किए थे। स्मिथ ने 17 पारियों में यहउपलब्धि हासिल की थी।

एसआईआर और ‘वोट चोरी’ विवाद पर कांग्रेस 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में रैली करेगी; भाजपा ने लगाया राजनीति का आरोप

कांग्रेस पार्टी वोट चोरी और एसआईआर के खिलाफ लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। इसी कोशिश के तहत कांग्रेस पार्टी 14 दिसंबरको रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन करने जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि लोगों का वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीना जारहा है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और दावा किया कि इंडी गठबंधन के सहयोगी भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथनहीं हैं। कांग्रेस की रैली पर तेलंगाना कांग्रेस के नेता वी हनुमंता राव ने कहा कि ’65 लाख मत चोरी कर लिए गए, लेकिन चुनाव आयोग ने इसकीजांच भी नहीं कराई। यही वजह है कि सभी राजनीतिक पार्टियां रामलीला मैदान में रैली करेंगी। राहुल गांधी भी इस रैली में शामिल होंगे औरदेशवासियों को बताएंगे की देश में किस तरह से बेईमानी हो रही है। बाबा साहेब आंबेडकर ने लोगों को जो अधिकार दिए, उन्हें लागू नहीं किया जारहा। लोगों को इसके खिलाफ एकजुट होना चाहिए। वोट चोर, गद्दी छोड़ की बैठक सफल होगी। एनडीए सरकार को अपनी आंखें खोलनी चाहिए।’ भाजपा ने कहाकांग्रेस के 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में एसआईआर के मुद्दे पर बड़ी रैली करने को लेकर भाजपा ने कहा कि एसआईआर सिर्फ एक बहाना औरचुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि, ‘एसआईआर तो एक बहाना है। परिवार कोहार से बचाने के लिए चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है। यह वही कांग्रेस है जिसने महाराष्ट्र में एसआईआर का समर्थन किया था, इसे तुरंतलागू करने की मांग की थी, फिर भी बंगाल और बिहार में कांग्रेस पार्टी एसआईआर पर अलग स्टैंड लेती है। वे एसआईआर का विरोध करते हैं, लेकिनबिहार में एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कोई अपील या शिकायत फाइल नहीं की गई है।’ पूनावाला ने कहा कि ‘कांग्रेस के नेता भी इस वोटचोरी की बात पर यकीन नहीं करते। तारिक अनवर और दूसरे लोग इसे गलत बताते हैं, उनका दावा है कि टिकट चुराए गए थे, वोट नहीं। राहुल गांधीऔर कांग्रेस पार्टी को पहले अपने नेताओं और अपने साथियों को समझाना चाहिए। इस रैली में भी, इंडी गठबंधन का कोई पार्टनर शामिल नहीं हो रहाहै। कांग्रेस कह रही है, ‘वोट चोर, गद्दी चोर’, लेकिन कांग्रेस के साथी कह रहे हैं, ‘कांग्रेस चोर, इंडी गठबंधन तोड़’।’