मल्लिकार्जुन खरगे का हमला, भाजपा-आरएसएस से ही देश की समस्याएं जुड़ीं “जमकर साधा निशाना”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया जानाचाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं।खरगे ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस पर किए गए हमलों पर पलटवार किया। उन्होंने सरदार पटेलके उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या (1948) के बाद आरएसएस की आलोचना की थी। आरएसएस पर प्रतिबंधलगाने के सवाल पर खरगे ने कहा, यह मेरी निजी राय है, इसे किया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर मुद्दे और कानून-व्यवस्था की दिक्कतेंभाजपा-आरएसएस से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आज देश ‘लौह पुरुष’ सरदार पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मना रहाहै। ये दोनों महान नेता एक ‘आयरन मैन’ और एक ‘आयरन लेडी’ देश की एकता बनाए रखने में बड़ा योगदान देने वाले थे। पटेल ने नेहरू को देश का आदर्श नेता बतायाखरगे ने एक पत्र का भी जिक्र किया जो सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था, जिसमें उस समय के गृह मंत्री पटेल ने कहा था किआरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हो सकी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा हमेशा यह दिखानेकी कोशिश करती है कि नेहरू और पटेल के बीच मतभेद थे, जबकि हकीकत में दोनों एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे। नेहरू ने पटेल की देश कीएकता कायम करने में भूमिका की तारीफ की थी और पटेल ने नेहरू को देश का आदर्श नेता बताया था। महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस की आलोचना कीखरगे की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरदार पटेल जम्मू-कश्मीर को भी भारत में शामिल करनाचाहते थे, लेकिन नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया। मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन से मिली गुलामी कीमानसिकता को अपना लिया है, जबकि आज देश औपनिवेशिक सोच के हर निशान को मिटा रहा है। सरदार पटेल का जन्म 1875 में गुजरात केनाडियाड में हुआ था। वह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे और राष्ट्र के एकीकरण के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता के लिए ‘भारत के लौहपुरुष’ के रूप में याद किए जाते हैं। उनका निधन 1950 में हुआ था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी निजी राय में आरएसएसपर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश की ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भाजपा और आरएसएस से जुड़ी हैं। उन्होंनेकहा कि खुद सरदार पटेल ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस की आलोचना की थी।
अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, सत्ता में आए तो सरदार पटेल के नाम पर बनेगा विश्वविद्यालय

राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहाकि सत्ता में आने पर सरदार पटेल के नाम पर विश्वविद्यालय बनवाएंगे। गन्ना मूल्य पर कहा कि गन्ना मूल्य में 30 रुपये से ज्यादा की वृद्धि होनी चाहिएथी। दाम में कम से कम इतनी बढ़ोतरी करें जिसमें किसान खुशहाल हो। सपा मुखिया ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने गन्ना मूल्य और भुगतानकरने का विज्ञापन अंग्रेजी अखबार में छापा। बताओ कितने किसान अंग्रेजी में यह जानकारी पढ़ पाएंगे। बहराइच की गन्ना मिल बंद हो गई। जिम्मेदारकिसानों का करोड़ों रुपया लेकर भाग गए। ये सब सरकार के पोषित लोग हैं। अब सरकार मंडियां बेचना चाहती है। सरकार में इलाज कराना भगवान भरोसेSIR के दूसरे चरण को लेकर अखिलेश ने कहा कि हमारी मांग है कि इतनी बड़ी प्रक्रिया में जाति पर एक अतिरिक्त कॉलम शामिल किया जाए।इससे जाति जनगणना कराने, बेहतर नीति निर्माण और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि सरकार हमारेसुझाव पर विचार करेगी और उसे लागू करेगी। कानपुर के अखिलेश दुबे की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जितना भ्रष्टाचार इस सरकार मेंहो रहा है, उतना कभी नहीं हुआ। विकास दुबे की गाड़ी इसलिए पलटाई गई थी, कि कहीं सरकार न पलट जाए। अब अखिलेश दुबे को बचाया जारहा है। जितना भ्रष्टाचार इस सरकार में है, उतना किसी सरकार में नहीं रहा। विश्वविद्यालय में किसे कुलपति बनाया जा रहा है, सभी को पता है। सपामुखिया ने कहा कि सबसे अधिक असुरक्षित महिलाएं व बेटियां भाजपा सरकार में हैं। इस सरकार में दलित, पिछड़े मारे जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र मेंकोई बहुत काम नहीं हुआ। एंबुलेंस हम लोगों ने चलवाई थीं। सरकार आने पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। आज जब भाजपा के बड़े नेताओं कोइलाज कराना होता है तो सपा सरकार में बनवाए गए मेदांता में इलाज कराने जाते हैं। इस सरकार में इलाज कराना भगवान भरोसे है। युवाओं को नौकरी देने का शपथ पत्रअखिलेश ने आगे कहा कि भाजपा की मूल पार्टी आरएसएस है। सरदार पटेल ने संघ पर बैन लगाया था। शर्तों पर संघ से बैन खत्म हुआ था। भाजपाहमें दूसरी चीजों में उलझाए है। अमेरिका और चीन के लिए बाजार बेचे डाल रहे हैं। कोई स्पेन बना रहा है तो कोई क्योटो। भाजपा नकारात्मकताफैला रही है। मेरठ में जो दुकानें गिराई जा रही हैं, उसका आदेश सपा सरकार में भी था। लेकिन, हमने नहीं गिराईं। भाजपा गिरा रही है। उन्होंने कहाकि मुख्यमंत्री को नाम बदलने का पुराना शौक है। यदि आपको ओसामा बिन नाम पसंद नहीं था, तो एआई से पूछते इसका हिंदी नाम बताए। यदिवह हिंदी नाम शेर सिंह बताता तो वही कर देते। धरती पर यदि किसी के साथ सबसे भेदभाव हुआ है तो वह हैं दलित। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संघपर बैन की बात कही है। हम उनसे सहमत हैं। अखिलेश ने कहा कि जैट जीपीटी की मानें तो आरएसएस ने ऐसा वातावरण पैदा किया, जिससे नाथूराम गोडसे ने गांधी जी की हत्या की। भाजपा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पार्टी है। मैं तेजस्वी से कहूंगा की अडानी का एक-एक रुपया वापसकर दें। 10 हजार युवाओं को नौकरी देने का शपथ पत्र लें।
मतुआ समुदाय में मचा हड़कंप, चुनाव आयोग के SIR आदेश से वोट अधिकार पर संकट

हाल ही में चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कराने का एलान किया है। चुनाव आयोग के इस एलान के साथ हीपश्चिम बंगाल के मतुआ समुदाय में डर, नाराजगी और चिंता का माहौल है। मतुआ समुदाय को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बड़े पैमाने परवोट देने का अधिकार छिन जाने का डर सता रहा है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों का मतुआ समुदाय में जनाधार है, ऐसे में दोनोंपार्टियों को अपने वोटबैंक की नाराजगी की चिंता सता रही है। मतुआ समुदाय एक हिंदू शरणार्थी समुदाय है और इस समुदाय के लोग उत्तर 24 परगना, नादिया और दक्षिण 24 परगना के कुछ हिस्सों में रहते हैं और बंगाल की 40 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर इनका प्रभाव है। चुनाव आयोग नेसाल 2002 के बाद पहली बार फर्जी, मृत और अयोग्य वोटरों को हटाने के लिए एसआईआर कराने का फैसला किया है। ऐसे में जो लोग 2002 कीवोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें अब अपनी योग्यता साबित करने के लिए दस्तावेज देने होंगे। एसआईआर प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल न कर सकेंमतुआ समुदाय के हजारों लोग दशकों से बांग्लादेश से बिना दस्तावेजों के पलायन कर भारत में बसे हैं। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सबसे प्रमुखमतुआ नेता बनगांव सांसद शांतनु ठाकुर ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘अगर शरणार्थी मतुआ लोगों के नाम हटा दिए जाते हैं तो चिंता करने कीकोई जरूरत नहीं है। उन्हें CAA के तहत भारतीय नागरिकता मिलेगी।’ हालांकि उनके बयान के बावजूद मतुआ लोगों की नाराजगी शांत नहीं हुई है।वहीं मतुआ के प्रथम परिवार की नेता और शांतनु ठाकुर की चाची टीएमसी की राज्यसभा सांसद ममता बाला ठाकुर ने समुदाय के नेताओं कीठाकुरनगर में बैठक बुलाई है। इस बैठक में अगले कदम पर चर्चा की जाएगी। टीएमसी सांसद ने कहा कि 2002 के बाद आने वाले लोगों के पासदस्तावेज नहीं हैं, जिससे उनके वोट देने का अधिकार छिन सकता है। भाजपा के नागरिकता देने वाले जुमले के बाद से समुदाय के लोग हमें वोट दे रहेहैं। भाजपा विधायक सुब्रत ठाकर ने कहा कि ‘जो लोग 2002 से 2025 के बीच भारत आए हैं, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि अगरवे सीएए के तहत आवेदन करेंगे तो हम उनके नाम रखने की अपील कर सकते हैं लेकिन चुनाव आयोग स्वायत्त निकाय है और उनके नाम रखे जाएंगे यानहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि घुसपैठिए और रोहिंग्या एसआईआर प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल नकर सकें। कोई गारंटी नहींराजनीतिक विशेषज्ञ सुमन भट्टाचार्य कहते हैं कि ‘अगर मतुआ लोग सीएए के तहत आवेदन करते हैं तो उन्हें पहले विदेशी माना जाएगा, जिससे वेमताधिकार खो देंगे और अगर वे एसआईआर के तहत आवेदन करेंगे तो भी उनका वोट देने का अधिकार छिन सकता है क्योंकि वे दस्तावेज नहीं देपाएंगे।’ भाजपा विधायक सुब्रत ठाकर ने कहा कि ‘जो लोग 2002 से 2025 के बीच भारत आए हैं, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकिअगर वे सीएए के तहत आवेदन करेंगे तो हम उनके नाम रखने की अपील कर सकते हैं लेकिन चुनाव आयोग स्वायत्त निकाय है और उनके नाम रखेजाएंगे या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।’
मुंबई के रा स्टूडियो में फर्जी ऑडिशन के नाम पर अपहरण, AICWA ने जताई गंभीर चिंता

मुंबई के पॉवई इलाके में स्थित रा स्टूडियो से हाल ही में सामने आया अपहरण कांड ने पूरे फिल्म जगत को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक फर्जीऑडिशन के बहाने करीब 20 यंग कलाकारों को अगवा कर लिया गया था। हालांकि मुंबई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी को सुरक्षित बाहरनिकाल लिया, लेकिन इस घटना ने इंडस्ट्री की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन(AICWA) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बॉलीवुड के इतिहास का सबसे चिंताजनक मामला बताया है। संगठन के अध्यक्ष सुरेशश्यामलाल गुप्ता ने राज्य सरकार से तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बिना किसी वैध अनुमति के इतने बड़े स्टूडियोपरिसर में फर्जी ऑडिशन कैसे आयोजित किए जा सकते हैं? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आयोजकों को कलाकारों के व्यक्तिगत डेटा और संपर्कजानकारी आखिर कहां से मिली। सपने दिखाने की आड़ में ऐसे अपराध न कर सकेंश्यामलाल गुप्ता ने कहा कि रोजाना मुंबई में सैकड़ों ऑडिशन होते हैं, जहां हजारों युवा कलाकार अपने सपनों को साकार करने आते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसे अपराध यहां हो सकते हैं, तो देशभर से आने वाले हर कलाकार की सुरक्षा खतरे में है।’ उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की हैकि स्टूडियो, कास्टिंग एजेंसियों और प्रोडक्शन हाउस के लाइसेंस और पंजीकरण की तुरंत जांच कराई जाए। AICWA ने राज्य के गृह विभाग सेआग्रह किया है कि आने वाले समय में किसी भी ऑडिशन या कास्टिंग इवेंट के लिए अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया तय की जाए, ताकि अपराधी करियरको लेकर सपने दिखाने की आड़ में ऐसे अपराध न कर सकें। संगठन का मानना है कि मुंबई की पहचान हमेशा “ड्रीम सिटी” रही है, लेकिन इन घटनाओंसे इसका गौरव धूमिल हो रहा है। AICWA ने चिंता जाहिर कीयह भी सामने आया है कि आजकल कई फर्जी स्टूडियो और नकली कास्टिंग एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए कलाकारों को लुभाती हैं और उनसेपैसे वसूलती हैं। AICWA ने सभी उभरते कलाकारों और तकनीशियनों से अपील की है कि किसी भी ऑडिशन या मीटिंग में जाने से पहले संबंधितसंस्था की साख और पंजीकरण की पुष्टि जरूर करें। गुप्ता ने कहा, ‘यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री की साख पर हमला है।सरकार को पारदर्शी जांच करनी चाहिए ताकि कोई भी अपराधी भविष्य में बॉलीवुड के नाम का दुरुपयोग न कर सके।’ मुंबई में गुरुवार को एकसिरफिरे ने 17 बच्चों समेत 20 लोगों को एक स्टूडियो में बंधक बना लिया, हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और आरोपी को पकड़ लिया। अब इसमामले पर AICWA ने चिंता जाहिर की है।
बिहार में कांग्रेस का मेगा चुनावी मिशन शुरू राहुल, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे 20 से ज्यादा रैलियां

छठ महापर्व के खत्म होने के साथ ही बिहार में सियासी दलों के चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहारमें 12 से ज्यादा सभाएं होगी। जबकि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की छह और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की चार सभाएं होंगी। राहुलगांधी ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। जबकि प्रियंका गांधी नवंबर से और कांग्रेस अध्यक्षखरगे 3 नवंबर से अपने प्रचार की शुरुआत करेंगे। इसके अलावा पार्टी के अन्य बड़े चेहरे भी बिहार में प्रचार करते हुए नजर आएंगे। कांग्रेस पार्टी केसूत्रों का कहना है कि, कांग्रेस के तीनों दिग्गज मिलकर 20 से ज्यादा रैली करेंगे। इन रैलियों के जरिए कांग्रेस मतदाताओं के दिल तक पहुंचने कीकोशिश करेगी और महागठबंधन के पक्ष में हवा बनाने का प्रयास करेगी। साथ ही कमजोर इलाकों में पार्टी के प्रति माहौल बनाने की कोशिश भीकरेंगे। प्रेस वार्ता को भी संबोधित करेंगेजानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दो नवंबर को खगड़िया, चार नवंबर को पूर्णिया और बहादुरगंज, पांच नवंबर को औरंगाबाद औरवजीरगंज, सात नवंबर को फारबिसगंज और बरारी में रैली प्रस्तावित है। जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक नवंबर को बेगुसराय औरखगड़िया में रैली करेगी। जबकि तीन नवंबर को लखीसराय और रोसड़ा, छह नवंबर को गोविंदगंज और चनपटिया, आठ नवंबर को कदवा और कस्बामें सभा होगी। पार्टी का कहना है कि, प्रियंका गांधी अपनी सभाओं में महिला मतदाताओं और युवाओं पर खास ध्यान देंगी। क्योंकि कांग्रेस चाहती हैकि प्रियंका की रैलियों से चुनावी अभियान में नई ऊर्जा आए और महिलाओं के मुद्दे चर्चा में लौटें। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अस्वस्थ होने केबावजूद बीमार में पार्टी के लिए प्रचार करते हुए नजर आएंगे। हाल ही में उनकी पेसमेकर लगाने की सर्जरी हुई है। खरगे 3 नवंबर को राजापाकर मेंप्रेस वार्ता करेंगे। इसके बाद वहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राजधानी पटना में एक रिव्यू बैठक भी करेंगे। 4 नवंबर को कांग्रेसअध्यक्ष पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। 5 नवंबर को पूर्णिया में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। 7 नवंबर को गया शहर में एक जनसभाको संबोधित करेंगे। 8 नवंबर को गया में एक प्रेस वार्ता को भी संबोधित करेंगे। जनता बदलाव चाहतीशुक्रवार दोपहर में दिल्ली में अपने आवास पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि, उनकी व्यक्तिगतराय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि देश में ज्यादातर कानून-व्यवस्था की समस्याएं भारतीय जनतापार्टी (भाजपा) और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं। इस दौरान खरगे ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओरसे कांग्रेस पर किए गए हमलों पर पलटवार किया। उन्होंने सरदार पटेल के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या (1948) के बाद आरएसएस की आलोचना की थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा हमेशा यह दिखाने की कोशिश करती है कि नेहरू और पटेल के बीचमतभेद थे, जबकि हकीकत में दोनों एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे। नेहरू ने पटेल की देश की एकता कायम करने में भूमिका की तारीफ की थीऔर पटेल ने नेहरू को देश का आदर्श नेता बताया था। राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को बिहार के मुजफ्फरपुर और दरभंगा से अपने चुनाव अभियान कीशुरुआत की। मंच पर उनके साथ तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एनडीए सरकार पर तीखे हमले किए और जनता से भ्रष्ट औरसांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेंकने की अपील की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सकरा और दरभंगा कीरैलियों ने चुनावी माहौल गरमा दिया है, जनता बदलाव चाहती है।”
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का संदेश, युवाओं की ताकत को दो दिशा ‘वरना बन जाएगी देश पर बोझ’

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि भारत एक युवा देश है, लेकिन अगर ‘जनसांख्यिक लाभ’ (युवाओं की संख्या) का सही दिशा मेंइस्तेमाल नहीं किया गया, तो यह ‘जनसांख्यिकीय बोझ’ बन सकता है। यह बात उन्होंने नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में सरदार वल्लभभाई पटेल की150वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने वहां मौजूद दर्शकों के साथ बातचीत भी की। कार्यक्रम में थल सेना प्रमुख जनरलउपेंद्र द्विवेदी भी मौजूद थे। यह आयोजन सेना और रक्षा थिंक-टैंक सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज द्वारा ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग: यंग लीडर्स फोरम’ के तहत किया गया। रिजिजू ने अपने संबोधन में कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का लक्ष्य केवल इच्छा नहीं, बल्कि यह हमारी यात्रा है, ताकि भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो। जानकारी से बचने का आग्रह कियादर्शकों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवा संपत्ति बनें, बोझ नहीं। उन्होंने कहा कि भारत के लिए इसे जनसांख्यिक लाभ कहते हैं, लेकिन अगर इसे सही दिशा में नहीं लगाया गया, तो यह बोझ बन सकता है। इसलिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में कर्नल सोफियाकुरैशी भी मौजूद थीं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया ब्रीफिंग में प्रमुख भूमिका निभाई थी। मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों की क्षमता औरयुवाओं के सही उत्साह के साथ यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं से कहा कि वे चुस्त और सतर्क रहें, गलतजानकारी से बचें और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दें। इस सेमिनार में विभिन्न विषयों पर पूरा दिन चलने वाले सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत का युवा जनसंख्या लाभ तभी देश के लिए फायदेमंद होगा, जब इसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए, अन्यथा यह बोझ बन सकता है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से डिजिटल साक्षरता बढ़ाने, सतर्क रहने और गलत जानकारी से बचने का आग्रहकिया।
क्रिकेट के मैदान से सत्ता के मैदान तक, मोहम्मद अजहरुद्दीन बने तेलंगाना सरकार के मंत्री

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन कभी राष्ट्रीय टीम की कमान संभालते थे और अब वह तेलंगाना सरकार का हिस्सा बन गए हैं। कांग्रेसनेता और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शुक्रवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन मेंआयोजित एक समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के मौके पर मुख्यमंत्री सहित कईप्रमुख नेता मौजूद थे। अजहरुद्दीन के शामिल होने के साथ मंत्रिमंडल में अब कुल 16 सदस्य हो गए हैं, जबकि दो और पद खाली हैं। विधानसभा केआकार के अनुसार तेलंगाना में अधिकतम 18 मंत्री हो सकते हैं। अजहरुद्दीन को अगस्त के अंतिम सप्ताह में राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद कासदस्य नामित किया गया था, हालांकि राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अभी इस पर अंतिम स्वीकृति नहीं दी है। अजहरुद्दीन ने 2023 के विधानसभाचुनाव में जुबली हिल्स सीट से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। बीआरएस उम्मीदवार को 80,549 और अजहरुद्दीन को 64,212 वोट मिलेअजहरुद्दीन ने साल 2009 में राजनीति में कदम रखा था। कांग्रेस ने उन्हें युपी के मुरादाबाद सीट से लोकसभा चुनाव में टिकट दिया था। वह पार्टी केउम्मीदों पर खरे उतरे और चुनाव जीता, लेकिन इसके बाद 2014 और 2023 के चुनाव में उन्हें हार मिली थी। 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेउन्हें राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट से टिकट दिया, जहां उन्हें हार मिली। इसके बाद वह 2018 में तेलंगाना कांग्रेस प्रदेश कमेटी के कार्यकारीअध्यक्ष बनाए गए। फिर उन्होंने तेलंगाना की जुब्ली हिल्स विधानसभा से चुनावा लड़ा, लेकिन वे बीआरएस उम्मीदवार मगंती गोपीनाथ से 16,337 वोट से हार गए थे। बीआरएस उम्मीदवार को 80,549 और अजहरुद्दीन को 64,212 वोट मिले थे। अब हालांकि, अब वह तेलंगाना सरकार काहिस्सा बन गए हैं।’ अजहरुद्दीन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाईअजहरुद्दीन की गिनती भारत के सबसे सफल कप्तानों में होती है। अजहरुद्दीन के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 99 टेस्ट मैचों में 6215 रनबनाए हैं जिसमें 22 शतक और 21 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, वनडे में अजहरुद्दीन ने 334 मैचों में 9378 रन बनाए जिसमें सात छक्के और 58 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट में कप्तान के तौर पर उन्होंने 47 मैचों में टीम की कमान संभाली, जबकि वनडे में 174 मैचों में कप्तानी की। कलाई केजादूगर के नाम से विख्यात अजहर का करियर मैच फिक्सिंग कांड से बर्बाद हुआ। साल 2000 में बीसीसीआई ने उन पर आजीवन बैन लगाया था।राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने अजहरुद्दीन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राजनाथ सिंह और अमेरिकी युद्ध मंत्री हेगसेथ ने किया 10 साल का रक्षा समझौता, Indo-US रिश्ते हुए और मजबूत

भारत और अमेरिका के बीच एक 10 वर्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। दोनों देशों के रिश्तों के लिए इसे अहम समझौता बताया जा रहा है।अमेरिका के युद्ध मंत्री ने समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा कि दोनों देशों के रक्षा संबंध इतने मजबूत कभी नहीं रहे। अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ नेसोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि उनकी भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात हुई और एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए।उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ समझौता क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सूचनाएं साझा करने, तकनीकी सहयोगबढ़ाने में हम अपने समन्वय को बेहतर कर रहे हैं। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समझौते को लेकर कहा कि मुझे लगता है कि आज रक्ष ढांचासमझौते पर हस्ताक्षर के बाद एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये समझौता भारत और अमेरिका के बीच कीरक्षा साझेदारी की नीतियों को तय करने में मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि ‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों में रक्षा क्षेत्र एक अहम स्तंभ है। एक मुक्त, नियमआधारित हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र के लिए हमारी साझेदारी बेहद अहम है। यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग के मजबूतहोने का संकेत है।’ गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहाराजनाथ ने इससे पहले अगस्त में वाशिंगटन में हेगसेथ से मिलने की योजना बनाई थी लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात परटैरिफ दोगुना करके 50% कर दिया और दोनों देशों के बीच संबंध दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए, जिसके बाद राजनाथ सिंह की अमेरिकायात्रा रद्द कर दी गई थी। अब आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राजनाथ सिंह कुआलालंपुर गए, जहां उनके औरअमेरिकी रक्षा मंत्री के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। पिछले हफ्ते अमेरिका ने रूस की दो शीर्ष कच्चे तेल निर्यातक कंपनियों पर प्रतिबंधों केएलान किया। जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल आयात में कटौती की है, जिसके बाद दोनों देश अब संबंधों के पुनर्निर्माण की संभावनादेख रहे हैं। पिछले दिनों दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान ट्रंप ने भी कहा कि वह भारत के साथ एक व्यापार समझौता करना चाहते हैं। हाल के वर्षों मेंअमेरिका और भारत के बीच अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन टैरिफ विवाद और रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर दोनों देशों के संबंधों में थोड़ी गिरावटआई। भारत ने इसे लेकर कहा कि उसे गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी अपने हितों के अनुसारमॉस्को के साथ व्यापार जारी रखे हुए हैं। राजनाथ सिंह की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी गईइससे पहले भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने भी कुआलालंपुर में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ मुलाकात की थी। उस मुलाकात मेंभी दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने पर चर्चा हुई थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी अपने एक बयान में कहा था कि भारत केसाथ रिश्तों की कीमत पर अमेरिका, पाकिस्तान से संबंध मजबूत नहीं करेगा। राजनाथ ने इससे पहले अगस्त में वाशिंगटन में हेगसेथ से मिलने कीयोजना बनाई थी लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयात पर टैरिफ दोगुना करके 50% कर दिया और दोनों देशों के बीच संबंधदशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए, जिसके बाद राजनाथ सिंह की अमेरिका यात्रा रद्द कर दी गई थी।
FOभारतीय महिला क्रिकेट का गौरव, जेमिमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रचा इतिहास

क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया शायद ही कभी हारता है और महिला क्रिकेट में तो लगभग कभी नहीं, लेकिन 2017 में भारत ने कुछ ऐसा किया जिसने दुनियाको हिला दिया था। 2017 में ब्रिस्टल में खेले गए महिला वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया की 26 मैचों की अजेय लड़ी तोड़ी थी।उस दिन हरमनप्रीत कौर ने जो 171 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, वह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगी। उसी दिन, मुंबई में एक16 साल की लड़की जेमिमा रॉड्रिग्स टीवी के सामने बैठी थी। वह पहले से ही हॉकी की नेशनल प्लेयर थी, लेकिन उसने हाल ही में हॉकी छोड़करक्रिकेट को अपनाने का कठिन फैसला लिया था। जब हरमन ने ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों की गेंदों पर छक्का उड़ाया, तो जेमिमा के भीतर कुछ जल उठा।जैसे 1983 की कपिल देव की टीम ने सचिन को प्रेरित किया था, वैसे ही 2017 की हरमन ने जेमिमा को सपना दिया। जेमिमा ने ठान लिया ‘एकदिन मैं भी ऐसा करूंगी’। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे बड़ी पार्टनरशिपकुछ दिनों बाद, मुंबई एयरपोर्ट पर वही जेमिमा तिरंगा लहराते हुए टीम इंडिया का स्वागत कर रही थी। भले ही भारत लॉर्ड्स में फाइनल हार गया था, लेकिन जेमिमा की नजरों में वे हारे नहीं थे। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक नई आग जलाई थी, एक ऐसी आग, जिसने हर उस लड़की को प्रेरित कियाजो बल्ला उठाने का सपना देखती थी। 2017 का वह सेमीफाइनल सिर्फ भारत का गौरव नहीं था, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के लिए भी एक मोड़ था। हारनेके बाद उन्होंने खुद को और भी मजबूत बनाया। उन्होंने 15 मैच लगातार जीते, 2022 का वर्ल्ड कप आसानी से अपने नाम किया और 2025 तकअजेय बने रहे। लेकिन इतिहास खुद को दोहराने वाला था। 2017 में हरमन ने चमत्कार किया था और 2025 में वही कहानी दोहराई जेमिमा ने। नवीमुंबई में गुरुवार को खेले गए महिला वनडे विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर प्रबल दावेदार था। उन्होंने ग्रुप स्टेज में भारतके खिलाफ 331 रन का टारगेट चेज किया था, लेकिन इस बार कुछ असाधारण हुआ। वही लड़की, जिसने कभी एयरपोर्ट पर झंडा लहराया था, अबबल्ला थामे खड़ी थी। 25 साल की जेमिमा रॉड्रिग्स ने 127 नाबाद रन ठोककर ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और भारत को फाइनल मेंपहुंचाया।जेमिमा हमेशा कहती हैं, ‘ये सब जीसस की योजना है। उनका टाइम सही होता है, मेरा नहीं।’ यह कहानी उनके विश्वास की भी कहानी है। 2017 में’हैरी दी’ (हरमन) को देखकर जिसने सपना देखा था, वही अब उनके साथ क्रीज पर थी। ऑस्ट्रेलिया ने 338 रन का पहाड़ जैसा स्कोर बनाया था।स्मृति मंधाना जल्द ही आउट हो गईं, और सबको लगा- अब तो सपना खत्म, लेकिन जेमिमा और हरमन ने मिलकर चमत्कार कर दिया। दोनों ने 167 रनों की साझेदारी की, जो वर्ल्ड कप इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे बड़ी पार्टनरशिप थी। पार्टनर के लिए दौड़ रही थींहरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘हम एक-दूसरे को बहुत अच्छे से कॉम्प्लिमेंट कर रहे थे। वो (जेमिमा) हर ओवर के बाद मुझे बताती थी कि हमने कितनेरन लिए हैं, आगे कितना चाहिए। वो खुद पूरी तरह इनवॉल्व थी और खुद को भी और मुझे भी पुश कर रही थी। बहुत क्रेडिट उसे जाता है कि उसनेकैसे खुद को संभाला।’ हरमनप्रीत 89 रन बनाकर आउट हुईं और तब भारत को 113 रन और चाहिए थे। अब जिम्मेदारी पूरी तरह जेमिमा के कंधों परथी और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रॉड्रिग्स के 127 रन में से 71 रन रनिंग से आए। उन्होंने अपनी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया। वो खुद केऔर अपनी पार्टनर के लिए दौड़ रही थीं। जब अमनजोत कौर ने 49वें ओवर में विजयी चौका लगाया, जेमिमा पिच के बीचोंबीच घुटनों पर गिर पड़ीं।आंसू, थकान, और एक सपना, उनके मन में सब एक साथ था।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में बदलाव किया, दिसंबर की दर कटौती पर संदेह

फेडरल रिजर्व की ओर से मौद्रिक नीति दर में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद दिसंबर में एक और दर कटौती की संभावना अब कुछ कम हो गईहै। आईसीआईसीआई बैंक की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के हालिया संकेतों औरश्रम बाजार से जुड़े आर्थिक आंकड़ों में संभावित देरी को देखते हुए दिसंबर में 25 आधार अंकों की नई कटौती की उम्मीद कुछ घट गई है। फेडरलओपन मार्केट कमेटी ने अपनी ताजा बैठक में नीति दर को 25 आधार अंकों तक घटाकर 3.75 से 4.00 प्रतिशत के दायरे में ला दिया। यह कदमबाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप था और इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में वृद्धि को संतुलित रखते हुए महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखना है। हालांकिब्याज दरों में कटौती का फैसला सर्वसम्मति से नहीं हुआ। कमेटी के सदस्य मीरान ने 50 आधार अंकों की बड़ी कटौती का समर्थन किया, जबकिसदस्य श्मिड ने दरों अपरिवर्तित रखन का मत दिया। केंद्रीय बैंक भविष्य की नीति में अधिक सतर्क रुख अपनाएगारिपोर्ट के अनुसार, यह असहमति फेड की नीति दिशा में मौजूद अनिश्चितता को दर्शाती है, क्योंकि केंद्रीय बैंक अब भी विकास और मुद्रास्फीति, दोनोंके बीच संतुलन साधने की कोशिश में है। नीतिगत बयान में पिछले बैठक के मुकाबले अधिक बदलाव नहीं किया गया, हालांकि इसमें यह उल्लेखकिया गया कि अमेरिकी सरकार के शटडाउन के कारण कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का प्रकाशन प्रभावित हुआ है। बैठक की सबसे बड़ी चौंकानेवाली बात फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल का अपेक्षाकृत सख्त रुख रहा। उन्होंने दिसंबर में एक और दर कटौती की संभावना को काफी हद तक खारिजकरते हुए संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक भविष्य की नीति में अधिक सतर्क रुख अपनाएगा। बाजार की उम्मीदें मुख्य रूप से पॉवेल की टिप्पणियोंपॉवेल ने कहा कि पिछली नीति बैठक के बाद से श्रम बाजार में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं आई है। उन्होंने स्वीकार किया कि मुद्रास्फीति अभी भीऊंची बनी हुई है। उन्होंने सरकारी शटडाउन के दौरान आर्थिक स्थिति का आकलन करने में आने वाली चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया, क्योंकिप्रमुख डेटा जारी नहीं किए गए, जिससे भविष्य में नीतिगत निर्णय लेने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। रिपोर्ट ने 2025 और 2026 के शेष समय में 75 आधार अंकों की और संचयी कटौती का अपना पूर्वानुमान बरकरार रखा है। इससे ब्याज दर 3.00 प्रतिशत से 3.25 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।हालांकि, इसने आगाह किया है कि इस अनुमान के जोखिम ऊपर की ओर झुके हुए हैं। इस बार कोई नया आर्थिक अनुमान या डॉट प्लॉट जारी नहींकिए जाने के कारण, रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार की उम्मीदें मुख्य रूप से पॉवेल की टिप्पणियों और समिति के भीतर व्याप्त तीखी असहमति सेनिर्देशित थीं। बैठक से पहले, फेड फंड्स फ्यूचर्स ने दिसंबर 2025 में 25 बीपीएस कटौती की पूरी उम्मीद जताई थी, लेकिन अब संभावना घटकरलगभग 70 प्रतिशत रह गई है।