रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, ‘सेना में आरक्षण की बात देश में अराजकता फैलाने की कोशिश’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को बांका में चुनावी सभा में आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कररहे हैं। क्योंकि, उन्होंने सशस्त्र बलों में आरक्षण की मांग की है। बिहार के जमुई जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि राहुलजी को क्या हो गया है? वे रक्षा बलों में आरक्षण का मुद्दा उठा रहे हैं। वह देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी सेनाएं इन सबचीजों से ऊपर हैं। रक्षा मंत्री ने बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के हालिया मछली पकड़ने के प्रयास पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेसनेता के पास अब कोई चारा नहीं बचा है, इसलिए उन्हें तालाब में कूदना पड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि देश चलाना बच्चोंका खेल नहीं है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई प्रतिघाती कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की।बांका जिले में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में स्पष्ट रूप से एनडीए के पक्ष में लहर चल रही है। दावा किया किसत्तारूढ़ गठबंधन दो-तिहाई बहुमत से बिहार में अगली सरकार बनाएगा।लोगों को डराया-धमकाया जाताराजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को रोका गया है, बंद नहीं किया गया। अगर आतंकवादी फिर से भारत पर हमला करने की कोशिश करेंगे, तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन अगर कोई हमें उकसाएगा तो हम उसे बख्शेंगे नहीं। रक्षा मंत्री ने आरोप लगायाकि राष्ट्रीय जनता दल के शासनकाल में लोगों को डराया-धमकाया जाता था। कांग्रेस ने कभी नहीं चाहा कि सीमा क्षेत्रों में बेहतर सड़कें बनें। उन्होंनेकहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। राज्य में पहले चरण के मतदान से पहले एनडीए के पक्ष में स्पष्टलहर है। हम दो-तिहाई बहुमत से अगली सरकार बनाएंगे। एनडीए कभी जाति, धर्म या मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं करता और गठबंधन काउद्देश्य केवल विकसित बिहार बनाना है। राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने लोगों को धमकाया और कभी भी बिहार के विकास के लिए काम नहीं किया।
न्यूयॉर्क में इतिहास जोहरान ममदानी की जीत, नेहरू के शब्दों से गूंजा मंच, ट्रंप को सीधी चुनौती

अमेरिका के सबसे अहम मेट्रो शहरों में से एक न्यूयॉर्क में डेमोक्रेटिक पार्टी के जोहरान ममदानी ने मेयर पद का चुनाव जीत लिया है। इसके बाद उन्होंनेबुधवार को ही जनता को संबोधित किया। इस दौरान ममदानी ने न सिर्फ भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और भारत की आजादी के बादउनके पहले भाषण- ट्रिस्ट विद डेस्टिनी का जिक्र किया, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आव्रजन के मुद्दे पर चुनौती भी दी। ममदानी ने अपनीऐतिहासिक जीत को राजनीतिक वंश का अंत बताया और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भी जिक्र किया। उन्होंने पंडित नेहरू केट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण के शब्दों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘आज मैं आपके सामने खड़ा हूं और मुझे जवाहरलाल नेहरू के शब्द याद आ रहे हैं। एकक्षण आता है, जो इतिहास में बहुत कम आता है, जब हम पुराने से नए में प्रवेश करते हैं। आज रात, हमने पुराने से नए में कदम रखा है।’’ उनके इसबयान के बाद समारोह स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कुलीनतंत्र और निरंकुशता का जवाब डर से नहींममदानी ने ट्रंप को चुनौती देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क प्रवासी समुदाय की मेहनत से बनाया गया, उन्हीं से संचालित और अब एक प्रवासी के नेतृत्व मेंचलने वाला शहर रहेगा। ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद ममदानी ने कहा, ‘‘हममें से किसी तक पहुंचना है तो आपको हम सबके बीच से होकरगुजरना होगा।’’ वह अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर बनने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘‘हम अबदूसरों को खेल के नियम तय नहीं करने देंगे। वे भी उन्हीं नियमों पर खेलें, जिन पर बाकी सब खेलते हैं। यदि हम इस नए रास्ते को अपनाने का साहसदिखाएं, तो हम कुलीनतंत्र और निरंकुशता का जवाब डर से नहीं, बल्कि उस ताकत से देंगे जिससे वे डरते हैं।’’ तानाशाह को डराने का सबसे अच्छा तरीकाउन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार, अगर कोई भी ट्रंप द्वारा ठगे गए राष्ट्र को यह दिखा सकता है कि उसे कैसे हराया जाए, तो वह वही शहर है जिसने उसे जन्मदिया था। किसी तानाशाह को डराने का सबसे अच्छा तरीका है, उन हालातों को खत्म करना जिन्होंने उसे सत्ता दी। यही तरीका है ट्रंप को रोकने का।’’ उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को चुनौती देते हुए कहा, ‘‘तो डोनाल्ड ट्रंप, मुझे पता है आप देख रहे हैं। मेरे पास आपके लिए चार शब्द हैं- वॉल्यूम बढ़ादो।’’ ममदानी ने कहा कि आपको हममें (प्रवासियों में से) किसी तक पहुंचना है तो आपको हम सबके बीच से होकर गुजरना होगा।’’
गोविंदा ने पत्नी सुनीता के बयान पर मांगी माफी, बोले “पंडित जी के लिए कही बात पर कर बद्ध क्षमा प्रार्थना”

‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपनी बेबाकी के लिए मशहूर हैं। सुनीता हर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखती हैं। कई बार उनकेमुंहफट होने की वजह से गोविंदा को माफी तक मांगनी पड़ती है। अब एक बार फिर सुनीता ने कुछ ऐसा कह दिया, जिस पर अब गोविंदा कोसार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। हालांकि, इस मामले में नेटिजेंस सुनीता के समर्थन में दिख रहे हैं और वो गोविंदा के माफी वाले वीडियो पर भीसुनीता के समर्थन में ही कमेंट कर रहे हैं। हाल ही में सुनीता ने पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में गोविंदा के पारिवारिक पंडित को लेकर बयान दिया था।सुनीता ने कहा था ‘गोविंदा ज्योतिषियों और पंडितों पर बहुत पैसा खर्च करते हैं। हमारे घर में भी एक है, गोविंदा का पंडित (पुरोहित)। वो भी ऐसा हीहै। पूजाएं करवाता है और 2 लाख रुपये चार्ज करता है।’ अब पत्नी सुनीता के इस बयान पर गोविंदा ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर माफीमांगी है। साथ ही उन्होंने पत्नी के बयान को गलत बताते हुए उसकी कड़ी निंदा की है। करबद्ध प्रार्थनागोविंदा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा, ‘मैं आप सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि मेरे घर परिवार के पंडित जी, आदरणीयमुकेश शुक्ला जी बड़े ही योग्य, प्रामाणिक, बड़े गुणी और यज्ञ विधि प्रयोग समझने वाले उत्तर प्रदेश के चुनिंदा लोगों में आते हैं। आपके पिताजीआदरणीय जटाधारी जी से हमारा परिवार सदैव जुड़ा रहा। हमारी जो आदरणीय धर्मपत्नी हैं, आपके विषय में उन्होंने जो अपशब्द कहे मैं उसके लिएक्षमा प्रार्थना करता हूं। खंडन भी करूंगा। क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि आप बहुत ही सरल हैं और जिससे जुड़ जाएं तो फिर आप इधर-उधर नहींदेखते। बहुत ही तकलीफ का दौर हम साथ में निकाल चुके हैं। कई समय ऐसा हुआ कि क्योंकि आप राष्ट्रभर के अच्छे नेताओं से जुड़े रहे और साथ मेंमुझसे जुड़े रहे तो हम उसे आराम से निकाल पाए। यह सदैव कृपा ब्राह्मण वर्ग की और आपकी और आपके घर परिवार की सदैव हम लोगों के साथरहे, ऐसी करबद्ध प्रार्थना है।’ सुनीता ने कुछ भी गलत नहीं बोलाहाल ही में पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में पहुंचीं सुनीता आहूजा ने गोविंदा की पंडितों से सलाह लेने की आदत पर बात की। इस दौरान जब पारस नेकहा कि कुछ पंडितों के इरादे हमेशा सही नहीं होते, तो सुनीता ने तुरंत कहा, ‘हमारे घर में भी एक है, गोविंदा का पंडित (पुरोहित)। वो भी वैसा ही है।पूजाएं करवाता है और 2 लाख रुपये चार्ज करता है। मैं गोविंदा से कहती हूं कि तुम खुद प्रार्थना करो, उनका कराया हुआ पूजा-पाठ कुछ काम नहींआने वाला। भगवान वही प्रार्थनाएं स्वीकार करेगा जो तुम खुद करोगे। मैं इस सब पर विश्वास नहीं करती। भले ही मैं दान दूं या कोई अच्छा काम करूं, तो मैं अपने हाथों से करती हूं अपने कर्म के लिए। डरने वाला डर जाता है।’ गोविंदा के इस माफी वाले वीडियो पर कई सारे कमेंट्स आ रहे हैं।हालांकि, अधिकांश लोग सुनीता का समर्थन कर रहे हैं और उनकी इस बात को सही बता रहे हैं। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए कहा कि सुनीता ने कुछभी गलत नहीं बोला है। असल में कई पंडित ऐसा ही करते हैं और पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपए लेते हैं।
बिहार में ‘जीविका दीदी योजना’ पर सियासी संग्राम विपक्ष बोला, महिलाओं को पैसे देकर वोट खरीद रही है सरकार “जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार में जीविका दीदी योजना के अंतर्गत 1.30 करोड़ महिलाओं को दस-दस हजार रूपये मिल चुके हैं। 26 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी नेमहिलाओं को दस-दस हजार रुपये देकर नीतीश सरकार की इस योजना की शुरुआत की थी। तीन अक्टूबर को इसी योजना के अंतर्गत 25 लाख नईमहिलाओं को दस-दस हजार रुपये की मदद दी गई है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि चुनाव के समय महिलाओं को पैसा देना भाजपा-जदयू के पक्ष मेंवोट देने के लिए घूस देने जैसा है। इससे चुनाव पर असर पड़ सकता है। विपक्ष यह आरोप तब लगा रहा है जबकि लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस नेस्वयं महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। बिहार चुनाव में भी महागठबंधन ने चुनाव जीतने पर हर महिला को 2500 रुपये देने कीघोषणा की है। रिकॉर्ड संख्या में वोट मिलना चाहिए2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू को 64.85 लाख और भाजपा को 82.02 लाख वोट मिले थे। दोनों दलों को मिला दिया जाए तोभाजपा-जदयू को 1.46 करोड़ लोकप्रिय वोट मिले थे। यानी 2025 में जीविका दीदियों की लाभार्थियों की कुल संख्या भाजपा-जदयू को मिले कुलपॉपुलर वोटों से थोड़ी ही अधिक है। जीविका दीदी योजना के अंतर्गत स्वरोजगार अपनाने के लिए यह आर्थिक सहायता हर परिवार की केवल एकमहिला को ही दिया जा रहा है। यदि महिला को मिले पैसे से परिवार के वोटों की दिशा परिवर्तित होती है तो इस बार भाजपा-जदयू को रिकॉर्ड संख्यामें वोट मिलना चाहिए। चुनाव के समय थोड़ा लालच देकर उनका वोट खरीद लियायह भी ध्यान रखना चाहिए कि यह आर्थिक सहायता महिलाओं के निचले वर्ग तक ही सीमित है। जिन घरों में कोई सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्तिहै, या जो परिवार आयकर दाता श्रेणी में हैं, उन परिवारों की महिलाओं को यह लाभ नहीं मिलेगा। जबकि इस वर्ग में भी भाजपा-जदयू के समर्थकभारी संख्या में होंगे। ऐसे में एनडीए को मिले वोटों की संख्या और अधिक बढ़ेगी और यह एक नए रिकॉर्ड स्तर तक जा सकती है। लेकिन क्या ऐसाहोगा? क्या हर जीविका दीदी का परिवार भाजपा-जदयू को वोट करेगा। जीविका दीदी योजना का लाभ लेने वालों में बड़ी संख्या में मुस्लिम औरयादव परिवार की महिलाएं भी शामिल हैं। जबकि बिहार में इस समुदाय को परंपरागत तौर पर राजद-कांग्रेस का वोटर माना जाता है। जनसुराज पार्टीके नेता प्रशांत किशोर ने कहा है कि महिलाओं को पैसा तो ले लेना चाहिए, लेकिन वोट उसे देना चाहिए जो बिहार का विकास करे। राजद प्रवक्ताडॉ. नवल किशोर यादव ने अमर उजाला से कहा कि यह सीधे-सीधे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है। बिहार सरकार महिलाओं को पैसे कालालच दिखाकर वोट खरीदना चाहती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोग देख चुके हैं कि किस तरह चुनाव के समय थोड़ा लालचदेकर उनका वोट खरीद लिया जाता है, लेकिन चुनाव के बाद विकास का कोई काम नहीं किया जाता। यदि बिहार सरकार महिलाओं के लिए विकासके काम करती तो आज उनके बच्चों को छोटी-छोटी नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि इस बार बदलाव बिहार का सबसेबड़ा चुनावी मुद्दा है और इस तरह की योजना नीतीश सरकार को जाने से नहीं रोक सकती।
राहुल गांधी का नया आरोप हरियाणा में ‘वोट चोरी’, बिहार चुनाव से पहले उठाया चुनाव आयोग पर सवाल “जानें क्या-क्या लगाए गएआरोप”

बिहार में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया है। अपनी एच फाइल्स के जरिए उन्होंनेहरियाणा विधानसभा चुनाव में भारी गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव में कांग्रेस के जीतने की पूरी संभावनाथी, लेकिन मतदाता सूची में गड़बड़ी कर चुनाव परिणाम को बदल दिया गया। भाजपा ने कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज कर दिया है, लेकिनराहुल ने यह आरोप ऐसे समय में लगाया है जब बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एक दिन बाद ही मतदान होना है। मतदान से ठीक 24 घंटे पहले येआरोप लगाकर राहुल गांधी क्या संदेश देना चाहते हैं? उनके इन आरोपों का बिहार चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है? चुनाव आयोग का पक्ष ही सही नहीं साबित होताराहुल गांधी ने ये आरोप हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों के परिणाम पर लगाए हैं। हर बार उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी होने की बात कही है।लेकिन महत्त्वपूर्ण बात यह है कि कुछ ही समय पहले जब बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा था, तो कांग्रेस ने उसमें गड़बड़ी कीकोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई। चुनाव आयोग ने संशोधित मतदाता सूची जारी करने के समय भी कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल याव्यक्ति को सूची में कोई गड़बड़ी मिलती है तो वह इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है। लेकिन भाजपा-कांग्रेस सहित किसी भी बड़ेराजनीतिक दल ने संशोधित मतदाता सूची में गड़बड़ी की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। चुनाव आयोग ने बिहार की मतदाता सूची से करीब 65 लाख नामों को हटाया है, जबकि कुछ छोटे राजनीतिक दलों ने बहुत सीमित संख्या में नामों को जुड़वाने की अपील की है। ऐसे में क्या चुनाव आयोगका पक्ष ही सही नहीं साबित होता है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्धअब राहुल गांधी ने कुछ मतदाताओं को सामने लाकर उनके नाम सूची से कटने की बात कही है। मतदाता सूची में पुनरीक्षण का कार्य भाजपा-कांग्रेसऔर राजद जैसे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के सहारे ही किया जा रहा था। उनके कार्यकर्ता मतदाता सूची में गड़बड़ी का सवाल पैदा कर उसेठीक कराने में मदद कर सकते थे। लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने इसके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई। क्याराहुल गांधी एक बार फिर बिहार चुनाव के बाद इसी तरह के आरोप लगाएंगे और चुनाव परिणामों में गड़बड़ी की बात करेंगे? राहुल गांधी ने इसकेपहले भी हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में वोट चोरी किए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए यह बताने की कोशिश कीथी कि मतदाता सूची में गड़बड़ी कर चुनाव परिणाम को प्रभावित किए जाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन राहुल गांधी के वे सभी आरोप उन्हींआंकड़ों पर आधारित थे जिसे चुनाव आयोग ने स्वयं लोगों को उपलब्ध कराया था। ये आंकड़े चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध थे। कांग्रेसनेता ने उन्हीं आंकड़ों को उठाते हुए चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश की थी।
माफिया की जमीन पर गरीबों का आशियाना, योगी आदित्यनाथ ने किया सरदार पटेल आवासीय योजना का शुभारंभ

कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीययोजना का लोकार्पण किया। जियामऊ, डालीबाग स्थित एकता वन में आयोजित भव्य समारोह में सीएम ने दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को फ्लैटके आवंटन पत्र वितरित किए। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि यह केवल आवास वितरण नहीं, बल्कि संदेश है कि माफिया से छीनी गई भूमि परगरीबों का आशियाना बनेगा। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो माफिया को शागिर्द बनाते हैं, उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं, वेगरीबों का शोषण करवाते हैं। अब यूपी में ऐसा नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर कोई गरीबों की जमीन पर कब्जा करेगा, अगर कोई सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करके समाज को डराने-धमकाने का काम करेगा, तो लेने के देने पड़ जाएंगे। यह सरकार जनता केअधिकारों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यही नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, जहां विकास के साथ धर्म, संस्कृति और परंपरा का संगम है। देव दीपावली पर देवता दीप जलाएंगेमुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से मुलाकात की, उन्हें गृह प्रवेश का सामान भेंट किया, नन्हीं बच्चियों को गोद में लेकर दुलार किया और चॉकलेट बांटी।इस दौरान आवास परिसर में सीएम योगी ने वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को कार्तिक पूर्णिमा कीबधाई दी। उन्होंने कहा कि आज लाखों श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर, टिकरी, सुखतीर्थ, बदायूं, प्रयागराज, काशी, अयोध्या में स्नान कर पुण्य लाभ ले रहे हैं।काशी में सायं देव दीपावली पर देवता दीप जलाएंगे। इस पावन अवसर पर लखनऊ में माफिया से मुक्त भूमि पर लाभार्थियों को आवास देना सौभाग्यहै। उन्होंने कहा कि इस प्राइम लोकेशन पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 10.70 लाख में फ्लैट दिए, इसकी कीमत बाजार में करीब 1 करोड़ रुपयेहै। जरूरतमंद को उसका सम्मानजनक आवास मिल सकेउन्होंने कहा कि 8000 आवेदनों में 5700 आवदेन योग्य लोगों का था, इसमें से 72 को पहले आवंटन मिला है। मुख्यमंत्री ने सभी 72 लाभार्थियों कोआवास की सुविधा मिलने पर उन्हें और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि इन लोगों को अब अपना सिर उठाकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने काअवसर मिला है। यह प्रधानमंत्री आवास योजना से कवर होगा तो यह और सस्ता व लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में कितना सुंदरवातावरण बना है, कितने अच्छे पार्क विकसित हो चुके हैं। सरकार चाहती है कि हर नागरिक खुशहाली से अपना जीवन व्यतीत करे और प्रदेश केविकास में भागीदार बने। सीएम योगी ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है अब यह अभियान पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा ताकि हरगरीब, हर जरूरतमंद को उसका सम्मानजनक आवास मिल सके।
बिहार चुनाव 2025 से पहले छपरा में सियासी बवाल मांझी सीट से माले प्रत्याशी डॉ. सत्येंद्र यादव पर आदर्श आचार संहिता तोड़ने का आरोप, प्रचार खत्म होने के बाद निकाला जुलूस, प्रशासन ने दर्ज की एफआईआर

छपरा से बड़ी खबर सामने आई है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से ठीक पहले मांझी विधानसभा क्षेत्र (114) से महागठबंधनसमर्थित माले प्रत्याशी डॉ. सत्येंद्र यादव पर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, निर्वाचन आयोगद्वारा तय समय के अनुसार प्रचार अवधि मंगलवार शाम 6 बजे समाप्त हो गई थी। इसके बावजूद डॉ. सत्येंद्र यादव देर शाम करीब 7 बजकर 47 मिनट पर अपने समर्थकों के साथ चुनावी जुलूस निकालते हुए देखे गए। यह कदम चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना गया है, क्योंकिमतदान से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार, जनसभा, जुलूस या जनसंपर्क पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। यह नियम मतदाताओं को स्वतंत्रऔर निष्पक्ष माहौल में मतदान करने का अवसर देने के उद्देश्य से लागू किया गया है। प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद जुलूस निकालने का आरोपघटना की सूचना मिलते ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी अमन समीर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताया कि प्रशासन ने मामले कोगंभीरता से लिया है। कोपा थाने में स्थानीय प्रत्याशी डॉ. सत्येंद्र यादव के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1961 की धारा 126 के तहतएफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला कोपा थाना कांड संख्या–276/25 के रूप में दर्ज हुआ है। डीएम अमन समीर ने कहा कि चुनाव आयोगआचार संहिता उल्लंघन के हर मामले को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रत्याशी, राजनीतिक दल और उनके समर्थक आचारसंहिता के नियमों का सख्ती से पालन करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रशासन ने सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखते हुए जिले केसंवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो सके। बिहार के छपरा जिले से आचारसंहिता उल्लंघन का मामला सामने आया है। मांझी विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन समर्थित माले प्रत्याशी डॉ. सत्येंद्र यादव पर प्रचार अवधि समाप्तहोने के बाद जुलूस निकालने का आरोप है।
मोकामा चुनावी संग्राम में घिरे ललन सिंह वायरल वीडियो पर बोले “पूरा वीडियो देखें, सच सामने आ जाएगा” राजद पर लगाया भ्रामक वीडियो फैलाने का आरोप

मोकामा विधानसभा में जनता दल यूनाईटेड के लिए चुनाव प्रचार के दौरान एक बयान को लेकर विवादों में घिरे केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फललन सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर स्पष्ट कहा कि अगर पूरा वीडियो सुन लेते तो पूरी बातसमझ में आ जाती। जिस वायरल वीडियो के कारण ललन सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की गई, उसके बारे में सवाल पूछने पर ललन सिंह ने कहा कि वहवीडियो का सिर्फ एक हिस्सा है, पूरा वीडियो नहीं है। लोगों को पूरा वीडियो देखना चाहिए। अगर एफआईआर दर्ज हुई है, तो पूरे वीडियो की जांचहोगी। मुझसे सवाल पूछे जाएंगे और मैं जवाब दूंगा। पूरी घटना रिकॉर्डेड है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल के लोग आदतन वीडियो काएक टुकड़ा निकालकर वायरल करते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं। वोटरों की रक्षा और हौसला नहीं बढ़ाएंगे?ललन सिंह ने आगे कहा कि अगर कोई पूरा वीडियो देखेगा तो उसे समझ आएगा कि राष्ट्रीय जनता दल का यह पोस्ट भ्रामक है। जिस गांव का यहवीडियो सामने आया है, वहां एक राजद नेता रहता है। वह लोगों को डराता-धमकाता है ताकि लोग वोट देने न जाएं। मैंने कहा था कि अगर कोई नेतागरीबों को डराता है, तो गांव के लोग ऐसे नेताओं को घेरकर बंद कर दें। अगर वे वोट देने जाना चाहते हैं, तो उन्हें बूथ तक ले जाएं और मतदान के बादउनके घरों में ही रहने को कहें। कोई भी गरीबों को डराकर उनका वोट नहीं छीन सकता। यही मेरा पूरा बयान था जो शिवनार की रैली में दिया गयाथा। उन्होंने आगे कि उसी दिन मोकामा के चुनाव कार्यालय में मैंने कार्यकर्ताओं से कहा था कि मोकामा नगर परिषद के वार्ड नंबर 15 से 27 में लोगगरीबों को वोट के लिए धमका रहे हैं। गरीब हमारे वोटर हैं, नीतीश कुमार के वोटर हैं। क्या हम अपने वोटरों की रक्षा और हौसला नहीं बढ़ाएंगे? नीतीश कुमार के शासन में कानून का राज है। हम सभी कानून का सम्मान करते हैं। इसलिए अगर चुनाव आयोग के निर्देश पर मेरे खिलाफएफआईआर दर्ज की गई है, तो मैं उसका सम्मान करता हूं। सम्राट चौधरी पर केस दर्ज किया गयाबता दें कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह के जेल जाने के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने खुद ही मोर्चा संभाल लियाहै। वह सोमवार शाम खुली जीप में सवार होकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ चुनाव प्रचार के लिए निकले। यह रोड शो बहरपुर, मोर, शिवनारसे थाना चौक होते हुए तिराहा चौक तक पहुंचा। दोनों नेताओं ने एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह को जिताने की अपील की। वहीं ललल सिंह ने कहा किआप लोगों अनंत सिंह के लिए खुद से कमान संभाल लें। उनके लिए आप ही चुनाव प्रचार करें। हालांकि, इस रोड शो के बाद भी ललन सिंह औरसम्राट चौधरी पर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद मंगलवार को ललन सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह कह रहे हैं कि वोटिंग के दिनएक नेता को घर में पैक कर दिया जाएगा। इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए पटना जिला प्रशासन ने वीडियो निगरानी टीम कीरिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।
भारतीय मूल की गजाला हाशमी वर्जीनिया की पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई लेफ्टिनेंट गवर्नर बनीं, अमेरिकी राजनीति में भारतीय अमेरिकी समुदाय का ऐतिहासिक मील का पत्थर

अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत में भारतीय मूल की गजाला हाशमी लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गई हैं। राज्य के इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली गजाला हाशमीपहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल की महिला हैं। 61 वर्षीय डेमोक्रेट नेता गजाला हाशमी ने लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के चुनाव में रिपबल्किन पार्टीके नेता जॉन रीड को हराया। वर्जीनिया में मंगलवार को मतदान हुआ था। अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती हिस्सेदारी का हीनतीजा है कि साल 2025 में हो रहे चुनाव में अमेरिका में अहम पदों पर 30 से ज्यादा भारतीय अमेरिकी और दक्षिण एशियाई उम्मीदवार चुनाव लड़रहे हैं। गजाला हाशमी एक शिक्षक रही हैं और समावेशी मूल्यों और सामाजिक न्याय की पैरोकार हैं। गजाला हाशमी ने सार्वजनिक शिक्षा, वोटिंगअधिकार और लोकतंत्र की सुरक्षा, बंदूक हिंसा की रोकथाम, पर्यावरण, आवास और किफायती स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों को अपनी प्राथमिकताबताया। लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षणसामुदायिक संगठन ‘द इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड’ ने वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर के लिए आम चुनाव में हाशमी की ऐतिहासिक जीत पर उन्हेंबधाई दी। इम्पैक्ट ने कहा कि उसने हाशमी के अभियान में 175,000 अमेरिकी डॉलर का निवेश किया था ताकि मतदाताओं को एकजुट किया जासके और सरकार के हर स्तर पर प्रतिनिधित्व को मजबूत किया जा सके। इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने हाशमीकी जीत को समुदाय और लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में बतौर प्रोफेसर पढ़ायाहाशमी पहली बार नवंबर 2019 में वर्जीनिया सीनेट के लिए चुनी गई थीं। हाशमी चार साल की थीं जब वह अपनी मां और बड़े भाई के साथ भारत सेअमेरिका आईं और जॉर्जिया में अपने पिता के साथ रहने लगीं, जहां उनके पिता इंटरनेशनल रिलेशन्स में PhD कर रहे थे और बतौर शिक्षक अपनाकरियर शुरू कर रहे थे। गजाला हाशमी हाई स्कूल क्लास में टॉपर रहीं और उन्हें कई फुल स्कॉलरशिप और फेलोशिप मिलीं। हाशमी ने जॉर्जिया सदर्नयूनिवर्सिटी से ऑनर्स के साथ BA और अटलांटा में एमोरी यूनिवर्सिटी से अमेरिकन लिटरेचर में PhD की डिग्री हासिल की। हाशमी और उनके पतिअजहर साल 1991 में शादी के बाद वर्जीनिया के रिचमंड में बस गए। गजाला हाशमी ने करीब 30 साल तक पहले यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड में औरफिर रेनॉल्ड्स कम्युनिटी कॉलेज में बतौर प्रोफेसर पढ़ाया।
ISRO और NASA का संयुक्त उपग्रह ‘निसार’ शुक्रवार से ऑपरेशनल, हर 12 दिन में पृथ्वी का विस्तृत अवलोकन संभव

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी नारायणन ने बुधवार को कहा कि नासा और इसरो मिलकर तैयार किया गया उपग्रह ‘निसार’ को इस शुक्रवार से आधिकारिक तौर पर काम करना शुरू कर देगा, यानी यह ऑपरेशनल हो जाएगा। नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) अबतक का सबसे महंगा ‘पृथ्वी अवलोकन उपग्रह’ माना जा रहा है। इसमें यह क्षमता है कि यह हर 12 दिनों में दो बार पृथ्वी की ज्यादातर भूमि और बर्फसे ढकी सतहों की निगरानी कर सकता है। 2,400 किलोग्राम वजनी निसार उपग्रह को 30 जुलाई को श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के सतीश धवनअंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से जीएसएलवी रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया था। नमी का अध्ययन करने में सक्षमनारायणन ने कहा, डाटा की पूरी जांच हो चुकी है और सात नवंबर को हम एक कॉन्क्लेव में इस उपग्रह को औपचारिक रूप से ‘ऑपरेशनल’ घोषितकरेंगे। ‘एमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी)’ में उन्होंने यह जानकारी साझा की। निसार मिशन ऐसा पहला मिशन हैजो दो एसएआर प्रणाली (एल-बैंड और एस-बैंड सेंसर) को एक साथ ले जा रहा है। एल-बैंड रडार घने जंगलों की छतरी के आर-पार डाटा एकत्र करसकता है और इससे मिट्टी में नमी, घनी वनस्पति (फॉरेस्ट बायोमास) और जमीन व बर्फ की सतहों की गति मापी जा सकती है। वहीं एस-बैंड रडारछोटे पौधों और घास के इलाकों की स्थिति को बेहतर ढंग से पकड़ सकता है। यह कृषि भूमि, घास वाले पारिस्थितिक तंत्र और बर्फ में नमी काअध्ययन करने में सक्षम है। दोनों रडार प्रणाली बादलों और बारिश के बीच दिन-रात किसी भी समय डाटा एकत्र कर सकते हैं। भारत के अंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाएनारायणन ने कहा, अब तक मिला सभी डाटा बेहतरीन हैं। हर 12 दिन में पृथ्वी को स्कैन किया जा सकता है। यह उपग्रह बेहद उपयोगी साबित होगा।इसरो प्रमुख ने आगे बताया कि गगनयान मिशन का पहला मानव रहित परीक्षण जनवरी में किया जाएगा। इसरो का लक्ष्य है कि 2027 तक भारत केअंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाए। उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए अब तक 8,000 से ज्यादा परीक्षण किए जा चुकेहैं। इसरो पहले तीन मानव रहित उड़ानें संचालित करेगा, उसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा।नारायणन ने यह भी कहा कि भारत 2028 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला मॉड्यूल लॉन्च करने की योजना बना रहा है और 2035 तक इसकेपांचों मॉड्यूल पूरी तरह संचालित कर दिए जाएंगे। यह भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन 52 टन का होगा, जिसमें तीन से चार अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तकऔर छह सदस्य तक कम अवधि के मिशनों के लिए रह सकेंगे।