Firecrackers Not to Blame Delhi BJP Chief Slams AAP Over Pollution Politics, Highlights Punjab Stubble Burning says Virendera Sachdeva

Delhi BJP President Virendra Sachdeva stated that it is a welcome sign that firecrackers were burst in Delhi last night, yet there has been no significant negative impact on the air pollution situation in the region Sachdeva further said Leaders like Saurabh Bharadwaj are compelled to appease the Muslim community to secure their vote bank. This is why they continue to spread confusion among the public on one issue or another. Currently, AAP leaders are making statements blaming pollution increase on firecrackers and are calling for another ban on them. Increase slightly this year as wellVirendra Sachdeva stated that without a doubt, the AQI-which rises every winter-will increase slightly this year as well. On the morning of October 31, 2024-the day after Diwali-Delhi had recorded an AQI of a record-breaking 396. Today, October 21, the city’s average AQI stands at 356.He added that although Punjab’s farmers have been troubled by floods this year, now that the floodwaters have receded, they are working to clear their fields, which includes burning some stubble. Between October 11 and October 19, 2025, a total of 309 major stubble burning incidents were registered in Punjab. Punjab neither helped the farmersIt is shameful that the Arvind Kejriwal-led government in Punjab neither helped the farmers earlier to prevent stubble burning nor is it offering any assistance now to the flood-affected farmers to stop them from burning stubble. The Delhi BJP President has said it is true that pollution levels in Delhi have risen, but it is also true that reports of stubble burning in Punjab began surfacing two to three days before the pollution levels started increasing on October 17. He further said that neither the previous Congress governments nor the current Arvind Kejriwal government in Delhi took any solid steps to control pollution or improve the situation. Now that Mrs. Rekha Gupta’s administration is working in a planned manner to improve the pollution scenario, AAP leaders — who are known for their statements
दीपावली पर पीएम मोदी का संदेश श्रीराम से प्रेरणा लेकर अन्याय के खिलाफ खड़े हों, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के अवसर पर देशवासियों के नाम एक पत्र लिखा। इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले तो देशवासियों कोदिवाली की शुभकामनाएं दीं। साथ ही एक नए, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने पत्र में भगवान श्रीराम को मर्यादाऔर अन्याय के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बताते हुए पत्र में कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म और न्याय केमार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम हमें सिखाते हैं कि कैसे धर्म का पालन करें और अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े हों। प्रधानमंत्री ने हाल ही मेंसंपन्न ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें भारत ने धर्म की रक्षा की और अन्याय का प्रतिशोध लिया। तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह परउन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की ताकत, नैतिकता और संकल्प का प्रतीक है। आज का भारत न सिर्फ सही के साथ खड़ा होता है, बल्किअन्याय का जवाब भी देता है। प्रधानमंत्री का यह पत्र नवरात्रि और विजयदशमी के मौके पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने देशवासियों को धर्म, सत्यऔर न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर देशवासियों को लिखे एक पत्र में कहा कि इस बार कीदीपावली खास है, क्योंकि कई ऐसे जिलों में भी दीप जलाए जाएंगे, जहां पहले नक्सलवाद था लेकिन अब वहां शांति और विकास की रोशनी फैलरही है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। विकसित राष्ट्र बनाने में अहमउन्होंने इस बाक पर भी जोर दिया कि यह समय नए संकल्पों का है और हर नागरिक का योगदान भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम है। इसकेसाथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लोगों से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, स्वच्छता और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, भोजन में तेल औरनमक की मात्रा 10% तक घटाएं और योग को जीवन का हिस्सा बनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर देशवासियों को लिखे पत्र मेंभगवान श्रीराम को न्याय और धर्म का प्रतीक बताया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की नैतिक ताकत और संकल्प का उदाहरण कहा। पीएम नेनक्सल मुक्त जिलों में पहली बार दीप जलने को नई शुरुआत बताया और जनता से स्वदेशी अपनाने, स्वास्थ्य पर ध्यान देने और योग को जीवन काहिस्सा बनाने की अपील भी की।
रूसी तेल खरीद को लेकर ट्रंप-मोदी बातचीत पर विवाद, कांग्रेस ने साधा निशाना “जानें क्या कुछ कहा”

कांग्रेस ने मंगलवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत के रूस से तेल आयात का मामला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारापिछले पांच दिनों में तीन बार उठाया गया है। कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने (ट्रंप) विदेश मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी भी बातचीत सेइनकार करने की कोशिशों को नकार कर दिया है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पिछले पांच दिनों मेंराष्ट्रपति ट्रंप अब तक तीन बार भारत द्वारा रूस से तेल आयात के मुद्दे को उठा चुके हैं। और इसमें कोई शक नहीं कि इस सप्ताह बुडापेस्ट में राष्ट्रपतिपुतिन से मुलाकात से पहले वे इस बात को और भी अधिक बार दोहराएंगे। रूसी तेल नहीं खरीदेंगेराष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि उन्होंने अपने अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री मोदी से बात की है और भारत ने रूस से तेल आयात को बंद करने का आश्वासन दियाहै। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी बातचीत की जानकारी होने से इनकार किया है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने मंत्रालय के इस खंडन कोनकार दिया है। सोमवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करेगा, तो उसेभारी शुल्क चुकाते रहना होगा। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की हालिया टिप्पणियों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर ट्रंप ने कहा, भारत ऐसानहीं करना चाहता। भारत ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप ऊर्जा खरीद के अपने स्रोतों को व्यापक और विविध बनारहा है। इससे कुछ घंटे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद कर देगा। ट्रंप ने कहाकि उन्हें नहीं लगता कि भारत ने ऐसी कोई टिप्पणी की। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि उन्होंने ऐसा कहा है। नहीं, मैंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी से बात की है और उन्होंने कहा है कि वह रूसी तेल नहीं खरीदेंगे। वित्तीय सहायता दे रहाअमेरिका का आरोप है कि रूसी कच्चे तेल की खरीद के जरिये भारत पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में वित्तीय सहायता दे रहा है। रूसीतेल की खरीद को लेकर भारतीय वस्तुओं के आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले के बाद से भारत और अमेरिकाके संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका ने भारत से आयात पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए हैं।
पुलिस स्मृति दिवस पर बोले रक्षा मंत्री पुलिस और सेना का मिशन एक, बोले देश को है गर्व “जानें क्या कुछ कहा”

आज देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को याद करने के लिए पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवारको राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (नेशनल पुलिस मेमोरियल), चाणक्यपुरी नई दिल्ली में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में भाग लिया और देश केलिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नेपुलिस और सेना की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे मंच अलग हों लेकिन बात अगर राष्ट्रीय सुरक्षा की हो तो सेना और पुलिस दोनों कामिशन एक ही है, दोनों की भूमिका एक जैसी ही है। उन्होंने कहा कि आज जब भारत ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर चुका है और हम 2047 तक विकसितभारत का सपना देख रहे हैं, तो देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में संतुलन बनाए रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। धन्यवाद दिया और कहा कि देश को उन पर गर्वरक्षा मंत्री ने कहा कि आज पुलिस को सिर्फ अपराध से नहीं, बल्कि छवि से भी लड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि हमारीपुलिस न केवल अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभा रही है, बल्कि नैतिक कर्तव्यों का भी पालन कर रही है। जनता को आज यह भरोसा है कि अगरकुछ गलत होता है, तो पुलिस उनके साथ खड़ी होगी। राजनाथ सिंह ने याद किया कि उन्होंने गृह मंत्री के रूप में काम करते हुए पुलिस के कार्यों कोनजदीक से देखा है और अब रक्षा मंत्री के रूप में उन्हें सेना की कार्यशैली को भी देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि चाहे दुश्मन सीमा पार सेआए या हमारे बीच छिपा हो, जो भी भारत की सुरक्षा के लिए खड़ा होता है, वह एक ही भावना का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने पुलिस बल कोउनके बलिदान, समर्पण और सेवा के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि देश को उन पर गर्व है। पूरी तरह से सम्मान नहीं दियाराजनाथ सिंह ने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाज और देश के रूप में हमने लंबे समय तक पुलिस के योगदान को पूरी तरह से सम्मान नहींदिया। उन्होंने कहा कि हम वह सकारात्मक प्रयास नहीं कर पाए जो पुलिस के बलिदान को याद रखने के लिए करने चाहिए थे। लेकिन प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना कर इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। राजनाथ सिंह ने यह भी बताया किसरकार ने पुलिस बल को आधुनिक हथियार और बेहतर सुविधाएं भी मुहैया कराई हैं ताकि वे चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें। उन्होंनेकहा कि देश के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन उन्हें निपटाने के लिए संसाधन सीमित हैं। ऐसे में उनका सर्वश्रेष्ठ उपयोग जरूरी है, जो तभी संभव हैजब सुरक्षा एजेंसियों में बेहतर तालमेल और समन्वय हो। आगे रक्षा मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यही एकमात्र रास्ता है जिससे हम आंतरिकऔर बाहरी खतरों से मजबूती से निपट सकते हैं।
बच्चू कडू का विवादित बयान किसानों से कहा ‘विधायक को काटो या मारो’, गहन आलोचना

महाराष्ट्र के पूर्व विधायक बच्चू कडू ने किसानों से आत्महत्या करने के बजाय विधायक को ‘काटने या मारने’ की अपील करने वाली टिप्पणी पर विवादखड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की तथा उनसे किसानों को उकसाने से बचने को कहा है।अमरावती जिले से प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता और पूर्व विधायक बच्चू कडू ने एक सभा को संबोधित करते हुए किसानों से कहा कि अगर वे चाहतेहैं कि सरकार उनके मुद्दों का शीघ्र समाधान करे तो उन्हें अपनी जान लेने के बजाय विधायकों को हिंसक तरीके से निशाना बनाना चाहिए। संजय शिरसाट ने कडू को किसानों को भड़कानेकडू ने कथित तौर पर कहा, आत्महत्या क्यों करें? विधायक को मार दें, काट दें। किसानों को बिना कपड़ों के विधायक के आवास के सामने जाकरबैठना चाहिए और पेशाब करना चाहिए। अगर ये सब किया गया तो सरकार पटरी पर आ जाएगी। इस बयान का वीडियो प्रसारित होने के बादशिवसेना नेता एवं मंत्री संजय शिरसाट ने कडू को किसानों को भड़काने के बजाय अपने शब्दों पर अमल करने की चुनौती दी। अपराध दर्ज करवाना चाहतेउन्होंने कहा, बच्चू कडू को ये सब खुद करना चाहिए। क्या वह (उन्हें भड़काकर) किसानों के खिलाफ और अपराध दर्ज करवाना चाहते हैं? उन्हें अपनीज़ुबान पर लगाम लगानी चाहिए। (सितंबर में बाढ़ और बारिश के कारण) किसान पहले से ही संकट में हैं। क्या कडू चाहते हैं कि वे हत्याएं करें? उन्होंने कहा, किसान पहले से परेशान हैं और ऐसे भड़काऊ बयानों से अपराध और हिंसा को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कादू को जिम्मेदारी सेबोलने और किसानों को उकसाने से बचने की चेतावनी भी दी। महाराष्ट्र विधानसभा में पूर्व विधायक रहे बच्चू कडू ने विवादित बयानों से हिंसा भड़कानेका प्रयास किया है। उन्होंने किसानों को खुदकुशी की बजाय विधायकों को “काटने या मारने” के साथ-साथ उनके समक्ष अभद्र प्रदर्शन करने कीसलाह दी।
नागालैंड की राजनीति में नया मोड़, NDPP-NPF विलय को रियो ने बताया जनता की एकता का प्रतीक

नागालैंड की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सोमवार को स्पष्ट किया कि नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिवपार्टी (एनडीपीपी) और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) का प्रस्तावित विलय किसी निजी स्वार्थ या सत्ता लाभ के लिए नहीं, बल्कि नागा जनता कीएकता और भलाई के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक दैवी हस्तक्षेप से मिला आशीर्वाद है, जो नागालैंड की राजनीति में नया अध्यायखोलने जा रहा है। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि एनडीपीपी और एनपीएफ का विलय किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि नागाजनता की एकता और भलाई के लिए है। उन्होंने इसे दैवी हस्तक्षेप से मिला अवसर बताया। रियो को एनपीएफ का नया अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंनेभाजपा के साथ रणनीतिक गठबंधन जारी रखने और शांति के लिए विकास’ के सिद्धांत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।स्वीकार करने का संकल्प पारित कियापारंपरिक सेंट्रल एक्जीक्यूटिव काउंसिल (सीईसी) की बैठक में रियो ने कहा कि यह विलय नागा राजनीति को स्थिरता और दिशा देगा। एनडीपीपी केछठे आम सम्मेलन में रियो को सर्वसम्मति से एनपीएफ विधायक दल का नया नेता और पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन ने सर्वसम्मति से छहसितंबर को एनपीएफ द्वारा दिए गए विलय प्रस्ताव को स्वीकार करने का संकल्प पारित किया। रियो ने इस मौके पर एनडीपीपी और एनपीएफनेताओं का आभार जताया और कहा कि यह कदम नागा राजनीति के लंबे संघर्ष में ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। विकास के लिए समर्पित होने की अपीलरियो ने अपने राजनीतिक करियर को याद करते हुए कहा कि 1973 में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट से शुरुआत कर उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।2002 में उन्होंने नागालैंड पीपुल्स फ्रंट का गठन किया, जो बाद में नागा पीपुल्स फ्रंट बना। 2013 में इस पार्टी ने 38 विधायकों के साथ बहुमतहासिल किया था, लेकिन अंदरूनी मतभेदों और लालच ने पार्टी को कमजोर कर दिया। उन्होंने कहा कि लालच और अविश्वास ने हमें बांट दिया था, लेकिन अब यह विलय हमें फिर एक करेगा। हमारी ताकत हमारी एकजुटता में है।रियो ने अपने संबोधन में भाजपा के साथ रणनीतिक गठबंधन बनाएरखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी के साथ सहयोग शासन और विकास के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीएफ का मूलसिद्धांत ‘शांति के लिए विकास और विकास के लिए शांति’ रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर नागालैंड केविकास के लिए समर्पित होने की अपील की।