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लखनऊ में भारत स्काउट एंड गाइड का भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन सीएम योगी बोले, ‘जंबूरी बने आत्मनिर्भर और स्वदेशी भारत की पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत स्काउट एंड गाइड के 19वें राष्ट्रीय सम्मेलन (जंबूरी) की तैयारियों की समीक्षा की। 23 से 29 नवंबर तकलखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में इसका आयोजन होगा। यह अवसर युवा शक्ति के अनुशासन, राष्ट्र सेवा और आत्मनिर्भर भारत केसंकल्प को सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। सीएम ने निर्देश दिया कि यह आयोजन प्रदेश की सुरक्षा और आतिथ्य क्षमता का परिचायक बने। उन्होंनेनिर्देश दिए कि महाकुंभ की तर्ज पर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य, आवास, खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी व्यवस्थाएं पूरे समन्वयके साथ करें। इस आयोजन की थीम आत्मनिर्भर स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत हर स्तर पर दिखना चाहिए। जंबूरी में दो दिन ड्रोन शो भी होगामुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश को अपनी परंपराओं, संस्कृति और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिया किएक्सपो मैदान में प्रदर्शनी स्टॉल में राज्यवार प्रदर्शनियों के साथ ग्लोबल विलेज, 75 वर्ष की स्काउटिंग प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर, एक जिला-एकउत्पाद, सोलर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्मी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएं। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसरबनेगा। इस उद्देश्य से आईटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना की जा रही है। जहां डिजिटल लर्निंग, लीडरशिप और इनोवेशन से जुड़ेकार्यक्रम होंगे।यह पहल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट स्काउटिंग की दिशा में नया अध्याय सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंबूरी पूरी तरह ग्रीन और सस्टेनेबल हो।बैठक में बताया गया कि जंबूरी में दो दिन ड्रोन शो भी होगा। स्टाफ सदस्य शामिल होंगेअधिकारियों ने बताया कि आयोजन में विभिन्न राज्यों से 28 से 29 हजार स्काउट एवं गाइड, विदेशों से करीब दो हजार प्रतिभागी। 5000 स्वयंसेवकव स्टाफ सदस्य शामिल होंगे। 300 एकड़ क्षेत्रफल के आयोजन स्थल में 3500 टेंट, 2200 शौचालय, 1700 बाथरूम, 100 रसोई और 4 सेंट्रलकिचन की व्यवस्था की जा रही है। यहां 100 बेड का अस्पताल, 16 डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट, नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने 23 से 29 नवंबर तक लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में होने वाले आयोजन की समीक्षा की। इस दौरानउन्होंने अफसरों को दिशा-निर्देश दिए।

कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला राज्य सरकार के ‘अनुमति आदेश’ पर लगी रोक, आरएसएस गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश को झटका

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को झटका देते हुए उसके एक आदेश पर रोक लगा दी है। दरअसल इस आदेश के तहत कर्नाटक सरकार नेनिजी संगठनों को सरकारी परिसरों और सार्वजनिक जगहों, सड़कों आदि पर कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने से प्रशासन की मंजूरी लेना अनिवार्यकर दिया था। कर्नाटक सरकार के इस आदेश को संघ की गतिविधियों को राज्य में बाधित करने के तौर पर देखा जा रहा था। हालांकि अब कर्नाटकउच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ ने इस आदेश पर रोक लगा दी है। 19 (1)(बी) के तहत मिले अधिकारों को छीन रहीराज्य सरकार के आदेश के खिलाफ ‘पुनशचैतन्य सेवा समस्थे’ नामक संगठन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करतेहुए जस्टिस नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई 17 नवंबर तक टाल दी है। याचिकादायर करने वाले संगठन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील अशोक हरनहल्ली ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार का आदेश संविधान में दिएगए मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध जैसा है। वकील ने कहा कि ‘सरकार का आदेश है कि 10 से ज्यादा लोगों को भी इकट्ठा होने के लिए सरकार कीमंजरी लेनी होगी। यह संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध जैसा है। यहां तक कि अगर किसी पार्क में कोई समारोह होता है तो सरकारके इस आदेश के अनुसार, वह भी अवैध होगा।’ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ‘जब पुलिस कानून लागू है तो फिर ऐसे आदेश की जरूरत क्योंपड़ी? सरकार इस तरह के प्रशासनिक आदेश जारी नहीं कर सकती।’ इस पर राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने जवाब देने के लिए एक दिनका समय मांगा। इस पर उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ ने आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। पीठ ने कहा कि इस आदेश से कर्नाटक सरकारसंविधान के अनुच्छेद 19 (1)(ए) और 19 (1)(बी) के तहत मिले अधिकारों को छीन रही है। न्यायालय के इस आदेश से राज्य सरकार का मुंह बंद होगाकर्नाटक सरकार ने प्रदेश की किसी भी सरकारी संपत्ति या परिसर में निजी संगठनों के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य करदिया था। नए नियमों के तहत सार्वजनिक जगहों, सड़कों और सरकारी परिसरों में बिना अनुमति के 10 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, पथ संचलनकरने या शाखा लगाने पर रोक लगा दी थी। आदेश के अनुसार, इस विनियमन का उद्देश्य भूमि, भवन, सड़क, पार्क, खेल के मैदान और जलाशयोंसहित सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण, सुरक्षा और उचित उपयोग सुनिश्चित करना बताया गया। कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर कर्नाटकभाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि ‘यह सिद्धारमैया सरकार, प्रियांक खरगे के लिए बड़ा झटका है। ये बीते कुछ हफ्तों से आरएसएस परप्रतिबंध लगाने की चर्चा कर रहे थे। अब उच्च न्यायालय के इस आदेश से राज्य सरकार का मुंह बंद होगा क्योंकि आज न्याय हुआ है।’

तेजस्वी यादव का ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ लॉन्च बिहार को नंबर वन राज्य बनाने का वादा, एनडीए पर साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कुछ ही देर में महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी करेंगे। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा किमहागठबंधन का चुनाव घोषणापत्र बिहार को देश का नंबर वन राज्य बनाने का विजन डॉक्यूमेंट होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे पास राज्य केविकास के लिए एक विज़न और उसका रोडमैप है। बिहार को नंबर वन राज्य बनाने का हमलोगों ने प्रण लिया है। तेजस्वी ने महागठबंधन के घोषणापत्र को तेजस्वी प्रण पत्र नाम दिया है। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर हमला बोलते हुए उन्होंने एनडीए पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने अबतक अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं किया है। महागठबंधन ने अपना मुख्यमंत्री का चेहरा पहले ही घोषित कर दिया है। आज हम ‘तेजस्वी प्रणपत्र’ जारी कर रहे हैं, जिसमें बताया गया है कि अगले पांच साल में हम बिहार को कैसे आगे ले जाएंगे। हम चाहते हैं कि एनडीए भी अपने मुख्यमंत्रीका नाम बताए। उनके पास क्या योजनाएं हैं? उनका विज़न क्या है? बिहार को आगे कैसे ले जाएंगे? हमने रोडमैप दिया है, विज़न दिया है, और स्पष्टकिया है कि हम बिहार को नंबर वन बनाएंगे। लेकिन वे सिर्फ नकारात्मक बातें करते हैं और हमारे नेताओं पर आरोप लगाते हैं। राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगातेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। जब भीप्रधानमंत्री बिहार आते हैं, वे विपक्षी नेताओं को गालियां देते हैं और नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा देते हैं। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद केउम्मीदवार तेजस्वी यादव ने दावा किया कि इस बार जनता बिहार में परिवर्तन लाने का मन बना चुकी है। तेजस्वी ने कहा कि एनडीए ने न तो अपनामुख्यमंत्री उम्मीदवार बताया है और न ही घोषणापत्र जारी किया है। वे सिर्फ हमारी घोषणाओं की नकल करते हैं। महागठबंधन का घोषणा पत्र आजजारी होने जा रहा है। इसकी पुष्टि करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधनका घोषणापत्र बिहार को आगे बढ़ाने की ठोस योजना पेश करेगा।यह बिहार को नंबर वन राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

प्रशांत किशोर दो जगहों के वोटर! बिहार और बंगाल दोनों मतदाता सूची में दर्ज नाम से मचा सियासी हड़कंप

चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर का नाम बिहार और पश्चिम बंगाल, दोनों राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया है। यह जानकारीएक चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को दी। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में मैदान में है। आधिकारिक रिकॉर्ड केअनुसार, किशोर का नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के 121, कालीघाट रोड पते पर दर्ज है, जोतृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मुख्यालय का पता है। यह वही सीट है, जहां से मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी चुनाव लड़ती हैं। चुनावअधिकारी ने बताया, “उनका मतदान केंद्र बी रानीशंकारी लेन स्थित सेंट हेलेन स्कूल में दर्ज है।” गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभाचुनावों के दौरान प्रशांत किशोर टीएमसी के लिए राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। व्यक्ति का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज नहीं कियाअधिकारी ने आगे बताया कि बिहार में किशोर का नाम रोहतास जिले के सासाराम संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत करगहर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज है, जहांउनका मतदान केंद्र मध्य विद्यालय, कोनार है। इस मामले पर बात करते हुए चुनाव अधिकारी ने बताया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 कीधारा 17 के तहत किसी भी व्यक्ति का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा, “धारा 18 के तहत एक हीनिर्वाचन क्षेत्र में एक व्यक्ति का नाम दो बार दर्ज करना भी निषिद्ध है। मतदाताओं को निवास स्थान बदलने पर अपना नाम स्थानांतरित करने के लिएफॉर्म 8 भरना आवश्यक होता है।” चुनाव आयोग (ईसी) ने स्वीकार किया है कि मतदाता सूची में दोहराव की समस्या एक आम मुद्दा है। यही कारण हैकि आयोग ने पूरे देश में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया शुरू की। बिहार में शुरू हुईयह प्रक्रिया 30 सितंबर को अद्यतन मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ पूरी हुई, जिसमें लगभग 68.66 लाख प्रविष्टियां हटाई गईं। इनमें करीब सातलाख ऐसे मामले थे, जिनमें मतदाता विभिन्न स्थानों पर दो बार दर्ज पाए गए थे। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर का नाम बिहार औरपश्चिम बंगाल दोनों राज्यों की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया है। पश्चिम बंगाल में उनका नाम कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के 121, कालीघाट रोड पर दर्ज है, जो टीएमसी मुख्यालय का पता है।

एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा वार, मुंबई की कोषागार पर लिपटा एनाकोंडा है उद्धव गुट

महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी ने एक बार फिर गरमी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरेपर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें मुंबई की कोषागार पर लिपटा एनाकोंडा कहा। यह प्रतिक्रिया उद्धव ठाकरे के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंनेकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुंबई को निगलने वाला एनाकोंडा कहा था। पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि जो दूसरों को एनाकोंडा बतातेहैं, वे खुद असली एनाकोंडा हैं। ये लोग मुंबई की कोषागार पर लिपटे हुए हैं, और इनका पेट कभी नहीं भरता। शिंदे ने आगे कहा कि ठाकरे गुट नेमुंबई को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएमसी की कोषागार से लेकर कोविड काल की खिचड़ी तक में घोटाले हुए हैं। दूसरों के परिश्रम पर फुफकारतेशिंदे ने कहा कि उन्होंने मुंबई, उसकी कोषागार, प्लॉट्स, मरीजों की खिचड़ी, शवों के बैग और यहां तक कि मिठी नदी की गाद तक को निगल लिया।इनका भ्रष्टाचार की भूख कभी खत्म नहीं होती। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में जब शिवसेना (अविभाजित) 1997 से 2022 तक लगातार25 साल बीएमसी पर काबिज रही, तब भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। शिंदे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) को अब जवाब देना चाहिए कि मुंबई केविकास के नाम पर उन्होंने आखिर किया क्या। ठाकरे द्वारा अमित शाह को ‘एनाकोंडा’ कहे जाने के बाद भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपानेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपने चुनावी हार से निराश हैं और इसीलिए अनर्गल बयान दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा किउद्धव जी को शीशा देखकर खुद को देखना चाहिए, क्योंकि वे खुद वो एनाकोंडा हैं जो दूसरों के परिश्रम पर फुफकारते हैं। कोविड काल तक में घोटाले हुएराज्य की राजनीति में शिंदे और ठाकरे के बीच जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है। 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद दोनों नेताओं के बीचराजनीतिक कटुता लगातार बढ़ी है। ठाकरे गुट अब महा विकास अघाड़ी का हिस्सा है, जबकि शिंदे सरकार भाजपा के साथ सत्ता में है।शिंदे के इसबयान से साफ संकेत मिलते हैं कि मुंबई महानगरपालिका के आगामी चुनाव से पहले दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा।मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर करारा हमला बोलते हुए उन्हें मुंबई की कोषागार पर लिपटा एनाकोंडा बताया। यह प्रतिक्रिया ठाकरे केअमित शाह को ‘एनाकोंडा’ कहने के बाद आई। शिंदे ने आरोप लगाया कि उद्धव गुट ने बीएमसी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया और कोविड कालतक में घोटाले हुए।

चुनाव आयोग के ‘मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण’ पर सियासी संग्राम डीएमके ने विश्वसनीयता पर उठाए सवाल, केरल ने बताया लोकतंत्र के लिए खतरा

चुनाव आयोग ने सोमवार को मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण का एलान कर दिया। इस चरण के तहत देश के 12 राज्यों में एसआईआर किया जाएगा। हालांकि चुनाव आयोग के एलान के बाद इस पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। कई राजनीतिक पार्टियोंने चुनाव आयोग की घोषणा पर सवाल खड़े किए और तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके ने तो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठा दिए।डीएमके के प्रवक्ता सर्वानन अन्नादुरई ने कहा कि ‘असम में एसआईआर क्यों नहीं किया जा रहा है? एसआईआर की प्रक्रिया कब से नागरिकता जांचनेकी प्रक्रिया बन गई है? बिहार में चुनाव आयोग को कितने फर्जी या अवैध मतदाता मिले? कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब चुनाव आयोग को देनाहै।’ डीएमके प्रवक्ता ने साल 2003 को कटऑफ साल रखने पर सवाल उठाए और पूछा कि 2003 को ही क्यों आधार बनाया गया है। इससे किसेफायदा होगा। इसे लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। डीएमके ने कहा कि ‘हम देख रहे हैं कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकरकाम कर रहा है और वोट चोरी में शामिल है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता इस समय सबसे कम है।’ आधार बनाकर ही किया जाना चाहिएकेरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने चुनाव आयोग द्वारा केरल और दूसरे राज्यों में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR) करने के फैसले की कड़ीआलोचना की और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक गंभीर चुनौती बताया। एक बयान में, उन्होंने कहा कि इस कदम से चुनाव आयोग की मंशापर शक पैदा होता है और चेतावनी दी कि यह चुनावी व्यवस्था में लोगों के भरोसे को कम कर सकता है। विजयन ने बताया कि आयोग मौजूदा वोटरलिस्ट के बजाय 2002 से 2004 तक की वोटर लिस्ट के आधार पर रिवीजन करने की तैयारी कर रहा है, जो 1950 के रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपलएक्ट और 1960 के रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स का उल्लंघन होगा। उन्होंने कहा कि ये कानून साफ तौर पर कहते हैं कि कोई भी अपडेट मौजूदावोटर लिस्ट को आधार बनाकर ही किया जाना चाहिए। मतदाता को परेशान किया गया तोपश्चिम बंगाल में भी एसआईआर की प्रक्रिया होगी। टीएमसी ने इसे लेकर कहा कि ‘हम भी पारदर्शी मतदाता सूची के पक्ष में हैं। पूरी प्रक्रियालोकतांत्रिक तरीके से होगी, लेकिन अगर वैध मतदाता को परेशान किया गया तो हम इसका विरोध करेंगे। राज्य सरकार, राज्य धर्म निभाएगी। हमउम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग राजनीतिक दबाव में ऐसा कुछ नहीं करेगा कि हमें उसका विरोध करना पड़े।’ वहीं पश्चिम बंगाल भाजपा ने टीएमसीके बयान पर निशाना साधा। भाजपा नेता केया घोष ने कहा कि भाजपा का मानना है कि बंगाल में कोई भी फर्जी या अवैध मतदाता नहीं होनाचाहिए। ममता बनर्जी की सरकार एसआईआर से इसलिए डर रही है क्योंकि उनके वोटबैंक में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिए शामिल हैं। टीएमसीको डर है कि एसआईआर के बाद अवैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हट जाएंगे। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि चुनाव कीगरिमा को बनाए रखना और मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना चुनाव आयोग का संवैधानिक कर्तव्य है और हम एसआईआर के दूसरे चरण का स्वागतकरते हैं, लेकिन इंडी गठबंधन इसका विरोध कर रहा है, जबकि उन्होंने खुद ही महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव से पहले एसआईआर कराने की मांग की है।वे एसआईआर पर निशाना साधकर अपने परिवार को बचाना चाहते हैं। भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि ‘देशहित के हर काम का विपक्षी पार्टियोंद्वारा विरोध किया जाता है। एसआईआर की प्रक्रिया में किसी भी सही मतदाता का नाम नहीं कटेगा, लेकिन अैध और फर्जी मतदाताओं पर रोकलगेगी। कोई भी बांग्लादेशी भारत का मतदाता नहीं बन सकेगा। हम उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकारें इसमें सहयोग करेंगी और अपनी जिम्मेदारीनिभाएंगी।

टी20 सीरीज से बुमराह की धमाकेदार वापसी! सूर्यकुमार बोले “पावरप्ले में बनेगा मैच का पासा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुमराह हैं हमारी सबसे बड़ी ताकत

भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मंगलवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में पावरप्ले काफी महत्वूर्णरहेगा। सूर्यकुमार ने कहा कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की उपस्थिति इस दौरान भारत का पलड़ा भारी रखने में मदद करेगी। कप्तान ने बुमराह कोटीम का अहम सदस्य बताते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया जिस तरह आक्रामक क्रिकेट खेलता है उसके खिलाफ विशेष रूप से बुमराह टीम के मुख्यखिलाड़ी हैं।बुमराह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे, लेकन वह टी20 सीरीज से मैदान पर वापसी कर रहे हैं। सूर्यकुमार ने प्रेसकॉन्फ्रेंस में कहा, पावरप्ले में गेंदबाजी करना हमेशा चुनौती होती है। हमने देखा है कि ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज और टी20 विश्व कप में किस तरह सेखेली। पावरप्ले हमेशा महत्वपूर्ण होता है। आपने एशिया कप में देखा होगा कि बुमराह ने पावरप्ले में कम से कम दो ओवर गेंदबाजी करने कीजिम्मेदारी ली थी, इसलिए हमारे लिए यह अच्छी बात है कि वह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ निश्चित रूप से पावरप्ले मेंगेंदबाजी करना अच्छी चुनौती होगी। खिलाड़ियों ने उनसे बात कीबुमराह को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने का अच्छा अनुभव है और सूर्यकुमार ने कहा कि बुमराह अच्छी तरह जानते हैं कि इस टीम के खिलाफप्रदर्शन करने के लिए कैसी तैयारी करनी है। सूर्यकुमार ने कहा, जिस तरह से बुमराह ने पिछले कई वर्षों से क्रिकेट खेला है, उन्होंने खुद को शीर्ष परबनाए रखा है और वह जानते हैं कि एक अच्छी सीरीज के लिए कैसे तैयारी करनी है। वह जानते हैं कि यहां कैसे क्रिकेट खेलना है। मुझे लगता है किउन्होंने सभी खिलाड़ियों में से इस देश का सबसे ज्यादा बार दौरा किया है, इसलिए सभी खिलाड़ियों ने उनसे बात की है। वह काफी मददगार हैं।उनका हमारी टीम में होना हमारे लिए अच्छी बात है। सूर्यकुमार ने यह भी संकेत दिया कि चोटिल होने के कारण तीसरे और अंतिम वनडे से बाहर हुएऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी टी20 सीरीज के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि वह ठीक है। सोमवार को उसने थोड़ी दौड़लगाई और नेट्स पर बल्लेबाजी भी की। आज वह ब्रेक लेना चाहता था क्योंकि यह वैकल्पिक अभ्यास था। सीरीज से मैदान पर वापसी कर रहेभारतीय कप्तान कहा कि टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज को अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारी के रूप में देखती है।उन्होंने कहा, टीम संयोजन में ज्यादा बदलाव नहीं है, क्योंकि पिछली बार जब हम दक्षिण अफ्रीका गए थे, तो हम एक तेज गेंदबाज, एक ऑलराउंडरऔर तीन स्पिनरों के साथ खेले थे। यहां की परिस्थितियां भी वैसी ही हैं। यह विश्व कप की तैयारी है लेकिन इसके साथ ही यह काफी चुनौतीपूर्ण है।उम्मीद है कि हमारे लिए यह सीरीज अच्छी साबित होगी। बुमराह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं थे, लेकन वहटी20 सीरीज से मैदान पर वापसी कर रहे हैं।

सतीश शाह के निधन की सच्चाई आई सामने किडनी फेल नहीं, अचानक आए हार्ट अटैक से गई जान ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ के को-स्टार राजेश कुमार ने किया खुलासा

बॉलीवुड जगत अभी तक अभिनेता सतीश शाह के निधन के सदमे से उबर नहीं पाया है। चार दिन पहले आई उनकी मौत की खबर ने पूरी इंडस्ट्री कोझकझोर दिया था। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उनकी मौत किडनी फेल होने से हुई है, लेकिन अब उनके करीबी दोस्त और‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में बेटे का किरदार निभाने वाले अभिनेता राजेश कुमार ने खुलासा किया है कि सतीश शाह की मौत किडनी की वजह सेनहीं, बल्कि अचानक आए हार्ट अटैक से हुई थी। राजेश कुमार ने ‘बॉलीवुड हंगामा’ से बातचीत में बताया कि सतीश शाह की किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरीपूरी तरह सफल रही थी और उनकी सेहत पहले से बेहतर हो रही थी। उन्होंने कहा, “सतीश जी की तबीयत अब कंट्रोल में थी। किडनी से जुड़ी दिक्कतपर काबू पा लिया गया था। उनकी हालत स्थिर थी, लेकिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।” राजेश ने यह भी बताया किअभिनेता का निधन उस वक्त हुआ जब वे अपने घर पर दोपहर का भोजन कर रहे थे। कुछ ही देर बाद उन्हें अचानक सीने में दर्द हुआ और वे गिर पड़े। किडनी फेल से नहीं बल्कि दिल के दौरे से हुईअभिनेता के इस तरह अचानक चले जाने से उनके साथी कलाकार, दोस्त और प्रशंसक गहरे सदमे में हैं। राजेश कुमार ने कहा कि पिछले 24 घंटे उनकेलिए बेहद भावनात्मक रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘यह दुखद जरूर है, लेकिन लोगों को सच्चाई पता होनी चाहिए कि सतीश जी की मौतकिडनी फेल से नहीं बल्कि दिल के दौरे से हुई थी।’ अभिनेता के इस तरह अचानक चले जाने से उनके साथी कलाकार, दोस्त और प्रशंसक गहरे सदमेमें हैं। राजेश कुमार ने कहा कि पिछले 24 घंटे उनके लिए बेहद भावनात्मक रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘यह दुखद जरूर है, लेकिन लोगोंको सच्चाई पता होनी चाहिए कि सतीश जी की मौत किडनी फेल से नहीं बल्कि दिल के दौरे से हुई थी।’ नियति को कुछ और ही मंजूर था25 अक्टूबर को सतीश शाह के निधन की खबर सामने आई थी। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं। किसीने इसे किडनी फेल बताया, तो किसी ने ट्रांसप्लांट से जुड़ी जटिलता का कारण बताया। हालांकि अब सतीश शाह के करीबी के बयान के बाद सारीअटकलों पर विराम लग गया है। ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’, ‘ये जो है जिंदगी’, ‘मैं हूं ना’ और ‘जाने भी दो यारों’ जैसी फिल्मों और शोज के लिएपहचान बनाने वाले सतीश शाह ने मनोरंजन जगत में एक अमिट छाप छोड़ी। उनकी कॉमिक टाइमिंग, सरलता और अद्भुत संवाद शैली ने उन्हें दर्शकोंका प्रिय बना दिया था। अभिनेता की निजी जिंदगी की बात करें तो वे अपनी पत्नी मधु शाह के साथ रहते थे। मधु शाह लंबे समय से अल्जाइमर जैसीगंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। सतीश शाह अक्सर कहा करते थे कि वो अपनी पत्नी की देखभाल के लिए ज्यादा जीना चाहते हैं। यही वजह थी किउन्होंने कुछ महीने पहले ही किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य के साथ अपनी पत्नी का साथ निभा सकें। लेकिन नियति को कुछऔर ही मंजूर था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से समाजवादी पार्टी को बड़ी राहत मुरादाबाद सपा कार्यालय खाली कराने का प्रशासनिक आदेश रद्द, कोर्ट ने माना प्रक्रिया में खामी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मुरादाबाद में सपा के जिला कार्यालय को खाली कराने के प्रशासनिक आदेशको रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से पार्टी कार्यकर्ताओं को राहत मिली है। मुरादाबाद स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय का आवंटनप्रशासन ने 16 सितंबर को निरस्त कर दिया था। जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि यह भवन नजूल की भूमि पर बना है, जोनगर निगम के प्रबंध क्षेत्र में आती है। आदेश में उल्लेख था कि नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद नगर निगम की टीम भवन पर कब्जा लेगी। मामलेकी सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासन का आदेश रद्द करते हुए सपा को राहत दी। कोर्ट ने माना कि नोटिस की प्रक्रिया में आवश्यकतथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया था। आवंटन 16 सितंबर को निरस्त कियाइससे पहले 30 जुलाई को भी प्रशासन ने सपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी कर कार्यालय खाली करने को कहा था। इसके जवाब में सपा जिलाध्यक्षने प्रशासन को बताया था कि कार्यालय का किराया नियमित रूप से जमा किया जाता रहा है और पार्टी का कब्जा पूरी तरह वैध है। प्रशासन ने अपनेआदेश में शासनादेश का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी भवन का आवंटन अधिकतम 15 वर्ष तक ही वैध रह सकता है, जबकि सपा कार्यालयको तीन दशक से अधिक समय बीत चुका है। इसी आधार पर आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया गया था। सपा ने इस नोटिस को भेदभावपूर्ण औरअनुचित बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पार्टी का कहना था कि उन्होंने कभी भी किराए या नियमों का उल्लंघन नहीं किया। सभीबकाया नियमित रूप से जमा किए गए हैं, बावजूद इसके केवल राजनीतिक कारणों से कार्रवाई की जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादीपार्टी को बड़ी राहत देते हुए मुरादाबाद स्थित सपा कार्यालय खाली कराने के प्रशासनिक आदेश को रद्द कर दिया है। प्रशासन ने नजूल भूमि और 15 वर्ष से अधिक आवंटन अवधि का हवाला देते हुए भवन का आवंटन 16 सितंबर को निरस्त किया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का संदेश, बताया भारत की संस्कृति और राष्ट्र सेवा का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में सिख गुरुओं का योगदान अविस्मरणीय एवं सराहनीय है। वह गुरु तेग बहादुर जीके 350वें शहीदी पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि , “… गुरबाणी में लिखा है कि जहां भी गुरु महाराज के पावनचरण पड़ते हैं, वह स्थान राम राज्य के समान पवित्र हो जाता है। यह हमारा सौभाग्य है कि गुरु चरण यात्रा के दौरान हमें गुरु महाराज और गुरु साहिबानके पावन चरणों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इस अवसर पर मैं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंनेहमें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया। गुरु चरण यात्रा के माध्यम से इस पावन अवसर से जुड़ने कासौभाग्य भी हमें प्राप्त हुआ है। भारत की सनातन परंपरा में सिख गुरुओं का योगदान अविस्मरणीय एवं सराहनीय है। साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीकमुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा किहमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंहपुरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग ढाई सौ वर्षों से गुरु महाराज के पावन चरण पादुकाएं, जो पहले अखंड भारत के हिस्से पाकिस्तान मेंथीं, अब पटना साहिब में स्थापित की जा रही हैं। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में गुरु परंपरा के प्रति सम्मान और गौरव का भाव जगाती जा रहीहै। उन्होंने कहा कि लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा इसलिए भी विशेष है क्योंकि गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की स्मृतियांइस स्थान से जुड़ी हैं। यह गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। पदाधिकारी व कई जनप्रतिनिधिगण मौजूदमुख्यमंत्री योगी ने सिख समुदाय के प्रति आदर व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा औरबलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणापहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज की यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शन है। उन्होंने सभीश्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस “गुरु चरण यात्रा” को राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण के संदेश के रूप में आगे बढ़ाएं। इस अवसर परकेंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, यूपी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परबिंदर सिंह केअलावा गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी व कई जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।