सत्य नडेला की भारत वापसी, दिल्ली-मुंबई-बेंगलुरु में AI कॉन्फ्रेंस को करेंगे संबोधित

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से Microsoft के CEO सत्य नडेलाभारत दौरे पर आने वाले हैं। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नडेला दिसंबर में दिल्ली, मुंबई और बंगलूरू का दौरा करेंगे, जहां वे सरकारीअधिकारियों, उद्योग जगत की कुछ हस्तियों और कंपनी के कर्मचारियों से मुलाकात करेंगे। जानकारी के अनुसार, नडेला अपने दौरे के दौरान AI सेजुड़ी कई अहम कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक उनकी यात्रा को लेकर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिनयह दौरा माइक्रोसॉफ्ट के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका के रिश्ते एक नएदौर से गुजर रहे हैं। दोनों देश हालिया मतभेदों को पीछे छोड़कर तकनीकी साझेदारी पर जोर दे रहे हैं। दूसरी ओर, भारत सरकार ‘मेक इन इंडिया’ एप्सऔर सर्विसेज को प्रमोट कर रही है, जिससे जोहो कॉर्पोरेशन जैसी भारतीय कंपनियां माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गजों के सस्ते विकल्प के रूप में उभर रही हैं। कंपनी के कर्मचारियों से भी मुलाकातबता दें, नडेला इस साल जनवरी 2025 में भी भारत आए थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और देश में AI सेक्टर में 3 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। अब दिसंबर का यह दौरा उनके विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।भारत में AI को लेकर प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में Google ने आंध्र प्रदेश में AI डेटा सेंटर लगाने के लिए अगले पांच साल में 15 बिलियन डॉलर निवेश करने की घोषणा की है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट समर्थित OpenAI ने भारतीय यूजर्स के लिए ChatGPT Go का एक साल कामुफ्त सब्सक्रिप्शन देने का ऐलान किया है। नडेला की यह यात्रा भारत में AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी के विकास को नई गति दे सकती है।Microsoft के CEO सत्य नडेला दिसंबर में भारत का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वे देश के कुछ राज्यों में होने वाले AI कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगेऔर कंपनी के कर्मचारियों से भी मुलाकात करेंगे। यह उनकी इस साल की दूसरी भारत यात्रा होगी।
BSNL की 4G-5G रफ्तार से बढ़ा मुनाफा, ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले लक्ष्य के बेहद करीब

भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने सितंबर तिमाही (Q2 FY26) में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्य का 93 प्रतिशतहासिल किया है। दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने इस अवधि में ₹5,347 करोड़ की कमाई की है, जबकि तिमाही कालक्ष्य ₹5,740 करोड़ तय किया गया था। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में BSNL काकुल रेवेन्यू ₹11,134 करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा, “हमने पिछले साल की आय में जबरदस्त बढ़ोतरी के आधार पर इस बार एकमहत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया था, और अब हम उस लक्ष्य के बेहद करीब हैं।”20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का लक्ष्य तय किया गयासिंधिया ने यह भी जानकारी दी कि BSNL का मकसद पूरे वित्त वर्ष में 20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि के साथ ₹27,500 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने काहै। कंपनी की औसत प्रति उपयोगकर्ता राजस्व (ARPU) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहली तिमाही में एक यूजर से औसत कमाई 81 रुपये थी, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 91 रुपये हो गई। यानी इसमें लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कुछ सर्किलों ने खासा बेहतर प्रदर्शनकिया है। महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश (पूर्वी क्षेत्र), अंडमान-निकोबार और जम्मू-कश्मीर जैसे सर्किलों में एवरेज रेवेन्यू पर यूजर 214 रुपये तक पहुंचगया है। वहीं, मध्य प्रदेश, झारखंड और कोलकाता सर्किलों में प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा, जहां यह करीब 60 रुपये के आसपास दर्ज हुआ।सिंधिया ने भरोसा जताया कि कंपनी आने वाले महीनों में अपने लक्ष्यों को पूरा करेगी और देशभर में 4G और 5G सेवाओं के विस्तार के साथ राजस्वमें और तेजी लाएगी। सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में अपने राजस्व लक्ष्य का 93 प्रतिशत हासिलकिया है। कंपनी ने इस तिमाही में 5,347 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की, जबकि पूरे साल के लिए 20 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का लक्ष्य तय कियागया है।
रेखा गुप्ता सरकार की पहली परीक्षा! MCD उपचुनाव में भाजपा का फुल प्लान तैयार

एमसीडी के 12 वार्डों में होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने सांसदों को औपचारिक जिम्मेदारियों से दूर रखते हुए सारा भरोसा मंत्रियों औरविधायकों पर जताया है। संगठन ने साफ संदेश दिया है कि उपचुनाव रेखा गुप्ता सरकार की पहली बड़ी परीक्षा है और इसे पूरी गंभीरता से लड़ाजाएगा। भाजपा ने दिल्ली सरकार के सभी छह मंत्रियों को दो-दो वार्डों का प्रभारी (इंचार्ज) बनाया है। विधायकों और प्रदेश संगठन के पदाधिकारियोंको एक-एक वार्ड का संयोजक नियुक्त किया गया है। इन प्रभारी और संयोजकों को बूथ स्तर तक की निगरानी, मतदाता संपर्क और प्रचार कीरणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि भाजपा चाहती है कि मंत्री और विधायक सीधे जनता के बीचजाकर सरकार के कामकाज को बताएं। सांसदों को किसी वार्ड की औपचारिक जिम्मेदारी नहीं दी गई है, हालांकि सांसदों पर अपने संसदीय क्षेत्र केवार्डों में प्रचार और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने की जिम्मेदारी रहेगी। रेखा गुप्ता सरकार के कामकाज पर भरोसामहिला मोर्चा छोड़कर प्रत्येक मोर्चे के प्रदेश पदाधिकारी को एक-एक वार्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनसे कहा गया है कि वे अपने मोर्चे से जुड़े वर्गयुवा, अनुसूचित जाति, व्यापारी आदि के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएं। उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर भी तेजी से काम होरहा है। भाजपा ने तय किया है कि प्रत्याशी के नाम जिला अध्यक्ष, स्थानीय विधायक और संबंधित सांसद की राय से तय होंगे और उन्हें तीन नवंबरतक प्रदेश नेतृत्व को भेजना होगा। नामांकन प्रक्रिया उसी दिन से शुरू हो जाएगी, इसलिए पार्टी चाहती है कि उम्मीदवार समय रहते मैदान में उतरें औरप्रचार को गति दें। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और संगठन महामंत्री पवन राणा रणनीति तय कर रहे हैं। उन्होंने सभी प्रभारी और संयोजकों को निर्देशदिया है कि वे मतदाता सूची, बूथ प्रबंधन, पन्ना प्रमुखों और कार्यकर्ता बैठकों को नियमित रूप से संचालित करें। भाजपा चाहती है कि 30 नवंबर कोहोने वाले इन उपचुनावों में अधिकतम सीटें जीतकर यह साबित करे कि दिल्ली की जनता रेखा गुप्ता सरकार के कामकाज पर भरोसा रखती है। रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गईभाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस बार पार्टी स्थानीय चेहरों पर दांव लगाएगी। वह वार्ड स्तर पर सक्रिय और जनता से गहरा जुड़ाव रखनेवाले नेताओं को टिकट देगी। पार्टी का मानना है कि यह उपचुनाव केवल चेहरों का नहीं बल्कि भाजपा की ग्राउंड नेटवर्क क्षमता और जनता से जुड़ावकी परीक्षा है। भाजपा ने दिल्ली सरकार के सभी छह मंत्रियों को दो-दो वार्डों का प्रभारी (इंचार्ज) बनाया है। विधायकों और प्रदेश संगठन केपदाधिकारियों को एक-एक वार्ड का संयोजक नियुक्त किया गया है। इन प्रभारी और संयोजकों को बूथ स्तर तक की निगरानी, मतदाता संपर्क औरप्रचार की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
किसान सम्पन्नता की राह पर, योगी सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया

गन्ने का समर्थन मूल्य प्रति कुंतल 30 रुपये बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मेंकिसान सम्पन्नता की राह चला है। किसान के हित की भी योजना बनी, ये मोदी के बाद संभव हो सका है। सायल हेल्थ कार्ड की कोई व्यवस्था हमारेपास नहीं थी। पहली बार मोदी के आने का बाद सॉयल हेल्थ कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और प्रधानमंत्री सम्मान निधि सहित तमामयोजनाओं को लागू किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज किसानदेश की किसी भी मंडी में जाए कोई टैक्स नहीं है। 6000 रुपए किसान सम्मान निधि रोजमर्रा के काम के लिए किसान को साहूकारों जाल से निकालनेके लिए दी जा रही है। प्रदेश के गन्ना किसानों की मांग पर हमने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला लिया है। अब किसानों को एमएसपी कालाभ मिल रहा है। पिछले साढ़े आठ साल से गन्ना किसानों की खरीद पर 86 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की गई है। 2017 से पहले गन्ना की खेतीघाटे का सौदा बन गई थी। किसानों को अपमानित कर कोई राज्य या देश समृद्ध नहीं बन सकता। चौधरी चरण सिंह ने कहा था कि समृद्धि का रास्तागांव खलिहानों से होकर गुजरता है। पूरा शुगर कॉम्लेक्स लगाया गयाभाजपा सरकार के आते ही 86 लाख किसानों को कर्ज से मुक्त किया गया। 23 लाख किसानों को सिंचाई योजना दी गई। सिंचाई योजनाएं 30 से50 वर्ष से लंबित थीं। सरकार बनते ही योजनाओं को पूरा किया गया। सोलह लाख निजी नलकूप का बिल माफ किया गया। प्रदेश के अंदर किसानअनाज पैदा करता था लेकिन लागत और मेहनत की कीमत नहीं थी। 2017 से पहले क्रय केंद्र नहीं थे और मुनाफा बिचौलिया कमाता था। हमनेकिसान से सीधी खरीद की। 2017 से पहले चीनी मिल बदहाल थीं। यूपी ऐसे ही बीमारू नहीं हुआ तब गन्ना उत्पादन में यूपी नंबर तीन पर आ गयाथा। किसान हताश था। यूपी को बीमारू बनाने में सत्ताधारी दलों की बीमार मानसिकता थी। सभी परिवार के विकास में लगे थे। 42 चीनी मिलों काविस्तार हुआ। चार नई मिल लगी। एथेनॉल, डिस्टलरी के रूप में पूरा शुगर कॉम्लेक्स लगाया गया। ज्यादा किसान गन्ने से जुड़े हुएमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कोई नहीं कह सकता कि चीनी मिल बंद होंगी। आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। गन्ने का दायरा 20 लाख से बढ़कर 30 लाख हेक्टेअर हो गया है तब भी मिलों के लिए गन्ना कम पड़ रहा। सभी को उन्नत बीज मिलेगा। नया निवेश आ रहा है। उन्होंनेकहा कि हर जनपद में किसानों का सम्मान होना चाहिए। जितना गन्ना मूल्य का भुगतान 2007 से 2017 तक हुआ उससे बहुत ज्यादा भुगतानभाजपा सरकार के साढ़े आठ साल में किया गया। दो तीन ग्रुप हैं जो भुगतान नहीं कर रहे। उनसे जल्द भुगतान कराएंगे। अकेले चीनी मिलें दस लाखसे ज्यादा लोगों को नौकरियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में ढ़ाई करोड़ से ज्यादा किसान गन्ने से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेकहा कि गन्ने के समर्थन मूल्य में बीते साढ़े आठ साल में 86 रुपये की वृद्घि हुई है। पहले मुनाफा बिचौलिया कमाता था पर अब ऐसा नहीं है।
मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ पर राहुल का वार, रील देखने से नहीं, ‘मेड इन बिहार’ से बदलेगा युवाओं का भविष्य ‘जानें क्या है पूरा मामला”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को बिहार की नीतीश-नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। नालंदा के नूरसराय के सरदारपटेल स्टेडियम में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों परएनडीए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के अस्पतालों में लोग जीने नहीं, बल्कि मरने जाते हैं। यहीहै आपकी सरकार की असली तस्वीर। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए बिहार के मरीजों को आज भी दिल्ली एम्स जाना पड़ता है और वहां मेट्रो स्टेशनोंपर रातें गुजारनी पड़ती हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाना बनाते हुए राहुल ने कहा कि यह मत सोचिए कि नीतीश जी सरकार चलाते हैं। असलमें सरकार नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नागपुर (आरएसएस) से चलती है। नीतीश जी तो बस रिमोट कंट्रोल सीएम हैं। मोदी जी जो बटन दबाते हैं, वही चैनल चालू हो जाता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि एक तरफ नीतीश कुमार 20 साल में बिहार बदलने का दावा करते हैं, लेकिन हकीकतजमीन पर कुछ और ही है। इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगीपेपर लीक के मुद्दे पर राहुल गांधी ने भावुक अंदाज में कहा कि बिहार का युवा डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना देखता है। माता-पिता मजदूरी करकेउसे पढ़ाते हैं। लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता है। ईमानदार युवा देखता रह जाता है और पेपर चोर मौका मार लेता है। यही हैआपकी सच्चाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की पॉलिसी पर तंज कसते हुए राहुल ने कहा कि मोदी जी कहते हैं कि उन्होंने डेटा सस्ताकर दिया ताकि युवा रील बना सकें। भला रील देखने से किसी के जेब में पैसा आता है? पैसा तो जियो के मालिक अंबानी की जेब में जाता है। उन्होंनेयुवाओं से कहा कि आपका भविष्य फेसबुक-इंस्टाग्राम देखने से नहीं, बल्कि ‘मेड इन बिहार’ फोन बनाने से बदलेगा। नालंदा के गौरवशाली इतिहासका जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जिस दिन इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी, मैं गारंटी देता हूं कि दुनिया कीसबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी इसी शहर में बनेगी। हम दुनिया को संदेश देंगे कि बिहारी मजदूर नहीं, बल्कि बिहार शिक्षा और रोजगार का केंद्र है। उन्होंनेकहा कि हम चाहते हैं कि आपके फोन के पीछे ‘मेड इन चाइना’ नहीं, ‘मेड इन बिहार’ लिखा हो और चीन का युवा उसे खरीदे।हरनौत विधानसभा क्षेत्रों को ध्यान में रखकर आयोजित की गईराहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर संविधान को खत्म करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग वोट चोर हैं।जैसे इन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र में वोट चोरी की, वैसे ही यहां भी कोशिश करेंगे। आपको और हमको मिलकर इसे रोकना है। उन्होंने जोर देकर कहाकि इंडिया गठबंधन की सरकार हर जाति, हर धर्म की सरकार होगी जो नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलेगी। इस चुनावी सभा में राहुलगांधी ने नालंदा से कांग्रेस प्रत्याशी कौशलेन्द्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया, बिहारशरीफ से उमैर खान और हरनौत से अरुण कुमार के लिए जनता सेजोरदार समर्थन की अपील की। यह रैली नालंदा, बिहारशरीफ और हरनौत विधानसभा क्षेत्रों को ध्यान में रखकर आयोजित की गई थी और इसमें भारीसंख्या में समर्थक मौजूद रहे।