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दुबई एयर शो में तेजस फाइटर क्रैश, काला धुआँ उठते ही हड़कंप, दुबई में दुर्घटनाग्रस्त

दुबई एयर शो में शुक्रवार को आयोजित उड़ान प्रदर्शन के दौरान भारतीय तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार हो गया। वायुसेना ने बयान जारी करबताया कि इस हादसे में पायलट की भी मौत हो गई है। स्थानीय समय अनुसार दोपहर 2:10 बजे तेजस प्रदर्शन के दौरान डेमो उड़ान भर रहा था, तभीअचानक विमान अनियंत्रित हो गया और नीचे गिर कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और कुछ ही पलों मेंकाले धुएं का गुबार हवा में फैल गया। वहां मौजूद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लोग दुबई एयर शो देखनेआए थे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। भीड़ ने विमान को नीचे गिरते देखा और फिर अचानक उठते धुएं के कारण अफरा-तफरी का माहौलबन गया। अब तक का सबसे बड़ा फ्लाइंग और स्टैटिक डिस्प्लेदुबई की स्थानीय मीडिया के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद हेलिकॉप्टर्स और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गए और आग परकाबू पाया गया। करीब 45 मिनट में पूरे घटनाक्रम को संभाल लिया गया। कार्यक्रम दोबारा शुरू होगा या नहीं, इस पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।एयर शो अधिकारियों ने दुर्घटना वाले क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया और सभी उड़ान कार्यक्रम अस्थायी रूप से रोक दिए। विमान दुर्घटना के कारणों कापता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। भारतीय पक्ष की ओर से भी संपर्क और जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है। ‘द फ्यूचर इज हियर’ थीमके तहत यह एयर शो 17 से 21 नवंबर तक दुबई वर्ल्ड सेंट्रल में आयोजित हो रहा है। यह दुबई एयर शो का 19वां संस्करण है। इस बार 200 सेअधिक विमानों का रिकॉर्ड प्रदर्शन किया जा रहा। इसमें कमर्शियल, मिलिट्री, प्राइवेट जेट, यूएवी और नई पीढ़ी की एयरोस्पेस तकनीकें शामिल हैं।यह अब तक का सबसे बड़ा फ्लाइंग और स्टैटिक डिस्प्ले है। आयोजन में 148,000 ट्रेड विजिटर्स और 115 देशों से आए 490 सैन्य और नागरिकप्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं। ध्वनि की गति से भी तेज उड़ सकताभारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान पूरी तरह भारत में निर्मित एक आधुनिक फाइटर जेट है। इसे हल्का, तेज और अधिक फुर्तीला बनाने केलिए डिजाइन किया गया है, ताकि यह विभिन्न तरह के कॉम्बैट मिशन आसानी से पूरा कर सके। तेजस को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है। यह देश की स्वदेशी रक्षा क्षमता का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। इसके डिजाइन और संरचना में कई उन्नत तकनीकोंका समावेश किया गया है। तेजस 4.5 जनरेशन श्रेणी का विमान है, जिसमें आधुनिक एवियोनिक्स, बेहतर हथियार प्रणाली और उत्कृष्ट मैनूवरिंगक्षमताएं शामिल हैं। यह छोटा और हल्का होने के बावजूद सुपरसोनिक गति से उड़ान भरने की क्षमता रखता है, यानी यह ध्वनि की गति से भी तेज उड़सकता है। इसकी गति, फुर्ती और तकनीकी विशेषताएं इसे भारतीय वायुसेना के बेड़े में एक शक्तिशाली और भरोसेमंद लड़ाकू विमान बनाती हैं।

अमित शाह का कड़ा ऐलान, हर घुसपैठिए को मतदाता सूची से निकालेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को गुजरात के भुज में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 61वें स्थापना दिवस (रेजिंग डे) समारोह में हिस्सा लेनेपहुंचे। यहां बीएसएफ के जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उनके योगदान की तारीफ की। साथ हीनागरिकों को 12 राज्यों में मतदाता सूची में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकोंको इसका पूरी तरह समर्थन करना चाहिए, क्योंकि यह प्रक्रिया देश और लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए अहम है। इसके जरिए हर एक घुसपैठिए कोमतदाता सूची से बाहर किया जाएगा। शाह ने संबोधन में कहा, “मैं आज यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम इस देश में से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर बाहर निकालेंगे। ये हमारा प्रण है। एसआईआर की प्रक्रिया देश और लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए है।” देश के जनादेशकेंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्षी गठबंधन में शामिल पार्टियों का नाम लिए बिना कहा कि कुछ राजनीतिक दल घुसपैठियों को निकालने के इस अभियान कोकमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता ने इस मुद्दे पर एनडीए को बहुमत दिया है। शाह ने कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दल चुनाव आयोग की मतदाता सूची को सही करने के लिए लाई गई एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं आज देशवासियों से अपील करता हूं कि वे खुलकर और पूरी तरह से चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही एसआईआर प्रक्रिया कासमर्थन करें। मैं घुसपैठियों का बचाव कर रहे राजनीतिक दलों को चेतावनी देना चाहता हूं कि बिहार चुनाव पूरे देश के जनादेश की तरह हैं।

ममता का EC को चेतावनी SIR ‘अनियोजित, खतरनाक’ BLO पर दबाव, मतदाता सूची खतरे में

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 24 नवंबर को एक आंतरिक बैठक करेगी, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी करेंगे। इस बैठक कामकसद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समीक्षा और यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदाता सूची में कोई भी नाम छूट न जाए। इसकेअलावा, पार्टी 25 नवंबर को एसआईआर के खिलाफ रैली भी आयोजित कर सकती है। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य मेंजारी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है और चुनाव आयोग से तत्काल दखल देने की अपील की है। उन्होंने इस संबंध में शुक्रवार कोअपने पुराने पत्र को भी एक्स पर साझा किया। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को ‘योजना विहीन, अव्यवस्थित और खतरनाक’ बताया। ममता बनर्जी ने कहाकि प्रशिक्षण की कमी, जरूरी दस्तावेजों को लेकर स्पष्ट जानकारी न होना और मतदाताओं से उनकी कामकाजी दिनचर्या के बीच मिल पाना लगभगअसंभव होना। इन सभी वजहों से यह प्रक्रिया ठीक से चल ही नहीं पा रही है। मुख्यमंत्री ने इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को भी मुख्य चुनावआयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि प्रशिक्षण में गंभीर कमी, जरूरी दस्तावेजों को लेकर स्पष्टता न होना और लोगों कीरोजमर्रा की जीविका के चलते उनसे समय पर मुलाकात न हो पाना..इन सबने इस प्रक्रिया को शुरू से ही कमजोर और अस्थिर बना दिया है। अपनेताजा पत्र में ममता बनर्जी ने लिखा कि राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया बेहद चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया कोअधिकारियों और आम लोगों पर जिस तरह थोपा जा रहा है, वह न सिर्फ अव्यवस्थित है बल्कि खतरनाक भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू से हीतैयारी, योजना और स्पष्ट निर्देशों की कमी रही, जिससे पूरा काम प्रभावित हुआ है। सूची से हट सकतामुख्यमंत्री ने बताया कि बूथ स्तर के अधिकारी यानी बीएलओ भारी दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने ऑनलाइन डाटा भरने में दिक्कतें आ रही हैं, सर्वरठीक से काम नहीं कर रहा और प्रशिक्षण भी पर्याप्त नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इतनी भारी जिम्मेदारी, कम समय और तकनीकी दिक्कतों कीवजह से मतदाता डाटा गलत होने का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने आगे कहा कि बीएलओइंसानी सीमा से बाहर जाकर काम कर रहे हैं। कई बीएलओ शिक्षक और अग्रिम मोर्चा के कार्यकर्ता भी हैं, जिन्हें अपनी नियमित ड्यूटी के साथ-साथघर-घर सर्वे और ऑनलाइन फॉर्म भरने का काम करना पड़ रहा है। प्रशिक्षण की कमी, सर्वर की गड़बड़ियों और बार-बार डाटा मैच न होने की वजह सेउन्हें लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि एसआईआर की खामियों की वजह से कई असली मतदाता वोटरलिस्ट से बाहर हो सकते हैं, जबकि पूरी मतदाता सूची की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर तक कई विधानसभाक्षेत्रों का सही-सही डाटा अपलोड कर पाना लगभग नामुमकिन है। उन्होंने यह भी कहा कि दबाव में कई बीएलओ गलत या अधूरा डाटा जमा करसकते हैं, जिससे सही मतदाताओं का नाम सूची से हट सकता है। मतदाताओं को बचानापत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि इतनी कठिन परिस्थिति में सहयोग देने के बजाय चुनाव आयोग बीएलओ को डराने-धमकाने में लगा है। उन्होंनेकहा कि बिना ठोस वजह के कारण बताओ नोटिस भेजे जा रहे हैं और पहले से परेशान बीएलओ को अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी जा रहीहै, जबकि आयोग को वास्तविक स्थिति समझने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यह पूरी प्रक्रिया ऐसे समय हो रही है, जब राज्य में कृषिका चरम सीजन चल रहा है। किसानों और मजदूरों के लिए इस दौरान इन प्रक्रियाओं में हिस्सा लेना बेहद मुश्किल होता है। इससे मतदाताओं केजुड़ाव पर भी असर पड़ रहा है। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से चुनावआयोग को भेजे गए पत्र के जवाब में चुनाव आयोग को अपना पत्र सौंपा है। गुरुवार को लिखे अपने इस पत्र में अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममताबनर्जी का संदेश चुनाव आयोग के सांविधानिक अधिकार को कमजोर करने की सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि इस पत्र का मकसदचुनाव अधिकारियों के बीच भ्रम फैलाना और उन मतदाताओं को बचाना है जिन्हें वे गैरकानूनी और अयोग्य बता रहे हैं।

रीना पासवान का बड़ा दावा, चिराग 2030 में बिहार के सीएम बन सकते “जानें और क्या कुछ कहा”

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मां रीना पासवान अपने बेटे को भविष्य में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेरी शुभकामनाएंचिराग पासवान के साथ हैं। जब उनसे सवाल पूछा गया कि लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) प्रमुख चिराग पासवान को भविष्य का मुख्यमंत्रीमानती हैं, तो उन्होंने कहा कि आने वाले समय में, 2030 में। मेरी शुभकामनाएं हमेशा उसके साथ हैं। इससे पहले उन्होंने पत्रकारों के सवाल काजवाब देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में हमारी पार्टी को शामिल किया गया है। बहुत खुशी हो रही है। यह सब चिराग पासवान की मेहनत और जनता काआशीर्वाद का फल है। हमलोग शून्य पर थे और आज 19 पर हैं। लोकसभा में भी हमें अच्छी सीटें आई थी। इस विधानसभा चुनाव ने उनकाराजनीतिक कद और बढ़ा दिया है। नीतीश कुमार के शपथ लेने के बाद फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लग गयावहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि मैं उपमुख्यमंत्री पद की मांग कर लालची नहीं दिखना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मैंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं कि नई बिहार कैबिनेट में उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को दो स्थान मिले। प्रेसकॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए पासवान ने यह भी कहा कि वह बिहार से बाहर पश्चिम बंगाल, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी एनडीए केसाझेदार के रूप में पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए के भीतर सीट-बँटवारे के तहत हमें 29 सीटें मिली थीं, जिनमें से हमारीपार्टी ने 19 सीटें जीतीं। हमने उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ा जो गठबंधन के लिए कमजोर मानी जाती थीं। यह जनता के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री द्वाराहमारी पार्टी को मिले समर्थन की वजह से संभव हो पाया। अब बिहार की नई कैबिनेट में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो स्थान दिए गए हैं।यह पर्याप्त है।चिराग पासवान के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा लोकसभा चुनाव के बाद से उठने लगी थी। कई बार उनके करीबी इस बात की चर्चा कर चुके हैं। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के शपथ लेने के बाद फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लग गया। लेकिन, अब चिराग की मां रीना पासवानके बयान की खूब चर्चा हो रही है।

सेबी ने रिट्स और इनविट्स को बाजार सूचकांकों में शामिल करने पर विचार शुरू किया, म्यूचुअल फंड एक्सपोजर बढ़ाने के कदम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे शुक्रवार को आरईआईटी और इनविट के राष्ट्रीय सम्मेलन पर बोलते हुए कहा किनियामक रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों (रिट्स) को बाजार सूचकांकों में शामिल करने पर विचार कर रहा है। इस कदम का उद्देश्य इस क्षेत्र में तरलता, दृश्यता और संस्थागत भागीदारी में सुधार लाना है। इस कदम के साथ ही रिट्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट्स दोनों तक म्यूचुअल फंड की पहुंचबढ़ाने के लिए भी उपाय किए जा रहे हैं।पांडे ने कहा कि यह उपकरण भारत के अवसंरचना वित्तपोषण के अगले चरण का एक महत्वपू्र्ण हिस्सा हैं और अगर तरलता और निवेशक दोनों की हीभागीदारी सार्थक रूप से अच्छी होती है तो यह घरेलू और वैश्विक दोनों पूंजी को आकर्षित कर सकते हैं। पांडे ने कहा आरईआईटी को इक्विटी के रूपमें माना जाएगा और इनविट्स को हाइब्रिड उपकरणों के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियामक रिट्स और इनविट्स दोनों में हीएक्सपोजर की अनुमति देने के लिए लिक्विड म्यूचुअल फंड्स के पूल का विस्तार करेगा। इसके लागू होने के बाद रिट्स के लिए सूचकांक समावेशनस्वाभविक रूप से अधिक संस्थागत निवेश को आकर्षिक करेगा और द्वितीयक बाजार की गतिविधियों को भी मजबूत करेगा। पांडे ने कहा, “हमारे सोनेके नियमों को पहले ही एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समझाया जा चुका है। सोने में निवेश या तो म्यूचुअल फंड द्वारा पेश किए जाने वाले गोल्डइन्वेस्टमेंट ईटीएफ के माध्यम से या व्यापार योग्य सोने की प्रतिभूतियों के माध्यम से किया जा सकता है। ये वे उत्पाद हैं जो विनियमित क्षेत्र में शामिलहैं, इसलिए फिलहाल हम केवल इन्हीं उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।” सेबी फिलहाल इन उपकरणों पर ध्यान केंद्रित कर रहासेबी प्रमुख ने बताया कि नियमित वितरण और विनियमित संरचनाओं की पेशकश करने वाले उत्पादों के बाद भी रिट्स और इनविट्स में रिटेलभागीदारी कम है। उन्होंने कहा कि निवेशक आधार का विस्तार करने और नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और संचार में सुधार करने कीआवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। विशेषकर सेबी के हाल में निवेशक सर्वेक्षण के बाद पता चला है कि व्यक्ति अपनी समझ में आने वालीभाषाओं में वित्तिय जानकारी लेना पसंद करते हैं रिट्स और इनविट्स बाजार में सूचीबद्ध साधन हैं जो निवेशकों के पैसो को एकत्र कर आय देने वालीअचल संपत्ति में या परिसंपत्तियों का स्वामित्व और संचालन करते हैं। रिट्स में मुख्य रूप से कार्यालय पार्क और व्यावसायिक संपत्तियां होती हैं, जबकि इनविट्स में राजमार्ग, ट्रांसमिशन लाइन या नई परियोजनाओं जैसी परिसंपत्तियां होती हैं। उनका कैश फ्लो (नकदी प्रवाह) समर्थित सरंचनाएंनिवेशकों को स्थिर प्रतिफल देती है और वहीं परिसंपत्ति मालिकों को मुद्रीकरण का विकल्प देती हैं। सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने शुक्रवार कोस्पष्ट किया कि नियामक इस समय डिजिटल गोल्ड के लिए किसी नए नियामक ढांचे पर विचार नहीं कर रहा है। रीट्स और इनविट्स-2025 परराष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए, पांडे ने कहा कि सोने से संबंधित निवेश वर्तमान में म्यूचुअल फंड द्वारा पेश किए जाने वालेगोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) या व्यापार योग्य सोने की प्रतिभूतियों के माध्यम से किया जा सकता है। ये वे उत्पाद हैं जो विनियमित क्षेत्र मेंआते हैं, और सेबी फिलहाल इन उपकरणों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।